BK DAILY Revision

BK DAILY Revision Contact information, map and directions, contact form, opening hours, services, ratings, photos, videos and announcements from BK DAILY Revision, Religious organisation, Gohana.

BK PURUSHARTH AT ONE PLACE EK प्रयास* आप सभी राजयोगी आत्माओं के लिए पूरे BK परिवार की बनाई हुई अच्छी से अच्छी योग मैडिटेशन की विडिओज BK DAILY REVISION फेसबुक पेज पर एक ही स्थान पर तथा कुछ और पोस्ट्स भी मिल सकती हैं* 🇲🇰💥🇲🇰💥🇲🇰💥🇲🇰🙏

*कुछ जानकारी आपकी बहुत अच्छी पोस्टI इस पोस्ट को लिख दिया गया है जिसने लिखा है, उनका नीचे कोई अता पता नहीं है और उसको भी ...
12/12/2025

*कुछ जानकारी आपकी बहुत अच्छी पोस्टI इस पोस्ट को लिख दिया गया है जिसने लिखा है, उनका नीचे कोई अता पता नहीं है और उसको भी इस पोस्ट की सभी बातों का पूरा अर्थ का भी शायद पता ही नहीं हैI और यह पोस्ट बस आगे चलती रहती हैI अतः इन सबका ज्ञान स्वयं खुद जानने के लिये #प्रजापिता #ब्रह्माकुमारीज #ईश्वरीया #विश्वाविद्यालयि माउण्ट आबु के किसी भी आपके नजदीक के सैन्टर पर आकर राजयोग कोर्स करिये पूरा करिये जब तक कोर्स पूरा हो अपने प्रश्न अपनी डायरी में नोट रखिये जैसे जैसे यह सात दिन का कोर्स पूरा होता जायेगा आपके प्रश्नों के उत्तर मिलते जायेंगें उनको काटते जाना आपI लास्ट में अगर कोई बचा तो उसका भी उत्तर आपको मिल जायेगाI कारण अ, क सबसे पहले आता है और है सबसे बाद में तो आपके प्रश्न का उत्तर किसी अगले दिन स्वयं ही हल हो जायेगा तो प्रश्न पूछकर अपना अधिक टाईम व्यर्थ ना करके पूरे ध्यान से सुनते रहना है,
जिस कोर्स को स्वयं #सत्यमशिवमसुन्दरम #त्रिमूर्ति #निराकार 💥 #अजन्माअयोनी #अभोक्ता #असोचता #शिवबाबा, #भोलानाथ #हरहरमहादेव #शिवलिंग #स्वयंभू💥 #ईश्वर #अल्लाह #खुदा #भगवान #सच्चासतगुरूवाहेगुरू #सच्चासाईं या #जिसभीनामसे #उसकोआपपुकारते हो वह खुद पढा रहा हैI आज आपको बताया यह उस पिता 💥परमात्मा का सँदेश हैI कल को आप यह मत कहना कि भगवान जी आप धरती पर आये और हमें पता भी नहीं चलाI
*ओम शान्ति*
■ 7 दिवस = 1 सप्ताह
■ 4 सप्ताह = 1 माह ,
■ 2 माह = 1 ऋतू
■ 6 ऋतू = 1 वर्ष ,
■ 100 वर्ष = 1 शताब्दी
■ 10 शताब्दी = 1 सहस्राब्दी ,
■ 432 सहस्राब्दी = 1 युग
■ 2 युग = 1 द्वापर युग ,
■ 3 युग = 1 त्रैता युग ,
■ 4 युग = सतयुग
■ सतयुग + त्रेतायुग + द्वापरयुग + कलियुग = 1 महायुग
■ 72 महायुग = मनवन्तर ,
■ 1000 महायुग = 1 कल्प
■ 1 नित्य प्रलय = 1 महायुग (धरती पर जीवन अन्त और फिर आरम्भ )
■ 1 नैमितिका प्रलय = 1 कल्प ।(देवों का अन्त और जन्म )
■ महालय = 730 कल्प ।(ब्राह्मा का अन्त और जन्म )

सम्पूर्ण विश्व का सबसे बड़ा और वैज्ञानिक समय गणना तन्त्र यही है। जो हमारे देश भारत में बना। ये हमारा भारत जिस पर हमको गर्व है l
दो लिंग : नर और नारी ।
दो पक्ष : शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष।
दो पूजा : वैदिकी और तांत्रिकी (पुराणोक्त)।
दो अयन : उत्तरायन और दक्षिणायन।

तीन देव : ब्रह्मा, विष्णु, शंकर।
तीन देवियाँ : महा सरस्वती, महा लक्ष्मी, महा गौरी।
तीन लोक : पृथ्वी, आकाश, पाताल।
तीन गुण : सत्वगुण, रजोगुण, तमोगुण।
तीन स्थिति : ठोस, द्रव, वायु।
तीन स्तर : प्रारंभ, मध्य, अंत।
तीन पड़ाव : बचपन, जवानी, बुढ़ापा।
तीन रचनाएँ : देव, दानव, मानव।
तीन अवस्था : जागृत, मृत, बेहोशी।
तीन काल : भूत, भविष्य, वर्तमान।
तीन नाड़ी : इडा, पिंगला, सुषुम्ना।
तीन संध्या : प्रात:, मध्याह्न, सायं।
तीन शक्ति : इच्छाशक्ति, ज्ञानशक्ति, क्रियाशक्ति।

चार धाम : बद्रीनाथ, जगन्नाथ पुरी, रामेश्वरम्, द्वारका।
चार मुनि : सनत, सनातन, सनंद, सनत कुमार।
चार वर्ण : ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र।
चार निति : साम, दाम, दंड, भेद।
चार वेद : सामवेद, ॠग्वेद, यजुर्वेद, अथर्ववेद।
चार स्त्री : माता, पत्नी, बहन, पुत्री।
चार युग : सतयुग, त्रेतायुग, द्वापर युग, कलयुग।
चार समय : सुबह, शाम, दिन, रात।
चार अप्सरा : उर्वशी, रंभा, मेनका, तिलोत्तमा।
चार गुरु : माता, पिता, शिक्षक, आध्यात्मिक गुरु।
चार प्राणी : जलचर, थलचर, नभचर, उभयचर।
चार जीव : अण्डज, पिंडज, स्वेदज, उद्भिज।
चार वाणी : ओम्कार्, अकार्, उकार, मकार्।
चार आश्रम : ब्रह्मचर्य, ग्राहस्थ, वानप्रस्थ, सन्यास।
चार भोज्य : खाद्य, पेय, लेह्य, चोष्य।
चार पुरुषार्थ : धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष।
चार वाद्य : तत्, सुषिर, अवनद्व, घन।

पाँच तत्व : पृथ्वी, आकाश, अग्नि, जल, वायु।
पाँच देवता : गणेश, दुर्गा, विष्णु, शंकर, सुर्य।
पाँच ज्ञानेन्द्रियाँ : आँख, नाक, कान, जीभ, त्वचा।
पाँच कर्म : रस, रुप, गंध, स्पर्श, ध्वनि।
पाँच उंगलियां : अँगूठा, तर्जनी, मध्यमा, अनामिका, कनिष्ठा।
पाँच पूजा उपचार : गंध, पुष्प, धुप, दीप, नैवेद्य।
पाँच अमृत : दूध, दही, घी, शहद, शक्कर।
पाँच प्रेत : भूत, पिशाच, वैताल, कुष्मांड, ब्रह्मराक्षस।
पाँच स्वाद : मीठा, चर्खा, खट्टा, खारा, कड़वा।
पाँच वायु : प्राण, अपान, व्यान, उदान, समान।
पाँच इन्द्रियाँ : आँख, नाक, कान, जीभ, त्वचा, मन।
पाँच वटवृक्ष : सिद्धवट (उज्जैन), अक्षयवट (Prayagraj), बोधिवट (बोधगया), वंशीवट (वृंदावन), साक्षीवट (गया)।
पाँच पत्ते : आम, पीपल, बरगद, गुलर, अशोक।
पाँच कन्या : अहिल्या, तारा, मंदोदरी, कुंती, द्रौपदी।

छ: ॠतु : शीत, ग्रीष्म, वर्षा, शरद, बसंत, शिशिर।
छ: ज्ञान के अंग : शिक्षा, कल्प, व्याकरण, निरुक्त, छन्द, ज्योतिष।
छ: कर्म : देवपूजा, गुरु उपासना, स्वाध्याय, संयम, तप, दान।
छ: दोष : काम, क्रोध, मद (घमंड), लोभ (लालच), मोह, आलस्य।

सात छंद : गायत्री, उष्णिक, अनुष्टुप, वृहती, पंक्ति, त्रिष्टुप, जगती।
सात स्वर : सा, रे, ग, म, प, ध, नि।
सात सुर : षडज्, ॠषभ्, गांधार, मध्यम, पंचम, धैवत, निषाद।
सात चक्र : सहस्त्रार, आज्ञा, विशुद्ध, अनाहत, मणिपुर, स्वाधिष्ठान, मुलाधार।
सात वार : रवि, सोम, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि।
सात मिट्टी : गौशाला, घुड़साल, हाथीसाल, राजद्वार, बाम्बी की मिट्टी, नदी संगम, तालाब।
सात महाद्वीप : जम्बुद्वीप (एशिया), प्लक्षद्वीप, शाल्मलीद्वीप, कुशद्वीप, क्रौंचद्वीप, शाकद्वीप, पुष्करद्वीप।
सात ॠषि : वशिष्ठ, विश्वामित्र, कण्व, भारद्वाज, अत्रि, वामदेव, शौनक।
सात ॠषि : वशिष्ठ, कश्यप, अत्रि, जमदग्नि, गौतम, विश्वामित्र, भारद्वाज।
सात धातु (शारीरिक) : रस, रक्त, मांस, मेद, अस्थि, मज्जा, वीर्य।
सात रंग : बैंगनी, जामुनी, नीला, हरा, पीला, नारंगी, लाल।
सात पाताल : अतल, वितल, सुतल, तलातल, महातल, रसातल, पाताल।
सात पुरी : मथुरा, हरिद्वार, काशी, अयोध्या, उज्जैन, द्वारका, काञ्ची।
सात धान्य : उड़द, गेहूँ, चना, चांवल, जौ, मूँग, बाजरा।

आठ मातृका : ब्राह्मी, वैष्णवी, माहेश्वरी, कौमारी, ऐन्द्री, वाराही, नारसिंही, चामुंडा।

*आज की जरूरत यह सबके लिये है BK सिस्टर शिवानी जी वीडिओज़ सबको सुनना चाहिये औरों को शेयर करना ही चाहिये उनसे दुआयें ले सकत...
12/12/2025

*आज की जरूरत यह सबके लिये है BK सिस्टर शिवानी जी वीडिओज़ सबको सुनना चाहिये औरों को शेयर करना ही चाहिये उनसे दुआयें ले सकते हो इसलिये कह रहा हूँ**🙏
🌹💥🌹💥🌹💥🌹
https://youtu.be/RxBSxHk8MAY?si=pTRYtToBB6GchB0C
https://youtu.be/RxBSxHk8MAY?si=pTRYtToBB6GchB0C
🙏🌹🇮🇳🌹🇮🇳🌹🇮🇳🌹🙏

12/12/2025
🌲🌷*Shivshakti Pandavsena*🌷🌲🌲🌷  *Murli-Sanjeevani*🌷🌲🌷🌲     *प्रश्न – उत्तर*          🌷🌲   🌲🌷   *Series-A1907*   🌷🌲    🌲🌷🌲...
03/12/2025

🌲🌷*Shivshakti Pandavsena*🌷🌲
🌲🌷 *Murli-Sanjeevani*🌷🌲
🌷🌲 *प्रश्न – उत्तर* 🌷🌲
🌲🌷 *Series-A1907* 🌷🌲
🌲🌷🌲🌷🌲🌷🌲🌷🌲🌷

*Q:* ओमशांति दीदी, हम अपने अंदर अष्ट शक्तियों को कैसे जागृत कर सकते हैं ?

*A:* ओमशांति।

हम अपने अंदर की अष्ट शक्तियों को हर कर्म के द्वारा जगा सकते हैं कि हर कर्म में हमारे पास शक्तियाँ कितनी हैं? जैसे मन्सा, वाचा, कर्मणा, संबंध-संपर्क, यह जो चार बातें बाबा ने बताई थीं, तो इसमें आपको देखना है कि कौन सी शक्ति आप दिन भर में अपने कर्मों में कैसे utilize कर रहे हैं? यह आठों शक्तियाँ, हर घड़ी आपके साथ रहनी चाहिए।

🔸जैसे जब आप किसी के सम्बन्ध-संपर्क में आते हैं, तो आपको सहन भी करना पड़ता है, कभी बड़ों से सुनना भी पड़ता है, तो वहाँ पर आपकी सहनशक्ति काम करती है।

🔸हमजिंस के संपर्क में आते हैं, तो वहाँ पर आपके सहयोग की शक्ति काम करती है।

🔸कहीं पर आपको मालिक बनकर थोड़ा निर्णय भी करना पड़ता है, तो वहाँ पर आपकी निर्णय शक्ति काम करती है।

तो सारे दिन के अंदर आपकी आठों शक्तियाँ काम करती हैं, लेकिन ये आपको judge करना है कि वो कहाँ-कहाँ काम कर रही हैं। जैसे मन्सा, वाचा, कर्मणा, संबंध-संपर्क में, आपको check करना है कि

🔸मन्सा में आपने कौन सी शक्ति utilize की?
🔸वाचा में आपने कौन सी शक्ति utilize की?
🔸कर्मणा में कर्म करते हुए, आपने overall हर चीज के बारे में सोचा या नहीं सोचा? क्या निर्णय लिया? परखा या नहीं परखा ?
🔸आपने सम्बन्ध-संपर्क में कितना समाया? वो भी आपको check करना है।

तो माना हमारे कर्मों में ये आठों शक्तियाँ use होतीं हैं। जब आप इनको कर्मों में use करने लगते हैं, तो अष्ट शक्तियाँ आपको natural way में दिखाई देने लगती हैं। जिससे आपको पता लगता है कि अष्ट शक्तियां हमारे पास ही हैं। तो अगर आप practical करेंगे तो आपको यह एक natural रूप में नज़र भी आयेंगी और आपको खुद भी महसूस होगा कि मुझे ये शक्तियाँ मिल रही हैं, माना God की Blessing मेरे ऊपर हैं, परमात्मा छत्रछाया मेरे ऊपर है, जिसकी वजह से आठों शक्तियाँ पूरा appropriate काम कर रही हैं।

फिर जब आप रात को अपनी दिनचर्या का chart लिखेंगे, तो आपको बहुत खुशी होगी कि आज मेरी आठों शक्तियों ने बहुत काम किया। अगर नहीं किया, तो वो भी आप check कर सकते हैं।

*Q:* ओमशांति दीदी, शिव बाबा जब ब्रह्मा बाबा के तन में आते थे, तब तो ब्रह्मा बाबा की आवाज़ ठीक रहती थी , फिर दादी की आवाज़ चेंज क्यों होती थी ? प्लीज क्लियर करें।

*A:* ओमशांति।

शिव बाबा जब ब्रह्मा बाबा के तन में आते थे तो डायरेक्ट आधार ही ब्रह्मा बाबा का तन लिया था। और आधार माना माध्यम आज भी ब्रह्मा बाबा का सूक्ष्म शरीर है और फिर उसके बाद गुलज़ार दादी के तन में आते हैं। तो सूक्ष्म वतन से ब्रह्मा बाबा के तन में प्रवेश करके शिवबाबा आते हैं तो पहले ब्रह्मा बाबा नीचे ही थे तो उनकी वाणी में कोई परिवर्तन नहीं आता था । लेकिन जब सूक्ष्म वतन से होकर ब्रह्मा बाबा के सूक्ष्म शरीर में आकर शिवबाबा जब गुलज़ार दादी के तन में आते थे, तो आवाज़ थोड़ा सा चेंज जरूर होता है, जो आप सुनते हैं।

ये एक अव्यक्त भाषा है, जो अव्यक्त तरीके से बाबा ने हमारे सामने रखी, जब बाबा साकार तन में आते थे तो साकारी भाषा में हम बच्चों के circumstances के हिसाब से बाबा हमको तैयार करना चाहते थे। तो जैसे बाबा अव्यक्त हो गए तो सूक्ष्म वतन के नज़ारे, और सूक्ष्म इशारे, बाबा ने देना शुरू कर दिया, जिससे बाबा हमें अव्यक्त स्थिति की तरफ लेकर गए और और जब साकार में बाबा तो साकार में कैसे रहते हैं, उसके directions बाबा देते थे। अभी हमको अव्यक्त बनकर बापसमान बनना है इसलिए, वो अव्यक्त इशारे देते हैं। लेकिन इन इशारों को समझने के लिए, इस भाषा को समझने के लिए हमें भी वाणी से परे जाना है। इस चीज का अभ्यास गुलज़ार दादी के माध्यम से हम बच्चे करते हैं। ओमशांति।

*Q:* ओमशांति दीदी, मुझे जब कभी कोई सफलता मिलती है तो डर लगता है कि कहीं मुझे घमंड ना आ जाये , तो इस डर से कैसे निकलें?

*A:* ओमशांति।

सबसे पहली बात है कि मैंने किया- ये याद रहता है तो घमंड आ जाता है। अगर ये समझते हैं कि बाबा करा रहा है, मैं निमित्त हूँ। करनकरावनहार की अगर स्मृति रहती है तो आप सेफ रहेंगे।

🌷🌲🌷🌲🌷🌲🌷🌲🌷

Mansa Vahcha Karmana Holy banna hai, apni checking karni hai ..

🌷🌲🌷🌲🌷🌲🌷🌲🌷

🔔🔔 आपका भी अगर कोई प्रश्न है तो आप हमारे Murli-Sanjeevani के Youtube channel पर हमसे पूछ सकते हैं।

👉 https://www.youtube.com/channel/UCP5B2KzQx96bUYas96UUFHw

आप हमारे email id ✉️ [email protected] या WhatsApp number 📲 9346720015 पर भी अपने प्रश्न हमें भेज सकते हैं।

🌲🌷🌲🌷🌲🌷🌲🌷🌲🌷

With the inspirations of Beloved BaapDada We (Shivshakti PandavSena) have created a new channel "Murli-Sanjeevani". “Murli-Sanjeevani” is an extension of " Shivshakti Pandavsena" channel where every day Murli is shared. When the winds of change and uncertainty are blowing, at times we come acros...

03/12/2025

पोस्ट को येटूब पर पढो ओम शान्ति
http://youtube.com/post/UgkxDTe8HYoMSPX3x3pDao2DOz9afOFYVRpU?si=XMdnBv2m7BQnndTo
http://youtube.com/post/UgkxDTe8HYoMSPX3x3pDao2DOz9afOFYVRpU?si=XMdnBv2m7BQnndTo

आज की 3 दिसम्बर 2025 की प्रातः मुरली – “होलीएस्ट ऑफ दी होली की गोद” के आधार पर, मैंने सभी मुख्य बिंदुओं, ज्ञान, वरदान, स्ल...

*आज ही अपने अधिकतम जानकारों को भेजें अपनी मनोकामना पूरी करने के लिये*https://youtu.be/kGhsPHQyrvs?si=Qsc9NhypOcb0MGdh *अ...
03/12/2025

*आज ही अपने अधिकतम जानकारों को भेजें अपनी मनोकामना पूरी करने के लिये*
https://youtu.be/kGhsPHQyrvs?si=Qsc9NhypOcb0MGdh
*अपने स्टेटस पर लगाईये जिनको भेज सकते हैं भेजिये 04 दिसम्बर 2025 गुरूवार इस वर्ष की आखिरी पूर्णिमा पर किया जाने वाला उपाय*
https://youtu.be/kGhsPHQyrvs?si=Qsc9NhypOcb0MGdh
*जो मेडिटेशन करना जानते हैं वह भी सुन लेना और बताये अनुसार जो बताया हो तो करना नहीं तो नहीं करना*

https://youtu.be/kGhsPHQyrvs?si=Qsc9NhypOcb0MGdh🙏
🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏

4 दिसंबर 2025 साल की आखरी पूर्णिमा, 1000 गुना शक्ति शाली दिन हर मनोकामना होगी पूरी !

Address

Gohana
131301

Telephone

+919416234547

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when BK DAILY Revision posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Place Of Worship

Send a message to BK DAILY Revision:

Share