26/08/2018
भाई बहिन का पर्व पावन प्रेम का सचमुच समर्पण है।
रक्षा सूत बन्धन शक्ति साधन भाव भक्ति दान अर्पण है।।
सनातन धर्म संस्कृति यह मनोवल ब्रद्धि में बिलक्षण है।
समन्वय शान्ति सद्भावों सहित सबके लिए उदाहरण है।।
जाति भाषा धर्म कर्म सब भेद साधन का निबारण है।
आज रिस्ते नाम से बदले हुए कुछ कर्म भेदी आबरण है।।
मन कर्म वाणी से नहीं लगता सनातन धर्म रक्षण है।
बदले हुए परवेश में क्यों कर रहा रक्षक ही भक्षण है।।
हिन्दू सनातन तीज त्यौहारों में झगड़ा क्यों अकारण है।
ये सभ्यता सद्भाव सामंजस्यता से सुख शांति कारण है।।
रक्षा मंच तो हैं देश में बो अनगिनत फिर नहिं निदारण है।
एक हो सब एक होकर बढ चलो यही कल्याण कारण है ।।