17/05/2026
पंचमुखी हनुमान भगवान हनुमान जी का एक अत्यंत शक्तिशाली और दिव्य रूप माना जाता है। इस स्वरूप में हनुमान जी के पाँच मुख होते हैं – वानर मुख, नरसिंह मुख, गरुड़ मुख, वराह मुख और हयग्रीव मुख। प्रत्येक मुख विशेष शक्ति और रक्षा का प्रतीक है।
मान्यता है कि पंचमुखी हनुमान जी ने अहिरावण का वध करने के लिए यह रूप धारण किया था। इस रूप में वे चारों दिशाओं और आकाश की ओर एक साथ दृष्टि रखते हैं, जिससे भक्तों की हर प्रकार की बाधा, भय और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा होती है।
पंचमुखी हनुमान जी की पूजा से साहस, आत्मविश्वास, सफलता और शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है। विशेष रूप से मंगलवार और शनिवार को उनकी आराधना करने का महत्व बताया गया है। भक्त “हनुमान चालीसा” और “पंचमुखी हनुमान कवच” का पाठ करके जीवन में सुख, शांति और सुरक्षा की कामना करते हैं।