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आज 75 वर्ष के हो चुके महान गुरुदेव जन्म से सूरदास हैं। स्कूल में हर कक्षा में उन्हें 99% से कम अंक नहीं मिले। उन्होंने 2...
12/01/2024

आज 75 वर्ष के हो चुके महान गुरुदेव जन्म से सूरदास हैं। स्कूल में हर कक्षा में उन्हें 99% से कम अंक नहीं मिले। उन्होंने 230 किताबें लिखी हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि श्री राम जन्मभूमि मामले में उन्होंने हाई कोर्ट में 441 साक्ष्य देकर यह साबित किया कि भगवान श्री राम का जन्म यहीं हुआ था।

उनके द्वारा दिये गये 441 साक्ष्यों में से 437 को न्यायालय ने स्वीकार कर लिया। उस दिव्य पुरुष का नाम है जगद्गुरु श्री रामभद्राचार्य जी। 300 वकीलों से भरी अदालत में विरोधी वकील ने गुरुदेव को चुप कराने और बेचैन करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उनसे पूछा गया था कि क्या रामचरित मानस में #रामजन्मभूमि का कोई जिक्र है?

तब गुरुदेव श्री #रामभद्राचार्यजी ने संत तुलसीदास की चौपाई सुनाई जिसमें श्री रामजन्मभूमि का उल्लेख है। इसके बाद वकील ने पूछा कि वेदों में क्या प्रमाण है कि श्रीराम का जन्म यहीं हुआ था? जवाब में श्री रामभद्राचार्यजी ने कहा कि इसका प्रमाण अथर्ववेद के दूसरे मंत्र दशम कांड के 31वें अनुवाद में मिलता है। यह सुनकर न्यायाधीश की पीठ ने, जो एक मुस्लिम न्यायाधीश था, कहा, “सर, आप एक दिव्य आत्मा हैं।”

जब सोनिया गांधी ने अदालत में हलफनामा दायर किया कि राम का जन्म नहीं हुआ था, तो श्री रामभद्राचार्यजी ने तत्कालीन प्रधान मंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखकर कहा, "आपके गुरु ग्रंथ साहिब में राम का नाम 5600 बार उल्लेखित है।" ये सारी बातें श्री रामभद्राचार्यजी ने मशहूर टीवी चैनल के पत्रकार सुधीर चौधरी को दिए एक इंटरव्यू में बताई हैं।

इस नेत्रविहीन संत महात्मा को इतनी सारी जानकारी कैसे हो गई, यह एक आम आदमी की समझ से परे है। वास्तव में वे कोई दैवीय शक्ति धारण करने वाले अवतार हैं। उन्हें नेत्रहीन कहना भी उचित नहीं है। क्योंकि एक बार प्रधान मंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी ने उनसे कहा कि "मैं आपके दर्शन की व्यवस्था कर सकती हूं।" तब इस संत महात्मा ने उत्तर दिया, "मैं दुनिया नहीं देखना चाहता।"

वह इंटरव्यू में आगे कहते हैं कि मैं अंधा नहीं हूं। मैंने अंधे होने की रियायत कभी नहीं ली। मैं भगवान श्री राम को बहुत करीब से देखता हूं।' ऐसी पवित्र, अद्भुत प्रतिक्रिया को नमन है ।

ऐसे संतो की वजह से ही सनातन धर्म, और हमारी संस्कृति का अस्तित्व टिका हुआ है ऐसे कई संत है उनका हमेशा मान रखें।
जय श्री राम🙏🏼🚩🚩

जिन्ह हरि भगति हृदयँ नहिं आनी । जीवत   सव   समान  तेहि   प्रानी IIजो  नहिं  करइ   राम   गुन   गाना ।जीह   सो   दादुर   ज...
10/01/2024

जिन्ह हरि भगति हृदयँ नहिं आनी ।
जीवत सव समान तेहि प्रानी II
जो नहिं करइ राम गुन गाना ।
जीह सो दादुर जीह समाना II

जिन्होंने भगवान् की भक्ति को अपने हृदय में स्थान नहीं दिया, वे प्राणी जीते हुए ही मुर्दे के समान हैं । जो जीभ श्रीरामचन्द्र जी के गुणों का गान नहीं करती, वह मेढक की जीभ के समान है।

जय जय श्री राम 🌹🙏

श्री राम जन्मभूमि मन्दिर के प्रवेश द्वार पर आज गज, सिंह, हनुमान जी और गरुड़ जी की मूर्तियाँ स्थापित की गईं हैं।ये मूर्ति...
05/01/2024

श्री राम जन्मभूमि मन्दिर के प्रवेश द्वार पर आज गज, सिंह, हनुमान जी और गरुड़ जी की मूर्तियाँ स्थापित की गईं हैं।

ये मूर्तियाँ राजस्थान के ग्राम बंसी पहाड़पुर के हल्के गुलाबी रंग के बलुआ पत्थर से बनी हैं।

🚩जय सियाराम 🚩

समयसूचक AM और PM का उद्गगम भारत ही था, लेकिन हमें बचपन से यह रटवाया गया, विश्वास दिलवाया गया कि इन दो शब्दों AM और PM का...
23/12/2023

समयसूचक AM और PM का उद्गगम भारत ही था, लेकिन हमें बचपन से यह रटवाया गया, विश्वास दिलवाया गया कि इन दो शब्दों AM और PM का मतलब होता है :
AM : Ante Meridian PM : Post Meridian
एंटे यानि पहले, लेकिन किसके? पोस्ट यानि बाद में, लेकिन किसके?
यह कभी साफ नहीं किया गया, क्योंकि यह चुराये गये शब्द का लघुतम रूप था।काफ़ी अध्ययन करने के पश्चात ज्ञात हुआ और हमारी प्राचीन संस्कृत भाषा ने इस संशय को साफ-साफ दृष्टिगत किया है। कैसे? देखिये...
AM = आरोहनम् मार्तण्डस्य Aarohanam Martandasya
PM = पतनम् मार्तण्डस्य Patanam Martandasya
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सूर्य, जो कि हर आकाशीय गणना का मूल है, उसी को गौण कर दिया। अंग्रेजी के ये शब्द संस्कृत के उस वास्तविक ‘मतलब' को इंगित नहीं करते।
आरोहणम् मार्तण्डस्य यानि सूर्य का आरोहण (चढ़ाव)।
पतनम् मार्तण्डस्य यानि सूर्य का ढलाव।
बारह बजे के पहले सूर्य चढ़ता रहता है - 'आरोहनम मार्तण्डस्य' (AM)।
बारह के बाद सूर्य का अवसान/ ढलाव होता है - 'पतनम मार्तण्डस्य' (PM)।
पश्चिम के प्रभाव में रमे हुए और पश्चिमी शिक्षा पाए कुछ लोगों को भ्रम हुआ कि समस्त वैज्ञानिकता पश्चिम जगत की देन है।

हम अपनी हजारों साल की समृद्ध विरासत, परंपराओं और संस्कृति का पालन करते हुए भी आधुनिक और उन्नत हो सकते हैं।इस से शर्मिंदा न हों बल्कि इस पर गौरव की अनुभूति करें और केवल नकली सुधारवादी बनने के लिए इसे नीचा न दिखाएं।समय निकालें और इसके बारे में पढ़ें / समझें / बात करें / जानने की कोशिश करें।
अपने “सनातनी" होने पर गौरवान्वित महसूस करें।
#सनातनी #सनातनभारत #सनातन #सनातनहमारीपहचान

श्री रामचरित मानस के बालकांड के कवि वंदना घटनाक्रम में गोस्वामी तुलसीदास जी सभी कवियों को प्रणाम करते हुए लिखते हैं  -चर...
23/12/2023

श्री रामचरित मानस के बालकांड के कवि वंदना घटनाक्रम में गोस्वामी तुलसीदास जी सभी कवियों को प्रणाम करते हुए लिखते हैं -

चरन कमल बंदउँ तिन्ह केरे। पुरवहुँ सकल मनोरथ मेरे॥
कलि के कबिन्ह करउँ परनामा। जिन्ह बरने रघुपति गुन ग्रामा॥

भावार्थ:-मैं उन सब (श्रेष्ठ कवियों) के चरणकमलों में प्रणाम करता हूँ, वे मेरे सब मनोरथों को पूरा करें। कलियुग के भी उन कवियों को मैं प्रणाम करता हूँ, जिन्होंने श्री रघुनाथजी के गुण समूहों का वर्णन किया है॥

चित्र -साभार इंटरनेट

🚩जय सियाराम 🚩

श्रीरामचरित मानस के सुंदर कांड में गोस्वामी तुलसीदास जी ने लिखा है। चौपाई-जो आपन चाहै कल्याना। सुजसु सुमति सुभ गति सुख न...
01/11/2023

श्रीरामचरित मानस के सुंदर कांड में गोस्वामी तुलसीदास जी ने लिखा है।

चौपाई-

जो आपन चाहै कल्याना। सुजसु सुमति सुभ गति सुख नाना॥
सो परनारि लिलार गोसाईं। तजउ चउथि के चंद कि नाईं॥

भावार्थ-जो मनुष्य अपना कल्याण, सुंदर यश, सुबुद्धि, शुभ गति और नाना प्रकार के सुख चाहता हो, वह हे स्वामी! परस्त्री के ललाट को चौथ के चंद्रमा की तरह त्याग दे (अर्थात् जैसे लोग चौथ के चंद्रमा को नहीं देखते, उसी प्रकार परस्त्री का मुख ही न देखे)॥

इसी संदेश,प्रेम और प्रार्थना के साथ आप सभी को करवा चौथ के इस पावन पर्व की अनेकों शुभकामनाएं...

🚩जय सियाराम🚩

मन की शांति मिलती है मां महागौरी की पूजा से ।नवरात्रि के अष्टमी अर्थात आठवें दिन माता आदि शक्ति के महागौरी स्वरूप की पूज...
22/10/2023

मन की शांति मिलती है मां महागौरी की पूजा से ।

नवरात्रि के अष्टमी अर्थात आठवें दिन माता आदि शक्ति के महागौरी स्वरूप की पूजा की जाती है। शिवपुराण के अनुसार, महागौरी को 8 साल की उम्र में ही अपने पूर्व जन्म की घटनाओं का आभास हो गया था। इसलिए उन्होंने 8 साल की उम्र से ही भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए तपस्या शुरू कर दी थी। इसलिए अष्टमी के दिन महागौरी का पूजन करने का विधान है। नवरात्रि का आठवां दिन हमारे शरीर का सोम चक्रजागृत करने का दिन है। सोमचक्र ललाट में स्थित होता है। श्री महागौरी की आराधना से सोमचक्र जागृत हो जाता है और इस चक्र से संबंधित सभी शक्तियां श्रद्धालु को प्राप्त हो जाती है। मां महागौरी के प्रसन्न होने पर भक्तों को सभी सुख स्वत: ही प्राप्त हो जाते हैं। साथ ही, इनकी भक्ति से हमें मन की शांति भी मिलती है।

इस दिन मां की पूजा में दुर्गासप्तशती के मध्यम चरित्र का पाठ करना विशेष फलदायी होता है।

महागौरी का ध्यान मंत्र-
श्वेते वृषे समारुढ़ा श्वेताम्बरधरा शुचिः
महागौरी शुभं दद्यान्महादेवप्रमोददा।

महागौरी पूजन करते समय इस मंत्र से देवी का ध्यान करना चाहिए।

ऐसा है महागौरी का सांसारिक स्वरूप

मां महागौरी को शिवा भी कहा जाता है। इनके एक हाथ में दुर्गा शक्ति का प्रतीक त्रिशूल है तो दूसरे हाथ में भगवान शिव का प्रतीक डमरू है। अपने सांसारिक रूप में महागौरी उज्ज्वल, कोमल, श्वेत वर्णी तथा श्वेत वस्त्रधारी और चतुर्भुजा हैं। इनके एक हाथ में त्रिशूल और दूसरे में डमरू है तो तीसरा हाथ वरमुद्रा में हैं और चौथा हाथ एक गृहस्थ महिला की शक्ति को दर्शाता हुआ है। महागौरी को गायन और संगीत बहुत पसंद है। ये सफेद वृषभ यानी बैल पर सवार रहती हैं। इनके समस्त आभूषण आदि भी श्वेत हैं। महागौरी की उपासना से पूर्वसंचित पाप नष्ट हो जाते हैं।

पूजा विधि- मां शक्ति के इस स्वरूप की पूजा में नारियल, हलवा, पूड़ी और सब्जी का भोग लगाया जाता है। आज के दिन काले चने का प्रसाद विशेष रूप से बनाया जाता है।

अष्टमी के दिन कन्या पूजन के दिन सुबह-सवेरे स्नामन कर भगवान गणेश और महागौरी की पूजा करें।
१. अगर नवमी के दिन कन्या पूजन कर रहे हैं तो भगवान गणेश की पूजा करने के बाद मां सिद्धिदात्री की पूजा करें।

२. भोजन सीमित मात्रा में बनवा कर माता रानी को भोग लगाने के बाद प्रसाद के रूप में स्वीकार करें।नौ कन्याओं का खाना निकालकर किसी जरुरतमंद को दे सकते हैैं। इसके अतिरिक्त यदि संभव हो सके तो आपदा के समय में किसी जरूरतमंद अथवा गरीब की मदद करें ।।

३. जानवरों की भूख का ख्याल रखते हुए आप कुत्ते, गाय आदि को भी कन्या पूजन वाला प्रसाद खिला सकते हैं। वहीं, आप चाहें तो अपने सामर्थ्यनुसार राष्ट्र हित में किसी स्वयं सेवी संस्था जो कि जरुरत मदों की सहायता करती है को भी दान कर सकते हैं।

परोपकार सबसे बड़ी सेवा है।।

🙏जय माता दी 🙏

विशेष नोट :- अलग अलग लोगों के अलग अलग मत हैं कुछ लोग अष्टमी और कुछ नवमी पूजते हैं। आप सभी से गुजारिश है कि दोनों मत अपने अपने नियमानुसार सही हैं ।।अष्टमी के दिन सुबह महागौरी की पूजा के बाद घर में नौ कन्याओं और एक बालक को घर पर आमंत्रित किया जाता है। सभी कन्याओं और बालक की पूजा करने के बाद उन्हेंं हलवा, पूरी और चने का भोग दिया जाता है। इसके अलावा उन्हें भेंट और उपहार देकर विदा किया जाता है। वहीं, नवमी के दिन सिद्धिदात्री की पूजा के बाद कंजक पूजी जाती हैं। हालांकि, दोनों दिन में से किसी एक ही दिन कन्या पूजन किया जाता है ।।

श्रीचरणों का दास - सुनील मिश्रा

🚩जय महागौरी मां 🚩
🚩जय सियाराम 🚩
#नवरात्रि #महागौरी

सर्वमङ्गलमङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके। शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते ॥भावार्थ :हे नारायणी! आप सब प्रकार का ...
15/10/2023

सर्वमङ्गलमङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके।
शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते ॥

भावार्थ :
हे नारायणी! आप सब प्रकार का मंगल प्रदान करने वाली मंगल मयी हो। कल्याण दायिनी शिवा हो। सब पुरुषार्थो को सिद्ध करने वाली, शरणागत वत्सला, तीन नेत्रों वाली एवं गौरी हो। आपको नमस्कार है।.........................................................................................................
शरणागतदीनार्तपरित्राणपरायणे।
सर्वस्यार्तिहरे देवि नारायणि नमोऽस्तु ते॥

भावार्थ:
नारायण देवी, जो दिनों में शरण लेती हैं और पीड़ितों की सुरक्षा में शामिल होती हैं और सभी के दर्द को दूर करती हैं! आपको नमस्कार है।.........................................................................................................
महिषासुरनिर्नाशि भक्तानां सुखदे नमः ।
रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि ॥

भावार्थ :
महिषासुर का नाश करनेवाली तथा भत्तों को सुख देने वाली देवि ! आपको नमस्कार है । आप रूप दो, यश दो और काम- क्रोध आदि शत्रुओं का नाश करो ।
🙏🙏🙏

आप सभी को 'अनंत चतुर्दशी' पर्व की हृदय से बधाई एवं ढेरों शुभकामनाएं!!!ॐ गणेशाय नमः!!!!जय श्री हरि!!
28/09/2023

आप सभी को 'अनंत चतुर्दशी' पर्व की हृदय से बधाई एवं ढेरों शुभकामनाएं!

!!ॐ गणेशाय नमः!!
!!जय श्री हरि!!

कवि सूरदास जी अपनी एक रचना में रक्षा बंधन पर्व के विषय में बहुत ही सुन्दर शब्दों में गोकुल में भगवान श्री कृष्ण की राखी ...
30/08/2023

कवि सूरदास जी अपनी एक रचना में रक्षा बंधन पर्व के विषय में बहुत ही सुन्दर शब्दों में गोकुल में भगवान श्री कृष्ण की राखी का वर्णन करते हुए लिखते हैं....

राखी बांधत जसोदा मैया ।
विविध सिंगार किये पटभूषण, पुनि पुनि लेत बलैया ॥
हाथन लीये थार मुदित मन, कुमकुम अक्षत मांझ धरैया।
तिलक करत आरती उतारत अति हरख हरख मन भैया ॥
बदन चूमि चुचकारत अतिहि भरि भरि धरे पकवान मिठैया ।
नाना भांत भोग आगे धर, कहत लेहु दोउ मैया॥
नरनारी सब आय मिली तहां निरखत नंद ललैया ।
सूरदास गिरिधर चिर जीयो गोकुल बजत बधैया ॥

भाई बहन के अटूट प्रेम के त्यौहार रक्षाबंधन की आप सभी को एवं आपके परिवार को‌ बहुत-बहुत बधाई एवं अनंत शुभकामनाएं।। भगवान श्री हरि से प्रार्थना है की जिस तरह श्रावण मास में पूरी पृथ्वी में हरियाली रहती है उसी प्रकार आप सबके जीवन में हमेशा खुशियां बनी रहे।

🚩जय श्री कृष्ण।।🚩
🚩जय श्री हरि।।🚩

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