06/10/2026
🌅 “अमानित्वमदम्भित्वमहिंसा क्षान्तिरार्जवम्।”
— श्रीमद्भगवद्गीता 13.8
अर्थ:
विनम्रता, दिखावे से दूर रहना, अहिंसा, क्षमा और सरलता—ये मनुष्य के सच्चे गुण हैं।
☀️ सूर्य सबसे ऊँचाई पर होकर भी किसी से अपना प्रकाश छीनता नहीं,
बल्कि सबको प्रकाश देता है।
यही सच्ची महानता है—
ऊँचाई मिले तो अहंकार न आए,
शक्ति मिले तो किसी को छोटा न समझें,
और सफलता मिले तो विनम्रता बनी रहे।
🌞 इंसान की असली पहचान उसकी ऊँची हैसियत से नहीं,
उसके अच्छे व्यवहार और साफ चरित्र से होती है।
✨ प्रकाश वही सुंदर है, जो खुद चमके और दूसरों का रास्ता भी रोशन करे।
🙏 जय श्री सूर्य नारायण देव।