राधेश्याम परिवार

राधेश्याम परिवार भगवान को केवल भक्ति से ही पाया जा सकता ?

भगवान को केवल भक्ति से ही पाया जा सकता है और उनकी भक्ति का सबसे आसान तरीका है: "नाम~संकीर्तन". तुलसीदास जी ने भी मानस में कहा है "कलियुग केबल नाम आधारा". इस कली-काल में जब योग, यज्ञ, जप, तप आदि साधन संभव नहीं रह गए हैं तब केवल प्रभु के प्यारे नामों का ही सहारा है। आइये हम मिल कर विनती करें उन्हें पुकारें..

जय श्री गणेश गणेश जी को कभी भी विदा नहीं करना चाहिएविघ्न हरता ही अगर विदा हो गए तुम्हारे विघ्न कौन हरेगा।क्या कभी सोचा ह...
27/08/2022

जय श्री गणेश

गणेश जी को कभी भी विदा नहीं करना चाहिए

विघ्न हरता ही अगर विदा हो गए तुम्हारे विघ्न कौन हरेगा।

क्या कभी सोचा है गणेश प्रतिमा का विसर्जन क्यों?
अधिकतर लोग एक दूसरे की देखा देखी गणेश जी की प्रतिमा स्थापित कर रहे हैं, और 3 या 5 या 7 या 11 दिन की पूजा के उपरांत उनका विसर्जन भी करेंगे।
आप सब से निवेदन है कि आप।गणपति की स्थापना करें पर विसर्जन नही विसर्जन केवल महाराष्ट्र में ही होता हैं क्योंकि गणपति वहाँ एक मेहमान बनकर गये थे, वहाँ लाल बाग के राजा कार्तिकेय ने अपने भाई गणेश जी को अपने यहाँ बुलाया और कुछ दिन वहाँ रहने का आग्रह किया था जितने दिन गणेश जी वहां रहे उतने दिन माता लक्ष्मी और उनकी पत्नी रिद्धि व सिद्धि वहीँ रही इनके रहने से लाल बाग धन धान्य से परिपूर्ण हो गया, तो कार्तिकेय जी ने उतने दिन का गणेश जी को लालबाग का राजा मानकर सम्मान दिया यही पूजन गणपति उत्सव के रूप में मनाया जाने लगा।

अब रही बात देश की अन्य स्थानों की तो गणेश जी हमारे घर के मालिक हैं और घर के मालिक को कभी विदा नही करते वहीं अगर हम गणपति जी का विसर्जन करते हैं तो उनके साथ लक्ष्मी जी व रिद्धि सिद्धि भी चली जायेगी तो जीवन मे बचा ही क्या।

हम बड़े शौक से कहते हैं *गणपति बाप्पा मोरया अगले बरस तू जल्दी आ* इसका मतलब हमने एक वर्ष के लिए गणेश जी लक्ष्मी जी आदि को जबरदस्ती पानी मे बहा दिया, तो आप खुद सोचो कि आप किस प्रकार से नवरात्रि पूजा करोगे, किस प्रकार दीपावली पूजन करोगे और क्या किसी भी शुभ कार्य को करने का अधिकार रखते हो जब आपने उन्हें एक वर्ष के लिए भेज दिया।
इसलिए गणेश जी की स्थापना करें पर विसर्जन कभी न करे।

*अपने धर्म का मज़ाक न उड़ायें*
सभी से निवेदन है समझदारी का परिचय देवे , और सही गणेश जी की प्रतिमा का स्थापना करे।

*ओम एकदंताय नमो नमः*

17/07/2022

जय श्री श्याम

जय माता दी
18/02/2022

जय माता दी

जय श्री राम समस्त प्रभुजन को
01/02/2022

जय श्री राम समस्त प्रभुजन को

ॐ मगंलम सबेरा जय श्री राम समस्त प्रभुजन  को
01/02/2022

ॐ मगंलम सबेरा
जय श्री राम समस्त प्रभुजन को

जय श्री राधाकृष्ण
14/09/2021

जय श्री राधाकृष्ण

जय श्री राम
12/07/2021

जय श्री राम

दिल्ली के भाजपा नेता कपिल मिश्रा जी "हिंदु ईकोसिस्टम" नाम से संगठन बना रहे हैं जिसमे देश भर के हिंदुओ को जोडा जा रहा है ...
30/05/2021

दिल्ली के भाजपा नेता कपिल मिश्रा जी "हिंदु ईकोसिस्टम" नाम से संगठन बना रहे हैं जिसमे देश भर के हिंदुओ को जोडा जा रहा है बस एक मिस काल दे -8081666000🚩

आपको यह सन्देश कम से कम 3 लोगों को भेजना है। (मैं तो अपने सभी जानकारों को भेजूँगा)

इस प्रकार 3 लोग 3 को मैसेज करेंगे..

3 × 3 = 9
9 × 3 = 27
27 × 3 = 81
81 × 3 = 243
243 × 3 = 729
729 × 3 = 2187
2187 × 3 = 6561
6561 × 3 = 19683
19683 × 3 = 59049
59049 × 3 = 177147
177147 × 3 = 531441
531441 × 3 = 1594323
1594323 × 3 = 4782969
4782969 × 3 = 14348907
14348907 × 3 = 43046721
43046721 × 3 = 129140163
129140163 × 3 = 387420489
387420489 × 3 = 1,162,261,467

बस आपको तो एक कड़ी जोड़नी है और,
देखते ही देखते पूरे देश का हिन्दू आपके साथ खड़ा होगा .

🚩🚩🚩

जय श्री राम  समस्त प्रभुजन को  नव वर्षको अग्रिम शुभकामना  आओ हम नया तरिके से शुरूवात करते है,          🍁"रिद्धि दे, सिद्...
12/04/2021

जय श्री राम समस्त प्रभुजन को नव वर्षको अग्रिम शुभकामना आओ हम नया तरिके से शुरूवात करते है,
🍁"रिद्धि दे, सिद्धि दे,
वंश में वृद्धि दे, ह्रदय में ज्ञान दे,
चित्त में ध्यान दे, अभय वरदान दे,
दुःख को दूर कर, सुख भरपूर कर, आशा को संपूर्ण कर,
सज्जन जो हित दे, कुटुंब में प्रीत दे,
जग में जीत दे, माया दे, साया दे, और निरोगी काया दे,
मान-सम्मान दे, सुख समृद्धि और ज्ञान दे,
शान्ति दे, शक्ति दे, भक्ति भरपूर दें..."🍁
🍁आप को 13 अप्रैल से शुरू होने वाले नव वर्ष विक्रम संवत 2078 के लिए अग्रिम शुभकामनाएं।
🙏🙏🙏ॐ🙏🙏🙏

😷😷😷😷😷😷😷😷😷😷 *Breaking News* media ने कभी ये बताया ??nestle कंपनी खुद मानती है कि वे अपनी चाकलेट kitkat मे बछड़े के मांस क...
11/01/2021

😷😷😷😷😷😷😷😷😷😷
*Breaking News*
media ने कभी ये बताया ??
nestle कंपनी खुद मानती है कि वे अपनी चाकलेट kitkat मे
बछड़े के मांस का रस मिलाती है
_________________________

Media ने कभी ये बताया ???
कि मद्रास high court मे fair and lovely कंपनी पर जब case किया गया था ! तब कंपनी ने खुद माना था ! हम cream मे
सूअर की चर्बी का तेल मिलाते है !!
______________________

Media ने कभी बताया कि
ये vicks नाम कि दवा यूरोप के कितने देशों मे banned है ! वहाँ इसे जहर घोषित किया गया है !पर भारत मे सारा दिन TV पर
इसका विज्ञापन आता है !!
_________________________

Media ने कभी बताया ??
कि life bouy न तो bath soap है न ही toilet soap ! ये जानवरों को नहलानेवाला carbolic soap है ! यूरोप मे life bouy से कुत्ते नहाते हैं !और भारत मे 9 करोड़ लोग इससे रगड़ रगड़ कर रोज नहाते हैं !!
_______________________

Media ने कभी बताया ! ???????????
कि ये Coke/ Pepsi सच में toilet cleaner है ! और ये साबित हो गया है ! इसमे 21 तरह के अलग अलग जहर है ! और तो और संसद की कैण्टीन में
Coke Pepsi's बेचना मना है ! पर पूरे देश मे बिक रही है !!
____________________

Media ने कभी बताया ????
कि ये health tonic बेचने वाली विदेशी कंपनियाँ Boost , Complan , Horlics, Maltova , Protinex बनाती हैं ,
इन सबका Delhi के all india institute (जहां भारत की सबसे
बड़ी लैब है ) ने वहाँ इन सबका test किया और पता लगा ये सिर्फ मुंगफली की खली से बनते है ! मतलब मूँगफली का तेल निकालने के बाद जो उसका waste बचता है !जिसे गाँव में जानवर खाते है ! उससे
ये health tonic बनाते हैं !!
________________________

Media ने कभी बताया
अमिताभ बच्चन का जब आपरेशन हुआ था और 10 घंटे चला था ! तब डाक्टर ने उसकी बड़ी आंत काटकर निकाली थी !! और डाक्टर मे कहा था ये
Coke Pepsi पीने के कारण सड़ी है ! और अगले ही दिन से अमिताभ बच्चन
ने इसका विज्ञापन करना बंद कर दिया था और आजतक वह Coke
Pepsi का विज्ञापन नहीं करता।

_________________________

Media अगर ईमानदार है !
तो सबका सच एकसाथ दिखाये !!

आजकल बहुत से लोग हैं
जिन्हें "पिज्जा"
खाने में बड़ा मज़ा आता है .

चलिये पिज्जा पर एक नज़र डालें >>
पिज्जा बेचनेवाली कंपनियों पर

"Pizza Hut, Dominos,
KFC, McDonalds,
Pizza Corner,
Papa John’s Pizza,
California Pizza Kitchen,
Sal’s Pizza"

ये सब कम्पनियाँ अमेरिका की है
आप चाहे तो Wikipedia पे देख सकते हो!!!!

Note:- पिज्जा में टेस्ट लाने के लिये E-631 flavour Enhancer नाम का तत्व मिलाया जाता है!!!

वो सुअर के मांस से बनता है
आप चाहो तो Google पे देख लो????

Message sahi lage to iss msg ko
aage failayen.

● सावधान मित्रों अगर खाने पीने
की चीजों के पैकेटों पर निम्न कोड लिखे हैं तो उसमें ये चीजें मिली हुई है.

E 322 - गाय का मांस
E 422 - एल्कोहल तत्व
E 442 - एल्कोहल तत्व ओर केमिकल
E 471 - गाय का मांस ओर एल्कोहल तत्व
E 476 - अल्कोहल तत्व
E 481 - गाय और सुअर के मास का संगटक
E 627 - घातक केमिकल
E 472 - गाय + सुअर + बकरी के मिक्स मांस के संगटक
E 631 - सुअर की चर्बी का तेल

● नोट -
ये सभी कोड आपको ज्यादातर
विदेशी कम्पनीयों के उत्पादन जैेसे :-
चिप्स , बिस्कुट , च्युंगम,
टॉफी ,कुरकुरे ओर मैगी
आदि में दिखेगे l

● ध्यान दें ये अफवह नही
बिलकुल सच है अगर यकीन नही हो तो इंन्टरनेट गुगल पर सर्च कर लो.

● मैगी के पैक पे ingredient में देखें , flavor (E-635 ) लिखा मिलेगा.

● आप चाहे तो google पर देख
सकते हैं इन सब नम्बर्स को:-

E100, E110, E120, E140, E141, E153, E210, E213, E214, E216, E234, E252, E270, E280, E325, E326, E327, E334, E335, E336, E337, E422, E430, E431, E432, E433, E434, E435, E436, E440, E470, E471, E472, E473, E474, E475, E476, E477, E478, E481, E482, E483, E491, E492, E493, E494, E495, E542, E570, E572, E631, E635, E904.

आप सबसे निवेदन है कि
चुटकले भेजने की बजाय यह
सन्देश सबको भेजे ताकि लोग असलियत जान सकें ।

यदि भारत के १३५ करोड़ लोगों में से सिर्फ 10% लोग प्रतिदिन 10 रुपये का फलों का रस पियें तो महीने भर में होता है लगभग " 3600 करोड़ " जो देश में ही रहेगा !!!!

अगर आप...
कोका कोला या पेप्सी पीते हैं
तो ये " 3600 करोड़ " रुपये
देश के बाहर चले जायेँगे...।

कोका कोला, पेप्सी जैसी कंपनियाँ प्रतिदिन
" 7000 करोड़ " से ज्यादा लूट लेती हैं.........ये जहरीला पानी पिलाकर ।

आपसे अनुरोध है कि आप...
गन्ने का जूस/ नारियल पानी/ आम/ फलों के रस आदि को अपनायें और देश का " 7000 करोड़ " रूपये बचाकर हमारे किसानों को दें...अपनी सेहत भी ठीक रखे ।

" किसान आत्महत्या नहीं करेंगे.."

फलों के रस के धंधे से
" 1 करोड़ " लोगों को रोजगार मिलेगा और 10 रूपये के रस का गिलास 5 रूपये में ही मिलेगा...।

स्वदेशी अपनाओ,
राष्ट्र को शक्तिशाली बनाओ..।

👇👇👇
और ये मैसेज तीन लोगों तक जरुर पहुँचायें..
मैसेज रुकना नहीं चाहिए..
Cocacola
Maggi
Fanta
Garnier
Ravlon
Lorial
Huggis
Levis
Nokia
Macdownalds
Calvin clin
Kit kat
Sprite
80% लोगो ने इसे इस्तेमाल करना बंद कर दिया हे। इनकी आधे से ज्यादा ब्रांच बंद हो चुकी है।
इसी लिए इन कंपनी के मार्केट भाव भी गिर गए हैं । व्हाट्सअप तो फ्री है तो क्या हम इसे फारवर्ड करके सरकार की मदद नहीं करेंगे ?🙏🙏🚩🚩

सबसों हित निष्काम मति, वृन्दावन विश्राम।🌸श्रीराधावल्लभ लाल कौ, हृदय ध्यान मुख नाम।।🙌तनहि राखि सत्संग में, मनहि प्रेम रस ...
01/01/2021

सबसों हित निष्काम मति, वृन्दावन विश्राम।🌸
श्रीराधावल्लभ लाल कौ, हृदय ध्यान मुख नाम।।🙌
तनहि राखि सत्संग में, मनहि प्रेम रस भेव।💝
सुख चाहत हरिवंश हित, कृष्ण कल्पतरु सेव।।💙
निकसि कुन्ज ठाढे भये, भुजा परस्पर अंश।🌿
श्रीराधावल्लभ मुख कमल, निरखि नैन हरिवंश।।😍
रसना कटौ जो अन रटौ, निरख अन फुटौ नैंन।☺️
श्रवण फुटौ जो अन सुनौ, बिनु राधा जस बैन।💕

जय श्री राम*हनुमान मंदिर जहां डर कर बेहोश हो गया था औरंगज़ेब*🔸🔸🔹🔸🔸🔹🔸🔸🔹🔸🔸🔹🔸🔸🔹🔸🔸आज से करीब 1000 साल पहले 12वीं शताब्दी  के ...
09/12/2020

जय श्री राम
*हनुमान मंदिर जहां डर कर बेहोश हो गया था औरंगज़ेब*
🔸🔸🔹🔸🔸🔹🔸🔸🔹🔸🔸🔹🔸🔸🔹🔸🔸
आज से करीब 1000 साल पहले 12वीं शताब्दी के लगभग काकतीय वंश के राजा प्रताप रुद्र द्वितीय अपने राज्य से बहुत दूर घने जंगल में शिकार खेलने गए और शिकार खेलते खेलते ही अँधेरा हो गया। जब वह बहुत थक गए तो उन्हें उन्होंने सोचा ईसी जंगल में रात बिताई जाए। रात में राजा वही एक पेड़ के नीचे सो गए अचानक आधी रात को उनकी नींद खुली और उन्हें सुनाई पड़ा कि जैसे कोई भगवान श्री राम के नाम का जप कर रहा है।

इस घटना से राजा अत्यंत विस्मित हुए उन्होंने उठकर आसपास देखा और थोड़ी दूर में ढूंढने पर पाया कि वहां पर एक हनुमान जी की मूर्ति ध्यान मुद्रा में बैठी हुई है उस मूर्ति में अवर्णनीय आकर्षण था ध्यान से देखने पर पता चला कि श्री राम नाम का जप उसी मूर्ति की तरफ से आ रहा था।

राजा और भी अधिक आश्चर्यचकित हो गया और सोचने लगा कि कैसे एक मूर्ति भगवान के नाम का जप कर सकती है?

राजा लगातार उसी मूर्ति को देखे जा रहा था थोड़ी देर में उसे ऐसा दिखा जैसे खुद वहां मूर्ति नहीं बल्कि खुद हनुमान जी बैठे हुए हैं और अपने प्रभु श्रीराम का स्मरण कर रहे हैं।

जब राजा को यह एहसास हुआ कि यह मूर्ति नहीं स्वयं हनुमान जी है तब राजा प्रताप रुद्र ने तुरंत उस मूर्ति के आगे दंडवत प्रणाम किया और राजा बहुत देर तक श्रद्धापूर्वक उसी मूर्ति के आगे प्रार्थना की मुद्रा में बैठा रहा और फिर वापस सोने चला गया।

जब राजा को गहरी नींद आई तो उसने स्वप्न देखा और उस स्वप्न में स्वयं हनुमान जी प्रकट हुए और राजा से कहा कि वह यहां पर उनका मंदिर बनाए।

स्वप्न देखकर राजा की नींद खुल गई और वहां से तुरन्त अपने राज्य की ओर वापस चल पड़ा।

अपने राज्य में पहुंचकर राजा ने एक अपने समस्त मंत्रियों सलाहकारों और विद्वानों को बुलाकर एक विशेष आपातकालीन सभा बुलाई और उसमें अपने सपने के बारे में सबको बताया,

राजा द्वारा बताए हुए स्वप्न से आश्चर्यचकित सभी लोगों ने एक सुर में कहा - "हे राजेंद्र निश्चित रूप से यह आपके लिए बहुत ही शुभ स्वप्न है और इससे आपका कीर्तिवर्धन होगा और आपका राजू निरंतर उन्नति करेगा आपको तुरंत यहां पर एक मंदिर बनाना चाहिए ।"

शुभ मुहूर्त में मंदिर का निर्माण शुरू हुआ ठीक उसी स्थान पर जहां राजा ने श्री हनुमान जी की मूर्ति को भगवान श्री राम का जप करते देखा था और राजा ने एक बहुत ही सुंदर मंदिर का निर्माण कर दिया।

श्रीराम का ध्यान करते हनुमान जी के इस मंदिर को नाम दिया गया " ध्यानञ्जनेय स्वामी" मन्दिर।

धीरे-धीरे इस मंदिर की ख्याति चारों तरफ फैल गई और दूर दूर के राज्यों से लोग इस के दर्शन करने आने लगे।

इस दैवीय घटना के लगभग 500 वर्ष बाद अबुल मुजफ्फर मोहीउद्दीन मोहम्मद औरंगजेब जिसे औरंगजेब के नाम से ही सर्वस्व ख्याति प्राप्त थी मुग़ल सल्तनत का बादशाह बना।

इस दुष्ट, लालची और क्रूर औरंगजेब का एक और नाम था आलमगीर जिसका मतलब होता है विश्व विजेता। इस आलमगीर औरंगजेब के सिर्फ दो ही मकसद थे।

1. सबसे पहले पूरे भारतीय महाद्वीप पर अपना मुगल सामराज्य फैलाना ।

2.इस्लाम की स्थापना करना और हिंदू मंदिरों को तोड़ना इस दुनिया से हिंदू धर्म का समापन और सभी जगह इस्लाम का विस्तार वाद।

सूफी फकीर सरमद कासनी और माँ भारती के सिंह सपूत गुरु तेग बहादुर जी ने औरंगजेब के अत्याचारों के खिलाफ बड़ी मुहिम खड़ी कर दी थी जिससे उसकी सल्तनत हिल गई थी ।

औरंगजेब ने उनसे बदला लेने के लिए जहां सूफी संत का सिर कलम करवा दिया था वही जबरन मुसलमान बनाए जाने के विरोध जब गुरु गोविंद गुरु तेग बहादुर जी ने किया और जबरन उसका इस्लाम धर्म स्वीकार नहीं किया तो औरंगजेब ने उन्हें भी मरवा दिया ।

इतिहासकारों के अनुसार

औरंगज़ेब ने हिंदुओं के 15 मुख्य मंदिर तोड़े और तोड़ने का प्रयास किया। जिसमें काशी विश्वनाथ, सोमनाथ और केशव देव मंदिर भी हैं।

औरंगज़ेब समेत मुग़ल काल में 60 हजार से भी अधिक मंदिर ध्वस्त कर दिए गए थे, जिनमें सबसे अधिक् हानि औरंगज़ेब के समय ही हुई।

अपने मुगल साम्राज्य और इस्लाम के विस्तारवाद के ध्येय से उत्तर भारत के राज्यों को जीत कर और यहां के मंदिरों को लूट और तोड़ कर ज़ालिम औरँगजेब ने दक्खन की तरफ रुख किया।

दक्खन में उसका सबसे बड़ा निशाना था गोलकुंडा का किला क्योंकि बेहद बेशकीमती हिरे जवाहरातों से भरे खजानो से वो दुनिया के सबसे अमीर किलों और राज्यों में से एक था और वहां कुतुबशाही वंश का राज्य कायम था।

अपनी विशाल क्रूर सेना के साथ औरंगजेब के लिए कोई मुश्किल काम नहीं था और सन 1687 में उसने गोलकुंडा के किले पर अपना कब्जा जमा लिया। गोलकुंडा का किला धन से भले ही सबसे अमीर था पर वहां के सुल्तान की शक्ति और सैन्यबल मुग़ल आक्रांता के सामने बेहद क्षीण थी।

किले पर कब्जे के बाद उसने वहां के मंदिरों को ध्वस्त करने का अभियान शुरू किया और इसी क्रम मे उसका वो हैदराबाद के बाहरी इलाके में बसे एक हनुमान मंदिर में पहुंचा और अपीने सेनापति को इस मंदिर को गिराने का आदेश देकर चला गया।
औरँगगज़ेब का दुर्भाग्य था कि ये वही ध्यानञ्जनेय स्वामी का मंदिर था।

मंदिर के बाहर आलमगीर के सेनापति ने कहा कि मंदिर के भीतर से सभी पुजारी, कर्मचारी और भक्त बाहर निकल आये वरना सबको मौत की नींद सुला दिया जायेगा।

मृत्यु के भय से थर थर कांपते मंदिर के अंदर मौजूद सभी पुजारी एवं अन्य लोग भगवान श्रीराम के ध्यान में लीन श्री हनुमान जी को प्रणाम कर इस विपदा को रोकने की प्रार्थना करते हुए बाहर निकल आये।

अपने इष्टदेव का मंदिर टूटते देखनेका साहस किसी में नहीं था इसलिए सबने इस दुर्दांत दृश्य के प्रति अपनी आंखें बंद कर लीं और मन ही मन हनुमान जी का स्मरण करने लगे।

मुग़ल सेनापति ने उन्हें एक तरफ खड़े हो जाने को कहा और अपनी सेना को हुक्म दिया की मंदिर तोड़ दो। सैनिक मंदिर की तरफ बढ़ने लगे।

तभी मंदिर के प्रमुख पुजारी सेनापति के पास आये और बोले - हे सेनापति मुझे आपके हाथों मृत्यु होने का कोई भय नहीं है, मैं आपसे विनम्र प्रार्थना करता हूँ कृपया कुछ क्षण के लिए मेरी बात सुन लीजिये।

अपने काम के बीच में आने से गुस्से से भरा सेनापति बोला - जल्दी कहो ब्राह्मण

पुजारी जी बोले-

ये श्रीराम के ध्यान में लीन श्री हनुमान जी का मंदिर है। हनुमान जी सभी देवताओं में सबसे बलशाली है, उन्होंने अकेले ही रावण की पूरी लंका को जला कर राख कर दी थी। कृपया उनका ध्यान भंग न करें और मंदिर न तोड़िये अन्यथा वो शांत नहीं बैठेंगे। मैं आपके ही भले के लिए कह रहा हूँ, मेरी बात मानिये और ये काम मत कीजिये, हनुमान जी बहुत दयालु हैं आपको माफ़ कर देंगे।

क्रूर सेनापति इससे अधिक नहीं सुन सकता था। उसे तो इस्लाम का झंडा फहराने की जल्दी थी।

बोला- ऐ ब्राह्मण ... अपना मुंह बंद करो और यहां से दूर हट जाओ वरना मैं पहले तुम्हे मारूँगा और फिर इस मंदिर को तोडूंगा।

देखते हैं कैसे तुम्हारे ताकतवर हनुमान हमारे हाथों से इस मंदिर को टूटने से बचाते हैं? जिन्होंने पहले भी इससे कहिं ज्यादा बड़े मंदिर तोड़े हैं।

सेनापति अपनी सेना की तरफ मुड़ा और उसे मंदिर तोड़ने का आदेश दिया।

अगले कुछ क्षणों में क्या होने वाला है..??

इस बात से अंजान मुगल सैनिक मंदिर तोड़ने के हथियार हथौड़े, सब्बल कुदाल आदि लेकर एक बहुत बड़ी बेवकूफी करने के लिए मंदिर की तरफ बढ़ने लगे।

फिर...

पहले सैनिक ने जैसे ही अपने हाथों में सब्बल लेकर मंदिर की दीवार पर प्रहार करने के लिए हाथ उठाया ...

वो मूर्तिवत खड़ा रह गया जैसे बर्फ में जम गया हो या पत्थर का हो गया हो। वो न अपने हाथ हिला पा रहा था और न ही औजार। भीषण भय से भरी नजरों से वो मंदिर की दीवार की तरफ देखे जा रहा था।

कुछ ऐसी ही स्थिति एक एक कर उन सभी सैनिकों की होती गयी जो मंदिर तोड़ने के लिए औजार लेकर हमला करने बढ़े थे।

सब के सब मूर्ति की तरह खड़े रह गए थे।

महान मुगल बादशाह के सैकड़ों मंदिर तोड़ चुके सेनापति के लिए ये अविश्वसनीय चमत्कार एक बहुत झटका था।

उसने तुरंत छिपी हुई नज़रों से मंदिर के प्रमुख पुजारी के चेहरे की तरफ देखा जिन्होंने कुछ पलों पहले उसे मंदिर तोड़ने से रोका था, और देखा की पुजारी जी शांत भाव से सेनापति को देख रहे थे।

उसने तुरंत पलटते हुए सेना को आदेश दिया की फौरन बादशाह सलामत के दरबार में हाज़िर हों।

सेनापति खुद औरंगज़ेब के सामने पहुँचा और बोला-

" जहाँपनाह, आपके हुक्म के मुताबिक हमने उस हनुमान मंदिर को तोड़ने की कोशिश की, लेकिन हम उसे तोड़ने के लिए एक इंच भी आगे नहीं बढ़ पाये।"

" जहाँपनाह, जरूर उस मंदिर में कोई रूहानी ताकत है... मंदिर के पुजारी ने भी कहा था कि हनुमान हिन्दुओ के सब देवताओं में सबसे ताकतवर देवता है।

जहांपनाह की इजाज़त हो तो मेरी सलाह है कि हम अब उस मंदिर की तरफ नज़र भी न डालें।"

अपने सेनापति की नाकामी और बिन मांगी सलाह से गुस्से में भरा औरंगज़ेब चीखते हुए बोला-

"खामोश, बेवकूफ, अगर तुम्हारी जगह कोई और होता तो हम अपनी तलवार से उसके टुकड़े कर देते। तुम पर इसलिये रहम कर रहे हैं क्योंकि तुमने बहुत सालों से हमारे वफादार हो।"

" सुनो... अब सेना की कमान मेरे हाथ रहेगी, मोर्चा मैं सम्हालूंगा। कल हम उस हनुमान मंदिर जायेंगे और मैं खुद औज़ार से उस मंदिर को तोडूंगा।

देखता हूँ कैसे वो हिन्दू देवता हनुमान मेरे फौलादी हाथों से अपने मंदिर को टूटने से बचाता है।

मैं ललकारता हूँ उस हनुमान को..."

अगले दिन सुबह

आलमगीर औरंगज़ेब एक बड़े से लश्कर के साथ उस हनुमान मंदिर को तोड़ने चल पड़ा।

हालाँकि उसके वो सैनिक पिछले दिन की घटना को याद कर मन में बेहद घबराये हुए थे पर अपने ज़ालिम बादशाह का हुक्म भी उन्हें मानना था वरना वो उन्हें मारकर गोलकुंडा के मुख्य चौक पर टांग देता।

मन ही मन हनुमान जी से क्षमा मांगते हुए वो सिपाही चुपचाप मंदिर की तरफ बढ़ने लगे।

मंदिर पहुंचकर औरंगज़ेब ने आदेश दिया की भीतर जो भी लोग हैं तुरन्त बाहर आ जाएं वरना जान से जायेंगे।

"विनाश काले विपरीत बुद्धि" मन ही मन कहते हुए मंदिर के अंदर से सभी पुजारी और कर्मचारी बाहर आ गए।

उनकी तरफ अपनी अंगारो से भरी लाल ऑंखें तरेरता हुआ गुस्से से भरा औरंगजेब बोला-

" अगर किसी ने भी अपना मुंह खोला तो उसकी ज़बान के टुकड़े टुकड़े कर दूंगा, खामोश एक तरफ खड़े रहो और चुपचाप सब देखते रहो।"

(वो नहीं चाहता था कि पुजारी फिर से कुछ बोले या उसे टोके और उसका काम रुक जाए)

वहां खड़े सब लोग भय से भरे खड़े थे और औरंगज़ेब की बेवकूफी को देख रहे थे। औरंगज़ेब ने एक बड़ा सा सब्बल लिया और बादशाही अकड़ के साथ मंदिर की तरफ बढ़ने लगा।

उस समय जैसे हवा भी रुक गयी थी, एक महापाप होने जा रहा था, भयातुर दृष्टि से सब औरंगजेब की इस करतूत को देख रहे थे जो "पवनपुत्र " को हराने के लिए कदम बढ़ा रहा था।

अगले पलों में क्या होगा इस बात से अंजान और आस पास के माहौल से बेखबर, घमण्ड से भरा हुआ औरंगजेब मंदिर की मुख्य दीवार के पास पहुंचा और जैसे ही उसने दीवार तोड़ने के लिए सब्बल से प्रहार करने के लिए हाथ उठाया...

उसे मंदिर के भीतर से एक भीषण गर्जन सुनाई पड़ा, इतना तेज़ और भयंकर की कान के पर्दे फट जाएँ, जैसे हजारों बिजलियां आकाश में एक साथ गरज पड़ी हों....

यह गर्जन इतना भयंकर था कि हजारों मंदिर तोड़ने वाला और हिंदुस्तान के अधिकतर हिस्से पर कब्जा जमा चूका औरंगज़ेब भी डर के मारे मूर्तिवत स्तब्ध और जड़ हो गया, और..

उसने अपने दोनों हाथों से अपने कान बन्द कर लिए।

वो भीषण गर्जन बढ़ता ही जा रहा था

औरंगज़ेब भौचक्का रह गया था...

औरंगज़ेब जड़ हो चूका था...

निशब्द हो चूका था...

काल को भी कंपा देने वाले उस भीषण गर्जन को सुनकर वो पागल होने वाला था

लेकिन अभी उसे और हैरान होना था

उस भीषण गर्जन के बाद मंदिर से आवाज़ आयी
.." अगर मंदिर तोडना चाहते हो राजन, तो कर मन घाट"

(यानि हे राजा अगर मंदिर तोडना चाहते हो तो पहले दिल मजबूत करो)

डर और हैरानी भरा हुआ औरंगज़ेब इतना सुनते ही बेहोश हो गया।

इसके बाद क्या हुआ उसे पता भी न चला।

मंदिर के भीतर से आते इस घनघोर गर्जन और आवाज़ को वहां खड़े पुजारी और भक्तगण समझ गए की ये उनके इष्ट देव श्री हनुमानजी की ही आवाज़ है

उन सभी ने वहीं से बजरँगबली को दण्डवत प्रणाम किया और उनकी स्तुति की।

उधर बेहोश हुए औरंगज़ेब को सम्हालने उसके सैनिक दौड़े और उसे मंदिर से निकाल कर वापस किले में ले गए।

हनुमान जी के शब्दों से ही उस मंदिर का नया नाम पड़ा जो आज तक उसी नाम से जाना जाता है-

" करमन घाट हनुमान मंदिर"

इस घटना के बाद लोगो में इस मंदिर के प्रति अगाध श्रद्धा हुई और इस मंदिर से जुड़े अनेकों चमत्कारिक अनुभव लोगों को हुए।

सन्तानहीन स्त्रियों को यहां आने से निश्चित ही सन्तान प्राप्त होती है और अनेक गम्भीर लाइलाज बीमारियों के मरीज यहाँ हनुमान जी की कृपा से स्वस्थ हो चुके हैं।

।।जय श्री राम।।

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