Maa Pitambara Peeth- मां पीतांबरा पीठ

Maa Pitambara Peeth- मां पीतांबरा पीठ मां पीतांबरा पीठ, नयाबांस, खैरगढ़, फिरोजाबाद, उत्तर प्रदेश,

28/03/2026

जय माँ पीताम्बरा

माता बगलामुखी की कथा अत्यंत शक्तिशाली और रोचक है। उन्हें दस महाविद्याओं में से आठवीं महाविद्या माना जाता है। माँ बगलामुख...
28/03/2026

माता बगलामुखी की कथा अत्यंत शक्तिशाली और रोचक है। उन्हें दस महाविद्याओं में से आठवीं महाविद्या माना जाता है। माँ बगलामुखी को 'पीताम्बरा' भी कहा जाता है क्योंकि उन्हें पीला रंग अत्यंत प्रिय है।

माता बगलामुखी की उत्पत्ति कथा
पौराणिक ग्रंथों (स्वतंत्र तंत्र) के अनुसार, यह घटना सत्ययुग की है:

भयानक तूफान का संकट: एक बार संपूर्ण ब्रह्मांड में विनाशकारी सौर तूफान (विवात चक्र) उठा। इस तूफान की शक्ति इतनी अधिक थी कि चराचर जगत का विनाश निश्चित लग रहा था। भगवान विष्णु चिंतित हो गए क्योंकि इस प्राकृतिक आपदा को रोकना उनके वश में भी नहीं था।

तपस्या और प्राकट्य: भगवान विष्णु ने सौराष्ट्र क्षेत्र (गुजरात) में स्थित 'हरिद्रा सरोवर' (हल्दी की झील) के किनारे कठोर तपस्या की। उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर महाशक्ति श्री विद्या के हृदय से एक दिव्य तेज प्रकट हुआ।

स्तम्भन शक्ति: चतुर्दशी की रात को देवी बगलामुखी के रूप में प्रकट हुईं। उन्होंने अपनी 'स्तम्भन शक्ति' (किसी भी चीज़ को जड़ या स्थिर कर देने की शक्ति) से उस विनाशकारी तूफान को क्षण भर में रोक दिया और सृष्टि की रक्षा की।
मदन दैत्य का वध
एक अन्य प्रसिद्ध कथा के अनुसार, मदन नाम के एक राक्षस ने अपनी वाक-सिद्धि (जो बोले वो सच हो जाए) से देवताओं और ऋषियों को परेशान कर रखा था।

देवी का हस्तक्षेप: देवताओं की प्रार्थना पर माँ बगलामुखी प्रकट हुईं।

जीभ पकड़ना: उन्होंने राक्षस मदन की जीभ पकड़ ली ताकि वह कुछ बोल न सके और उसकी वाक-शक्ति को स्तंभित कर दिया।

विजय: देवी ने अपनी गदा से उसका वध किया। मरते समय मदन ने देवी से प्रार्थना की कि उसे भी माता के चरणों में स्थान मिले। यही कारण है कि माँ बगलामुखी के चित्रों में उन्हें शत्रु की जीभ खींचते हुए दिखाया जाता है।
माता बगलामुखी का स्वरूप और प्रतीक
माता के इस स्वरूप के पीछे गहरे आध्यात्मिक अर्थ छिपे हैं:

पीला रंग: हल्दी और पीला रंग शुद्धता और विजय का प्रतीक है।

जीभ पकड़ना: यह प्रतीक है कि माता न केवल बाहरी शत्रुओं को, बल्कि हमारे भीतर के कुविचारों, झूठ और व्यर्थ की वाणी को भी नियंत्रित करती हैं।

गदा: यह अज्ञानता और अहंकार को नष्ट करने का प्रतीक है।

जय माँ पीताम्बराश्री रामनवमी के पावन पर्व पर जगतजननी महामाई माँ पीताम्बरा के आशीर्वाद से स्व. श्री संतोष शर्मा के फार्म ...
28/03/2026

जय माँ पीताम्बरा

श्री रामनवमी के पावन पर्व पर जगतजननी महामाई माँ पीताम्बरा के आशीर्वाद से स्व. श्री संतोष शर्मा के फार्म हाउस, नयाबांस खैरगढ़ पर मां पीतांबरा पीठ के भव्य मंदिर निर्माण के उपलक्ष्य में भव्य और दिव्य विशाल भंडारे का आयोजन किया गया

इस कार्यक्रम में आप सभी धर्मप्रेमियों ने शामिल होकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई

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नयाबांस
Firozabad
283203

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