15/06/2022
जो गुरु अपने में पूर्ण है तो अपने आज्ञाकारी और सदाचारी शिष्यों को अपूर्ण कैसे रखेंगे ! गुरुकृपा से तो सहज में उन्नति होती है.... मैं तो अपने में बल नहीं मानता हूँ, मेरे गुरु की कृपा के आगे मैं हजार बार नमन करता हूँ !
ll ॐ जय पूज्य श्री चरण ll