Times Of Divine

Times Of Divine जीव हमारी जाति है ,मानव धर्म हमारा।
हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई धर्म नही कोई न्यारा।।

देश 🌐 में सबसे ज्यादा पढ़ी जाने वाली आध्यात्मिक सामाजिक पुस्तक ɢʏᴀɴ ɢᴀɴɢᴀ 📖 जिसमें सभी धर्म 🕉️☪️✝️🛐शास्त्रों का अद्भुत ज...
29/03/2024

देश 🌐 में सबसे ज्यादा पढ़ी जाने वाली आध्यात्मिक सामाजिक पुस्तक ɢʏᴀɴ ɢᴀɴɢᴀ 📖 जिसमें सभी धर्म 🕉️☪️✝️🛐शास्त्रों का अद्भुत ज्ञान है तथा सुखी जीवन जीने की सरल व सुगम राह भी है।😇

• इस पुस्तक को पढ़ने मात्र से सारी बुराइयां छूट जाती है।।

👆🏻तो अभी ऑर्डर करें ये पुस्तक ɢʏᴀɴ ɢᴀɴɢᴀ जिसमें सद्ग्रंथो का सार है 📚 बिलकुल ᖴᖇEE।📱

✍️लेखक: ᴊᴀɢᴀᴛɢᴜʀᴜ ʀᴀᴍᴩᴀʟ ᴊɪ ᴍᴀʜᴀʀᴀᴊ

💬ऑर्डर करने के लिए अपना नाम, पूरा पता, मोबाइल नंबर भेजें।

📮यह पुस्तक आपको 15-30 दिनों के अंदर प्राप्त हो जायेगी।
🙏🏻धन्यवाद!!🙏🏻

छत्तीसगढ़ की सलोनी    सलोनी ने आज कई दिनों के बाद फेसबुक खोला था, एग्जाम के कारण उसने अपने स्मार्ट फोन से दूरी बना ली थी...
08/03/2024

छत्तीसगढ़ की सलोनी

सलोनी ने आज कई दिनों के बाद फेसबुक खोला था, एग्जाम के कारण उसने अपने स्मार्ट फोन से दूरी बना ली थी, फेसबुक ओपन हुआ तो उसने देखा की 35-40 फ्रेंड रिक्वेस्ट पेंडिंग पड़ी थीं,

उसने एक सरसरी निगाह से सबको देखना शुरू कर दिया, तभी उसकी नज़र एक लड़के की रिक्वेस्ट पर ठहर गई, उसका नाम राजशर्मा था,
स्मार्ट और हैंडसम दिख रहा था अपनी डी पी में, सलोनी ने जिज्ञासावश उसके बारे मे पता करने के लिये उसकी प्रोफाइल खोल कर देखी तो वहाँ पर उसने एक बढ़कर एक रोमान्टिक शेरो शायरी और कवितायें पोस्ट की हुई थीं, उन्हें पढ़कर वो इम्प्रेस हुए बिना नहीं रह पाई, और फिर उसने राज की रिक्वेस्ट एक्सेप्टकर ली, अभी उसे राज की रिक्वेस्ट एक्सेप्ट किये हुए कुछ ही देर हुई होगी की उसके मैसेंजर का नोटिफिकेशनटिंग के साथ बज उठा, उसने चेक करा तो वो राज का मैसेज था, उसने उसे खोल कर देखा तो उसमें राज ने लिखा था " थैंक यू वैरी मच ", वो समझ तो गई थी की वो क्यों थैंक्स कह रहा है फिर उसने रिप्लाई करा " थैंक्स किसलिये ?" उधर से तुरंत जवाब आया " मेरी रिक्वेस्ट एक्सेप्ट करने के लिये लिंक भेजा सलोनी ने कोई जवाब नहीं दिया बस एक स्माइली वाला स्टीकर पोस्ट कर दिया और फिर मैसेंजर बंद कर दिया, वो नहीं चाहती थी की एक ही दिन में किसी अनजान से ज्यादा खुल जाये और फिर वो घर के कामों में व्यस्त हो गई, अगले दिन उसने अपना फेसबुक खोला तो उसे राज के मैसेज नज़र आये, राज ने उसे कई रोमान्टिक कवितायें भेज रखीं थीं, उन्हें पढ़ कर उसे बड़ा अच्छा लगा, उसने जवाब में फिर से स्माइली वाला स्टीकर सेंड कर दिया,

थोड़ी देर मे ही राज का रिप्लाई आ गया, वो उससे उसके उसकी होबिज़ के बारे मे पूँछ रहा था,

उसने राज को अपना संछिप्त परिचय दे दिया, उसका परिचय जानने के बाद राज ने भी उसे अपने बारे मे बताया कि वो एम बीए कर रहा है और जल्दी ही उसकी जॉब लग जायेगी, और फिर इस तरह से दोनों के बीच चैटिंग का सिलसिला चल निकला, सलोनी को अब उसके मेसेज का इंतज़ार रहने लगा था, जिस दिन उसकी राज से बात नहीं हो पाती थी तो उसे लगता जैसे कुछ अधूरापन सा है, फिर सलोनी राज से चैटिंग कर रही थी, इधर-उधर की बात होने के बाद राज ने सलोनी से कहा..

" यार हम कब तक यूंहीं सिर्फ फेसबुक पर बाते करते रहेंगे, यार मै तुमसे मिलना चाहता हूँ, प्लीज कल मिलने का प्रोग्राम बनाओ ",

सलोनी खुद भी उससे मिलना चाहती थी और एक तरह से उसने उसके दिल की ही बात कह दी थी लेकिन पता नहीं क्यों वो उससे मिलने से डर रही थी,

शायद अंजान होने का डर था , राज ने उसे समझाते हुए मिलने की जिद्द की," अच्छा ठीक है बोलो कहाँ मिलना है, लेकिन मैं ज्यादा देर नहीं रुकुंगी वहाँ " सलोनी ने बड़ी मुश्किल से उसे हाँ की, "

ठीक है तुम जितनी देर रुकना चाहो रुक जाना " राज ने अपनी खुशी छिपाते हुए उसे कहा, और फिर वो सलोनी को उस जगह के बारे मे बताने लगा जहाँ उसे आना थाl

अगले दिन शाम को 6 बजे, शहर के कोने मे एक सुनसान जगह पर एक पार्क, जहाँ पर सिर्फ प्रेमी जोड़े ही जाना पसंद करते थे, शायद एकांत के कारण, राज ने सलोनी को वहीँ पर बुलाया था,

थोड़ी देर बाद ही सलोनी वहाँ पहुँच गई,

राज उसे पार्क के बाहर गेट के पास अपनी कार से पीठ लगा के खड़ा हुआ नज़र आ गया, पहली बार उसे सामने देख कर वो उसे बस देखती ही रह गई, वो अपनी फोटोज़ से ज्यादा स्मार्ट और हैंडसम था,

सलोनी को अपनी तरफ देखता हुआ देखकर उसने उसे अपने पास आने का इशारा करा, उसके इशारे को समझकर वो उसके पास आ गई और मुस्कुरा कर बोली "

हाँ अब बोलो मुझे यहाँ किसलिये बुलाया है "

'अरे यार क्या सारी बात यहीं सड़क पर खड़ी-2 करोगी,आओ कार मे बैठ कर बात करते हैं "

और फिर राज ने उसे कार मे बैठने का इशारा करके कार का पिछला गेट खोल दिया, उसकी बात सुनकर सलोनी मुस्कुराते हुए कार मे बैठने के लिये बढ़ी,

जैसे ही उसने कार मे बैठने के लिये अपना पैर अंदर रखा तो उसे वहाँ पर पहले से ही एक आदमी बैठा हुआ नज़र आया, शक्ल से वो आदमी कहीं से भी शरीफ नज़र नहीं आ रहा था, सलोनी के बढ़ते कदम ठिठक गये, वो पलट कर राज से पूँछने ही जा रही थी की ये कौन है कि तभी उस आदमी ने उसका हाँथ पकड़ कर अंदर खींच लिया और बाहर से राज ने उसे अंदरधक्का दे दिया, ये सब कुछ इतनी तेजी से हुआ की वो संभल भी नहीं पाई, और फिर अंदर बैठे आदमी ने उसका मुँह कसकर दबा लिया ताकि वो चीख ना पाये और उसकेहाँथों को राज ने पकड़ लिया, अब वो ना तो हिल सकती थी और ना ही चिल्ला सकती थी, और तभी कार से दूर खडा एक आदमी कार मे आ के ड्राइविंग सीट पर बैठ गया और कार स्टार्ट करके तेज़ी से आगे बढ़ा दी, और पीछे बैठा आदमी जिसने सलोनी का मुँह दबा रखा था वो हँसते हुए राज से बोला " वाह भाई ..."शबनम बानो" इसकी मोटी कीमत देगी "

उसकी बात सुनकर उर्फ़ राज मुँह ऊपर उठा कर ठहाके लगा के हँसा, उसे देख कर ऐसा लग रहा था जैसे कोई भेड़िया अपने पँजे मे शिकार को दबोच के हँस रहा हो, और वो कार तेज़ी से शहर के बदनाम इलाके जिस्म की मंडी की तरफ दौड़ी जा रही थी......

ये कोई कहानी नहीं बल्कि सच्चाई है छत्तीसगढ़ की सलोनी।

जो मुम्बई से छुड़ाई गई है।

ये सलोनी की कहानी उन लड़कियो को सबक देती है जो सोशल मीडिया से अनजान लोगो से दोस्ती कर लेती है और अपनी जिंदगी गवां लेती है।

शेयर जरूर करे ताकि कोई और सलोनी ऐसी दलदल में ना फंस जाए.....

16/12/2023

श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 15 श्लोक 17 अनुसार सबका धारण पोषण करने वाला परमात्मा कौन है?
जानने के लिए हिन्दू साहेबान! नहीं समझे गीता, वेद, पुराण पुस्तक को Sant Rampal Ji Maharaj App से डाउनलोड करके पढ़ें।




10/12/2023

( के आगे पढिए.....)
📖📖📖


हम पढ़ रहे है पुस्तक "मुक्तिबोध"
पेज नंबर (164)

‘‘रांडी-ढ़ांडी की कथा‘‘

काल की भूल-भुलईया में फँसे व्यक्ति को समझाना :- रास्ते में वर्षा होने लगी। शीतल वायु बहने लगी। अब्राहिम ने एक झौंपड़ी देखी जो एक किसान की थी। उसके पास दो बीघा
जमीन बिना सिंचाई की थी। एक बूढ़ी गाय जो चार-पाँच बार प्रसव कर चुकी थी। एक काणी स्त्री थी। शीतल वायु के कारण उत्पन्न ठण्ड से बचने के लिए अब्राहिम अधम सुल्तान उस झौंपड़ी के पीछे लेट गया। रात्रि में दोनों पति-पत्नी बातें कर रहे थे कि वर्षा अच्छी हो गई है। गाय का चारा पर्याप्त हो जाएगा। अपने खाने के लिए भी अच्छी फसल पकेगी। अपने ऐसे ठाठ हो जाएंगे, ऐसे तो बलख बुखारे के बादशाह के भी नहीं हैं। अब्राहिम अधम सुल्तान यह सब वार्ता सुनकर उनकी बुद्धि पर पत्थर गिरे जानकर उनको भविष्य के दुःखों से अवगत कराने के उद्देश्य से सूर्योदय तक वहीं पर ठहरा रहा। सुबह उठकर उनकी झौंपड़ी के द्वार पर खड़ा होकर प्रणाम किया। दोनों पति-पत्नी झौंपड़ी से बाहर आए। अब्राहिम उनको भक्ति करने तथा माया से मुख मोड़ने का ज्ञान देने लगा। कहा कि आपके पास तो एक गाय है, एक स्त्री है। दो बीघा जमीन है। आप इसी से चिपके बैठे हो। इसे बलख के बादशाह से भी अधिक ठाठ मान रहे हो। यह तो कुछ दिनों का मेला है। तुमको गुरू जी से उपदेश दिला देता हूँ, तुम्हारा जीवन धन्य हो जाएगा। मैं ही अब्राहिम अधम हूँ। मैं उस राज्य को छोड़कर परमात्मा की प्राप्ति के लिए चला हूँ। उन्होंने कहा कि हमें तो लगता नहीं कि आप बलख शहर के राजा हो। यदि ऐसा है तो तेरे जैसा मूर्ख व्यक्ति इस पृथ्वी पर नहीं है। आपकी शिक्षा की हमें आवश्यकता नहीं है। सुल्तान ने कहा कि :-
गरीब, रांडी (स्त्री) ढांडी (गाय) ना तजैं, ये नर कहिये काग।
बलख बुखारा त्याग दिया, थी कोई पिछली लाग।।

इसके पश्चात् अब्राहिम अधम पृथ्वी का सुल्तान तो नहीं रहा, परंतु भक्ति का सुल्तान बन गया। भक्त राज बन गया। इसलिए उसको सुल्तान या प्यार में सुल्तानी नाम से प्रसिद्धि मिली। आगे की कथा में इसको केवल सुल्तान नाम से ही लिखा-कहा जाएगा। जैसे धर्मदास जी को धनी धर्मदास कहा जाने लगा था। वे भक्ति के धनी थे। वैसे संसारिक धन की भी कोई कमी नहीं थी। सुल्तान को परमेश्वर मिले और प्रथम मंत्र दिया और कहा कि
बाद में तेरे को सतनाम, फिर सार शब्द दूंगा।
कबीर सागर के अध्याय ‘‘सुल्तान बोध‘‘ में पृष्ठ 62 पर प्रमाण है :-
प्रथम पान प्रवाना लेई। पीछे सार शब्द तोई देई।।
तब सतगुरू ने अलख लखाया। करी परतीत परम पद पाया।।
सहज चौका कर दीन्हा पाना (नाम)। काल का बंधन तोड़ बगाना।।

विचार करें :- उस समय अब्राहिम के पास न तो आरती चौंका करने को धन था, न अन्य सुविधा थी। यह वास्तविक कबीर जी की दीक्षा की विधि है। जो आरती चौका, उसमें लाखों या हजारों का सामान, नारियल आदि का कोई प्रावधान नहीं है। वह तो बाद में कोई
पाठ कराना चाहे तो कराए अन्यथा दीक्षा विधि केवल मंत्रित जल तथा मीठे पदार्थ (मीश्री-चीनी, गुड़, बूरा, शक्कर) से दी जा सकती है। सत्य नाम तथा सार शब्द में पान (पेय पदार्थ) नहीं दिया जाता। केवल दीक्षा मंत्र बताए-समझाए जाते हैं।
संत गरीबदास जी (गाँव-छुड़ानी, जिला-झज्जर, हरियाणा प्रान्त) को परमेश्वर कबीर जी मिले थे। उनको दिव्य दृष्टि प्रदान की थी। उसी के आधार से संत गरीबदास जी ने बताया है कि :-
गरीब, हम सुल्तानी नानक तारे, दादू कूं उपदेश दिया।
जाति जुलाहा भेद न पाया, काशी माहें कबीर हुआ।।
गरीब, अनन्त कोटि ब्रह्माण्ड का, एक रति नहीं भार।
सतगुरू पुरूष कबीर हैं, कुल के सिरजनहार।।

क्रमशः___________

••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••
आध्यात्मिक जानकारी के लिए आप संत रामपाल जी महाराज जी के मंगलमय प्रवचन सुनिए। साधना चैनल पर प्रतिदिन 7:30-8.30 बजे। संत रामपाल जी महाराज जी इस विश्व में एकमात्र पूर्ण संत हैं। आप सभी से विनम्र निवेदन है अविलंब संत रामपाल जी महाराज जी से नि:शुल्क नाम दीक्षा लें और अपना जीवन सफल बनाएं।
https://online.jagatgururampalji.org/naam-diksha-inquiry

11/11/2023

इस दीवाली पर जानिए, उस समर्थ "आदिराम" परमात्मा को जिसकी भक्ति साधना करने पर ही हम काल ब्रह्म की कैद से छूट सकते हैं।
जानने के लिए हिन्दू साहेबान!

11/11/2023

इस दिवाली पर अवश्य जानिए आदि सनातन धर्म की पूजा व साधना की विधि क्या है ?
जानने के लिए हिन्दू साहेबान! नहीं समझे गीता, वेद, पुराण पुस्तक को Sant Rampal Ji Maharaj

04/10/2023
04/10/2023

Address

Gaya
824232

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Times Of Divine posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Place Of Worship

Send a message to Times Of Divine:

Share