16/05/2021
जय गंगा मैया
हिमालय की गोद में बसा यह तीर्थस्थल जहाँ गंगा माँ ने धरती को कृतार्थ किया था. पुराणों के आधार पर स्वर्ग की बेटी गंगा ने नदी का रूप लेकर भगीरथ के पूर्वजों को पापमुक्त किया था एवं उनका उद्धार किया था. पुराणों क॓ अनुसार भगवान शिव ने गंगा के वेग को कम करने के लिय॓ उन्है अपनी जटाओं में ले लिया था.
हर वर्ष लाखों श्रद्धालु गंगोत्री धाम आते हैं । लेकिन श्रद्धालु विगत एक वर्ष से वैश्विक महामारी के चलते गंगोत्री धाम नही आ पाए। इस वर्ष भी फिलहाल यात्रा स्थगित है। गंगोत्री धाम में गंगा भागीरथी के तट पर पूजा अर्चना का विशेष महत्व है श्रद्धालु अपने पूर्वजों के उद्धार एवं परिवार की सुख समृद्धि के लिए यहां पूजा अर्चना एवं अभिषेक करवाते हैं। अनेक भक्त जो पूण्य सलिला माँ भगवती गंगा भागीरथी के पावन तट पर आकर पूजा अर्चना करने के इच्छुक थे लेकिन महामारी के चलते गंगोत्री नही आ पाए।
अतः आप सभी भक्तों की सुविधा के लिए घर बैठे ऑनलाइन पूजा अभिषेक एवं माँ गंगा के लाइव दर्शन की व्यवस्था की गई है जिसमे गंगोत्री धाम के मुख्य पुजारी द्वारा पूजा अर्चना की जाएगी। जो महानुभाव घर बैठे पूजा करवाने के इच्छुक हो वो इन नम्बरों पर सम्पर्क करें।
रावल एवं तीर्थ पुरोहित गंगोत्री धाम
7817964320
Whatsapp no. 8171492790
अन्य संपर्क सूत्र 9012281207, 7817922954
माँ गंगा इस महामारी से सभी की रक्षा करें
जय गंगा मैया🙏
घर पर रहिये सुरक्षित रहिये