Kalki Avtar

Kalki Avtar कब होगा कल्कि अवतार...?
मावजी महाराज की ?

परम् वंदनीय श्री कृष्णा अवतारी बेणेश्वर धरारधिष संत श्री मावजी महाराज को माव भक्तो द्वारा परमात्मा का १० वा अवतार कहा जाता है में उनकी मानव रूप में की गई लीला का वर्णन करने मै सक्षम नहीं हु पर पर उनकी प्रेम भक्ति से ये कार्य हूँ ...

|| जय महाराज || साबला क्षेत्र में मावभूमि रेस्टोरेंट जल्द ही शुरू हो रही है। शुद्ध शाकाहारी भोजन का अनोखा स्वाद ...
22/02/2021

|| जय महाराज ||
साबला क्षेत्र में मावभूमि रेस्टोरेंट जल्द ही शुरू हो रही है।
शुद्ध शाकाहारी भोजन का अनोखा स्वाद ...

14/01/2021
05/01/2021

ज्ञान भागीरथी

बाबा तुलसी कहते है -
कर्म प्रधान विश्व रचि राखा , जो जस करहि सौ तस फल चाखा ।।
अर्थात सृष्टि की रचना ही ऐसी है कि जो जैसा कर्म करता है उसे वैसा ही फल मिलता है ।
भगवान श्री कृष्ण कहते है -
नियतं कुरु कर्म त्वं कर्म ज्यायो ह्रकर्मणः ।
अपना नियत कर्म करना कर्म न करने की अपेक्षा से श्रेष्ठ है ।
मतलब यह है कि नियत कर्म करना भी है , प्रकृति के नियमानुसार फल भुगतान भी है ।
खास बात यह है कि कर्म किये बिना कोई व्यक्ति बच नही सकता है , बिना कर्म के जीवन निर्वाह भी सम्भव नही है । साथ ही महत्वपूर्ण बात यह है कर्म का फल अवश्यमेव मिलता ही है, इसलिए कर्म ऐसा करना चाहिए जो जीव को उच्चतर मार्ग पर ले जा सकें । कर्म निष्काम हो या सकाम यह विषय अलग है परंतु हर कर्म में सावधानी आवश्यक है , जो कर्म पाप वृति को बढ़ाता है , जो कर्म बंधन बढ़ाता है , जो कर्म दुःख लाता है , जो कर्म मानवधर्म के लिए ठीक नही है उससे बचना बुद्धिमत्ता है । ऐसे कर्म बंधन बढाते है । इसलिए पुण्य न हो तो कोई बात नही परन्तु पाप की गठरी तो नही बांधनी चाहिए ।
कर्म की बारीकियां यही है की कर्म मन , वचन , वाणी और शरीर मतलब कर्मेन्द्रियों और ज्ञानेंद्रियों दोनों से ही चलता रहता है । इसलिए कर्म को समझना और समझाना बहुत कठिन है । जब कर्मेन्द्रियों द्वारा किए कर्म में ज्ञानेंद्रियों का कोई दृष्टिकोण, कामना व वासना न रहे तब वही कर्म निष्काम हो जाता है । सबसे श्रेष्ठ और उत्तम कर्म निष्काम कर्म है ऐसे कर्म अर्जुन जैसे योगियों द्वारा ही सम्भव है । भगवान कृष्ण ने भी गीता में निष्काम कर्म पर जोर दे रहे है । निष्काम कर्म का मतलब निष्क्रियता नही है ।

*पूर्वजो को आभार-अर्चन का दिन चौदस !*विश्व की कई पैगन संस्कृतियो में पितृ पूजन और आभार जतन की परम्परा रही है. भारतीय सना...
28/11/2020

*पूर्वजो को आभार-अर्चन का दिन चौदस !*

विश्व की कई पैगन संस्कृतियो में पितृ पूजन और आभार जतन की परम्परा रही है. भारतीय सनातन संस्कृति में मृत पितरों के पूजन-अर्चन-स्मरण के लिए बकायदा दिन नियत किए गए हैं. कार्तिक मास की चतुर्दशी व पूर्णिमा - पितृ पूजन के लिए वर्ष के सबसे बडे दो दिन।

विश्व की कई पैगन संस्कृतियो में पितृ पूजन और आभार जतन की परम्परा रही है. भारतीय सनातन संस्कृति में मृत पितरों के पू....

22/11/2020

देवउठनी एकादशी के ठीक दो दिन पहले मनाई जाने वाली आंवला नवमी. क

Story of Mahaprabhuji’s devotee …||  जय महाराज ||कथा महाप्रभुजी के भक्त की…परमात्मा प्रत्येक जीव पर कृपा बरसाते है। जो न...
28/09/2020

Story of Mahaprabhuji’s devotee …

|| जय महाराज ||

कथा महाप्रभुजी के भक्त की…

परमात्मा प्रत्येक जीव पर कृपा बरसाते है। जो नास्तिक हे उनको भी सूर्य
नारायण प्रकाश प्रदान करते है, चंद देव शीतल करते है अर्थात परमात्मा से
विरोध करने वाले भी उनकी कृपा प्राप्त करते है तो भक्त की तो बात ही क्या
है।
सद्चिदानन्द श्री कृष्ण म्हावजी स्वरूप की लीला को पूर्ण कर शेषपुर से
स्वधाम गमन किया इसीलिए शेषपुर के नर नारी प्रभु भक्ति में तल्लीन रहते
है। और जहां भक्ति महारानी हो वही प्रभु का निवास बन जाता है। शेषपुर के
कण कण में म्हाव भक्ति की अमर धारा बहती है।
विस्तार से पढ़ने के लिये यह क्लिक करे 👇🏻
http://beneshwardham.in/blog/dhuljidada/

why special sheshpur from other villages ?शेष अर्थात क्षीर सागर में भगवान् विष्णु जिस शेष (सर्प, नाग) पर विश्राम करते है...
12/09/2020

why special sheshpur from other villages ?

शेष अर्थात क्षीर सागर में भगवान् विष्णु जिस शेष (सर्प, नाग) पर विश्राम करते है। जब सब कुछ क्षय हो जाये सम्पूर्ण पृथ्वी के समस्त नगर में प्रलय आ जाये तथापि जो शेष रह जाये वही शेषपुर है। धौलागिरी की गोद में बसा यह वही शेषपुर है जिसका प्रलय आने पर भी अंत नहीं होता..........
विस्तार से जानने के लिए निचे दी गयी लिंक पर क्लिक करे... 👇👇
http://beneshwardham.in/blog/why-special-sheshpur-from-other-villages/

http://beneshwardham.in/blog/
22/07/2020

http://beneshwardham.in/blog/

On the day of Maha Aarti of Purnima, declaration of Peethadheeshwar of Beneshwar Dhamचांदनी चकोर की महाआरती के दिन बेणेश्वर धाम के पीठाधीश्वर की वाणी || On the day of Maha Aarti of Purnima, decl...

*।। जय महाराज ।।* बड़े ही हर्ष से आपको सूचित किया जाता है कि बेणेश्वर धाम की वेबसाइट beneshwardham.in को प्रस्तुत किया है...
17/06/2020

*।। जय महाराज ।।*
बड़े ही हर्ष से आपको सूचित किया जाता है कि बेणेश्वर धाम की वेबसाइट beneshwardham.in को प्रस्तुत किया है। हमारा लक्ष्य गौरक्षा, ब्राह्मण रक्षा, धर्म रक्षा, विश्व कल्याण के साथ माव वाणी को जन जन तक पहुंचाकर भक्ति के साथ धर्म की स्थापना करना।
हमारे साथ जुड़ने एवं किसी भी प्रकार के सहयोग तथा सुजाव के लिए हमे सम्पर्क करें
📱सम्पर्क सूत्र : +91 96622 94927
✉ईमेल : [email protected]
🌐वेबसाइट :

Beneshwar Dham is a hindu temple. People also known as Triveni Sangam.

।। जय महाराज ।।परम् पूज्य गुरुदेव के आशीर्वाद एवं माव भक्तो की कृपा से हमारे बेणेश्वरधाम की website http://beneshwardham...
01/04/2020

।। जय महाराज ।।
परम् पूज्य गुरुदेव के आशीर्वाद एवं माव भक्तो की कृपा से हमारे बेणेश्वरधाम की website http://beneshwardham.in को आज प्रकाशित किया गया है ।

बेणेश्वर धाम - श्री कृष्ण ने वृन्दावन में अलौकिक रास क्रीड़ा की थी उस रास में श्री केशर बाई एवं दालम ऋषि के मनोभाव को ....

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314022.

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