26/06/2023
श्री कृष्ण की भक्ति का सिर्फ एक ही प्रकार है।
आपको अपना मन प्रभु में समर्पित करना है। बस।
अन्य देवी देवताओं में स्तुति, मंत्र, तप, ध्यान, हवन इत्यादि का नियम होता है। पर विष्णु जी अथवा विष्णु तत्व को रिझाने का सिर्फ एक नियम है।
"हे नाथ! मैं आपका हूं। कृपया मुझे स्वीकारें।"
सिर्फ इस एक वाक्य को भाव में परिवर्तित कर के आप समस्त चर अचर लोकों के स्वामी को सरलता से प्राप्त कर सकते हैं।
है ना कितना सरल!!