20/01/2026
*कौशल भईया का शिवलोक गमन*
कौशल भईया, कौशल भईया । सभी अघोर आश्रमों में कमोबेश सभी लोग उनको इसी नाम से संबोधित करते थे, या, जानते थे । स्नेह और आदर के साथ । स्नेह और आदर का भी एक बड़ा कारण था । कारण था, आपकी, एक किडनी अघोरेश्वर महाप्रभु को समर्पित होना । और इसी समर्पण ने, अघोर श्रद्धालुओं के बीच, कौशल भईया को आदरणीय बना दिया । क्योंकि सामाजिक दृष्टि से देखा जाए तो कई लोग एक दूसरे को किडनी देते हैं । पर यहाँ घटना सामान्य नहीं थी । उस आदि शक्ति की स्थूल काया, अघोरेश्वर महाप्रभु, को किडनी देने की घटना अपने आप ही कौशल भईया को भक्ति की चरम अवस्था पर ले जाकर स्थापित कर देती है । पर इससे भी बड़ी बात कि उस आदि-शक्ति की स्थूल काया ने आपको सुपात्र समझा । आदि शक्ति ने आपको सुपात्र समझा, ये भक्ति मार्ग में एक बड़ी उपलब्धि मानी जाती है । अघोरेश्वर को भजना पूजना आसान है, पर शिव की स्थूल काया के पैमानों पर खरा उतरना बेहद कठिन । कौशल भईया इस पैमाने पर 100% खरे उतरे । शिव को पाकर पूरा जीवन जीकर शिवालय और शिव में ही विलीन होना, एक बिरले व्यक्ति का ही जीवन चक्र हो सकता है ।
कौशल भईया ता-उम्र अपने परिवार संग अघोर के विश्वविख्यात हेडक्वार्टर 'बाबा कीनाराम स्थल, क्रीं-कुण्ड' को समर्पित रहे ।
19 जनवरी 2026 को आपका अचानक जाना अघोर श्रद्धालुओं के लिए अपूरणीय क्षति है । परम पूज्य अघोराचार्य महाराजश्री आपको अपने अन्यत्र लोक में उच्च स्थान दें ।
💐💐😢*भावभीनी श्रद्धांजलि* 😢💐💐
जय माँ गुरु, जय माँ सर्वेश्वरी