26/03/2026
श्वेते वृषे समारूढा श्वेताम्बरधरा शुचिः।
महागौरी शुभं दद्यान्महादेवप्रमोददा॥
जगज्जननी आदिशक्ति माँ दुर्गा के अष्टम स्वरूप माँ महागौरी की आराधना से साधक का जीवन पवित्रता, आत्मसंयम और शक्ति से आलोकित होता है।
माँ की कृपा से श्रद्धालुओं की अभिलाषाएं पूर्ण हों, जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और नव ऊर्जा का संचार हो, यही प्रार्थना है।
जय माँ महागौरी!