11/10/2025
🚩 जय श्रीराम आप सभी भक्तगण को 🚩
हमारे भारत देश में कभी जाति की पूजा नहीं हुई, बल्कि गुण और ज्ञान की पूजा हुई है — और इसके सैकड़ों उदाहरण हमारे इतिहास में मिलते हैं।
महर्षि वाल्मीकि जी ने अपने स्वभाव को बदला — एक डकैत से भगवान के महान भक्त बने और रामायण जैसी अमर रचना की।
आदिवासी माता शबरी के जूठे बेर प्रभु श्रीराम ने प्रेमपूर्वक स्वीकार किए।
निषादराज को भगवान श्रीराम ने गले लगाया।
भगवान श्रीकृष्ण ने यादवों के घर में जूठा माखन खाया और दासीपुत्र विदुर के घर जाकर केले के छिलके तक प्रेम से खा लिए।
चंद्रगुप्त मौर्य ने अपने गुण और परिश्रम से सामान्य जाति और गरीब परिवार में जन्म लेने के बावजूद अखंड भारत का निर्माण किया।
संत रैदास जी ने अपने भक्ति और ज्ञान से समस्त समाज को मार्गदर्शन दिया।
वर्तमान समय में माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी भी इसका उदाहरण हैं — जिन्होंने एक सामान्य परिवार में जन्म लेकर आज न केवल भारत, बल्कि पूरे विश्व में एक श्रेष्ठ नेता के रूप में अपनी पहचान बनाई है।
भारत के प्रत्येक वर्ग और जाति के लोग उन्हें सम्मान और प्रेम इसलिए करते हैं, क्योंकि उनके भीतर विनम्रता और ज्ञान दोनों का संगम है।
यदि हमें भी महान बनना है, तो पहले अपने दुर्गुणों को दूर कर विनम्रता और ज्ञान को अपने जीवन में अपनाना होगा। तभी हम सबके प्रिय बन सकते हैं और इतिहास में अपना नाम अंकित करा सकते हैं।
इन सब प्रेरणादायक बातों पर विस्तृत चर्चा के लिए आप सभी से आग्रह है कि
📿 प्रत्येक रविवार को गोलपत्थर मंदिर, गयाजी (बिहार) में आयोजित #सामूहिक_हनुमान_चालीसा_पाठ में प्रातः 08:45 में
#सनातनी_वेश_सर्वश्रेष्ठ में #सपरिवार अवश्य पधारें,
और अपने संगठित सनातनी स्वरूप का परिचय दें।
🙏 इस संदेश को अधिक से अधिक प्रचारित और प्रसारित करें ताकि सनातनी एकता का यह दीप और अधिक प्रखर हो सके।
🚩 जय श्रीराम 🚩