माँ करणी देशनोक धाम बीकाणा

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माँ करणी देशनोक धाम बीकाणा सुख देणो दु:ख मेटणो माँ करणी रो नाम चरण सरण दे चारणी कोट कोट प्रणाम

सुख देणो दुख मेटणो, माँ करणी रो काम।चरण शरण दे चारणी, पुनः पुनः करूं प्रणाम।।🙏🏼🙏🏼🙏🏼🙏🏼🙏🏼🙏🏼
29/04/2026

सुख देणो दुख मेटणो, माँ करणी रो काम।
चरण शरण दे चारणी, पुनः पुनः करूं प्रणाम।।
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जय माँ करणी  #जयमाँकरणीदेशनोक दरबार जय मां करणी श्री करणी माता मंदिर "देशनोक धाम"माँ करणी देशनोक धाम बीकाणा Karni mata d...
28/01/2026

जय माँ करणी
#जयमाँकरणी
देशनोक दरबार जय मां करणी
श्री करणी माता मंदिर "देशनोक धाम"
माँ करणी देशनोक धाम बीकाणा
Karni mata deshnok
Karni Mata Deshnoke
जय माँ करणी -Jai Maa Karni

22/01/2026
 #जयमांकरणी  मां के 21 दोहे1. देवी देशाणै बुला, उण ओरण रे मांय।दही बिलोता डोकरी भगत चराता गाय।2.देवी देशाणै बुला, बैठूं ...
20/01/2026

#जयमांकरणी
मां के 21 दोहे
1. देवी देशाणै बुला, उण ओरण रे मांय।
दही बिलोता डोकरी भगत चराता गाय।
2.देवी देशाणै बुला, बैठूं मढ री ओट।
मन में ध्याऊं आपनै, त्याग कपट छल खोट।
3.देवी देशाणै बुला, बीकाणै री नाक।
जठै दास तिरिया घणा, दुष्ट हो गया खाक।
4.देवी देशाणै बुला खास्यूं मीठा बोर।
दर्शण पाकर आपरा नांचैला मन मोर।
5.देवी देशाणै बुला, बोरडियां री छांव।
उन धरणी माथौ धरूं, (जठै) करणी धरता पांव।
6.देवी देशाणै बुला, उण सांचै दरबार।
जय जय करणी कर रिया, सीस झुका नर नार।
7.देवी देशाणै बुला, थारै थली रै देस।
चरणां चिरजा आपरै करूं चाव सैं पेस।
8.देवी देशाणै बुला, लगा अती मत देर।
बेटे रै सिर मावड़ी हाथ नेह सुं फेर।
9.देवी देशाणै बुला, मत अरजी नैं टाल।
घट का ताला खोल जो, कट ज्या भव जंजाल।
10.देवी देशाणै बुला राख आपरै सीर।
मां बेटो मिल जीमस्यां खांड लापसी खीर।
11.देवी देशाणै बुला, चरणां टेकूं भाल ।
दुखड़ा दर्शन पावतां, कट ज्यावै तत्काल।
12.देवी देशाणै बुला, उगतो देखूं भाण ।
मां आशीसां देवजे टाबर भोलो जाण ।
13.देवी देशाणै बुला,उण निज मढ रै मांय।
मन चंचल जिण द्वार पे, दोड्यो दोड्यो जाय।
14. देवी देशाणै बुला, मचै मनां में होड।
काबा देख गिनायती नांचै कर कर कोड।
15.देवी देशाणै बुला, मति परायो जाण ।
जै निजरां सुं त्याग दे, पल में छोडूं प्राण।
16.देवी देशाणै बुला, मत कर टालमटाल।
थोडों सो भूंडो सही, हूँ तो थारो लाल।
17.देवी देशाणै बुला, पड़ै बुलायां पार।
दरस दियां बिन डोकरी छोडूं कोनी लार।
18.देवी देशाणै बुला, एकर कर दे म्हेर।
पाछै साल गुजार द्यूं, माला थारी फेर।
19.देवी देशाणै बुला, कर दे बेडा पार।
बिन थारी आशीष के चालै ना घरबार।
20.देवी देशाणै बुला, धजबन्द थारै द्वार।
जठै जीत बण ज्याय है दुनिया की हर हार।
21.देवी देशाणै बुला, खड्यो सीस जमदूत ।
आय बचालै डोकरी प्रांजल थारो पूत

18/01/2026

कष्ट हरण रक्षा करण, निजजन नित्य निभाय। किनिंयाणी इण कारणे, (माँ)करणी नाम कहाय" और "देवी देशाणै बुला, मत अरजी नैं टाल। घट का ताला खोल जो, कट ज्या भव जंजाल"। ये दोहे चारण और राजपूत समुदायों के बीच लोकप्रिय हैं और मां करणी को 'डाढ़ाली डोकरी' और 'बीसभुजाली मात' के नाम से संबोधित करते हैं।

12/01/2026

10/01/2026

09/01/2026

करणी माता छंद

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करणी माता छंद (Karni Mata Chhand) देवी करणी की स्तुति में रचित चारणी साहित्य की पद्य रचनाएँ हैं, जिनमें उनके चमत्कारों, शक्तियों और महिमा का वर्णन होता है, जैसे 'दोहा', 'मोतीदाम', 'छप्पय' और 'रोमकंद' जैसे छंदों में, जो भक्तों द्वारा गाए जाते हैं और देवी के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हैं.
प्रमुख छंदों के उदाहरण:
दोहा:
"श्री अम्बे करनी सगत, आपे बुद्धि अपार। तो कीरत मो मुख तणी, श्रवणां लीजे मार॥" (अंजस)
"संकट को हरणी सदा, भरणी जग को भात। अशरण शरणी आदिका, मन रट करणी मात॥" (कवि खीमदान बारहठ)
छंद मोतीदाम (अंजस द्वारा प्रस्तुत):
"नमो तुझ मेह सुता करनल्ल, सदा कर रेंणव काज सफल्ल। प्रसू तव देवल आढ़िय पाय, मही पर धन्य हुई महंमाय॥"
छप्पय (अंजस द्वारा प्रस्तुत):
"मेह सुता महंमाय, ईहगां नव निध अप्पै। प्रहरण धारै पांण, केवियां कंदल कप्पै। मधवा शेष महेश, जोड़ भुज तोनूं जप्पै। कृपा करे करनल्ल, सेवगां सुक्ख समप्पै॥"
छंद रोमकंद (कवि खीमदान बारहठ):
"जब मानव जट्टीय कुड़ कपट्टीय, काम निपट्टीय नीच करै। मरजाद सुमट्टीय लोकन लुट्टीय, पाप प्रगट्टीय भुम परे। करणी जग कारण पाप प्रजारण, धर्म वधारण रुप धरयो।"
करणी माता छंद का महत्व:
ये छंद देवी करणी की स्तुति, पूजा और वंदना के माध्यम हैं, जो उनके भक्तों के बीच बहुत लोकप्रिय हैं.
इनमें करणी माता को 'बीसहथ्थ' (बीस भुजाओं वाली), 'अरण' (अनाथों की), 'जगतारण' (संसार को तारने वाली) और 'जग कारण' (जगत् का कारण) के रूप में वर्णित किया गया है.
यह चारणी साहित्य का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, जो लोक-देवताओं और उनकी लीलाओं का वर्णन करते हैं.
ये छंद विभिन्न कवियों द्वारा रचे गए हैं और समय के साथ लोकप्रिय होते गए हैं, जो करणी माता के प्रति अटूट आस्था का प्रतीक हैं.

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देशनोक माँ करणी का मंदिर बिकानेर से 31 किमी दूर बीकानेर नोखा रोड़ पर स्थित है ��
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