मां विन्ध्यवसिनी पुजा भण्डार

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मां विन्ध्यवसिनी पुजा भण्डार Contact information, map and directions, contact form, opening hours, services, ratings, photos, videos and announcements from मां विन्ध्यवसिनी पुजा भण्डार, Religious organisation, थाना गेट के सामने. . कुचायकोट, Gopalganj.

04/02/2021
14/08/2020

सरलता-विनम्रता मनुष्य को श्रेष्ठता के उन सुभग शिखरों तक ले जाती है, जहां जीवन की अन्य सभी उपलब्धियां गौण हैं। अतः सरल-विनम्र, पुरुषार्थी और निराभिमानी रहें ! सरलता में ही जीवन का अप्रतिम सौंदर्य छिपा है !

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#सकारात्मक_रहें #स्वभाव_में_रहें #उपनिषद #श्रीमद्भागवतगीता #सनातन_संस्कृति #रामराज्य_उदघोष #आत्म_निर्भर_भारत

13/08/2020

☀ प्रभु प्रेमी संघ 🌏
13 अगस्त, 2020 (गुरुवार)
पूज्य सद्गुरुदेव आशीषवचनम्
।। श्री: कृपा ।।
🌿 पूज्य सद्गुरुदेव जी ने कहा - मानवीय आकांक्षाओं और रूपकों के अनुरूप जैव जगत के उद्धार हेतु परमब्रह्म परमसत्ता के दिव्यावतरण की कल्याणी-वेला श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर समष्टि के कल्याण, विश्व शांति, आपसी सद्भाव और धर्म की पुनर्स्थापना के लिए अनेकानेक प्रार्थना ..! प्रार्थना, पारमार्थिक-प्रवृत्तियाँ और प्राणि-समूह से प्रेम अध्यात्म की उच्चतम अवस्था और आनन्द साम्राज्य की सहज कुंजियाँ हैं ! अतः ईश्वरीय शक्ति में पूर्ण विश्वास के साथ प्रार्थना करें ! एक सच्चे भक्त की पवित्रता सत्यनिष्ठा एवं धर्म परायणता से प्रार्थना हमेशा दिव्य अनुग्रह का आह्वान करती है। भक्ति स्वाभाविक रूप से उदात्त आनंद, शाश्वत शांति और संतोष की भावनाएं लाती है। पूजा, प्रार्थना और आध्यात्मिक अभ्यास का सार अपने वास्तविक स्वभाव में लौटना और स्वयं का ज्ञान प्राप्त करना है। प्रार्थना हमें अपने आंतरिक आत्मा के साथ संबंध स्थापित करने में सहयोग करती है। हृदय से की गई प्रार्थनाएं हमारे विचारों, भावनाओं और कार्यों को शुद्ध करती हैं। प्रार्थना आनंद और शांति की एक उत्कृष्ट भावना प्रदान करती हैं। सच्ची प्रार्थना वही है, जो निःस्वार्थ भाव से पूर्ण समर्पण के साथ की जाए। प्रार्थना अर्थात्, आत्मा की आवाज परमात्मा तक पहुंचाने की संदेशवाहक है। प्रार्थना आत्म शुद्धि का आवाहन है। प्रार्थना मानवीय प्रयत्नों में ईश्वरतत्व का सुन्दर समन्वय है। प्रार्थना आत्मविश्वास का पहला पायदान है। प्रार्थना से बड़ा बल, विश्वास, प्रेरणा, आशा और सही मार्गदर्शन मिलता है। जब हम प्रार्थना करते हैं तो अपने अहम् का दमन करते हैं। प्रार्थना करने से हमारे मन से कलुषित विचार दूर होते जाता है। प्रार्थना हमें मनुष्यता सिखाती है। प्रार्थना पश्चाताप का चिह्न व प्रतीक है। यह हमें अच्छा और पवित्र बनने के लिये प्रेरणा देती है। प्रार्थना धर्म का सार है। प्रार्थना याचना नहीं, बल्कि आत्मा की पुकार है। प्रार्थना हमारी दुर्बलताओं की स्वीकृति नहीं, अपितु प्रार्थना हमारे हृदय में सतत् चलने वाला अनुसंधान है। प्रार्थना में परमेश्वर की प्रशंसा, स्तुति, गुणगान, धन्यवाद, सहायता की कामना, मार्गदर्शन की इच्छा, दूसरों का हित चिंतन आदि होते हैं। प्रार्थना नम्रता की पुकार है। प्रार्थना आत्मशुध्दि व आत्म-निरीक्षण का आह्वान है। प्रार्थना विश्वास की आवाज या प्रतिफल है। प्रार्थना हमें संगठित करती है। प्रार्थना मनुष्य की श्रेष्ठता की प्रतीक है, क्योंकि यह उसके और परमात्मा के घनिष्ठ संबंधों को दर्शाती है। प्रार्थना से आत्म सत्ता में परमात्मा का सूक्ष्म दिव्य तत्व झलकने लगता है। हर एक धर्म में प्रार्थना का बड़ा महत्व है। अतः सभी धर्म-गुरुओं, ग्रंथों और संतों ने प्रार्थना पर बड़ा बल दिया है। उन्होंने प्रार्थना को परम-पद प्राप्ति का एवं मोक्ष का द्वार कहा है …।

🌿 पूज्य "आचार्यश्री" जी ने कहा - भारत में प्रार्थना का महत्व समर्पण, निष्ठा, आस्था और निष्कामता में है। हम भारतीय ईश्वर से केवल आरोग्यता ही नहीं मांगते, अपितु अपने विकारों के शमन और कर्मों से आत्मा की मुक्ति की भी प्रार्थना करते हैं। यहां निष्काम प्रार्थना का अधिक महत्व है। निष्काम भाव और विशुद्ध अन्त:करण से की गई प्रार्थनाएँ शान्ति प्रदात्रि एवं आनंद साम्राज्य द्वार की कुंजियां हैं! भगवान भक्तवत्सल, परमकृपालु, करूणानिधान और सर्वसामर्थ्यवान हैं। आर्तभाव से की गई प्रार्थना द्वारा वो भक्तों पर शीघ्र ही द्रवित हो जाते हैं। प्रार्थना का अर्थ है - असत्य से सत्य के मार्ग पर चलने का प्रयत्न। प्रार्थना की सामर्थ्य अपार है, यही एकमात्र ऐसा साधन है कि जब उपासक ईष्ट को साकार कर लेता है। “ईश्वर: विद्यते भावे, भावो हि कारणम् …” अर्थात्, ईश्वर मनुष्य के मन के भाव में रहता है, ये भाव ही उस तक पहुँचने का कारण हैं, माध्यम हैं। इसलिए अपने मन में उसे पाने की उत्कट भावना रखते हुए उसका स्मरण करना चाहिए। इस प्रकार प्रार्थना का मनोवैज्ञानिक महत्व भी कम नहीं है। मन को शांत करने, बुद्धि को एकाग्र करने, संस्कारों को श्रेष्ठ बनाने और आत्मविश्वास प्राप्त करने का यह एक अनुपम साधन है। यह एक ऐसी आध्यात्मिक क्रिया है जिसमें धैर्य, ऊर्जा, पवित्रता, चरित्र की दृढ़ता जैसे गुण विद्यमान हैं। इसके द्वारा दूसरों का भी भला किया जा सकता है। प्रार्थना के बल पर साधु-संतों, पीर-पैगम्बरों आदि ने वह सब कुछ कर दिखाया है, जो असंभव लगता है। अतः प्रार्थना ही श्रेयस्कर है। प्रार्थना जब प्रार्थी के विह्वल अंतःकरण से निकलती है, तो वह पूरी हुए बिना नहीं रहती। प्रार्थना करना लिखे हुए कुछ शब्दों को दोहराना भर नहीं है। प्रार्थना का अर्थ होता है - परमात्मा का मनन और उसका अनुभव। प्रार्थना का एक अर्थ यह भी है - परम की कामना। परम की कामना के लिए क्षुद्र और तुच्छ कामनाओं का परित्याग करना चाहिए। परम की चाह ही ‘प्रार्थना’ है। लेकिन हम परम की नहीं, अल्प की मांग करते हैं। सांसारिक मान, पद व प्रतिष्ठा की चाह प्रार्थना नहीं, अपितु वासना है। धन, यश व पुत्र - इन तीनों की मूल कामना का नाम ‘ऐषणा’ है। इसे ही ऋषियों ने पुत्रैषणा, वित्तैषणा और लोकैषणा कहा है। जब तक इन क्षणिक सुख देने वाली तृष्णाओं का अंत नहीं हो जाता है, तब तक परम-प्रार्थना का आरंभ नहीं हो सकता है। प्रभु से प्रार्थना करने के लिए हाथ नहीं, बल्कि हृदय फैलाने की आवश्यकता है। अतः लघुता को विशालता में व तुच्छता को महानता में समर्पित कर देने की उत्कण्ठा का नाम ही 'प्रार्थना' है। नर को नारायण एवं पुरुष को पुरुषोत्तम बनाने की संकल्पना है - 'प्रार्थना' …।
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हरि 🚩ॐ
🍁 जय गुरुदेव 🍁

14/07/2020

आसमान से बिजली गिरने से काफी लोगों की जान जा रही है , सीखिए की खुद को कैसे आसानी से बचा सकते हैं। , अगर आप घर से बहार हैं.

https://youtu.be/HjP3GuSzEjYजरुर देखे।
08/07/2020

https://youtu.be/HjP3GuSzEjY
जरुर देखे।

बच्चों के मन से परिवार के प्रति द्वेष को मिटाने के लिए क्या करें स्वामी अवधेशानंद गिरि जी महाराज What to do to eradicate malice towards family f...

04/07/2020

--- श्री गुरूपूर्णिमा महोत्सव ---

आशीष उद्बोधन -
05 जुलाई, 2020 (रविवार)

समय - प्रातः 11:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक
Facebook Live (फेसबुक लाइव) के माध्यम से।

- विशेष सूचना -
सभी साधकों / प्रभु प्रेमियों से निवेदन है कि आप सभी "श्री गुरुपूर्णिमा महोत्सव" अपने घरों में ही मनायें।
आप अपने घरों में ही प्रातःकाल श्री गुरुपादुका पूजन / श्री गुरु स्तवन-अर्चन करें ! इस अवसर पर श्रीमद्भगवद् गीता, सुन्दरकाण्ड पाठ तथा मंत्र जप आदि आध्यात्मिक साधनों द्वारा यह पर्व मनाएँ !

इस अवसर पर आप अपनी सेवा, भेंट, दक्षिणा अथवा सहयोग राशि "श्री श्री पराशक्ति धर्मार्थ ट्रस्ट" अथवा "प्रभु प्रेमी संघ चैरिटेबल ट्रस्ट" के नाम से देय चेक/ ड्राफ्ट/ मनीआर्डर संस्था मुख्यालय के निम्न पते पर भी भेज कर सेवाकार्यों में पुन्यार्जन करें।

सीधे UPI VPA (वर्च्युअल पेमेन्ट एड्रेस) से अथवा
https://www.prabhupremisangh.org/web/donate.html पर Donate Now पर Click कर पारमार्थिक सेवा कार्यों हेतु सहयोग राशि भेजी जा सकती है।

UPI VPA (वर्च्युअल पेमेन्ट एड्रेस) is -
श्री श्री पराशक्ति धर्मार्थ ट्रस्ट

051383902510017.mab@pnb

आपकी सेवा एवं सहयोग पारमार्थिक कार्यों को गतिशील बनाने में सहायक सिद्ध होगी ।

निवेदिका -
महामण्डलेश्वर स्वामी नैसर्गिका गिरि

पता -
"प्रभु प्रेमी संघ चैरिटेबल ट्रस्ट"
प्रभु प्रेम आश्रम, जगाधरी रोड,
अम्बाला छावनी - 133006 (हरियाणा)
सम्पर्क - 0171-2699335; 9991537200

"श्री श्री पराशक्ति धर्मार्थ ट्रस्ट"
हरिहर आश्रम, महात्मा गांधी रोड,
कनखल, हरिद्वार - 249408 (उत्तराखंड)
सम्पर्क - 01334-246974; 9759312244

Email – [email protected] ; [email protected]

Website – www.prabhupremisangh.org

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04/07/2020

प्रस्थानत्रयी एवं वेदान्त के डिम-डिम घोष द्वारा हिन्दू वैदिक सनातन संस्कृति के अमर स्वर लेकर पश्चिमात्य जगत के तिमिराच्छादित अन्तःकरण में आत्म जागरण की तत्परता पैदा करने वाले संन्यासी स्वामी विवेकानंद की पुण्यतिथि पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि।

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जय माँ विन्ध्यवासिनी.. माई आप सब के मनोकामना पूरा करस॥  सम्पूर्ण विश्व में इ समय कोरोना के महामारी मचल बा..  छोटा-बड़ा, ...
16/05/2020

जय माँ विन्ध्यवासिनी..
माई आप सब के मनोकामना पूरा करस॥
सम्पूर्ण विश्व में इ समय कोरोना के महामारी मचल बा.. छोटा-बड़ा, गरीब-अमीर सब परेशान बा,
केकरो इ समझ में ना आवत बा कि आवे वाला समय में का होखे वाला बा.
इ समय भी पार हो जाइ..
हमनी सब के संयम और धैर्य रखला के गरज बा.. और जरूरतमंद के सहयोग में खड़ा रहेक बा..
पुजा-पाठ से जुड़ल कवनो सवाल होखे, कवनो जानकारी के आवश्यकता होखे, त आप निचे कमेंट कर सकत बानी, या फिर मैसेज कर सकत बानी.. और न त फिर आप काॅल कर सकत बानी.
जय हो माई विन्ध्याचल वाली...

भिंडी का अनुरोध.कृपया उसकी बात को समझें|
07/05/2020

भिंडी का अनुरोध.
कृपया उसकी बात को समझें|

Desh ko bachana hai.. Ghar se bahar nahi jana hai..
25/03/2020

Desh ko bachana hai..
Ghar se bahar nahi jana hai..

देश को बचाना है
घर से बाहर नहीं जाना है|

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Gopalganj
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