Sri Mahaveer Ji, Giridih

Sri Mahaveer Ji, Giridih Sri Mahaveer Ji, Giridih Court Campus, Giridih
Mangal ko Janme, Mangal Karte, Mangal Mai bhagwaan...

हनुमान जी को अजेय माना जाता है. हनुमान जी अष्टचिरंजीवियों में से एक हैं. कलयुग में हनुमान जी ही एक मात्र ऐसे देवता हैं जो अपने भक्तो पर शीघ्र कृपा करके उनके कष्टों का निवारण करते हैं. मंगलवार भगवान हनुमान का दिन है. इस दिन व्रत रखने का अपना ही एक अलग महत्व है.

पंचमुखी हनुमान भगवान हनुमान जी का एक अत्यंत शक्तिशाली और दिव्य रूप माना जाता है। इस स्वरूप में हनुमान जी के पाँच मुख होत...
17/05/2026

पंचमुखी हनुमान भगवान हनुमान जी का एक अत्यंत शक्तिशाली और दिव्य रूप माना जाता है। इस स्वरूप में हनुमान जी के पाँच मुख होते हैं – वानर मुख, नरसिंह मुख, गरुड़ मुख, वराह मुख और हयग्रीव मुख। प्रत्येक मुख विशेष शक्ति और रक्षा का प्रतीक है।

मान्यता है कि पंचमुखी हनुमान जी ने अहिरावण का वध करने के लिए यह रूप धारण किया था। इस रूप में वे चारों दिशाओं और आकाश की ओर एक साथ दृष्टि रखते हैं, जिससे भक्तों की हर प्रकार की बाधा, भय और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा होती है।

पंचमुखी हनुमान जी की पूजा से साहस, आत्मविश्वास, सफलता और शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है। विशेष रूप से मंगलवार और शनिवार को उनकी आराधना करने का महत्व बताया गया है। भक्त “हनुमान चालीसा” और “पंचमुखी हनुमान कवच” का पाठ करके जीवन में सुख, शांति और सुरक्षा की कामना करते हैं।

🚩🙏 जय बजरंगबली 🙏🚩🪔 आरती कीजै हनुमान लला की,दुष्ट दलन रघुनाथ कला की।लाल देह लाली लसे,वज्र देह दानव दलन बसे।✨ हनुमान जी का...
28/08/2025

🚩🙏 जय बजरंगबली 🙏🚩

🪔 आरती कीजै हनुमान लला की,
दुष्ट दलन रघुनाथ कला की।
लाल देह लाली लसे,
वज्र देह दानव दलन बसे।

✨ हनुमान जी का स्मरण करने मात्र से ही भय, रोग और संकट दूर होते हैं।
भक्ति, शक्ति और साहस पाने के लिए आज संध्या हनुमान आरती अवश्य करें।

🚩🌸 जय श्रीराम – जय हनुमान 🌸🚩

#हनुमानआरती #जयबजरंगबली #संकटमोचन #हनुमानभक्ति

🙏🚩 हनुमान कथा 🚩🙏हनुमान जी का जीवन केवल शक्ति और पराक्रम की गाथा ही नहीं, बल्कि भक्ति, समर्पण और सेवा का अनुपम उदाहरण है।...
28/08/2025

🙏🚩 हनुमान कथा 🚩🙏

हनुमान जी का जीवन केवल शक्ति और पराक्रम की गाथा ही नहीं, बल्कि भक्ति, समर्पण और सेवा का अनुपम उदाहरण है।

🌸 जब माता सीता का संदेश श्रीराम तक पहुँचाना था, तब हनुमान जी ने समुद्र लांघकर लंका पहुँच कर अपनी भक्ति और पराक्रम का प्रमाण दिया।
🌸 अशोक वाटिका में जाकर माता सीता को श्रीराम का संदेश दिया और उनका दुःख दूर किया।
🌸 लंका दहन कर राक्षसों को चेताया और रामभक्तों की शक्ति का परिचय दिया।
🌸 युद्ध में लक्ष्मण जी के प्राण बचाने हेतु संजीवनी पर्वत उठा लाए।
हनुमान जी हमेशा अपने प्रभु श्रीराम के चरणों में लीन रहे और कहा –
👉 “मैं तो राम का दास हूँ, उन्हीं की आज्ञा में मेरा धर्म और कर्म है।”
✨ संदेश – हनुमान जी की कथा हमें सिखाती है कि यदि जीवन में भक्ति, निष्ठा और सेवा का भाव हो, तो कोई भी बाधा असंभव नहीं रहती।

🚩 जय बजरंगबली 🚩
#हनुमानकथा #जयहनुमान #संकटमोचन #श्रीरामभक्त

03/03/2025

हनुमान जी की स्तुति

जय श्री हनुमान, सबसे महान।
आपके बल और बुद्धि का है कोई समान।
सभी संकटों को दूर करने वाले,
आप ही हैं वीर, अडिग और निराले।

राम के परम भक्त, निस्वार्थ सेवक,
आपका आशीर्वाद हर दिल में बसेक।
आपकी महिमा अपरम्पार है,
जो भी आपकी शरण में आता है, उसका जीवन सुंदर और सार्थक है।

शक्ति और साहस के प्रतीक,
आपके जैसा महापुरुष कोई नहीं।
आज्ञा से हर कार्य को सफल बनाना,
आपकी शक्ति का ही तो है यह बल।

आपके बिना राम का काम अधूरा,
आप हैं भगवान के सच्चे दूत।
आपकी भक्ति में बसा अनंत सुख,
आपकी कृपा से होता है हर दुख का नाश।

सकल विघ्नों का नाश करने वाले,
सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड में आपकी प्रसिद्धि बेमिसाल है।
जो भी आपको श्रद्धा से पुकारे,
आप उसकी सभी इच्छाओं को पूर्ण करें।

हे हनुमान, हम पर कृपा करो,
हमारी हर बाधा को तुम हर लो।
राम का नाम लेकर हम चलते रहें,
और आपकी कृपा से जीवन में कभी न कोई शंका आए।

जय श्री हनुमान!

ओम ह्रां ह्रीं ह्रं ह्रैं ह्रौं ह्रः॥ हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट्। ओम हं हनुमंताय नम:. ओम नमो हनुमते रूद्रावताराय सर्...
06/04/2023

ओम ह्रां ह्रीं ह्रं ह्रैं ह्रौं ह्रः॥ हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट्। ओम हं हनुमंताय नम:. ओम नमो हनुमते रूद्रावताराय सर्वशत्रुसंहारणाय सर्वरोग हराय सर्ववशीकरणाय रामदूताय स्वाहा

27/04/2021

अनुसार चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि को हनुमान जयंती (Hanuman Jayanti) का त्योहार मनाया जाता है. आज हनुमान जयंती है. हनुमान जी को बल, बुद्धि और विद्या का प्रतीक माना जाता है. इस दिन हनुमान जी की पूजा करने से भक्तों से सभी कष्ट दूर हो जाते हैं. हनुमान जयंती के दिन मंगलवार पड़ रहा है. ये दिन हनुमानजी को समर्पित होता है. इसलिए इसकी महत्वता और बढ़ गई है.

इस दिन भक्त हनुमान जी की विधि विधान से पूजा करते हैं. वहीं कुछ लोग व्रत रखते हैं. इस बार हनुमान जयंती पर शुभ योग बन रहा है. हनुमान जयंती पर सिद्धि और व्यातीपात नामक दो योग बन रहे हैं. सिद्धि योग में की गई पूजा फलीभूत होती है. सिद्धि योग शाम 8 बजकर 3 मिनट तक रहेगा. इस योग में पूजा करने से घर में सुख- समृद्धि आती है.

पूजा शुभ मुहूर्त

पूर्णिमा तिथि आरंभ – 26 अप्रैल 2021 की दोपहर 12 बजकर 44 मिनट से
पूर्णिमा तिथि समापन – 27 अप्रैल 2021 की रात 9 बजकर 01 मिनट तक रहेगा.

पूजा विधि

हनुमान जयंती के दिन सुंदरकांड का पाठ कराने से शुभ होता है. जो लोग सुंदरकांड का पाठ कराते हैं उनके जीवन में कोई परेशानी नहीं होती हैं. इस पाठ को कराने से भगवान राम का आशीर्वाद मिलता है. अगर आप पाठ नहीं करा सकते हैं तो सुने जरूर. इसेस भी लाभ मिलता है. इस खास दिन पर भक्त गरीबों को खाना खिलाते हैं. साथ ही दान- पुण्य करने का विशेष महत्व है.

इस दिन का महत्व

भगवान शिव के 11वें अवतार हनुमान जी हैं. हनुमान जी को अलग- अलग से नाम जाना जाता है. इस दिन भगवान हनुमान का जन्म हुआ था. हनुमान जी आपके सभी कष्टों को दूर करते हैं इसलिए उन्हें संकंटमोचन के नाम से जाना जाता है.

इस मंत्रों का करें जाप

हनुमान जयंती के दिन हनुमान मंदिर में संकंटमोचन को लाल चोला चढ़ाना चाहिए. इसके बाद घी या तेल का दीप प्रजवलित कर हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए. इसके बाद 11 बार हनुमान मंत्रों का जाप करना चाहिए.

ऊं हनुमते नमः

ऊं अंजनेयाय विद्महे वायुपुत्राय धीमहि। तन्नो हनुमत प्रचोदयात्

ऊं ऐं भीम हनुमते श्री राम दोत्याय नमः

ऊं दैत्यनुमुखाय पंचमुख हनुमते करलाबलदाय

मंगल भवन अमंगलहारी द्रवहु सो दशरथ अजिर विहारी

06/01/2021

हे राम भक्त हनुमान तुझे,
मैंने तो अब पहचान लिया,
तुम दुष्ट संहारक हो तेरा,
भक्तों ने सहारा मान लिया।।



सुग्रीव बाली से डरकर जब,
उस निर्जन गिरी पर रोता था,
तब तू ही तो धीरज देकर ही,
उसके दुखड़ो को हरता था,
फिर राम से उसे मिलाया और,
सुग्रीव को अभय प्रदान किया,
हे राम भक्त हनुमान तुम्हे,
मैंने तो अब पहचान लिया।।

जब रावण ने मुनि वेश बना,
माता सिता को हर डाला,
हनुमत ने लंक जलाकर के,
माता का संशय हर डाला,
फिर चूड़ामणि लाए माँ की,
प्रभु मन को भी विश्राम दिया,
हे राम भक्त हनुमान तुम्हे,
मैंने तो अब पहचान लिया।।

जब शक्ति लगी लक्ष्मणजी को,
तब तू ही बूटी लाया था,
बूटी रूपी ओषध से फिर,
लक्ष्मण का प्राण बचाया था,
तब राम ने कहा पवनसुत से,
तूने तो ऋणी ही बना डाला,
हे राम भक्त हनुमान तुम्हे,
मैंने तो अब पहचान लिया।।

लंका में था जब युद्ध मचा,
रावण ने तुझे ललकारा था,
तब राम नाम लेकर तूने,
रावण के मुक्का मारा था,
रावण मुर्छित हो जागा तब,
बोला कपिबल ने कमाल किया,
हे राम भक्त हनुमान तुम्हे,
मैंने तो अब पहचान लिया।।

हे राम भक्त हनुमान तुझे,
मैंने तो अब पहचान लिया,
तुम दुष्ट संहारक हो तेरा,
भक्तों ने सहारा मान लिया।।

हनुमान (संस्कृत: हनुमान्, आंजनेय और मारुति भी) परमेश्वर की भक्ति (हिंदू धर्म में भगवान की भक्ति) की सबसे लोकप्रिय अवधारण...
09/04/2020

हनुमान (संस्कृत: हनुमान्, आंजनेय और मारुति भी) परमेश्वर की भक्ति (हिंदू धर्म में भगवान की भक्ति) की सबसे लोकप्रिय अवधारणाओं और भारतीय महाकाव्य रामायण में सबसे महत्वपूर्ण व्यक्तियों में प्रधान हैं। वह कुछ विचारों के अनुसार भगवान शिवजी के ११वें रुद्रावतार, सबसे बलवान और बुद्धिमान माने जाते हैं। रामायण के अनुसार वे जानकी के अत्यधिक प्रिय हैं। इस धरा पर जिन सात मनीषियों को अमरत्व का वरदान प्राप्त है, उनमें बजरंगबली भी हैं। हनुमान जी का अवतार भगवान राम की सहायता के लिये हुआ। हनुमान जी के पराक्रम की असंख्य गाथाएं प्रचलित हैं। इन्होंने जिस तरह से राम के साथ सुग्रीव की मैत्री कराई और फिर वानरों की मदद से राक्षसों का मर्दन किया, वह अत्यन्त प्रसिद्ध है।
ज्योतिषीयों के सटीक गणना के अनुसार हनुमान जी का जन्म 58 हजार 112 वर्ष पहले तथा लोकमान्यता के अनुसार त्रेतायुग के अंतिम चरण में चैत्र पूर्णिमा को मंगलवार के दिन चित्रा नक्षत्र व मेष लग्न के योग में सुबह 6.03 बजे भारत देश में आज के झारखंड राज्य के गुमला जिले के आंजन नाम के छोटे से पहाड़ी गाँव के एक गुफा में हुआ था।
इन्हें बजरंगबली के रूप में जाना जाता है क्योंकि इनका शरीर एक वज्र की तरह था। वे पवन-पुत्र के रूप में जाने जाते हैं। वायु अथवा पवन (हवा के देवता) ने हनुमान को पालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
मारुत (संस्कृत: मरुत्) का अर्थ हवा है। नंदन का अर्थ बेटा है। हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार हनुमान "मारुति" अर्थात "मारुत-नंदन" (हवा का बेटा) हैं।

नामकरण
इन्द्र के वज्र से हनुमानजी की ठुड्डी (संस्कृत में हनु) टूट गई थी। इसलिये उनको हनुमान का नाम दिया गया। इसके अलावा ये अनेक नामों से प्रसिद्ध है जैसे बजरंग बली, मारुति, अंजनि सुत, पवनपुत्र, संकटमोचन, केसरीनन्दन, महावीर, कपीश, शंकर सुवन आदि।
हनुमान जी का रुप
हिँदू महाकाव्य रामायण के अनुसार, हनुमान जी को वानर के मुख वाले अत्यंत बलिष्ठ पुरुष के रूप में दिखाया जाता है। इनका शरीर अत्यंत मांसल एवं बलशाली है। उनके कंधे पर जनेऊ लटका रहता है। हनुमान जी को मात्र एक लंगोट पहने अनावृत शरीर के साथ दिखाया जाता है। वह मस्तक पर स्वर्ण मुकुट एवं शरीर पर स्वर्ण आभुषण पहने दिखाए जाते है। उनकी वानर के समान लंबी पूँछ है। उनका मुख्य अस्त्र गदा माना जाता है।

20/04/2019

ज्योतिषीयों के सटीक गणना के अनुसार हनुमान जी का जन्म 58 हजार 112 वर्ष पहले तथा लोकमान्यता के अनुसार त्रेतायुग के अंतिम चरण में चैत्र पूर्णिमा को मंगलवार के दिन चित्रा नक्षत्र व मेष लग्न के योग में सुबह 6.03 बजे भारत देश में आज के झारखंड राज्य के गुमला जिले के आंजन नाम के छोटे से पहाड़ी गाँव के एक गुफा में हुआ था।

06/08/2016

महाबली बजरंग के इन नामों का उच्चारण करने से आपकी कई वर्षों से चली आ रही परेशानियां पल भर में छूमंतर हो जाएंगी. आइए अब जानते हैं कि संकटमोचन हनुमान के नामों का किन समस्‍याओं में कब और कैसे स्मरण करना चाहिए...
दीर्घायु पाने के लिए
रोजाना सुबह सोकर उठने के साथ ही बिस्तर पर बैठे-बैठे इन बारह नामों को ग्यारह बार बिना रूके उच्‍चारण करने से आप दीर्घायु होंगे. इसके अलावा आपके ऊपर आने वाली शारीरिक समस्याओं का भी निदान होगा.

धनवान बने रहने के लिए
हनुमान के इन नामों की महिमा वैसे तो अनंत है, लेकिन दोपहर के समय अपने ऑफिस, घर या दुकान में बैठकर भी इन बारह नामों का स्मरण करने वाले भक्त के जीवन में पैसे की कोई कमी नहीं रहती. इसके अलावा रूका हुआ धन वापस मिलता है और हनुमान के ये बारह नाम कर्ज से भी मुक्ति दिलाते हैं.

खत्‍म कर देते हैं गृह क्‍लेश
चाहे स्त्री हो या पुरूष यदि उसके जीवन में पारिवारिक क्लेश रहता है. ऐसे लोग यदि महावीर के इन बारह नामों का जाप संध्याकाल में करते हैं तो उनके परिवार में सुख शांति बनी रहती है.

भय और शत्रु से करते हैं रक्षा
यदि आपके जीवन में ज्ञात-अज्ञात भय बना रहता है या आपके शत्रु आप पर हावी हो रहे हैं तो ऐसे में आपके लिए संजीवनी बूटी का काम करेंगे हनुमान जी के ये बारह नाम. ऐसे लोगों को रात को सोने से पहले इन बारह नामों का जाप करना चाहिए. हनुमान के इन बारह नामों का नियमित रूप से जाप करने से उनकी कृपा आपके ऊपर रूप विशेष से बनी रहती है.

हनुमान जी की उपासना अत्यंत प्रभावशाली क्यों मानी जाती है?
- हनुमान जी कलयुग के सबसे प्रभावशाली देव माने जाते हैं.
- माना जाता है कि हनुमान जी चिरंजीवी हैं और आज भी जीवित हैं.
- अपनी अद्भुत और कठोर भक्ति के कारण इनको अष्टसिद्धि और नवनिधि का वरदान मिला है.
- इसी वरदान और अपने ईष्ट श्रीराम की कृपा के कारण हनुमान जी अपने भक्तों के कष्ट हरने में सक्षम हैं.
- इनकी उपासना तुरंत फलदायी होती है और हर तरह के संकट का नाश करती है.
- हनुमान जी की उपासना में एक तरीका इनके द्वादश (बारह) नाम के पाठ का भी है.

कैसे करें इन 12 नामों का प्रयोग और इनके लाभ क्या हैं?
- प्रातकाल, रात्रि में सोने के पूर्व, किसी नए कार्य के आरम्भ के पूर्व या यात्रा के पूर्व इन नामों का प्रयोग करें.
- पीले कागज पर लाल रंग से लिखकर इन नामों को घर के मुख्य द्वार और पूजा स्थान पर भी लगा सकते हैं.
- भोजपत्र पर अष्टगंध से लिखकर इसे लॉकेट की तरह गले में धारण कर सकते हैं.
- इन नामों का प्रयोग करने से व्यक्ति की दसों दिशाओं और आकाश पाताल से रक्षा होती है.
- प्रातःकाल ये नाम लेने से व्यक्ति दीर्घायु होता है.
- दोपहर को ये नाम लेने से धनवान होता है.
- रात्रि को ये नाम लेने से विरोधी परास्त होते हैं और शत्रु शांत होते हैं.
- मनोकामना पूरी करने के लिए इन बारह नामों का नित्य प्रात नौ बार जाप करना चाहिए.

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