07/11/2025
हनुमान जी का नाम हनुमान इसलिए पड़ा क्योंकि बचपन में, जब वे सूर्य को फल समझकर खाने के लिए लपके थे, तब इंद्रदेव ने उन्हें वज्र से मारा था। इस वज्र के प्रहार से उनकी ठुड्डी (हनु) टूट गई थी, जिसके कारण उनका नाम हनुमान पड़ा।
विस्तार में:
पौराणिक कथा के अनुसार, हनुमान जी का जन्म 'मारुति' नाम से हुआ था। एक बार, जब वे बहुत छोटे थे, तो उन्होंने सूर्य को एक फल समझकर पकड़ने की कोशिश की।
सूर्य को बचाने के लिए, इंद्रदेव ने अपने वज्र से हनुमान जी पर प्रहार किया।
यह वज्र हनुमान जी की ठुड्डी पर लगा, जिससे वह टूट गई।
'हनु' का अर्थ संस्कृत में 'ठुड्डी' होता है, और 'मान' का अर्थ 'विकृत' होता है।
इसलिए, हनुमान जी को 'हनुमान' कहा जाने लगा, जिसका अर्थ है 'विकृत ठुड्डी वाला'।
यह घटना हनुमान जी के बचपन की एक प्रसिद्ध कहानी है, और इसी घटना के कारण उन्हें हनुमान नाम से जाना जाता है।