16/02/2025
माहे रमज़ान की आमद के साथ चंदाखोर गैंग के ऐसे चोर चंडाल एक्टिव हो जाते हैं जिनकी नज़र मुसलमानों के तरफ़ से ज़कात की शक्ल में निकाले जाने वाले अरबों रुपए की खैरात पर होती है । ख़ुदारा आप अपने कीमती ज़कात को ऐसे पेशेवर भिखारियों को दे कर ज़ाया न करें । आपके ज़कात पर सबसे पहला हक़ आपके रिश्तेदारों और अपनों का है अल्लाह के फ़ज़ल से अगर वो खुशहाल हैं तो थोड़ी मेहनत करके समाज के उन इज्ज़तदार लोगों तक पहुंचने की कोशिश करें जो अपने इज़्ज़त और नफ़्स का सौदा न करके गुरबत में फाकाकशी करने को मजबूर हैं लेकिन किसी के आगे हाथ फैला कर भीख नहीं मांग रहें हैं । याद रखिए खैरात करना जितना ज़रूरी है उससे ज़्यादा ज़रूरी है के कुछ मशक्कत करके उसे असल मुश्तेहक हक़दारों तक पहुंचाना । ठहर कर सोचिए के आखिर क्यों भारत में सबसे ज़्यादा दान करने वाली क़ौम सबसे ज़्यादा गुरबत में जी रही है सालाना कई सौ अरब रुपए दान में बांट कर भी क़ौम की हालत नहीं सुधर रही है वजह यही है प्रोफेशनल चंदाखोर और प्रोफेशनल भिखारी जो आपके ज़कात का इस्तेमाल ऐश मौज अय्याशियां और नशे में कर रहे हैं । इसलिए अपने आस पास नज़र घुमा कर असल जरूरतमंद लोगों को ढूंढिए और उन्हें उनका हक दीजिए तो उनसे आपको दुआ भी मिलेगी ।
बराए मेहरबानी इस पोस्ट को #शेयर करके ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक पहुंचा दें