19/03/2021
*विधायक सांखला ने विधानसभा में आगूचा माइंस में युवाओ को रोजगार एवं माईन्स की अव्यवस्थाओं का मुद्दा उठाया।*
15 विधानसभा के छठे सत्र में 20 दिन कार्य एवं नियम व प्रक्रिया 295 के अंतर्गत विशेष उल्लेख में विधायक जब्बर सिंह सांखला ने विधानसभा क्षेत्र आसींद के पंचायत समिति हुरडा में स्थित हिंदुस्तान जिंक का बहुत बड़ा खनिज का प्लांट है।
जिसमें माईन्स ऑनर द्वारा कई तरह की अनियमितताएं बरती जा रही है जिससे कि मलबे का बहुत बड़ा पहाड़ जैसा ढेर लगा हुआ है जिसका कोई मापदंड नही है। जबकि नियमानुसार कितने फीट की ऊंचाई तक मलबे का ढेर होना चाहिए उसकी भी पालना नही हो रही है प्लांट के आसपास के किसानों की सारी जमीनें बेकार बंजड़ हो चुकी है माईन्स के आसपास में किसानों के कुएं का पानी भी सूख गया है जिससे सारे किसान बर्बाद हो गए हैं और वहां के स्थानीय बेरोजगार युवाओं को रोजगार नहीं दिया जा रहा है बाहर के लोगो को खुलेआम रोजगार दिया जा रहा हैं जबकि आगूचा व आसपास के बहुत सारे युवा शिक्षित बेरोजगार है माईन्स में स्थानीय युवाओं को रोजगार का भी प्रावधान है अगर वहाँ रोजगार की बात करने जाते हैं तो वहां के अधिकारियों की मनमानी व बदसलूकी तथा गुंडागर्दी चलती है।
माईन्स के द्वारा पर्यावरण को भी इतना दूषित कर रखा है कि किसानों के खेतों में व आसपास के जंगलों में पेड़ पौधे तक सूख गये हैं। काफी वर्षों से किसान अपनी जमीनों पर फसल कास्त नहीं कर पा रहे हैं जिसका मुआवजा भी किसानों को अब तक नहीं मिल पाया है ओर पर्यावरण विभाग की गाइडलाइन के अनुसार भी खनिज प्लांट के आसपास कितने प्रतिशत एरिया में पेड़ पौधे लगने चाहिए यह भी राज्य सरकार को सुव्यवस्थित करने की जरूरत है।
विधायक सांखला ने राज्य सरकार का ध्यान आकर्षित कराते हुए हिंदुस्तान जिंक आगूचा माइंस के लिए एक उच्च स्तरीय अधिकारियों की टीम गठित करके इसकी जांच करवाई जाएं और वहां के शिक्षित बेरोजगार युवाओं को भी रोजगार उपलब्ध कराया जाए जिससे उन्हें अपने क्षेत्र में ही रोजगार मिल सके और वह अपने परिवार का पालन पोषण कर सके साथ ही किसानों की जमीन जो बेकार हो गई है उनको भी उनका उचित मुआवजा दिलाए जावे। आगूचा माइंस की समस्याओं को लेकर क्षेत्र के किसान एवं युवा वर्ग कितनी ही बार आंदोलन कर चुके हैं एवं राज्य सरकार को अवगत करा चुके हैं परंतु समस्या जस की तस है। जिससे क्षेत्र के लोग काफी चिंतित। मेरे द्वारा भी पूर्व में कितनी ही बार इस संबंध में विधानसभा के माध्यम से राज्य सरकार को अवगत कराया गया परंतु अभी तक किसी प्रकार की कोई उचित कार्यवाही नहीं की गई।