17/01/2026
"त्वं काली त्वं च तारा त्वमसि गिरिसुता सुन्दरी भैरवी त्वं
त्वं दुर्गा छिन्नमस्ता त्वमसि च भुवना त्वं लक्ष्मीः शिवा त्वम्।
धूमा मातङ्गिनी त्वं त्वमसि च बगला मङ्गलादिस्तवाख्या
क्षन्तव्यो मेऽपराधः प्रकटितवदने कामरूपे कराले॥
हे माता कालि! काली, तारा, पार्वती, सुंदरी, भैरवी, दुर्गा, छिन्नमस्ता,भुवनेश्वरी, कमलात्मिका (लक्ष्मी), शिवा, धूमा, मातंगी,कमला और मंगला आदि के नामों से आप विख्यात हैं। इस प्रकार की हे माता! आप मेरे सम्पूर्ण अपराधों को क्षमा प्रदान करें ॥
*मंगलम् सुप्रभात*
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