Osho leela Ashram

Osho leela Ashram ओशो लीला आश्रम गाडरवारा जिला नरसिंहप?

महाकवि सुमित्रानंदन पंत ने मुझसे एक बार पूछा कि भारत के धर्माकाश में वे कौन बारह लोग हैं--मेरी दृष्टि में--जो सबसे चमकते...
17/05/2026

महाकवि सुमित्रानंदन पंत ने मुझसे एक बार पूछा कि भारत के धर्माकाश में वे कौन बारह लोग हैं--मेरी दृष्टि में--जो सबसे चमकते हुए सितारे हैं? मैंने उन्हें यह सूची दी: कृष्ण, पतंजलि, बुद्ध, महावीर, नागार्जुन, शंकर, गोरख, कबीर, नानक, मीरा, रामकृष्ण, कृष्णमूर्ति। सुमित्रानंदन पंत ने आंखें बंद कर लीं, सोच में पड़ गये...।
सूची बनानी आसान भी नहीं है, क्योंकि भारत का आकाश बड़े नक्षत्रों से भरा है! किसे छोड़ो, किसे गिनो?...वे प्यारे व्यक्ति थे--अति कोमल, अति माधुर्यपूर्ण, स्त्रैण...। वृद्धावस्था तक भी उनके चेहरे पर वैसी ही ताजगी बनी रही जैसी बनी रहनी चाहिए। वे सुंदर से सुंदरतर होते गये थे...। मैं उनके चेहरे पर आते-जाते भाव पढ़ने लगा। उन्हें अड़चन भी हुई थी। कुछ नाम, जो स्वभावतः होने चाहिए थे, नहीं थे। राम का नाम नहीं था! उन्होंने आंख खोली और मुझसे कहा: राम का नाम छोड़ दिया है आपने! मैंने कहा: मुझे बारह की ही सुविधा हो चुनने की, तो बहुत नाम छोड़ने पड़े। फिर मैंने बारह नाम ऐसे चुने हैं जिनकी कुछ मौलिक देन है। राम की कोई मौलिक देन नहीं है, कृष्ण की मौलिक देन है।
🙏 ओशो 🙏 मरौ हे जोगी मरौ 🌹 1 🌹

Buddha Purnima Dhyan Shivir01-May-2026 at Osho leela AshramGadarwara (M.P.), India
02/05/2026

Buddha Purnima Dhyan Shivir
01-May-2026 at Osho leela Ashram
Gadarwara (M.P.), India

15/04/2026
Osho Sambodhi Diwas Utsav Dhyan Shivir 21-Mar-2026 at Osho leela Ashram Gadarwara (M.P.), India 🙏🌹🙏
23/03/2026

Osho Sambodhi Diwas Utsav Dhyan Shivir 21-Mar-2026 at Osho leela Ashram Gadarwara (M.P.), India 🙏🌹🙏

A Group of Osho Sannyasins from Europe Visited Osho leela Ashram Gadarwara (M.P.),India
13/02/2026

A Group of Osho Sannyasins from Europe Visited Osho leela Ashram Gadarwara (M.P.),India

जीसस गाडरवारा भी आए थे। और गांव के बाहर वह स्थान है जहां पर वे ठहरे थे। इसके खंडहरों की अभी भी पूजा की जाती है। किसी को ...
25/12/2025

जीसस गाडरवारा भी आए थे। और गांव के बाहर वह स्थान है जहां पर वे ठहरे थे। इसके खंडहरों की अभी भी पूजा की जाती है। किसी को नहीं मालूम की ये क्यों पूजे जाते हैं। उसके एक पत्‍थर पर लिखा हुआ है कि ईशु नामक एक आदमी यहां आया था और यहां ठहरा था। उसने इस गांव के और आस पास के लोगों का परिवर्तन किया था। और इसके बाद वह पहलगाम वापस चला गया। भारत के पुरातत्‍व विभाग ने उस पत्‍थर को यहां लगाया था। इसलिए वह बहुत पुराना नहीं है।

मुझे उस पत्‍थर को साफ करने में बड़ी मेहनत करनी पड़ी। यह कठिन था क्‍योंकि इससे पहले उसकी ओर किसी का ध्‍यान नहीं गया था, यह पत्‍थर एक छोटे से किले के भीतर था। उस किले के भीतर जाना भी खतरनाक था। वहां कोई रहता नहीं था। मेरी नानी मुझे वहां पर जाने नहीं देती थी। क्‍योंकि वह कभी भी गिर सकता है। वे ठीक कहती थी क्‍योंकि जब थोड़ी सी हवा तेज चलती थी तो उसकी दीवालें हिलने लगती थी। जब अंतिम बार मैं उसे देखने गया वह गिर गया था। मैं उस जगह भी गया था जहां पर जीसस नामक एक आदमी ठहरा था।

हिब्रू भाषा का ‘जोशुआ’ ऐरमैक भाषा में ‘येशु’ बन गया और उससे ‘ईश’ बना। हिंदी में जीसस को ‘ईशा’ कहते है और प्रेम से उनको ‘ईशु’ कहा जाता है। शायद जिस आदमी से मैं बहुत प्रेम करता हूं वह वहां आया था—उस गांव में। इस विचार से ही मैं आनंदित हो जाता हूं कि जीसस उन गलियों में घूमें थे। ऐसा हुआ या नहीं, इसको ऐतिहासिकता को सिद्ध करने के लिए मेरे पास कोई प्रमाण नहीं है। अगर आप मुझसे पूछेंगे,तो मैं आपके कान में कहूंगा—‘हां’ यह सच है। इससे अधिक मुझसे मत पूछो…….’

ओशो 🙏🌹🙏
स्वर्णिम बचपन ❤️

Osho Janmotsav Dhyan Shivir Dec 10 to 12, 2025Osho Leela Ashram,Gadarwara (M.P.), India🙏🙏😊🌹🌹🌹🌹🌹🌹😊🙏🙏                  #ओश...
14/12/2025

Osho Janmotsav Dhyan Shivir
Dec 10 to 12, 2025
Osho Leela Ashram,
Gadarwara (M.P.), India
🙏🙏😊🌹🌹🌹🌹🌹🌹😊🙏🙏

#ओशो

गुरु नानक जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं...🙏🌹🙏                                                                         नानक...
05/11/2025

गुरु नानक जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं...🙏🌹🙏 नानक ने परमात्मा को गा-गा कर पाया। गीतों से पटा है मार्ग नानक का। इसलिए नानक की खोज बड़ी भिन्न है। पहली बात समझ लेनी जरूरी है कि नानक ने योग नहीं किया, तप नहीं किया, ध्यान नहीं किया। नानक ने सिर्फ गाया। और गा कर ही पा लिया। लेकिन गाया उन्होंने इतने पूरे प्राण से कि गीत ही ध्यान हो गया, गीत ही योग बन गया, गीत ही तप हो गया।
जब भी कोई समग्र प्राण से किसी भी कृत्य को करता है, वही कृत्य मार्ग बन जाता है। तुम ध्यान भी करो अधूरा-अधूरा, तो भी न पहुंच पाओगे। तुम पूरा-पूरा, पूरे हृदय से, तुम्हारी सारी समग्रता से, एक गीत भी गा दो, एक नृत्य भी कर लो, तो भी तुम पहुंच जाओगे। क्या तुम करते हो, यह सवाल नहीं। पूरी समग्रता से करते हो या अधूरे-अधूरे, यही सवाल है।
🙏ओशो🙏एक ओंकार सतनाम 🌹 1🌹

Address

Kuiya Mohalla, Patel Ward
Gadarwara
487551

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