माँ, पिता और बुजुर्गो की सेवा और सम्मान हमारी परम्परा रही है। सभी धर्मग्रन्थ,संत एवं गुरुजन भी बुजुर्गो की सेवा को परमात्मा की सेवा तुल्य बताते हैं। बदलते परिवेश मे कुछ ऐसे भी लोग हैं जो भटक जाते हैं। अपने माता पिता और बुजुर्गो को असहाय छोड़ देते हैं। जीवन के अंतिम पड़ाव में ऐसे बुजुर्गों को मानसिक और शारीरिक यातनाएं भोगनी पड़ती है। यह बहुत ही दारुण स्थिति होती है। दुर्भाग्यवश बिहार मे भी ऐसे मामले ब
ढ़ रहे हैं। जरुरी नहीं कि छोड़े हुए बुजुर्ग की स्थिति आर्थिक रूप से असहाय ही हो। कई बार बच्चे अपने पारिवारिक व अन्य दबावों के चलते माता पिता को साथ नहीं रखना चाहते। ऐसे वृद्ध तिल-तिल कर जीते हैं हम उन्हें जीवित भगवान मानते हैं।
हमारी संस्था लिविंग गॉड फाउंडेशन ( LIVING GOD FOUNDATION ) इसी तरह के असहाय बुजुर्गो के लिए "वृधा सेवा धाम "का निर्माण कर रही है। जहाँ ऐसे बुजुर्गो की सेवा जीवनपर्यन्त निःशुल्क की जाएगी। रहने,खाने-पीने से लेकर उनकी चिकित्सा का भी उच्च स्तरीय प्रबंध होगा। अंतिम संस्कार को भी संस्था निष्ठापूर्वक निभाएगी।
आपसे संस्था से जुड़ने और सहयोग की अपील की जा रही है। यह धन और सामग्री के रूप मे हो सकती है। आप अपना समय भी सेवा मे दे सकते है। आपकी दया और प्रेम इन बुजुर्गो का सहारा बनेगी। इन शरीर धारी आत्माओ के आशीर्वाद के साथ ही परमात्मा के कृपा की वर्षा आप पर होगी।
हमारा 600 बिस्तरों वाला वृधा आश्रम "वृधा सेवा धाम "बिहार राज्य के समस्तीपुर जिला के साखमोहन में होगा। जिसमे निम्न सुविधाएँ होगी।
हॉस्पिटल:एम्बुलेंस सेवा,10 बिस्तरों वाली ICU सेवा जिसमें 24 घंटे प्राथमिक चिकित्सा, ओ पी डी, पैथोलोजी, सर्जरी सहित आयुर्वेदिक, होम्योपैथी तथा प्राकृतिक चिकित्सा की सुविधा ।
आश्रम मे गौशाला, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, निर्वाद्य विद्युत् आपूर्ति के लिए अपना ट्रांसफार्मर, जेनेरेटर, सोलर इनर्जी एवं बायोगैस प्लांट होगा।
पुस्तकालय, ध्यान कक्ष, फूलों का बगीचा, मनोरंजन की सुविधाओं सहित वह सब उपलब्ध कराने का प्रयास होगा जो बुज़ुर्गो के लिए आवश्यk ho