Jay Ishu Masih

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इंसान की भ्रष्टता का खुलासासर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं,,,,🥦🥦तुम कहते हो कि तुम देहधारी परमेश्वर को स्वीकार करते हो, औ...
03/05/2024

इंसान की भ्रष्टता का खुलासा
सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं,,,,
🥦🥦तुम कहते हो कि तुम देहधारी परमेश्वर को स्वीकार करते हो, और तुम स्वीकार करते हो कि वचन देह में प्रकट हुआ है, फिर भी उसकी पीठ पीछे तुम कुछ चीज़ें करते हो, ऐसी चीज़ें जो उसकी अपेक्षा के ख़िलाफ़ जाती हैं, और तुम्हारे हृदय में उसका कोई भय नहीं है। क्या यह परमेश्वर को स्वीकार करना है? तुम उस चीज़ को स्वीकार करते हो, जो वह कहता है, पर उन बातों का अभ्यास नहीं करते, जिनका कर सकते हो, न ही तुम उसके मार्ग पर चलते हो। क्या यह परमेश्वर को स्वीकार करना है? और हालाँकि तुम उसे स्वीकार करते हो, परंतु तुम्हारी मानसिकता उससे सतर्क रहने की है, उसका सम्मान करने की नहीं। यदि तुमने उसके कार्य को देखा और स्वीकार किया है और तुम जानते हो कि वह परमेश्वर है, और फिर भी तुम निरुत्साह और पूर्णतः अपरिवर्तित रहते हो, तो तुम उस तरह के व्यक्ति हो जिसे अभी जीता नहीं गया है। जिन्हें जीत लिया गया है, उन्हें वह सब करना चाहिए, जो वे कर सकते हैं; और हालाँकि वे उच्चतर सत्यों में प्रवेश करने में सक्षम नहीं हैं, और ये सत्य उनकी पहुँच से परे हो सकते हैं, फिर भी वे ऐसे लोग हैं, जो अपने हृदय में इन्हें प्राप्त करने के इच्छुक हैं। ऐसा इसलिए है, क्योंकि वे जो स्वीकार कर सकते हैं, उसकी सीमाएँ हैं, और जिसका वे अभ्यास करने में सक्षम हैं, उसकी भी सीमाएँ हैं। फिर भी उन्हें कम से कम वह सब करना चाहिए, जो वे कर सकते हैं, और यदि तुम यह हासिल कर सकते हो, तो यह वह प्रभाव है, जो विजय के कार्य के कारण हासिल किया गया है।

— 'परमेश्वर के दैनिक वचन' से

29 মহাক্লেশের সেইদিনগুলির পরই, ‘সূর্য় অন্ধকার হয়ে যাবে, চাঁদ আর আলো দেবে না৷ তারাগুলো আকাশ থেকে খসে পড়বে আর আকাশমণ্ডল...
30/04/2024

29 মহাক্লেশের সেইদিনগুলির পরই, ‘সূর্য় অন্ধকার হয়ে যাবে, চাঁদ আর
আলো দেবে না৷ তারাগুলো আকাশ থেকে খসে পড়বে আর আকাশমণ্ডলে মহা আলোড়নের সৃষ্টি হবে৷’ যিশাইয়
মথি 24:29
Matthew | मत्ती

24:29 उन दिनों के क्लेश के बाद तुरन्त सूर्य अन्धियारा हो जाएगा, और चान्द का प्रकाश जाता रहेगा, और तारे आकाश से गिर पड़ेंगे और आकाश की शक्तियां हिलाई जाएंगी।

24:29 'Immediately after the distress of those days ''the sun will be darkened, and the moon will not give its light; the stars will fall from the sky, and the heavenly bodies will be shaken.'

https://youtu.be/7Wh6yTYjFEk?si=7qllrRNVEGSYNS0d
04/03/2024

https://youtu.be/7Wh6yTYjFEk?si=7qllrRNVEGSYNS0d

क्या आप जानते हैं कि लोग प्रभु की वापसी का स्वागत करने में क्या सक्षम हैं? कृपया व्हाट्सएप्प के माध्यम से हमसे संपर....

https://youtu.be/Pybkut8hS9M?si=h66cE_nV7fJ8TNj3
15/01/2024

https://youtu.be/Pybkut8hS9M?si=h66cE_nV7fJ8TNj3

क्या आपने लौटकर आये प्रभु के कथन सुने हैं? अगर आप सुनना चाहते हैं, तो हम आपको हमारी आधिकारिक वेबसाइट पर किताबें सेक्...

https://youtu.be/pq9Lq5_c4Oo?si=l1s0WFZzuKLcEBHr
03/01/2024

https://youtu.be/pq9Lq5_c4Oo?si=l1s0WFZzuKLcEBHr

क्या आपने लौटकर आये प्रभु के कथन सुने हैं? अगर आप सुनना चाहते हैं, तो हम आपको हमारी आधिकारिक वेबसाइट पर किताबें सेक्...

28/12/2023

11 আমি নিজেই হলাম প্রভু| অন্য কোন পরিত্রাতা নেই, আমিই একমাত্র পরিত্রাতা|
ইসাইয়া 43:11

15 আমিই তোমাদের প্রভু, তোমাদের ঈশ্বর| আমি ইস্রায়েলের সৃষ্টিকর্তা| আমি তোমাদের রাজা|”
ইসাইয়া 43:15

11 কারণ রাজা দাযূদের নগরে আজ তোমাদের জন্য একজন ত্রাণকর্তার জন্ম হয়েছে৷ তিনি খ্রীষ্ট প্রভু৷
লুক 2:11

22/12/2023

📯सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं
आज परमेश्वर आज परमेश्वर तुम लोगों का न्याय करता है, तुम लोगों को ताड़ना देता है, और तुम्हारी निंदा करता है, लेकिन तुम्हें यह अवश्य जानना चाहिए कि तुम्हारी निंदा इसलिए की जाती है, ताकि तुम स्वयं को जान सको। वह इसलिए निंदा करता है, शाप देता है, न्याय करता और ताड़ना देता है, ताकि तुम स्वयं को जान सको, ताकि तुम्हारे स्वभाव में परिवर्तन हो सके, और, इसके अलावा, तुम अपनी कीमत जान सको, और यह देख सको कि परमेश्वर के सभी कार्य धार्मिक और उसके स्वभाव और उसके कार्य की आवश्यकताओं के अनुसार हैं, और वह मनुष्य के उद्धार के लिए अपनी योजना के अनुसार कार्य करता है, और कि वह धार्मिक परमेश्वर है, जो मनुष्य को प्यार करता है, उसे बचाता है, उसका न्याय करता है और उसे ताड़ना देता है। यदि तुम केवल यह जानते हो कि तुम निम्न हैसियत के हो, कि तुम भ्रष्ट और अवज्ञाकारी हो, परंतु यह नहीं जानते कि परमेश्वर आज तुममें जो न्याय और ताड़ना का कार्य कर रहा है, उसके माध्यम से वह अपने उद्धार के कार्य को स्पष्ट करना चाहता है, तो तुम्हारे पास अनुभव प्राप्त करने का कोई मार्ग नहीं है, और तुम आगे जारी रखने में सक्षम तो बिल्कुल भी नहीं हो। परमेश्वर मारने या नष्ट करने के लिए नहीं, बल्कि न्याय करने, शाप देने, ताड़ना देने और बचाने के लिए आया है। उसकी 6,000-वर्षीय प्रबंधन योजना के समापन से पहले—इससे पहले कि वह मनुष्य की प्रत्येक श्रेणी का परिणाम स्पष्ट करे—पृथ्वी पर परमेश्वर का कार्य उद्धार के लिए होगा; इसका प्रयोजन विशुद्ध रूप से उन लोगों को पूर्ण बनाना—पूरी तरह से—और उन्हें अपने प्रभुत्व की अधीनता में लाना है, जो उससे प्रेम करते हैं। इससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता कि परमेश्वर लोगों को कैसे बचाता है, यह सब उन्हें उनके पुराने शैतानी स्वभाव से अलग करके किया जाता है; अर्थात्, वह उनसे जीवन की तलाश करवाकर उन्हें बचाता है। यदि वे ऐसा नहीं करते, तो उनके पास परमेश्वर के उद्धार को स्वीकार करने का कोई रास्ता नहीं होगा। उद्धार स्वयं परमेश्वर का कार्य है, और जीवन की तलाश करना ऐसी चीज़ है, जिसे उद्धार स्वीकार करने के लिए मनुष्य को करना ही चाहिए। मनुष्य की निगाह में, उद्धार परमेश्वर का प्रेम है, और परमेश्वर का प्रेम ताड़ना, न्याय और शाप नहीं हो सकता; उद्धार में प्रेम, करुणा और, इनके अलावा, सांत्वना के वचनों के साथ-साथ परमेश्वर द्वारा प्रदान किए गए असीम आशीष समाविष्ट होने चाहिए। लोगों का मानना है कि जब परमेश्वर मनुष्य को बचाता है, तो ऐसा वह उन्हें अपने आशीषों और अनुग्रह से प्रेरित करके करता है, ताकि वे अपने हृदय परमेश्वर को दे सकें। दूसरे शब्दों में, उसका मनुष्य को स्पर्श करना उसे बचाना है। इस तरह का उद्धार एक सौदा करके किया जाता है। केवल जब परमेश्वर मनुष्य को सौ गुना प्रदान करता है, तभी मनुष्य परमेश्वर के नाम के प्रति समर्पित होता है और उसके लिए अच्छा करने और उसे महिमामंडित करने का प्रयत्न करता है। यह मानवजाति के लिए परमेश्वर की अभिलाषा नहीं है। परमेश्वर पृथ्वी पर भ्रष्ट मानवता को बचाने के लिए कार्य करने आया है—इसमें कोई झूठ नहीं है। यदि होता, तो वह अपना कार्य करने के लिए व्यक्तिगत रूप से निश्चित ही नहीं आता। अतीत में, उद्धार के उसके साधन में परम प्रेम और करुणा दिखाना शामिल था, यहाँ तक कि उसने संपूर्ण मानवजाति के बदले में अपना सर्वस्व शैतान को दे दिया। वर्तमान अतीत जैसा नहीं है : आज तुम लोगों को दिया गया उद्धार अंतिम दिनों के समय में प्रत्येक व्यक्ति का उसके प्रकार के अनुसार वर्गीकरण किए जाने के दौरान घटित होता है; तुम लोगों के उद्धार का साधन प्रेम या करुणा नहीं है, बल्कि ताड़ना और न्याय है, ताकि मनुष्य को अधिक अच्छी तरह से बचाया जा सके। इस प्रकार, तुम लोगों को जो भी प्राप्त होता है, वह ताड़ना, न्याय और निर्दय मार है, लेकिन यह जान लो : इस निर्मम मार में थोड़ा-सा भी दंड नहीं है। मेरे वचन कितने भी कठोर हों, तुम लोगों पर जो पड़ता है, वे कुछ वचन ही हैं, जो तुम लोगों को अत्यंत निर्दय प्रतीत हो सकते हैं, और मैं कितना भी क्रोधित क्यों न हूँ, तुम लोगों पर जो पड़ता है, वे फिर भी कुछ शिक्षाप्रद वचन ही हैं, और मेरा आशय तुम लोगों को नुकसान पहुँचाना या तुम लोगों को मार डालना नहीं है। क्या यह सब तथ्य नहीं है? जान लो कि आजकल हर चीज़ उद्धार के लिए है, चाहे वह धार्मिक न्याय हो या निर्मम शुद्धिकरण और ताड़ना। भले ही आज प्रत्येक व्यक्ति का उसके प्रकार के अनुसार वर्गीकरण किया जा रहा हो या मनुष्य की श्रेणियाँ प्रकट की जा रही हों, परमेश्वर के समस्त वचनों और कार्य का प्रयोजन उन लोगों को बचाना है, जो परमेश्वर से सचमुच प्यार करते हैं। धार्मिक न्याय मनुष्य को शुद्ध करने के उद्देश्य से लाया जाता है, और निर्मम शुद्धिकरण उन्हें निर्मल बनाने के लिए किया जाता है; कठोर वचन या ताड़ना, दोनों शुद्ध करने के लिए किए जाते हैं और वे उद्धार के लिए हैं। इस प्रकार, उद्धार का आज का तरीका अतीत के तरीके जैसा नहीं है। आज तुम्हारे लिए उद्धार धार्मिक न्याय के ज़रिए लाया जाता है, और यह तुम लोगों में से प्रत्येक को उसके प्रकार के अनुसार वर्गीकृत करने का एक अच्छा उपकरण है। इसके अतिरिक्त, निर्मम ताड़ना तुम लोगों के सर्वोच्च उद्धार का काम करती है—और ऐसी ताड़ना और न्याय का सामना होने पर तुम लोगों को क्या कहना है? क्या तुम लोगों ने शुरू से अंत तक उद्धार का आनंद नहीं लिया है? तुम लोगों ने देहधारी परमेश्वर को देखा है और उसकी सर्वशक्तिमत्ता और बुद्धि का एहसास किया है; इसके अलावा, तुमने बार-बार मार और अनुशासन का अनुभव किया है। लेकिन क्या तुम लोगों को सर्वोच्च अनुग्रह भी प्राप्त नहीं हुआ है? क्या तुम लोगों को प्राप्त हुए आशीष किसी भी अन्य की तुलना में अधिक नहीं हैं? तुम लोगों को प्राप्त हुए अनुग्रह सुलेमान को प्राप्त महिमा और संपत्ति से भी अधिक विपुल हैं! इसके बारे में सोचो : यदि आगमन के पीछे मेरा इरादा तुम लोगों को बचाने के बजाय तुम्हारी निंदा करना और सज़ा देना होता, तो क्या तुम लोगों का जीवन इतने लंबे समय तक चल सकता था? क्या तुम, मांस और रक्त के पापी प्राणी आज तक जीवित रहते? यदि मेरा उद्देश्य केवल तुम लोगों को दंड देना होता, तो मैं देह क्यों बनता और इतने महान उद्यम की शुरुआत क्यों करता? क्या तुम पूर्णत: नश्वर प्राणियों को दंडित करने का काम एक वचन भर कहने से ही न हो जाता? क्या तुम लोगों की जानबूझकर निंदा करने के बाद अभी भी मुझे तुम लोगों को नष्ट करने की आवश्यकता होगी? क्या तुम लोगों को अभी भी मेरे इन वचनों पर विश्वास नहीं है? क्या मैं केवल प्यार और करुणा के माध्यम से मनुष्य को बचा सकता हूँ? या क्या मैं मनुष्यों को बचाने के लिए केवल सूली पर चढ़ने के तरीके का ही उपयोग कर सकता हूँ? क्या मेरा धार्मिक स्वभाव मनुष्य को पूरी तरह से आज्ञाकारी बनाने में अधिक सहायक नहीं है? क्या यह मनुष्य को पूरी तरह से बचाने में अधिक सक्षम नहीं है?

12/12/2023

3 “তোমরা, ডাইনির বাচ্ছারা, এখানে এসো| এই যে ব্যাভিচারীর ও গণিকাদের বাচ্ছারা! তোমরা এখানে এসো!
ইসাইয়া 57:3

4 তোমরা পাপী ও মিথ্য়েবাদী শিশু| তোমরা আমাকে নিয়ে মজা কর| তোমরা আমাকে মুখ ভেঙাও| আমাকে দেখে জিভ ভেঙাও|
ইসাইয়া 57:4

5 প্রতিটি সবুজ গাছের নীচে তোমরা মূর্ত্তির পূজা করতে চাও| তোমরা শিশুদের হত্যা কর এবং তাদের উত্সর্গ কর পাথুরে জায়গায়|
ইসাইয়া 57:5

21/09/2022

Good morning ☕ brother sister

10/08/2022

Good

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