माँ कामाख्या धाम करहिया, गाजीपुर उत्तर प्रदेश 232339

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माँ कामाख्या धाम करहिया, गाजीपुर उत्तर प्रदेश 232339 vijay shanker singh karahiya -9889307067 Piyush upadhyay Karahiya-7309273032
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MA KAMAKHYA KARAHIYA is situated about 35 km south east of ghazipur city and 93 km east of varanasi city near ganga river in ghazipur district in the state of uttar pradesh,India,which was established by king of sikarwar rajputs maharaj dhamdev singh.Maa kamakhya devi is kuldevi of sikarwar vansh of Rajput caste.In navratras a large number of people come here to worship and get blessings of the go

ddess. In the compound of Temple there are many shops of ambrosia(Prasad) and general merchandise, One big sacred pond,One Forest Park/Garden,One big Rest hall & room/Office,few shop for refreshment.

एक बार की बात है नारद जी विष्णु भगवानजी से मिलने गए। भगवान ने उनका बहुत सम्मान किया। जब नारद जी वापिस गए तो विष्णुजी ने ...
03/01/2026

एक बार की बात है नारद जी विष्णु भगवानजी से मिलने गए। भगवान ने उनका बहुत सम्मान किया। जब नारद जी वापिस गए तो विष्णुजी ने कहा हे लक्ष्मी जिस स्थान पर नारद जी बैठे थे। उस स्थान को गाय के गोबर से लीप दो।

जब विष्णुजी यह बात कह रहे थे तब नारदजी बाहर ही खड़े थे। उन्होंने सब सुन लिया और वापिस आ गए और विष्णु भगवान जी से पुछा हे भगवान जब मै आया तो आपने मेरा खूब सम्मान किया पर जब मै जा रहा था, तो आपने लक्ष्मी जी से यह क्यों कहा कि जिस स्थान पर नारद बैठा था उस स्थान को गोबर से लीप दो।

भगवान ने कहा हे नारद मैंने आपका सम्मान इसलिए किया क्योंकि आप देव ऋषि है और मैंने देवी लक्ष्मी से ऐसा इसलिए कहा क्योंकि आपका कोई गुरु नहीं है।
आप निगुरे है। जिस स्थान पर कोई निगुरा बैठ जाता है वो स्थान गन्दा हो जाता है।

यह सुनकर नारद जी ने कहा हे भगवान आपकी बात सत्य है पर मै गुरु किसे बनाऊ?
नारायण बोले: हे नारद !धरती पर चले जाओ जो व्यक्ति सबसे पहिले मिले उसे अपना गुरु मानलो।

नारद जी ने प्रणाम किया और चले गए। जब नारद जी धरती पर आये तो उन्हें सबसे पहले एक मछली पकड़ने वाला एक मछुवारा मिला। नारद जी वापिस नारायण के पास चले गए और कहा महाराज वो मछुवारा तो कुछ भी नहीं जानता मै उसे गुरु कैसे मान सकता हूँ?

यह सुनकर भगवान ने कहा नारद जी अपना प्रण पूरा करो। नारद जी वापिस आये और उस मछुवारे से कहा मेरे गुरु बन जाओ। पहले तो मछुवारा नहीं माना बाद में बहुत मनाने से मान गया। मछुवारे को राजी करने के बाद नारद जी लौट कर भगवान के पास गए और कहा हे भगवान। मेरे गुरूजी को तो कुछ भी नहीं आता वे मुझे क्या सिखायेगे?

यह सुनकर विष्णु जी को क्रोध आ गया और उन्होंने कहा: हे नारद गुरु निंदा करते हो जाओ मै आपको श्राप देता हूँ कि आपको ८४ लाख योनियों में घूमना पड़ेगा।

यह सुनकर नारद जी ने दोनों हाथ जोड़कर कहा हे भगवान। इस श्राप से बचने का उपाय भी बता दीजिये। भगवान नारायण ने कहा इसका उपाय जाकर अपने गुरुदेव से पूछो। नारद जी ने सारी बात जाकर गुरुदेव को बताई। गुरूजी ने कहा ऐसा करना भगवान से कहना ८४ लाख योनियों की तस्वीरे धरती पर बना दे फिर उस पर लेट कर गोल घूम लेना और विष्णु जी से कहना ८४ लाख योनियों में घूम आया मुझे छमा कर दीजिए आगे से गुरु निंदा नहीं करूँगा।

नारद जी ने विष्णु जी के पास जाकर ऐसा ही किया उनसे कहा ८४ लाख योनिया धरती पर बना दो और फिर उन पर लेट कर घूम लिए और कहा नारायण मुझे छमा कर दीजिए आगे से कभी गुरु निंदा नहीं करूँगा। यह सुनकर विष्णु जी ने कहा देखा जिस गुरु की निंदा कर रहे थे उसी ने मेरे श्राप से बचा लिया। नारदजी गुरु की महिमा अपरम्पार है।

गुरु गूंगे गुरु बाबरे, गुरु के रहिये दास,
गुरु जो भेजे नरक को, स्वर्ग कि रखिये आस !

गुरु चाहे गूंगा हो, चाहे गुरु बावरा हो गुरु के हमेशा दास रहना चाहिए। गुरु यदि नरक को भेजे तब भी शिष्य को यह इच्छा रखनी चाहिए कि मुझे स्वर्ग प्राप्त होगा, अर्थात इसमें मेरा कल्याण ही होगा! यदि शिष्य को गुरु पर पूर्ण विश्वास हो तो उसका बुरा स्वयं गुरु भी नहीं कर सकते।

यह प्रसंग पंडित श्री धन्ने भगत ने एक साधारण पत्थर देकर कहा इसे भोग लगाया करो एक दिन भगवान कृष्ण दर्शन देंगे। उस धन्ने भक्त के विश्वास से एक दिन उस पत्थर से भगवान प्रकट हो गए। फिर गुरु पर तो वचन विश्वास रखने वाले का उद्धार निश्चित है।

आज मार्गशीर्ष माह कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि नक्षत्र स्वामी श्राद्ध की अमावस्या दिन बुधवार तारीख 19 नवंबर 2025 को मां क...
19/11/2025

आज मार्गशीर्ष माह कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि
नक्षत्र स्वामी
श्राद्ध की अमावस्या
दिन बुधवार तारीख 19 नवंबर 2025 को मां कामाख्या देवी का मंगला श्रृंगार आरती दर्शन कर रहे हैं मां कामाख्या धाम करहिया गाज़ीपुर उत्तर प्रदेश

आज मार्गशीर्ष माह कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 5:58 तक नक्षत्र स्वाति दिन-रात मासशिवरात्रि व्रत दिन मंगलवार दिनांक 18 नवं...
18/11/2025

आज मार्गशीर्ष माह कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 5:58 तक
नक्षत्र स्वाति दिन-रात मासशिवरात्रि व्रत
दिन मंगलवार दिनांक 18 नवंबर 2025 को मां कामाख्या देवी का मंगला श्रृंगार आरती दर्शन कर रहे हैं 👏👏👏👏

आज मार्गशीर्ष माह कृष्ण पक्ष की उत्पन्ना एकादशी व्रत तिथि सबके लिए नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी दिन शनिवार तारीख 15 नवंबर 202...
15/11/2025

आज मार्गशीर्ष माह कृष्ण पक्ष की उत्पन्ना एकादशी व्रत तिथि सबके लिए
नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी
दिन शनिवार तारीख 15 नवंबर 2025 को मां कामाख्या देवी का मंगला श्रृंगार आरती दर्शन कर रहे हैं माँ कामाख्या धाम करहिया गाज़ीपुर उत्तर प्रदेश

आज मार्गशीर्ष माह कृष्ण पक्ष द्वितीया तिथि नक्षत्र कृतिका प्रातः6, 52 तक उसके बाद रोहिणी नक्षत्र दिन शुक्रवार तारीख 7 नव...
07/11/2025

आज मार्गशीर्ष माह कृष्ण पक्ष द्वितीया तिथि
नक्षत्र कृतिका प्रातः6, 52 तक उसके बाद रोहिणी नक्षत्र
दिन शुक्रवार तारीख 7 नवंबर 2025 को मां कामाख्या देवी का मंगला श्रृंगार आरती दर्शन कर रहे हैं माँ कामाख्या धाम करहिया गाज़ीपुर उत्तर प्रदेश 232339

आज कार्तिक माह शुक्ल पक्ष की प्रबोधिनी एव देव उठनी एकादशी व्रत तिथि सबके लिए नक्षत्र  शतभिषा श्याम जागरण तुलसी विवाह दिन...
01/11/2025

आज कार्तिक माह शुक्ल पक्ष की प्रबोधिनी एव देव उठनी एकादशी व्रत तिथि सबके लिए
नक्षत्र शतभिषा
श्याम जागरण
तुलसी विवाह
दिन शनिवार तारीख 1 नवंबर 2025 को मां कामाख्या देवी का मंगला श्रृंगार आरती दर्शन कर रहे हैं.. माँ कामाख्या धाम करहिया गाज़ीपुर उत्तर प्रदेश 232339
पंचक चल रहा है

आज कार्तिक माह शुक्ल पक्ष की सप्तमी - 09:23 तक, अष्टमी है, तिथि  दिन , बुधवार  29/10/2025 🙏को मां कामाख्या देवी का मंगला...
29/10/2025

आज कार्तिक माह शुक्ल पक्ष की सप्तमी - 09:23 तक, अष्टमी है, तिथि दिन , बुधवार 29/10/2025 🙏को मां कामाख्या देवी का मंगला श्रृंगार आरती दर्शन कर रहे हैं 🙏 🙏🙏🙏

आज कार्तिक माह शुक्ल पक्ष तिथि सप्तमी दिन मंगलवार दिनांक 28.10.2025 को भगवती मां कामाख्या देवी जी का दर्शन कर रहे हैं👏👏👏...
28/10/2025

आज कार्तिक माह शुक्ल पक्ष तिथि सप्तमी दिन मंगलवार दिनांक 28.10.2025 को भगवती मां कामाख्या देवी जी का दर्शन कर रहे हैं👏👏👏👏

*💥"दस रुपये के बदले,3 लाख"💥**सेठ ने अभी दुकान खोली ही थी कि एक औरत आई और बोली:- "सेठ जी ये अपने दस रुपये लो"..।👍🙏**😳सेठ ...
11/10/2025

*💥"दस रुपये के बदले,3 लाख"💥*

*सेठ ने अभी दुकान खोली ही थी कि एक औरत आई और बोली:- "सेठ जी ये अपने दस रुपये लो"..।👍🙏*

*😳सेठ उस गरीब सी औरत को प्रश्नवाचक नजरों से देखने लगा, जैसे पूछ रहा हो कि मैंने कब तुम्हे दस रुपये दिये ?😳*

*औरत बोली :- कल शाम को मै सामान ले गई थी , तब आपको सौ रुपये दिये थे। 70 रुपये का सामान खरीदा था। आपने 30 रुपये की जगह मुझे 40 रुपये वापस दे दिये। "सेठ ने दस रुपये को माथे से लगाया, फिर गल्ले मे डालते हुए बोला :- एक बात बयाइये बहन जी? आप सामान खरीदते समय कितने मौल भाव कर रही थी। पांच रुपये कम करवाने के लिए आपने कितनी बहस की थी,और अब ये दस रुपये लौटाने चली आई? 🤔औरत बोली :-"पैसे कम करवाना मेरा हक है"। मगर एक बार मौल भाव होने के बाद, "उस चीज के कम पैसा देना पाप है।"*

*सेठ बोला :-लेकिन, आपने कम पैसे कहाँ दिये? आपने पूरे पैसे दिये थे,ये दस रुपया तो मेरी गलती से आपके पास चला गया। रख लेती, तो मुझे कोई फर्क नही पड़ने वाला था। औरत बोली :- आपको कोई फर्क नही पड़ता ? मगर मेरे मन पर हमेशा ये बोझ रहता ? कि:- मैंने जानते हुए भी,आपके पैसे खाये। इसलिए मै रात को ही,आपके पैसे वापस देने आई थी l मगर उस समय आपकी दुकान बन्द थी।😳 सेठ ने महिला को आश्चर्य से देखते हुए पूछा :- "आप कहाँ रहती हो"..? वह बोली ;- "सेक्टर आठ मे रहती हूँ".। सेठ का मुँह खुला रह गया ...?🤔 बोला :- "आप 7 किलोमीटर दूर से",ये दस रुपये देने,"दूसरी बार आई हो"..?😳 औरत सहज भाव से बोली :- "हाँ दूसरी बार आई हूँ"। मन का सुकून चाहिए,तो -"ऐसा करना पड़ता है"। मेरे पति इस दुनिया मे नही है l मगर उन्होंने मुझे एक ही,बात सिखाई है l कि:- "दूसरे के हक का एक पैसा भी,मत खाना"। क्योंकि :- "इंसान चुप रह सकता hai...? मगर - "ऊपर वाला कभी भी,हिसाब मांग सकता है ? और... "उस हिसाब की सजा मेरे बच्चों को भी मिल सकती है"। इतना कह कर वह औरत चली गई।*

*सेठ ने तुरंत गल्ले से तीन सौ रुपये निकाले और स्कूटी पर बैठता हुआ अपने नौकर से बोला, :- तुम दुकान का ख्याल रखना,मै अभी आता हूँ। सेठ बाजार मे ही,एक दुकान पर पहुंचा। फिर उस दुकान वाले को तीन सौ रुपये देते हुए बोला :- ये अपने तीन सौ रुपये लीजिए प्रकाश जी। कल जब आप सामान लेने आये थे,तब हिसाब मे ज्यादा जुड़ गए थे।😳प्रकाश हँसते हुए बोला :- "पैसे हिसाब मे ज्यादा जुड़ गए थे,तो आप तब दे देते "? "जब मै दुबारा दुकान पर आता"...। इतनी सुबह सुबह आप तीन सौ रुपये देने चले आये।*😳🤔
*😳सेठ बोला, :- जब आप दुबारा आते ? "तब तक मै मर जाता तब"..?? आपके मुझमे तीन सौ रुपये निकलते है,ये आपको तो पता ही,नही था, न..? इसलिए देना जरूरी था। पता नही ...? "ऊपर वाला कब हिसाब मांगने लग जाए"...? 😳🤔 और... "उस हिसाब की सजा मेरे बच्चों को भी, मिल सकती है"...।*😳
*😳सेठ तो चला गया..? मगर प्रकाश के दिल मे खलबली मच गई। क्योंकि दस साल पहले उसने अपने एक दोस्त से "तीन लाख रुपये"उधार लिए थे। मगर पैसे देने के दूसरे ही दिन,"दोस्त मर गया था"।*😳🤫🤔

*😳दोस्त के घर वालों को पैसों के बारे मे पता नही था। इसलीए किसी ने उससे पैसे वापस नही मांगे थे। प्रकाश के दिल मे लालच आ गया था। इसलिए खुद पहल करके पैसे देने वह नही गया। आज दोस्त का परिवार गरीबी मे जी रहा था। दोस्त की पत्नी लोगों के घरों मे झाडू पौंछा करके बच्चों को पाल रही थी। फिर भी, प्रकाश उनके पैसे हजम किये बैठा था। सेठ का ये वाक्य " पता नही ...? "कब ऊपर वाला हिसाब मांगने बैठ जाए"...? और ...."उस हिसाब की सजा मेरे बच्चों को भी,मिल सकती है"....l "प्रकाश को डरा रहा था"...।*
*प्रकाश दो तीन दिन तक टेंशन में रहा। आखिर मे उसका जमीर जाग गया। उसने बैंक से 3 लाख रुपये निकाले और पैसे लेकर दोस्त के घर पहुँच गया। दोस्त की पत्नी घर पर ही थी। वह अपने बच्चो के पास बैठी बतिया रही थी, कि प्रकाश जाकर उसके पैरों मे गिर गया। एक एक रुपये के लिए संघर्ष कर रही,उस"विधवा औरत"के लिए 3 लाख रुपये बहुत बड़ी रकम थी। पैसे देखकर उसकी आँखों मे आँसू आ गए। वह प्रकाश को"दुआएं"देने लगी,जो उसने ईमानदारी दिखाते हुए,पैसे लौटा दिये।👌👍*

*"ये वही औरत थी"....,"जो" "सेठ को दस रुपये लौटाने,दो बार गई थी"...।*😳

*अपनी "मेहनत" और "ईमानदारी"का खाने वालो की ईश्वर"परीक्षा"जरूर लेता है l मगर कभी भी,उन्हे अकेला नही छोड़ता। एक दिन जरूर सुनता है। "ऊपर वाले पर भरोसा रखिये"।*👌
*🙏धन्यवाद l🙏*

आज आश्विन माह शुक्ल पक्ष की स्नान दान की पूर्णिमा तिथि महर्षि वाल्मीकि, पराशर व मीराबाई जयंती दिन मंगलवार तारीख 7 अक्टूब...
07/10/2025

आज आश्विन माह शुक्ल पक्ष की स्नान दान की पूर्णिमा तिथि
महर्षि वाल्मीकि, पराशर व मीराबाई जयंती
दिन मंगलवार तारीख 7 अक्टूबर 2025 को मां कामाख्या देवी का मंगला श्रृंगार आरती दर्शन कर रहे हैं मां कामाख्या धाम करहिया गाज़ीपुर उत्तर प्रदेश
पंचक समाप्ति रात 3:31 पर

आज अश्विन माह शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि नक्षत्र शतभिषा प्रातः 6:39 तक तदुपरांत पूर्वाभाद्रपद दिन रविवार दिनांक 5 अक्टू...
05/10/2025

आज अश्विन माह शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि
नक्षत्र शतभिषा प्रातः 6:39 तक तदुपरांत पूर्वाभाद्रपद
दिन रविवार दिनांक 5 अक्टूबर 2025 को मां कामाख्या देवी का मंगला श्रृंगार आरती दर्शन कर रहे हैं 👏👏👏👏

आज अश्विन माह शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि नवमी दिन में 2:31 तक नक्षत्र उत्तराखंड दिन रात महानवमी दुर्गा नवमी सिद्धिदात्री दे...
01/10/2025

आज अश्विन माह शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि
नवमी दिन में 2:31 तक
नक्षत्र उत्तराखंड दिन रात महानवमी
दुर्गा नवमी
सिद्धिदात्री देवी दर्शन
दिन बुधवार तारीख 1 अक्टूबर 2025 को मां कामाख्या देवी का मंगला श्रृंगार आरती दर्शन कर रहे हैं

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