08/11/2013
श्री कनक बिहारी जू, श्री कनक भवन अयोध्या धाम की आज 08.11.2013 की झाँकी..!!!
श्री जनकपुर में श्रीसीताजी और श्रीरामजी का विवाह संपन्न होने के बाद उनके श्री अयोध्याजी में मंगल आगमन पर इस कनक भवन को माता कैकेयीजी ने श्री सीताजी को मुँह दिखाइ में भेंट किया था.. इस भवन में विराजमान तीनों जोड़ी विग्रह श्री सीता रामजी की ही हैं.. बडी जोड़ी श्री महल बिहारी जी भगवान.. मझली जोड़ी श्री कनक बिहारी जी भगवान और छोटी जोड़ी श्री मणी बिहारी जी भगवान के नाम से जानी जाती है..!!
श्री कनक भवन के इतिहास के मुताबिक जरासंघ राक्षस का वध करने के बाद भगवान श्रीकृष्ण जी पटरानी रूकमणी जी को लेकर द्वारिका (गुजरात) जाने से पहले श्री अयोध्या जी आये थे और श्री कनक भवन की मुलाकात ली थी...!!!
वर्तमान श्री कनक भवन का नव निर्माण टीकमगढ (मध्य प्रदेश) के नामदार महाराजा द्वारा उनकी धर्म पत्नी महारानी श्री वॄषभानु कुँवरि जी.. जो श्री कनक बिहारी जी भगवान की अनन्य प्रेमी थी, ऊन्हीं की प्रेरणा से वि.सं. 1948 में करवाया गया और गर्भ गृह मेँ जो श्री सीताराम जी की दो जोड़ी (मझला विग्रह और छोटा विग्रह) बिराजमान थी उसके साथ श्री सीतारामजी का बडा, अद्भुत और अतुल्य विग्रह जो श्री महल बिहारी जी के नाम से जाना जाता है वह बनवा कर स्थापित किया गया.. श्री महल बिहारी जी का विग्रह अचल है और बाकी का दो विग्रह चल है जो विशेष अवसर पर गर्भ गृह से बाहर आते हैं..!!!
श्री कनक बिहारी जी भगवान की कृपा सब पर बनी रहे.. ऐसी मंगल कामना…!!!
जय जय सियाराम..!!!
जय श्री किशॊरी जू..!!!