05/09/2018
Shreyansh Jain
Yesterday at 1:11 PM ·
*😊😊😊खुशखबरी😊😊😊*
*📜सिद्ध क्षेत्र श्री सम्मेद शिखरजी की समस्याओं के बारे में जैन समाज के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि📜*
* ⛰⛳*
*⛳️रांची(झारखण्ड) में दिनांक ३० अगस्त २०१८ को*
➡️श्री दिगम्बर जैन महासमिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. श्री मणीन्द्र जी जैन,
➡️पारसनाथ तीर्थ क्षेत्र का कार्य देख रहे श्री MP जैन अजमेरा जी IAS,
➡️वरिष्ठ समाज सेवी श्री कन्हैयालाल जी जैन,
➡️श्री नरेश जी जैन सेठी,
➡️श्री कमल जैन पाटनी
सभी शिष्टमंडल ने
*झारखंड राज्य के*
➡️मुख्य सचिव श्री सुधीर त्रिपाठी जी एवं
➡️पर्यटन सचिव श्री मनीष रंजन जी और उनकी टीम अनिल जी आदि के साथ
सचिवालय सभाकक्ष में भेंट की तथा उनको श्री पारसनाथ तीर्थ की समस्याओं एवं चिन्ताओं, जिनसे पूरा जैन समाज आहत है के बारे में लिखित ज्ञापन देकर अवगत कराया तथा व्यापक चर्चा की।
⛳️शिष्टमंडल ने बताया कि श्री पारसनाथ तीर्थ क्षेत्र का कण-कण पवित्र है, यहां से हमारे २० तीर्थंकरों ने निर्वाण प्राप्त किया एवं असंख्य मुनि गणों ने मोक्ष की प्राप्ति की।
*⛳️मुख्य सचिव जी ने आश्वस्त किया कि जैन समाज की भावनाओं को देखते हुए पर्वत के ऊपर जैनेतर समाज के मंदिर निर्माण की कोई योजना प्रस्तावित नहीं की जाएगी।*
⛳️इसके अतिरिक्त निम्न बिंदुओं को शिष्टमंडल ने प्रमुखता से उठाया, जिसमें
➡️श्री पारसनाथ तीर्थ क्षेत्र को पर्यटन स्थल के स्थान पर *'धार्मिक पर्यटन स्थल'* घोषित करें,
➡️डोली वालों को id देने का प्रस्ताव,
➡️पर्वत क्षेत्र में मांस और शराब की बिक्री रोकना,
➡️पहाड़ के ऊपर अनाधिकृत दुकानें हटाना व
➡️यात्रियों की सुरक्षा के लिए रात्रि गश्त आदि बिंदुओं पर चर्चा की|
⛳️प्रमुख सचिव ने कहा कि जैन समाज के यात्रियों को स्वयं भी पहाड़ के ऊपर कोई भी सामान नहीं खरीदना चाहिए तथा भिखारियों को पैसे नहीं देना चाहिए जिससे यह लोग धीरे-धीरे वहां से हटना शुरू कर देंगे।
*⛳️डा. श्री मणीन्द्र जी जैन ने मुख्य सचिव तथा अन्य पदाधिकारियों को स्पष्ट कहा कि यदि भविष्य में पर्वत के ऊपर किसी भी मंदिर निर्माण की योजना किसी के द्वारा प्रस्तावित की जाती है तो उसका आप सभी वरिष्ठ पदाधिकारियों को भी विरोध करना चाहिए एवं जैन समाज की भावनाओं को तथ्यों के साथ माननीय मुख्यमंत्री जी तक पहुंचानी चाहिए अन्यथा समस्त जैन समाज पूरे देश में आंदोलन के लिए बाध्य होगा, जिसकी जिम्मेदारी पूरे राज्य के प्रशासन और सरकार की होगी, क्योंकि शांति प्रिय अहिंसक जैन समाज कहीं पर भी दूसरे धर्मों के तीर्थ क्षेत्र पर अपने मंदिर बनाने के लिए जिद नहीं करता तथा सभी धर्मों का सम्मान करता है।*
⛳️शिष्टमंडल द्वारा प्रस्तुत समस्त समस्याओं के समाधान पर प्रशासन ने कड़ी कार्यवाही करने का आश्वासन दिया। शिष्टमंडल नेे समस्त जैन समाज की ओर से मुख्य सचिव, पर्यटन सचिव व उनकी टीम का आभार प्रकट किया।
*⛳️साभार*
*धरणेन्द्र कुमार जैन*
मीडिया प्रभारी
*⛳️जिनशासन जयवंत हो⛳️*
*💎जिनशासन संघ💎*