23/01/2026
*15 फरवरी रविवारको महाशिवरात्रिकी रात श्री एकलिंगनाथकी विशेष महापूजा होगी।*
फाल्गुन कृष्णा चतुर्दशीके दिन कैलाशपुरी स्थित मंदिर श्री एकलिंगजी में महाशिवरात्रि का महोत्सव रात्रि 10 बजे से मनाया जायेगा। महाशिवरात्रि की विशेष पूजा रात्रि 10 बजे से आरंभ होकर चार प्रहर तक निरंतर चलती रहती है। विशेष पूजाका करीब करीब समय निम्न लिखित है।
*प्रथम प्रहर 10:00 से 02:30* 15/02/2026
*द्वितिय प्रहर 02:30 से 05:30* 16/02/2026
*तृतीय प्रहर 05:30 से 08:30* 16/02/2026
*चतुर्थ प्रहर 08:30 से 11:30* 16/02/2026
भगवानकी चारों प्रहर की पूजा में विशेष श्रृंगार किया जाता है और विशेष पंचामृत का अभिषेक कीया जाता है। चारों प्रहर की पूजा में प्रत्येक प्रहर में रूद्रीपाठ होते हैं। प्रत्येक प्रहर में दूध, दही, घी, शहद एवं शक्कर से पंचामृत धारण कराया जाता है। पैलेस बैण्ड भगवानजीकी सेवा में चारों प्रहर बजता रहता है।
15 फरवरी की रात्रि 10 बजे से दूसरे दिन 16 फरवरी शाम तक दर्शन निरंतर खुले रहेंगे क्योंकि महाशिवरात्रि की पूजा निरंतर चलती रहती है। दर्शनार्थी 16 फरवरीकी सुबह करीब 11.30 बजे तक महाशिवरात्रि के दर्शन लाभ ले सकते है, इसके बाद भगवानजीकी नियमित त्रिकाल पूजा आरंभ होगी जिसके चलते सामान्य दर्शन रात्रि करीब करीब 7: 00 बजे तक (पुरे दिन) लगातार खुले रहेंगे।
*52 रूद्राभिषेक और पंचामृत अभिषेक*
चारों प्रहर की पूजा में प्रत्येक प्रहर में 13 रूद्रीपाठ होते हैं। प्रत्येक प्रहर में सवा नौ किलो प्रत्येक दूध, दही, घी, शहद एवं शक्कर से पंचामृत श्री एकलिंगनाथ को धारण कराया जाता है। इस प्रकार कुल सवा 46 किलो की मात्रा में पंचामृत की सामग्री हर एक प्रहर में चढाई जाती है। चारों प्रहरमें कुल मिलाकर 52 रूद्राभिषेक होते है और 180.5 किलो पंचामृतका अभिषेक होता है।
दर्शन का समयः 15 फरवरी 2026 महाशिवरात्रि को (दिनमें)
दिन प्रातः 4.30 से 7.00 बजे तक
मध्यान्ह 10.30 से 1.30 बजे तक
सायंकाल 5.00 से 7.30 बजे तक
श्री एकलिंगनाथ के दर्शन के लिए जाने वाले कृपया ध्यान दे :
इस दिनको बायपास से कैलाशपुरी होकर जानेवाले मार्ग को सभी भारदारी वाहन और सभी रोड वेज की बसों के लिए 14, 15 और 16 फरवरी तक सदंतर बन्ध कर दिया जा सकता है ।
तारीख 14 फरवरीसे दुपहर बाद मोटर सायकल और प्राइवेट कार वगैराको कैलाशपुरी से उदेपुरकी और करीबन दो किलोमीटर आगे और नाथद्वारा की और भी एक किलोमीटर आगे तक रुक जाना हो सकता है। इससे आगे कोई भी दुपहिया या चोपहिया वाहन नहीं जा सकेगा।
*पदयात्री और दर्शनार्थियों अगली रात 14 फरवरीसे ही भगवानके दर्शनके लिये लाइनमें लग जाते है जो धीरे धीरे बढकर कर उदेपुरकी और वाघेला तालाब तक या उसेभी आगे तक पहुचती है।*
श्री एकलिंग नाथ इस दिन दर्शन के लिए बड़ी प्रतीक्षा ( तपस्या ) करवाते है । थोडा कष्ट जरुर पड़ेगा लेकिन इसके बादके दर्शनका आनंदभी अनन्य होगा। चारों प्रहरकी महापूजाके दर्शनके लिए कोई विशेष सुविधा प्राप्त नही होती है।
जय श्री एकलिंगनाथ जी
नोट : यातायात बंध होनेका समय अंदाजित है वो कम/ज्यादा हो सकता है ।
● कैलाशपुरी मे धार्मिक गतिविधिके मेसेज आपको वोटसएप ब्रोडकास्ट लिस्ट द्वारा मीलते थे वो अब बंद कर दिए है। अब आपको गृप इन्वाइट लिंक से गृपसे जुडना होगा। योगेन्द्र पंड्या।
● *यह संदेश कोइ सत्तावार / अधिकृत संदेश नहीं है । सिर्फ मार्गदर्शन हेतु प्रसारित की गई सूचना है ।*
● *अगर उक्त कार्यक्रममें कोई बदलाव होगा तो आपको सूचित करनेका प्रयास करुंगा ।*
● जय श्री एकलिंग प्रभु _______
कृपया इसे ज्यादा से ज्यादा कोपी / पेस्ट / शेर करें ।
Follow this link to join my WhatsApp group