11/09/2026
फिल्म हनुमान अंश की तारीफ तो आप सबने खूब सुनी होगी, पर्दे पर जो भव्य भीड़ देखी, जो गांव वाला सीन देखा, वो किसी VFX से नहीं बना।
उसके पीछे की कहानी आपके होश उड़ा देगी आइए आपको बताते हैं...!!
ये हैं फिल्म के डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी...
कोई बड़ा माइक, कोई घमंड नहीं, खुद टोपी पहनकर, एक छोटा सा खिलौना जैसा माइक लेकर चित्रकूट के परसौंजा गांव की कीचड़ भरी गलियों में घूम-घूम कर लोगों को बुला रहे थे...
और कैसे प्यार से बोल रहे हैं, लोगों को बुला रहे हैं ये आप कहीं पर भी वीडियो में देख सकते हैं जिसके कुछ शब्द यहां लिखे हैं....
"नमस्कार सभी को राम-राम...
आपके गाँव परसौंजा में हम सभी एक फिल्म का निर्माण कर रहे हैं, इस फिल्म में एक सीन है जिसके लिए हमको बड़े-बूढ़े, कुर्ता पजामा, धोती कुर्ता, सदरी में चाहिए, महिलाएं भी अगर सम्मिलित होना चाहें तो साड़ियों में आ सकती हैं, दादा, मामा, चाचा, चाची, दादी अगर आप सफेद कुर्ता पजामा पहन के आ सकते हैं तो आएं आपका दिल से स्वागत है।"
न कोई कास्टिंग एजेंसी, न मुंबई से लाए गए जूनियर आर्टिस्ट, सीधा गांव के चाचा-दादी को ही स्टार बना दिया।
और देखो एक लड़का सिर पर लाइट और सामान उठाए चल रहा है, दूसरा हाथ में क्लैपबोर्ड लिए पूरी टीम बारिश में, कीचड़ में गांव-गांव घूम रही है।
यही तो फर्क है, बड़े-बड़े डायरेक्टर AC वैन में बैठकर भीड़ मंगवाते हैं, और यहां विशाल भाई खुद गली-गली जाकर हाथ जोड़कर भीड़ जुटा रहे हैं।
इसीलिए तो हनुमान अंश सिर्फ एक फिल्म नहीं लगती, अपने गांव की कहानी लगती है क्योंकि पर्दे पर जो चेहरे हैं, वो एक्टर नहीं, हमारे अपने लोग हैं।
ऐसी ईमानदारी से बनी फिल्म को तो ब्लॉकबस्टर होना ही था।
क्या आपको पता है चित्रकूट की पावन भूमि पर परसौंजा गांव के अलावा शिवरामपुर, आरोग्यधाम, मंदाकिनी तट और पंजाबी बाबा आश्रम जैसी जगहों पर भी फिल्म के महत्वपूर्ण दृश्य फिल्माए गए हैं।
आपने हनुमान अंश देखी क्या?
कमेंट में जरुर बताइएगा...