13/08/2026
राम राम कहिए
मूल भाव / टेक:
राम राम राम राम राम राम कहिए।
जाही विधि राखै राम ताही विधि रहिए।
अर्थ: निरंतर "राम-राम" का जाप करते रहिए और भगवान राम आपको जिस भी हाल या परिस्थिति में रखें, उसी में सहर्ष एवं संतुष्ट रहिए।
पहला पद
कंठ में हो राम राम, होठनु पै राम राम।
जिह्वा पै राम राम, श्वास श्वास राम राम।
आठों जाम राम राम राम राम कहिए। जाही विधि...
अर्थ: गले में राम का नाम हो, होठों पर राम-राम बसा हो। जीभ पर राम-राम रहे और हर एक सांस के साथ राम का नाम निकलता रहे। दिन के आठों पहर (24 घंटे) राम-राम जपते रहिए और प्रभु की रज़ा में खुश रहिए।
दूसरा पद
मन में हो राम राम, बुद्धि में हो राम राम।
चित्त में हो राम राम, रोम रोम राम राम।
पल-पल औ' छिन छिन में, राम राम कहिए। जाही विधि...
अर्थ: आपके मन, बुद्धि और चेतना (चित्त) में राम का वास हो। शरीर के रोम-रोम से राम का नाम गुंजायमान हो। हर पल और हर क्षण राम-राम कहते रहिए।
तीसरा पद
सुख में हो राम राम, दुःख में भी राम राम।
सम्पत्ति में राम राम, विपत्ति में राम राम।
कोई भी काम करौ, राम राम कहिए। जाही विधि...
अर्थ: चाहे जीवन में सुख आए या दुख, हमेशा राम का नाम जपें। चाहे धन-दौलत (समृद्धि) हो या कोई बड़ी विपत्ति (कष्ट), राम का नाम ही स्मरण रखें। आप कोई भी सांसारिक कार्य कर रहे हों, निरंतर राम-राम कहते रहिए।
चौथा पद
भक्तिदाता राम राम। मुक्तिदाता राम राम।
शान्तिदाता राम राम। ज्ञानदाता राम राम।
जीवनभर राम राम राम राम राम राम।
सीता राम सीता राम सीता राम कहिए।
जाही विधि राखै राम ताही विधि रहिए।
अर्थ: भगवान राम ही सच्चे भक्ति देने वाले हैं, वही मोक्ष (मुक्ति) देने वाले हैं। वे ही मन को शांति प्रदान करते हैं और वही परम ज्ञान के दाता हैं। अपने पूरे जीवन भर "राम-राम" और "सीता-राम" का संकीर्तन करते रहिए और ईश्वर की इच्छा में प्रसन्न रहिए।
धन्यवाद राम राम