Arya Samaj Tanda

Arya Samaj Tanda Arya Samaj. Doing good to the whole world is the primary objective of Arya Samaj, i.e. physical, spiritual and and social welfare.

आर्य समाज के नियम

१. सब सत्यविद्या और जो पदार्थ विद्या से जाने जाते हैं, उन सबका आदिमूल परमेश्वर है।

२. ईश्वर सच्चिदानंदस्वरूप, निराकार, सर्वशक्तिमान, न्यायकारी, दयालु, अजन्मा, अनंत, निर्विकार, अनादि, अनुपम, सर्वाधार, सर्वेश्वर, सर्वव्यापक, सर्वांतर्यामी, अजर, अमर, अभय, नित्य, पवित्र और सृष्टिकर्ता है, उसी की उपासना करने योग्य है।

३. वेद सब सत्यविद्याओं का पुस्तक है। वेद का पढना – पढाना और सुनन

ा – सुनाना सब आर्यों का परम धर्म है।

४. सत्य के ग्रहण करने और असत्य के छोडने में सर्वदा उद्यत रहना चाहिये।

५. सब काम धर्मानुसार, अर्थात सत्य और असत्य को विचार करके करने चाहियें।

६. संसार का उपकार करना इस समाज का मुख्य उद्देश्य है, अर्थात शारीरिक, आत्मिक और सामाजिक उन्नति करना।

७. सबसे प्रीतिपूर्वक, धर्मानुसार, यथायोग्य वर्तना चाहिये।

८. अविद्या का नाश और विद्या की वृद्धि करनी चाहिये।

९. प्रत्येक को अपनी ही उन्नति से संतुष्ट न रहना चाहिये, किंतु सब की उन्नति में अपनी उन्नति समझनी चाहिये।

१०. सब मनुष्यों को सामाजिक, सर्वहितकारी, नियम पालने में परतंत्र रहना चाहिये और प्रत्येक हितकारी नियम पालने सब स्वतंत्र रहें।

04/02/2026
*90 वर्ष की प्रेरक यात्रा – श्री आनंद कुमार आर्य* 90 वर्ष का पड़ाव बहुत बड़ा पड़ाव है। यह केवल आयु का अंक नहीं, बल्कि सं...
09/11/2025

*90 वर्ष की प्रेरक यात्रा – श्री आनंद कुमार आर्य*

90 वर्ष का पड़ाव बहुत बड़ा पड़ाव है। यह केवल आयु का अंक नहीं, बल्कि संघर्ष, सेवा, समर्पण और प्रेरणा की पूरी गाथा है।
आप बचपन से ही अपने पिता जी के साथ आर्य समाज के साप्ताहिक सत्संगों मे जाते थे, आर्य समाज के अनेकों पर्व पर तथा आर्य समाज का जब जलसा आता था तब आप में एक नई उमंग और खुशी रहती थी। मुझे लगता है कि उस समय विद्वान सन्यासी भजनोपदेशक काफी कठिनाई से टांडा पधारते थे क्योंकि साधन सही नहीं था। सबसे ज्यादा दिक्कत अकबरपुर से टांडा आने में होता था क्योंकि उस समय केवल इक्का चलता था। उस समय के हिसाब से विद्वानों को भोजन एवं ठहराने कि उत्तम व्यवस्था होती थी और जो जलपान कि व्यवस्था होती थी वो आपके घर से होती थी आपकी माता जी हफ़्तों से लगी रहती थी विद्वानों को कोई कमी महसूस न हो। और आपको विद्वानों भोजन आदि करने में बड़ा आनंद आता था और यह कार्य आज भी आपके द्वारा किया जा रहा है।
आज मैं आपको बताना चाहता हूँ कि बाबू जी ने अपने जीवन में आर्य समाज और समाज सेवा के क्षेत्र में किस प्रकार महत्वपूर्ण योगदान दिया। आपके पिता जी मे आर्य समाज के प्रति गहरा प्रेम और तत्परता थी। पिता जी की प्रेरणा से आपने कलकत्ता के बड़ा बाजार में आर्य समाज की भूमि को अवैध कब्जेदारों से मुक्त कराने का दायित्व उठाया। उस समय समाज के तीन चौथाई भाग पर ठेला चालकों का कब्जा था और स्थानीय आताताइयों द्वारा अवैध शिव मंदिर की स्थापना कर दी गई थी। कठिन परिस्थितियों और विरोधों के बावजूद २३ दिसंबर १९८३ को आपने समाज की भूमि समाज के नाम कराई। यह आपके लिए केवल एक कार्य नहीं बल्कि कर्तव्य बोध और धर्म के प्रति आपकी निष्ठा का प्रतीक भी था।
इसके बाद आपने आर्य समाज भवानीपुर में डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल की स्थापना की। वहाँ जमीन पर बदमाशों का कब्जा और विरोध था। आपके अपनी अथक मेहनत और पुलिस सहयोग से जनवरी १९८६ में विद्यालय का शुभारंभ हुआ। इस विद्यालय ने शिक्षा के क्षेत्र में उच्च मानक स्थापित किए और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में योगदान दिया।
आपने आर्य प्रतिनिधि सभा बंगाल में सभा भवन निर्माण और यज्ञशाला स्थापना में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आपने अपने व्यक्तिगत प्रयास से और दानदाताओं का सहयोग जुटाकर जर्जर भवन को नया स्वरूप दिया। नव निर्मित सभा भवन का उद्घाटन १७ दिसंबर १९९३ को बड़े आयोजन के साथ हुआ।
आपका जीवन हमेशा वैदिक धर्म, आर्य समाज और समाज सेवा के प्रति निष्ठा और समर्पण का उदाहरण रहा है। कठिनाइयों विरोध और व्यक्तिगत हानि के बावजूद आपने समाज के कार्यों को सर्वोपरि रखा।
इस प्रकार, आपका जीवन हमें यह सिखाता है कि समाज के प्रति समर्पण और कर्तव्य बोध ही असली महानता है। यदि हम अपने धर्म और समाज के कार्यों में ईमानदारी और निष्ठा से योगदान दें, तो हमारी मेहनत आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनती है।
मै आप लोगों को बताना चाहता हूँ कि बाबू जी ने आर्य समाज टाण्डा में अपने नेतृत्व और समर्पण के माध्यम से किस प्रकार संगठन को नई दिशा दी।
आपके पूज्य पिता श्री मिश्री लाल जी लंबे समय तक आर्य समाज टाण्डा के मंत्री/प्रधान रहे। उनके निधन के पश्चात् ३१ दिसंबर १९९० को बाबू जी को प्रधान पद का कार्यभार सौंपा गया। आपने अपने पिता जी के सपनों और वचनों के अनुरूप आर्य समाज टांडा के शताब्दी समारोह का सफल आयोजन किया। इस आयोजन में आपने आर्य समाज के विद्वानों, शिक्षकों, आर्य बन्धुओं और विद्यालय की टीम का सहयोग लेकर इसे ऐतिहासिक और अनुकरणीय बनाया।
इसके बाद आपने आर्य समाज के वार्षिकोत्सव, महा सम्मेलन और अन्य कार्यक्रमों का नेतृत्व करते हुए समाज की गतिविधियों को व्यवस्थित किया। आपकी कोशिश रही कि टाण्डा का हर सदस्य साप्ताहिक सत्संग और कार्यक्रमों में भाग ले और समाज की गतिविधियों से जुड़ा रहे।
आपने दयानन्द बाल विद्या मन्दिर के संचालन में भी योगदान दिया और विद्यालय के लिए उचित प्रबंध सुनिश्चित किया। साथ ही, आपने आर्य समाज टाण्डा के भवन और परिसर को आधुनिक स्वरूप देने की पहल की, ताकि यह भविष्य में समाज के लिए और अधिक उपयोगी और आत्मनिर्भर बन सके।
बाबू जी का यह विश्वास रहा कि कर्म और समर्पण से ही समाज की दशा और दिशा निर्धारित होती है। आपके नेतृत्व में आर्य समाज टाण्डा ने शताब्दोत्तर रजत जयन्ती के आयोजन आदि कई ऐतिहासिक उपलब्धियाँ हासिल कीं और संगठन को सैद्धान्तिक और संगठित रूप दिया। अभी हमने आपके नेतृत्व में आर्य समाज टाण्डा के 134वें वार्षिकोत्सव का सफल आयोजन किया है। कार्यक्रम में विद्वानों के आने जाने से लेकर उनके ठहरने जलपान भोजन आदि पर आपकी तीक्ष्ण दृष्टि रहती है साथ ही यज्ञ शाला से लेकर मंच तक का सारा मार्गदर्शन हमको प्राप्त होता है।
इस प्रकार, आपका जीवन और कार्य समाज सेवा, नेतृत्व और समर्पण का प्रेरक उदाहरण है। हम सभी आपके प्रयासों और योगदान के लिए हृदय से कृतज्ञ हैं।
“जिनकी सोच से समाज में नई रोशनी आई, जिनकी राह से संस्था को नई दिशा दिखाई।
90 वर्ष की जीवन-यात्रा जिनकी मिसाल है, वो हमारे प्रिय बाबू जी का कमाल है।”
मेरी तरफ से आपको आपके जन्मदिवस पर हार्दिक शुभकामनाएँ। मै आपके उत्तम स्वास्थ्य व दीर्घायु की कामना करता हूँ।
धन्यवाद!

🌼 *बाबू जी को नमन*

नब्बे वर्षों की उजली कहानी,
सेवा, समर्पण, सादगी रानी।
धर्म पथ के सच्चे साधक,
हमारे बाबू जी हैं अनमोल रत्न!
पिता संग बचपन से सत्संग गए,
भजनों की मधुर धुनों में ढले।
विद्वानों की सेवा में जो रम गए,
धर्म के दीप बनकर सदा जले।
कठिन राहों को भी आसान किया,
सत्य और साहस से नाम किया।
आर्य समाज का मस्तक ऊँचा,
बाबू जी ने सम्मान दिया।
विद्यालय, भवन, सभा, यज्ञशाला,
सब में आपने दम दिखाया।
सेवा की जो गाथा लिखी,
वो स्वर्ण अक्षरों में अमराया।
आपका जीवन प्रेरणा प्यारा,
आपका स्नेह हमारा सहारा।
ईश्वर दे स्वास्थ्य, लंबी आयु,
बाबू जी रहें सदा हमारा आराध्य सितारा।


योगेश कुमार आर्य
मंत्री, आर्य समाज टांडा अंबेडकर नगर ।

06/11/2025

विश्व प्रसिद्ध भजनोपदेशक श्री दिनेश पथिक 🙏💫🌟

05/11/2025

अंतरराष्ट्रीय भजनोपदेशक श्री दिनेश 'पथिक' जी

📢 अत्यंत हर्ष और गौरव का अवसरमहर्षि दयानन्द सरस्वती जी द्वारा स्थापित आर्य समाज अपने 150 वर्ष पूर्ण कर चुका है। इस ऐतिहा...
29/09/2025

📢 अत्यंत हर्ष और गौरव का अवसर
महर्षि दयानन्द सरस्वती जी द्वारा स्थापित आर्य समाज अपने 150 वर्ष पूर्ण कर चुका है। इस ऐतिहासिक अवसर पर आर्य समाज टाण्डा अपना 134वाँ वार्षिकोत्सव अत्यंत भव्य और विशाल रूप में आयोजित कर रहा है।
🗓 दिनांक : 4 से 7 नवम्बर 2025
📍 स्थान : डी. ए. वी. एकेडमी, टाण्डा- अंबेडकर नगर।
______________________________
✨ विशेष आकर्षण
🔸 चतुर्वेद शतक यज्ञ
🔸 आध्यात्मिक प्रवचन
🔸 शोभायात्रा
🔸 आर्य सिद्धांत सम्मेलन
🔸 समाज सुधार सम्मेलन
🔸 सांस्कृतिक कार्यक्रम
🔸 शंका समाधान
🔸 महिला सम्मेलन
🔸 विद्वत सम्मान समारोह
____________________________
🗓 कार्यक्रम मुख्य तिथियाँ
📌 4 नवम्बर 2025 (मंगलवार)
➡ चतुर्वेद शतक यज्ञ
➡ भजनोपदेश व प्रवचन
➡ ध्वजारोहण एवं शोभायात्रा
📌 5 नवम्बर 2025 (बुधवार)
➡ यज्ञ
➡ सार्ध शताब्दी पर विशेष आयोजन
➡ आर्य सिद्धांत सम्मेलन
📌 6 नवम्बर 2025 (गुरुवार)
➡ यज्ञ
➡ समाज सुधार सम्मेलन
➡ भजन एवं उपदेश
📌 7 नवम्बर 2025 (शुक्रवार)
➡ यज्ञ पूर्णाहुति
➡ शंका समाधान
➡ महिला सम्मेलन
➡ विद्वत सम्मान समारोह
______________________________
🙏 आप सभी से विनम्र निवेदन है कि इस ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक आयोजन में सपरिवार पधारकर कार्यक्रम को सफल बनाएं।
संपर्क सूत्र :
📞 9331866618 | 9415460200 | 9452604560 | 9125811266
🌐 Arya Samaj Tanda
fans Arya Samaj Kirti Nagar Arya Samaj DAV Academy Tanda Dr. Satyapal Singh Arya Samaj - Vedic Mission, West Midlands

21/08/2025

श्रावणी उपाकर्म समारोह 2025

Address

"Maharishi DAYANAND" CHOWK TANDA AMBEDKAR NAGAR
Hapur
224190

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Arya Samaj Tanda posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Place Of Worship

Send a message to Arya Samaj Tanda:

Share