Marang Buru Pirtand - मारांग बुरु पीरटांड़

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Marang Buru Pirtand - मारांग बुरु पीरटांड़ MarangBuru also called Parasnath is situated in Pirtand block of Giridih district.

MarangBuru is the Holiest place for santal community all over India and world. People gather here in the Baha Bonga and Sendra festival at Jug jaher Than situated at top.

13/02/2026
*प्रेस विज्ञप्ति*=========================*_मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय, कांके रोड में आज मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ...
10/02/2026

*प्रेस विज्ञप्ति*
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*_मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय, कांके रोड में आज मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से मरांग बुरू जुग जाहेर बाहा बोंगा समिति, गिरिडीह के प्रतिनिधिमंडल ने श्री फागु बेसरा दर्जा प्राप्त मंत्री सह केन्द्रीय अध्यक्ष संथाल समाज दिशोम माँझी परगना के नेतृत्व में मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन जी को मरांग बुरु पारसनाथ में 18 से 21 फरवरी 2026 तक आयोजित होने वाले धार्मिक एवं सांस्कृतिक महोत्सव 'बाहा पर्व' में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया।*
*"बाहा पर्व" जिसे फूलों का त्योहार भी कहा जाता है, संथाल समुदाय का वसंत ऋतु का महत्वपूर्ण उत्सव है। यह पर्व प्रकृति, नई फसलों और फूलों की पूजा के साथ मनाया जाता है, जिसमें जुग जाहेर थान पर विशेष अनुष्ठान, नृत्य, गीत और सामुदायिक भोज का आयोजन होता है। मरांग बुरु (पारसनाथ पहाड़) संथालों के लिए सबसे पवित्र धार्मिक स्थल है, जहां यह धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्व बड़े उत्साह से मनाया जाता है। इस अवसर पर मंत्री श्री सुदिव्य कुमार सोनू एवं मरांग बुरू जुग जाहेर बाहा बोंगा समिति के मुख्य संरक्षक श्री विष्णु किस्कू, संरक्षक श्री महावीर मुर्मू, नायके बाबा श्री चंदूलाल टुडू, मांझी हड़ाम श्री राजेश किस्कू, श्री सुनील मुर्मू, संयोजक श्री सुशील मुर्मू, मरांग बुरु संस्थान के अध्यक्ष श्री शनिचर बेसरा, पूर्व जिला परिषद सदस्य श्रीमती मैंनो हेम्ब्रोम एवं समिति के सदस्य श्री सुधीर बास्के, श्री फागु मरांडी, श्री सुरेश हेंब्रम, श्री राजेश सोरेन, श्री बाबूलाल सोरेन, श्री हीरालाल टुडू, श्री विनोद सोरेन सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।_*

कल दिनांक 09.02.2026 आगामी मारांग बुरु जुग जाहेर बाहा बोंगा  2026 के सफल आयोजन से संबंधित बैठक अनुमंडल पदाधिकारी डुमरी ,...
10/02/2026

कल दिनांक 09.02.2026 आगामी मारांग बुरु जुग जाहेर बाहा बोंगा 2026 के सफल आयोजन से संबंधित बैठक अनुमंडल पदाधिकारी डुमरी , अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी डुमरी , प्रखंड विकास पदाधिकारी पीरतांड, अंचल अधिकारी पीरतांड के साथ की गई । बैठक में मारांग बुरु बोंगा बुरु समिति के सदस्य गण उपस्थित रहे ।

02/02/2026
19/01/2026

जोहार मारांग बुरु, जोहार जाहेर आयो! मोड़े को तुरुय को।हीरला़ मारांग बुरु। जोहार।

*मुख्यमंत्री सचिवालय**प्रेस विज्ञप्ति --.../2025**09 जून 2025**मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय, रांची*======================...
09/06/2025

*मुख्यमंत्री सचिवालय*
*प्रेस विज्ञप्ति --.../2025*
*09 जून 2025*
*मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय, रांची*
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*मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से मरांङ बुरू बचाओ संघर्ष समिति (संथाल समाज) के 51 सदस्य प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात।*
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*इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन को प्रतिनिधिमंडल में शामिल सदस्यों ने संथाल आदिवासियों के धार्मिक तीर्थ स्थल मरांङ बुरू के संरक्षण से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण मांगों को लेकर एक ज्ञापन सौंपा।*
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मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से आज कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में मरांङ बुरू बचाओ संघर्ष समिति (संथाल समाज) के 51 सदस्य प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री को प्रतिनिधिमंडल में शामिल सदस्यों ने एक ज्ञापन के माध्यम से मरांङ बुरू (पारसनाथ) पीरटांड, गिरिडीह (झारखण्ड) संथाल आदिवासियों के धार्मिक तीर्थ स्थल को संरक्षित करने एवं प्रबंधन निगरानी, नियंत्रण एवं अनुश्रवण के लिए ग्राम सभा को जिम्मेवारी देने संबंधित कुछ महत्वपूर्ण मांगों से अवगत कराया। मौके विशेष रूप से दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री श्री फागू बेसरा, मरांङ बुरू बचाओ संघर्ष समिति (संथाल समाज) के अध्यक्ष श्री रामलाल मुर्मू एवं साहित्यकार श्री भोगला सोरेन उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन को मरांङ बुरू बचाओ संघर्ष समिति (संथाल समाज) के सदस्यों ने अवगत कराया कि मरांङ बुरू (पारसनाथ पर्वत) पीरटांड, गिरिडीह (झारखण्ड) युगों-युगों से प्राचीन काल से हम संथाल समुदाय "मरांङ बुरू" को ईश्वर के रूप में पूजा करते आ रहें हैं। छोटानगपुर कश्तकारी अधिनियम 1908, सर्वे भूमि अधिकार अभिलेख, कमीश्नरी कोर्ट, पटना हाई कोर्ट एवं प्रीवी कौन्सील कोर्ट से संथाल आदिवासियों को प्रथागत अधिकार (Customary right) प्राप्त है अत: झारखण्ड़ सरकार से माँग है कि मरांङ बुरू (पारसनाथ पर्वत) को संथालों का धार्मिक तीर्थ स्थल घोषित किया जाए।

*मरांङ बुरू बचाओ संघर्ष समिति (संथाल समाज) की अन्य मांगे..*

भूमि एवं धार्मिक स्थल संविधान के अनुसार राज्यों का विषय है। झारखण्ड सरकार से माँग है कि आदिवासियों के धार्मिक स्थल मरांङ बुरू, लुगू बुरू, अतु/ग्राम, जाहेर थान (सरना), माँझी थान, मसना, हड़गडी आदि धार्मिक स्थल की रक्षा के लिए आदिवासी धार्मिक स्थल संरक्षण अधिनियम बनाया जाए। भारत सरकार पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मन्त्रालय संशोधन मेमोरंडम पत्र F.No 11-584/2014-WL दिनाक 05 जनवरी 2023 एवं झारखण्ड सरकार पर्यटन, कला, संस्कृक्ति विभाग के पत्रांक 1391, दिनांक 22.10.2016 एवं विभागीय पत्रांक 14/2010-1995 दिनांक 21.12.2022 का दिशा-निर्देश जिसमें मौस मदीरा कि सेवन एवं खरीद-बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया है। मरांङ बुरू (पारसनाथ पहाड़) को सिर्फ जैन समुदाय का सम्मेद शिखर विश्व प्रसिद्ध तीर्थ स्थल का उल्लेख किया गया है। जो जैन समुदाय के पक्ष में एक तरफा एवं असंवैधानिक आदेश है। उसे रद्द किया जाए।

मरांङ बुरू (पारसनाथ पर्वत) संथालों आदिवासियों के धार्मिक तीर्थ स्थल को सुप्रीम कोर्ट केश संख्या 180/2011 एवं अनुसूचित जनजाति और अन्य पराम्परागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम 2006 के धारा 3 के तहत सामुहिक वन भूमि अधिकार के तहत संरक्षण, प्रबंधन, निगरानी नियंत्रण एवं अनुश्रवण की जिम्मेवारी वहाँ के आदिवासियों के ग्राम सभा को सौपा जाए।

अनुसूचित जनजाति और अन्य पराम्परागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम 2006 सम्पूर्ण देश में लागू है। परन्तु बिना ग्राम सभा के सहगति से भारत सरकार पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अधिसूचना संख्या 2795 (अ) दिनांक 02 अगस्त 2019 के तहत मरांग बुरू (पारसनाथ पर्वत) को पारिस्थितिकी संवेदी जोन (Eco Sensitive Zone) घोषित किया गया है। जो असंवैधानिकहै। केन्द्र एवं राज्य सरकार से मांग है कि इसे रद्द करते हुए मरांङ बुरू (पारसनाथ पर्वत) पर संथाल आदिवासियों के प्रथागत अधिकार (Customary right) को संरक्षित किया जाए।

मरांङ बुरू युग जाहेर, वाहा-बोंगा पूजा महोत्सव फागुन शुल्क पक्ष तृतीय तिथि को राज्यकीय महोत्सव घोषित किया जाए।

मरांङ बुरू (पारसनाथ पर्वत) में जैन समुदाय के द्वारा वन भूमि पर अवैध ढंग से मठ-मंदिर, धर्मशाला आदि निर्माण किया गया है, अवैध ढंग से निर्माण को अतिक्रमण से मुक्त किया जाए। मौके पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने मरांङ बुरू बचाओ संघर्ष समिति (संथाल समाज) के प्रतिनिधिमंडल में शामिल सदस्यों को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार द्वारा उनकी मांगों पर विधिसम्मत यथोचित कार्रवाई की जाएगी।

*इस अवसर पर मरांङ बुरू बचाओ संघर्ष समिति (संथाल समाज) के झारखंड, उड़ीसा, बंगाल एवं छत्तीसगढ़ के बुद्धिजीवी सदस्य शामिल थे।*
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* PRD(CMO)*

हिरला़   माराङ बुरु , हिरला़  जाहेर आयो   मोड़ें   कु  तुरुय  कु जोहार।
25/04/2025

हिरला़ माराङ बुरु , हिरला़ जाहेर आयो मोड़ें कु तुरुय कु जोहार।

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Madhuban , Pirtand
Giridih
825108

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