01/03/2026
दिसोम ज़ाहेर थान दुमका में पूरे हर्षोल्लास व धूमधाम के साथ मनाया गया दिसोम बाहा पोरोब
आज दिनांक 01.03.2026 (रविवार) को दिसोम जाहेर थान दुमका में दिसोम मांझी बाबा बीनीलाल टुडू के नेतृत्व में दिसोम नायकी बाबा सीताराम सोरेन के अगुवाई में दिसोम बाहा पर्व धूमधाम के साथ मनाया गया।
प्रातः 8 बजे नायकी बाबा स्नान कर दिसोम ज़ाहेर थान में अपने मरांग बुरू भक्तों के साथ जाहेर ऐरा, गोसाई ऐरा, ठाकुर जी, मोड़ेंकु तुरूयकु, मरांग बुरू आदि इष्ट देवताओं के नाम पूजा अर्चना करते हुए मुर्गा का बलि दिया गया। तत्पश्चात बलि दिया गया मुर्गा का खिचड़ी बनाकर प्रसाद के रूप में ग्रहण किया गया। साथ ही पूरे हर्षौल्लास व धूमधाम के साथ बाहा गीतों पर बाहा नृत्य किया गया।
नायकी बाबा सीताराम सोरेन ने कहा कि बाहा संताल समुदाय का दूसरा सबसे बड़ा और पवित्र त्योहार है, जो फागुन मास में मनाया जाता है। यह प्रकृति की पूजा का पर्व है, जिसका शाब्दिक अर्थ 'फूल' होता है। जब पेड़ों पर नए पत्ते और सखुआ (साल) के फूल खिलते हैं, तब यह उत्सव शुरू होता है।
इस पर्व में संताल लोग नायके (पुजारी) के नेतृत्व में जाहेर थान (पूजा स्थल) पर सखुआ और महुआ के फूलों से पूजा-अर्चना करते हैं। लोग एक-दूसरे पर शुद्ध पानी डालकर प्रेम और सद्भाव प्रकट करते हैं। यह त्योहार मनुष्य और प्रकृति के अटूट संबंध को दर्शाता है।
उक्त बाहा पर्व में संताल परगना के विभिन्न हिस्सों से आतो मोड़ें होड़ और मरांग बुरू भक्त शामिल हुए। साथ ही आसपास के गांव और विभिन्न कल्याण छात्रावास में रह रहे छात्रों की भूमिका भी अहम रही।
मौके पर चुंडा सोरेन 'सिपाही', टेकलाल मरांडी, अशोक हांसदा, इंद्रजीत हेंब्रम, बी. डी किस्कू, चंद्रनाथ हेंब्रम, नीलेश हांसदा, रामप्रसाद हांसदा, मोहन टुडू, दशमत किस्कू, शिवकांत मुर्मू, प्रेम हांसदा, संदीप मुर्मू, संदीप हांसदा, साहेबराम किस्कू, शीतल मरांडी, झुमरी सोरेन, मोनोदी सोरेन, लवकिशोर टुडू, सन्नी बेसरा आदि सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल हुए।