Jyotish kendra

Jyotish kendra Astrologer Badri Kedar, popularly known as is a well known astrologer amongst the famous movie stars

28/10/2023
माता शैलपुत्री की कथादेवी शैलपुत्री पूर्वजन्म में प्रजापति दक्षकी कन्या सतीदेवी शैलपुत्री सती के नाम से भी जानी जाती हैं...
15/10/2023

माता शैलपुत्री की कथा

देवी शैलपुत्री पूर्वजन्म में प्रजापति दक्षकी कन्या सती
देवी शैलपुत्री सती के नाम से भी जानी जाती हैं। अपने पूर्वजन्म मे ये प्रजापति दक्षकी कन्या के रूप में उत्पन्न हुई थीं। तब इनका नाम सती था। इनका विवाह भगवान शंकरजी से हुआ था।

एक बार प्रजापति दक्षने एक बहुत बड़ा यज्ञ किया। यज्ञमें उन्होंने सारे देवताओं को निमंत्रित किया। किन्तु शंकरजी को उन्होंने इस यज्ञमें निमंत्रित नहीं किया।

सती ने जब सुना कि उनके पिता एक विशाल यज्ञ कर रहे हैं, तब वहाँ जाने के लिए उनका मन विकल हो उठा।

अपनी यह इच्छा उन्होंने शंकर जी को बतायी।

सारी बातों पर विचार करने के बाद शंकरजी ने कहा कि – सारे देवताओं को निमंत्रित किया गया है, उन्हें नहीं। ऐसे में वहां जाना उचित नहीं है।

किन्तु सती का प्रबल आग्रह देखकर शंकरजी ने उन्हें यज्ञ में जाने की अनुमति दे दी।

सती ने पिताके घर पहुँचकर देखा कि कोई भी उनसे आदर और प्रेम के साथ बात नहीं कर रहा है। केवल उनकी माता ने ही स्नेह से उन्हें गले लगाया। बहनों की बातों में व्यंग्य और उपहास के भाव भरे हुए थे।

उन्होंने यह भी देखा कि वहाँ भगवान शंकर के प्रति तिरस्कार का भाव भरा हुआ है। दक्ष ने उनके प्रति कुछ अपमान जनक वचन भी कहे। परिजनों के इस व्यवहार से उनके मन को बहुत क्लेश पहुँचा। उनका हृदय क्षोभ, ग्लानि और क्रोध से सन्तप्त हो उठा।

उन्होंने सोचा भगवान् शंकरजी की बात न मानकर, यहाँ आकर उन्होंने बहुत बड़ी गलती की है। वह अपने पति भगवान् शंकर के इस अपमान को सह न सकीं। उन्होंने अपने उस रूप को वहीं योगाग्नि द्वारा जलाकर भस्म कर दिया।

इस दारुण दुःखद घटना को सुनकर शंकर जी ने क्रुद्ध हो अपने गणोंको भेजकर दक्षके उस यज्ञका पूर्णतः विध्वंस करा दिया।

सतीने योगाग्नि द्वारा अपने शरीर को भस्मकर अगले जन्म में शैलराज हिमालय की पुत्री के रूप में जन्म लिया। इस बार वह शैलपुत्री नाम से विख्यात हुईं।

देवी शैलपुत्री
सती अगले जन्म में शैलराज हिमालय की पुत्री के रूप में जन्मीं और शैलपुत्री कहलाईं। शैलपुत्री देवी का विवाह भी शंकर जी से ही हुआ। पूर्वजन्म की भाँति इस जन्म में भी वह शिवजी की अर्धांगिनी बनीं। पार्वती, हैमवती भी उन्हीं के नाम हैं।

सुख शांति और समृद्धि की
मंगलमय कामनाओं के साथ
आप और आप के परिवार को शारदीय नवरात्रि की हार्दिक मंगल कामनाएं
मां अम्बे आपको सुख समृद्धि वैभव ख्याति प्रदान करें…जय माता दी..
शारदीय नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं ।

08/10/2023
दिनांक  दिन  तिथि/श्राद्ध29 सितंबर 2023 शुक्रवार पूर्णिमा श्राद्ध29 सितंबर 2023 शुक्रवार प्रतिपदा श्राद्ध30 सितंबर 2023 ...
22/09/2023

दिनांक दिन तिथि/श्राद्ध
29 सितंबर 2023 शुक्रवार पूर्णिमा श्राद्ध
29 सितंबर 2023 शुक्रवार प्रतिपदा श्राद्ध
30 सितंबर 2023 शनिवार द्वितीया श्राद्ध
01 अक्टूबर 2023 रविवार तृतीया श्राद्ध
02 अक्टूबर 2023 सोमवार चतुर्थी श्राद्ध
03 अक्टूबर 2023 मंगलवार पंचमी श्राद्ध
04 अक्टूबर 2023 बुधवार षष्ठी श्राद्ध
05 अक्टूबर 2023 गुरुवार सप्तमी श्राद्ध
06 अक्टूबर 2023 शुक्रवार अष्टमी श्राद्ध
07 अक्टूबर 2023 शनिवार नवमी श्राद्ध
08 अक्टूबर 2023 रविवार दशमी श्राद्ध
09 अक्टूबर 2023 सोमवार एकादशी श्राद्ध
11 अक्टूबर 2023 बुधवार द्वादशी श्राद्ध
12 अक्टूबर 2023 गुरुवार त्रयोदशी श्राद्ध
13 अक्टूबर 2023 शुक्रवार चतुर्दशी श्राद्ध
14 अक्टूबर 2023 अमावस्या श्राद्ध

10/08/2023

मंत्र-श्लोक-स्त्रोतं»श्री सूक्त पाठ – श्री सूक्त के 16 मंत्रनंनं हिंदी अर्थ सहित और श्री सूक्त पाठ के लाभ
मंत्र-श्लोक-स्त्रोतं
श्री सूक्त पाठ – श्री सूक्त के 16 मंत्र हिंदी अर्थ सहित और श्री सूक्त पाठ के लाभ
मां लक्ष्मी की शीघ्र कृपा पाने के लिए श्री सूक्त पाठ करना बहुत लाभदायक है. श्री सूक्त पाठ करने से आरोग्य का वरदान मिलता है, दूर्भाग्य सौभाग्य में बदल जाता है, घर में समृद्धि आती है, व्यापार में तरक्की के अवसर खुल जाते हैं.

श्री सूक्त पाठ इन हिंदी |
श्री सूक्त संपूर्ण |
श्री सूक्त का नित्य संकल्प
विनियोगः
न्यास:
महालक्ष्मी ध्यान:
मानस पूजा
श्री सूक्त के 16 मंत्र
श्री सूक्त पाठ इन हिंदी |
श्री सूक्त पाठ () और मन्त्रों के जप तथा हवन से जातक को सात जन्मों तक निर्धनता नहीं हो सकती है, ऋग्वेद में माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए श्री सूक्त पाठ के लाभ (shri suktam path in Hindi) के अनुसारवाली की रात में 11 बजे से लेकर 1 बजे के बीच- 108 कमल के पुष्प या 108 कमल गट्टे के दाने को गाय के घी में डूबाकर बेलपत्र, पलाश एवं आम की समिधायों से प्रज्वलित यज्ञ में आहुति देने एवं श्रद्धापूर्वक लक्ष्मी जी का षोडषोपचार पूजन करने से जातक की समस्त मनोकामना निसंदेह पूर्ण होती है।

श्री सूक्त संपूर्ण |
सर्व प्रथम इस साधना में संकल्प करना है | जैसे हर एक अनुष्ठान में करते है | संकल्प करने के लिए सर्व प्रथम अपने दाए हाथ में जल पकडे |

श्री सूक्त का नित्य संकल्प
ॐ मम स कुटुम्बस्य स परिवारस्य नित्य कल्याण प्राप्ति अर्थं अलक्ष्मी विनाशपूर्वकं दशविध लक्ष्मी प्राप्ति अर्थं श्री महालक्ष्मी प्रीत्यर्थं यथा शक्ति श्रीसूक्तस्य पाठे विनियोगः | ( जपे-होमे ) हाथ में पकड़ा हुआ जल छोड़े |

अर्थ : मेरे पुरे कुटुंब सहित समग्र परिवार का कल्याण हो तथा अलक्ष्मी का विनाश हो और देश प्रकार की लक्ष्मी की प्राप्ति के लिये महालक्ष्मी की प्रसन्नता के लिये यथा शक्ति पाठ करने का में संकल्प कर रहा हु या कर रही हु |


इसके पश्चात श्रीसूक्त का विनियोग पढ़े |

विनियोगः
ॐ श्री हिरण्यवर्णां इति पञ्चदशर्चस्य श्री सूक्तस्य आद्यमन्त्रस्य लक्ष्मी ऋषिः चतुर्दशमंत्राणां आनंदकर्दमचिक्लीतेईंदिरासुता ऋषयः जात वेदोग्नि दुर्गा श्री महालक्ष्मी देवता आद्यानां तिसृणां अनुष्टुप छन्दः चतुर्थ मंत्रस्य बृहति छन्दः व्यंजनानि बीजानि स्पर्श शक्तयः बिन्दवः कीलकं मम अलक्ष्मी परिहार पूर्वकं दशविधलक्ष्मी प्राप्त्यर्थं यथा शक्ति श्रीसूक्ते पाठे ( जपे-होमे ) विनियोगः |


इसके पश्चात् श्रीसूक्त पाठ के पूर्व न्यास करे |

न्यास:
ॐ नमो भगवत्यै महालक्ष्म्यै हिरण्यवर्णायै अङ्गुष्ठाभ्यां नमः | बोलकर अंगूठे को स्पर्श करे |
ॐ नमो भगवत्यै महालक्ष्म्यै हिरण्यै तर्जनीभ्यां नमः | बोलकर तर्जनी को स्पर्श करे |
ॐ नमो भगवते महालक्ष्म्यै सुवर्णरजतस्त्रजायै मध्यमाभ्यां नमः | बोलकर मध्यमा ऊँगली को स्पर्श करे |
ॐ नमो भगवत्यै महालक्ष्म्यै चन्द्रायै अनामिकाभ्यां नमः | बोलकर अनामिका ऊँगली को स्पर्श करे |
ॐ नमो भगवत्यै महालक्ष्म्यै हिरण्मयै कनिष्ठिकाभ्यां नमः | बोलकर कनिष्ठिका ऊँगली को स्पर्श करे |
ॐ नमो भगवत्यै महालक्ष्म्यै सुवर्ण रजतस्त्रजायै शिखायै नमः | बोलकर शिखा को स्पर्श करे |
ॐ नमो भगवत्यै महालक्ष्म्यै चन्द्रायै कवचाय हुम् | बोलकर दोनों हाथो से परस्पर कवच बनाये |
ॐ नमो भगवत्यै महालक्ष्म्यै हिरण्मयै नेत्रत्रयाय वौषट | बोलकर दोनों आँखों को स्पर्श करे |
ॐ नमो भगवत्यै महालक्ष्म्यै अस्त्राय फट | बोलकर सिर के ऊपर से तीन बार हाथ घुमाकर तीन बार ताली बजाये |
ॐ भूर्भुवः स्वरोमिति दिग्बन्धः | बोलकर दिशाओ को बाँध ले |

महालक्ष्मी ध्यान:
ॐ अरुणकमल संस्था तद्रजः पुञ्जवर्णां, करकमल धृतेष्ठाभीति युग्माम्बुजा च |
मणिमुकुटविचित्रालङ्कृता कल्पजातैः भवतु भुवनमाता सन्ततं श्रीं श्रिये नः ||

ध्यान करने के बाद महालक्ष्मी की मानसोपचार पूजा करे |

मानस पूजा
ॐ लं पृथिव्यात्मकं गन्धं परिकल्पयामि | ॐ हं आकाशात्मकं पुष्पं परिकल्पयामि |
ॐ यं वाय्वात्मकं धूपं परिकल्पयामि | ॐ रं तेजात्मकं दीपं परिकल्पयामि |
ॐ शं सोमात्मकं ताम्बूलादि सर्वोपचारान परिकल्पयामि |
ॐ छत्रं चामरं मुकुट पादुके परिकल्पयामि |

मानसिक पूजा करने के बाद श्रीसूक्त का आरम्भ करे |

श्री सूक्त के 16 मंत्र
ॐ हिरण्यवर्णां हरिणीं सुवर्ण रजतस्रजां |
चंद्रां हिरण्मयीं लक्ष्मीं जातवेदो म आवह || 1 ||

हे देवो के प्रतिनिधि अग्निदेव, सुवर्ण जैसे वर्णवाली, दरिद्रता के विनाश करने में हरिणी के जैसी गतिवाली और चपल, सुवर्ण और चांदी की माला धारक चंद्र जैसे शीतल, पुष्टिकरी, सुवर्णस्वरूप, तेजस्वी, लक्ष्मीजी को मेरे यहाँ मेरे अभ्युदय के लिए लेके आईये |

ॐ तां म आवह जातवेदो लक्ष्मीमनपगामिनीम |
यस्यां हिरण्यं विन्देयं गामश्वं पुरुषानहं || 2 ||

जिसके पास वेदो की प्राप्ति हुई है, हे लक्ष्मी नारायण | कभी भी मेरे पास से वापिस ना जाए ऐसी अविनाशी (अस्थिर लक्ष्मी)
लक्ष्मी को मेरे वहा सन्मान से लेके आइये जिस वजह से सुवर्ण,गाय,पृथ्वी,घोडा,इष्टमित्र ( पुत्र-पौत्रादि-नौकर ) को में प्राप्त कर सकू |

ॐ अश्वपूर्वां रथमध्यां हस्तिनाद प्रबोधिनीम |
श्रियं देवी मुपह्वये श्रीर्मा देवी जुषतां || 3 ||

जिस सेना के आगे अश्व,दौड़ते है, ऐसे रथके मध्यमे बैठी हुई हो | जिसके आगमन से हाथियों के नाद की भव्यता से ज्ञात होता है की लक्ष्मीजी आई है | ऐसी लक्ष्मी का आवाहन करता हु वो लक्ष्मी मेरे ऊपर सदा कृपायमान हो, में उस स्थिर लक्ष्मी को बुला रहा हु | आप मेरे यहाँ आओ और स्थिर निवास करो |

ॐ कांसोस्मितां हिरण्यप्राकारामार्द्रां ज्वलन्तीं तृप्तां तर्पयन्तीं |
पद्मेस्थितां पद्मवर्णां तामिहोपह्वये श्रियं || 4 ||

जो अवर्णनीय और मधुर हास्यवाले है, जो सुवर्ण स्वरुप तेजोमय पुंज से प्रसन्न, तेजस्वी, और क्षीर समुद्र में रहनेवाले षडभाव से रहित भावना से प्रकाशमान और सदा तृप्त होने से भक्तो को भी तृप्त रखनारी अनासक्ति की प्रतिक कमल के आसन पर बिराजमान और कमल के जैसे ही मनोहर वर्णवाली लक्ष्मीजी को मेरे घर में आने के लिये में उनका आवाहन करता हु |

ॐ चन्द्रां प्रभासां यशसा ज्वलन्तीं श्रियं लोके देवजुष्टामुदाराम |
तां पद्मिनीमीं शरणमहं प्रपद्ये अलक्ष्मीर्मे नश्यतां त्वं वृणे || 5 ||

जो चन्द्रमा के समान प्रकाशमान, सुखद, स्नेह, कृपा से भरपूर वैभवशाली,श्रेष्ठ कान्तिवाली और निर्मल कान्तिवाली जो सर्व देवोसे युक्त है( देवो ने जिनका आश्रय लिया हुआ है ), कमल के जैसी अनासक्त लक्ष्मी के कारण शरण में में जा रहां हु, जिस दुर्गा की कृपा द्वारा मेरी दरिद्रता का विनाश हो इसलिए में माँ लक्ष्मी का वरण करता हु |

ॐ आदित्यवर्णे तपसोधिजातो वनस्पतिस्तव वृक्षोथ बिल्वः |
तस्य फलानि तपसा नुदन्तु मायान्तरायाश्च बाह्या अलक्ष्मीः || 6 ||

हे सूर्य के समान तेजस्वी माँ जगतमाता | लोककल्याण हेतु आप वनस्पति स्वरुप बिल्ववृक्ष आपसे ही उत्पन्न हुआ है |
आपकी ही कृपा से बिल्वफल मेरे अंतःकरण में रहे, अज्ञान कार्य-शोक-मोह आदि जो मेरे अन्तः दरिद्र चिह्न है उसका विनाश करने वाले है जैसे धनभाव रूप से मेरे बाह्य दारिद्र का विनाश करते है |

ॐ उपैतु मां देवसखः कीर्तिश्च मणिना सह |
प्रादुर्भूतो सुराष्ट्रेस्मिन कीर्तिमृद्धिं ददातु में || 7 ||

हे माँ लक्ष्मी जो महादेव के सखा कुबेर और यश के अभिमानी देवता चिंतामणि सहित मुझे प्राप्त हो | में इस राष्ट्र में जन्मा हु, इसलिए वो कुबेर मुझे जगत में व्याप्त हुई लक्ष्मी को प्रदान करे यश-समृद्धि-ब्रह्मवर्चस प्रदान करे |

ॐ क्षुत्पिपासामलां ज्येष्ठांलक्ष्मीं नाशयाम्यहं |
अभूतिमसमृद्धिं च सर्वां निर्णुद में गृहात || 8 ||

मुझे सुलक्ष्मी प्राप्त होवे | उससे पहले मेरे दुर्बल देह जो दरिद्रता और मलिनता से युक्त है, उसका में उद्योगादि से विनाश करता हु, हे महालक्ष्मी आप मेरे घर में से अभावता और दरिद्रता का विनाश करो |

ॐ गन्धद्वारां दुराधर्षां नित्यपुष्टां करिषिणीम |
ईश्वरीं सर्वभूतानां तामिहोपह्वये श्रियं || 9 ||

हे अग्निनारायण देव सुगंधवाले, जो सदा पुष्ट सर्वसुख समृद्ध, सर्व सृष्टि को अपने नियमानुसार रखनेवाले सर्वप्राणियो के आधार पृथ्वी स्वरुप रहे हुये लक्ष्मीजी में आपका अपने राष्ट्र में आने के लिये आवाहन करता हु |

ॐ मनसः काममाकूतिं वाचः सत्यमशीमहि |
पशूनां रूपमन्नस्य मयि श्रीः श्रयतां यशः || 10 ||

हे माँ लक्ष्मीजी आपकी ही कृपा से मेरे मनोरथ, शुभ संकल्प, और प्रमाणिकता को में प्राप्त होता हु, आपकी ही कृपा से गौ-आदि पशुओ को भोजनादि प्राप्त हो, हे माँ लक्ष्मी सभी प्रकार की संपत्ति को आप मुझे प्राप्त कराये |

ॐ कर्दमेन प्रजाभूता मयि संभव कर्दम |
श्रियं वासय में कुले मातरं पद्ममालिनीं || 11 ||

हे लक्ष्मी देवी कर्दम नामक पुत्र से आप युक्त हो, हे लक्ष्मी पुत्र कर्दम, आप मेरे घर में प्रसन्नता के साथ निवास करो, कमल की माला धारण करनेवाली आपकी माताश्री लक्ष्मी-मेरे कुल में स्थिर रहे ऐसा करो | ( लक्ष्मीजी जो अपना पुत्र प्रिय है इसलिए लक्ष्मीजी अपने पुत्र के पीछे दौड़ती आती है )

ॐ आपः सृजन्तु स्निग्धानि चिक्लीत वस में गृहे |
नि च देविं मातरं श्रियं वासय मे कुले || 12 ||

हे लक्ष्मीजी के पुत्र चिक्लीत जिसके नाम मात्र से लक्ष्मीजी आर्द्र ( पुत्र प्रेम से जो स्नहे से भीग जाती है ) आप कृपा करके मेरे घर में निवास करे और अपनी माताजी लक्ष्मीजी को मेरे यहाँ निवास कराये | जल में से आविर्भूत हुए लक्ष्मीजी मेरे घर स्नेहयुक्त मंगल कार्य होते रहे ऐसा मुझे आशीर्वाद प्रदान करे |

ॐ आर्द्रां यः करिणीं यष्टिं सुवर्णां हेममालिनीं |
सूर्यां हिरण्मयीं लक्ष्मीं जातवेदो म आवह || 13 ||

हे जातवेद अग्नि भीगे हुये अंगोंवाली, कोमल हृदयवाली, अपने हाथो में धर्मदण्ड रूपी लकड़ी धारण की हुई, सुशोभित वर्णवाली, जिसने स्वयं सुवर्ण की माला धारण की हुई है, वो जिसकी कांति सुवर्णमान है, जो तेजस्वी सूर्य के समान है ऐसी लक्ष्मी मेरे घर आओ | आगमन करावो |

ॐ आर्द्रां पुष्करिणीं पुष्टिं पिंगलां पद्ममालिनीं |
चन्द्रां हिरण्मयीं लक्ष्मीं जातवेदो म आवह || 14 ||

हे जातवेद अग्नि | भीगे हुए अंगोंवाली आर्द्र ( हाथी की सूंढ़ से जिसका सतत अभिषके हो रहा है वो ) हाथो में पद्म धारण करने वाली, गौरवर्ण वाली, चंद्र के जैसी प्रसन्नता देनेवाली, भक्तो को पुष्ट प्रदान करने वाली, उस सुवर्णस्वरूप तेजस्वी लक्ष्मी को कृपा करके मेरे वहा भेजो |

ॐ तां म आवह जातवेदो लक्ष्मीमनपगामिनीम |
यस्यां हिरण्यं प्रभूतं गावो दास्योश्वान विन्देयं पुरुषानहं || 15 ||

हे अग्निनारायण आप मेरा कभी त्याग ना करे, ऐसी अक्षय लक्ष्मी को आप मेरे लिए भेजने की कृपा करे जिसके आगमन से मुझे बहुत धन-सम्पत्ति-गौ-दास-दासिया-घोड़े-पुत्र-पौत्रादि को में प्राप्त करू |

ॐ यः शुचिः प्रयतो भूत्वा जुहयादाज्यमन्वहं |
सूक्तं पञ्चदशचँ च श्रीकामः सततं जपेत || 16 ||

जिस मनुष्य को अपारधन की प्राप्ति करनी हो या धन-संपत्ति प्राप्त करने की कामना हो उस मनुष्य को नित्य स्नानादि कर्म करके पूर्णभाव से अग्निमे इस ऋचाओं द्वारा गाय के घी से यज्ञ करना चाहिए |

|| श्रीसूक्त सम्पूर्णं ||

जय माता 🙏🙏🙏

राजकुमार शर्मा

06/08/2023

*तादृशी जायते बुद्धिर्व्यवसायोऽपि तादृशः।*
*सहायास्तादृशा एव यादृशी भवितव्यता॥*
*भावार्थ :*
मनुष्य जैसा भाग्य लेकर आता है उसकी बुद्धि भी उसी समान बन जाती है, कार्य - व्यपार भी उसी अनुरूप मिलता है । उसके सहयोगी, संगी - साथी भी उसके भाग्य के अनुरूप ही होते हैं । सारा क्रियाकलाप भाग्यनुसार ही संचालित होता है । 🙏🌹 *जय माता दी* 🌹🙏

🙏🏻 हर हर महादेव 🙏🏻🌞 *वैदिक पंचांग ~* 🌞🌞 🌤️  *दिनांक - 16 जुलाई 2023*🌤️ *दिन - रविवार*🌤️ *विक्रम संवत - 2080 🌤️ *शक संवत ...
16/07/2023

🙏🏻 हर हर महादेव 🙏🏻
🌞 *वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌞
🌤️ *दिनांक - 16 जुलाई 2023*
🌤️ *दिन - रविवार*
🌤️ *विक्रम संवत - 2080
🌤️ *शक संवत -1945*
🌤️ *अयन - दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु - वर्षा ॠतु*
🌤️ *मास - श्रावण
🌤️ *पक्ष - कृष्ण*
🌤️ *तिथि - चतुर्दशी रात्रि 10:08 तक तत्पश्चात अमावस्या*
🌤️ *नक्षत्र - आर्द्रा 17 जुलाई रात्रि 02:39 तक तत्पश्चात पुनर्वसु*
🌤️ *योग - ध्रुव सुबह 08:33 तक तत्पश्चात व्याघात*
🌤️ *राहुकाल - शाम 05:44 से शाम 07:24 तक*
🌞 *सूर्योदय-06:07*
🌤️ *सूर्यास्त- 19:22*
👉 *दिशाशूल- पश्चिम दिशा में*
🚩 *व्रत पर्व विवरण - कर्क संक्रांति (पुण्यकाल-दोपहर 12:46 से सूर्यास्त तक*
💥 *विशेष-चतुर्दशी
💥 *रविवार के दिन मसूर की दाल, अदरक और लाल रंग का साग नहीं खाना चाहिए।
💥 *रविवार के दिन काँसे के पात्र में भोजन नहीं करना चाहिए।
💥 *स्कंद पुराण के अनुसार रविवार के दिन बिल्ववृक्ष का पूजन करना चाहिए। इससे ब्रह्महत्या आदि महापाप भी नष्ट हो जाते हैं।*
🌞वैदिक पंचांग* ~🌞

🌷 *नकारात्मक ऊर्जा मिटाने के लिए* 🌷
➡ *17 जुलाई 2023 सोमवार को श्रावण - दर्श - हरियाली अमावस्या है ।*
🏡 *घर में हर अमावस अथवा हर १५ दिन में पानी में खड़ा नमक (१ लीटर पानी में ५० ग्राम खड़ा नमक) डालकर पोछा लगायें । इससे नेगेटिव एनेर्जी चली जाएगी । अथवा खड़ा नमक के स्थान पर गौझरण अर्क भी डाल सकते हैं ।*

🌞 *वैदिक पंचांग ~* 🌞

🌷 *धन-धान्य व सुख-संम्पदा के लिए* 🌷
🔥 *हर अमावस्या को घर में एक छोटा सा आहुति प्रयोग करें।*
🍛 *सामग्री : १. काले तिल, २. जौं, ३. चावल, ४. गाय का घी, ५. चंदन पाउडर, ६. गूगल, ७. गुड़, ८. देशी कर्पूर, गौ चंदन या कण्डा।*
🔥 *विधि: गौ चंदन या कण्डे को किसी बर्तन में डालकर हवनकुंड बना लें, फिर उपरोक्त ८ वस्तुओं के मिश्रण से तैयार सामग्री से, घर के सभी सदस्य एकत्रित होकर नीचे दिये गये देवताओं की १-१ आहुति दें।*
🔥 *आहुति मंत्र* 🔥
🌷 *१. ॐ कुल देवताभ्यो नमः*
🌷 *२. ॐ ग्राम देवताभ्यो नमः*
🌷 *३. ॐ ग्रह देवताभ्यो नमः*
🌷 *४. ॐ लक्ष्मीपति देवताभ्यो नमः*
🌷 *५. ॐ विघ्नविनाशक देवताभ्यो नमः*
🌞 वैदिक पंचांग ~* 🌞

🌷 *सोमवती अमावस्याः दरिद्रता निवारण* 🌷
➡️ *17 जुलाई 2023 सोमवार को सूर्योदय से रात्रि 12:01 तक सोमवती अमावस्या है।*
🙏🏻 *सोमवती अमावस्या के पर्व में स्नान-दान का बड़ा महत्त्व है।*
😌 *इस दिन भी मौन रहकर स्नान करने से हजार गौदान का फल होता है।*
🌳 *इस दिन पीपल और भगवान विष्णु का पूजन तथा उनकी 108 प्रदक्षिणा करने का विधान है। 108 में से 8 प्रदक्षिणा पीपल के वृक्ष को कच्चा सूत लपेटते हुए की जाती है। प्रदक्षिणा करते समय 108 फल पृथक रखे जाते हैं। बाद में वे भगवान का भजन करने वाले ब्राह्मणों या ब्राह्मणियों में वितरित कर दिये जाते हैं। ऐसा करने से संतान चिरंजीवी होती है।*
🌿 *इस दिन तुलसी की 108 परिक्रमा करने से दरिद्रता मिटती है।*

🌞 *वैदिक पंचांग ~* 🌞

🌷 *सोमवती अमावस्या पर विशेष मंत्र* 🌷
💵 *जिनको पैसो की कमजोरी है तो तुलसी माता को १०८ प्रदिक्षणा करें | और श्री हरि.... श्री हरि.... श्री हरि.... श्री हरि.... ‘श्री’ माना सम्पदा, ‘हरि’ माना भगवान की दया पाना | तो गरीबी चली जायेगी |*
🙏🏻
🌞*वैदिक पंचांग ~* 🌞

🙏🍀🌻🌹🌸💐🍁🌷🌺🙏 जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभ आशीष
"दिनांक 16 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 7 होगा। इस अंक से प्रभावित व्यक्ति अपने आप में कई विशेषता लिए होते हैं। यह अंक वरूण ग्रह से संचालित होता है। आप खुले दिल के व्यक्ति हैं। आपकी प्रवृत्ति जल की तरह होती है। जिस तरह जल अपनी राह स्वयं बना लेता है वैसे ही आप भी तमाम बाधाओं को पार कर अपनी मंजिल पाने में कामयाब होते हैं। आप पैनी नजर के होते हैं। किसी के मन की बात तुरंत समझने की आपमें दक्षता होती है।

शुभ दिनांक : 7, 16, 25

शुभ अंक : 7, 16, 25, 34


शुभ वर्ष : 2023

ईष्टदेव : भगवान शिव तथा विष्णु


शुभ रंग : सफेद, पिंक, जामुनी, मेहरून

कैसा रहेगा यह वर्ष

आपके कार्य में तेजी का वातावरण रहेगा। आपको प्रत्येक कार्य में जुटकर ही सफलता मिलेगी। व्यापार-व्यवसाय की स्थिति उत्तम रहेगी। अधिकारी वर्ग का सहयोग मिलेगा। नौकरीपेशा व्यक्तियों के लिए समय सुखकर रहेगा। नवीन कार्य-योजना शुरू करने से पहले केसर का लंबा तिलक लगाएं व मंदिर में पताका चढ़ाएं।"

मेष दैनिक राशिफल (Aries Daily Horoscope)
आज का दिन आपके लिए सकारात्मक परिणाम लेकर आएगा। आपको बिजनेस में निवेश संबंधी कोई सूचना सुनने को मिल सकती है। संतान से यदि आपने कुछ उम्मीदें लगाई थी, तो वह उन पर खरी उतरेगी, लेकिन कार्यक्षेत्र में आप अपने मन में नकारात्मक विचारों को ना लाए, नहीं तो इसका असर आज आपके काम पर भी पड़ सकता है। आप अपने आसपास किसी से वाद विवाद में ना पड़े, नहीं तो बाद में इससे आपको समस्या होगी और किसी कानूनी मामले में आपको जीत मिल सकती है।

वृष दैनिक राशिफल (Ta**us Daily Horoscope)
आज का दिन आपके लिए चिंताग्रस्त रहने वाला है। आपको संतान के भविष्य की चिंता सता सकती है और जो लोग नौकरी में कार्यरत हैं, उन्हें तरक्की मिलने से खुशी होगी। आपको किसी काम को लेकर यदि चिंता थी, तो वह भी आज दूर हो सकती है। आपको आज रात्रि के समय कुछ मित्रों से मिलने का मौका मिलेगा और कुछ नए अनुबंधों से लाभ मिलेगा। राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े लोग कोई अहम फैसला ले सकते हैं। सरकारी नौकरी में कार्यरत लोगों ने यदि किसी सरकारी योजना में धन लगाया था, तो उससे आपको लाभ मिलेगा।

मिथुन दैनिक राशिफल (Gemini Daily Horoscope)
आज का दिन आपके लिए मिलाजुला रहने वाला है। आप अपनी पढ़ाई पर फोकस बनाए रखें और आपको काम के सिलसिले में आज किसी छोटी दूरी की यात्रा पर जाने का मौका मिलेगा। अपने कीमती सामान की आपको सुरक्षा करनी होगी। यदि आपके जीवनसाथी की कोई बात बुरी लगे, तो आज आप उनसे ना कहें, नहीं तो कोई कहासुनी का माहौल बन सकता है। यदि आप किसी एक दी गई सलाह पर चलेंगे, तो उससे आपको समस्या हो सकती है। विद्यार्थियों को आज किसी प्रतियोगिता की तैयारियों में लगना होगा।

कर्क दैनिक राशिफल (Cancer Daily Horoscope)
आज का दिन आपके लिए किसी नई संपत्ति की प्राप्ति के लिए रहेगा और आजीविका के क्षेत्र में आपको कुछ लोगों से काम करने का मौका मिलेगा। यदि आप किसी संपत्ति को खरीदना चाहते हैं, तो उसके लिए आप कोई योजना बना सकते हैं। व्यापार में भी आप कुछ नई तकनीको को अपनाएंगे। आपकी किसी पुरानी गलती से पर्दा उठ सकता है। आपका कोई मित्र आपके घर दावत पर आ सकता है, लेकिन आप अपने बॉस से किसी बात को लेकर ना उलझे, नहीं तो वह आपके प्रमोशन में कोई रुकावट ला सकते हैं।

सिंह दैनिक राशिफल (Leo Daily Horoscope)
आज का दिन आपके लिए एक से अधिक स्रोतों से आय दिलाने वाला रहेगा और आप अपनी आय और व्यय के लिए एक बजट बनाकर चलेंगे, तो यह आपके लिए बेहतर रहेगा। बिजनेस में आप कोई अहम फैसला ले सकते हैं। कारोबार में आपका कोई रुका हुआ काम पूरा होगा। विद्यार्थियों पर उच्च शिक्षा के मार्ग प्रशस्त होंगे और भाई बहनों की सलाह आज आपके लिए कारगर सिद्ध होगी, लेकिन माता-पिता के आशीर्वाद से आप किसी कम को यदि करेंगे, तो उसमें आपको सफलता अवश्य मिलेगी।

कन्या दैनिक राशिफल (Virgo Daily Horoscope)
आज का दिन आपके लिए यश और कीर्ति में वृद्धि लेकर आने वाला है। आपको संतान पक्ष की ओर से कोई शुभ सूचना सुनने को मिल सकती है। जो लोग नौकरी के साथ-साथ किसी पार्ट टाइम कार्य को करने की योजना बना रहे हैं, उनकी वह इच्छा भी आज पूरी होगी। आप किसी कानूनी मामले में बहुत ही सावधानी बरते, नहीं तो समस्या हो सकती है। आप परोपकार के कार्यों में भी कुछ धन लगाएंगे और बच्चों के साथ आप कुछ समय मौज मस्ती करने में व्यतीत करेंगे।

तुला दैनिक राशिफल (Libra Daily Horoscope)
आज के दिन आपके चारो ओर का वातावरण खुशनुमा रहेगा और यदि आपने किसी से कर्ज लिया था, तो आप उसे भी उतरने में काफी हद तक सफल रहेंगे। आपको अपने आसपास रह रहे लोगों से सावधानी बरतनी होगी, उसमें कुछ मित्र के रूप में आपके शत्रु भी हो सकते हैं। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लोगों को आज अधिक मेहनत करनी होगी। आप अपनी वाणी पर नियंत्रण बनाए रखें, नहीं तो बाद में आपको समस्या होगी। विवाह से संबंधित कोई अहम फैसला आपको लेना पड़ सकता है।

वृश्चिक दैनिक राशिफल (Scorpio Daily Horoscope)
आज का दिन आपके लिए सेहत के मामले में कमजोर रहने वाला है। यदि आपको कोई शारीरिक कष्ट चल रहा था, तो उसमें आप ढील देने से बचना होगा। आप डॉक्टरी परामर्श अवश्य लें और किसी नए काम को आज आपको संभलकर करना होगा, नहीं तो आपसे कोई गलती हो सकती है। प्रेम जीवन जी रहे लोग साथी के साथ घूमने फिरने के लिए समय अवश्य निकलेंगे। यदि आपने व्यवसाय में कोई फैसला लिया, तो वह आपके लिए बाद में समस्या लेकर आ सकता है, इसलिए आपको सावधानी बरतनी होगी। माता-पिता के आशीर्वाद से आपका कोई रुका हुआ काम पूरा होगा।

धनु दैनिक राशिफल (Sagittarius Daily Horoscope)
आज का दिन आपके लिए धन संबंधित मामलों में अच्छा रहने वाला है। यदि आपने पहले किसी को धन उधार दिया था, तो वह आपको वापस मिल सकता है और कार्यक्षेत्र में यदि आपके कामों में कुछ समस्या आ रही थी, तो वह भी आज दूर होगी। आपके विरोधी भी आपकी तारीफ करते नजर आएंगे। आप यदि परिवार में किसी सदस्य के लिए कोई उपहार लेकर आए, तो उसमे अपनी जेब का ख्याल अवश्य रखें। परिवार में किसी शुभ और मांगलिक कार्यक्रम का आयोजन हो सकता है, जिसमें छोटे बच्चे भी मौज मस्ती करते नजर आएंगे और परिवार के सभी सदस्य व्यस्त रहेंगे।

मकर दैनिक राशिफल (Capricorn Daily Horoscope)
आज का दिन आपके लिए आर्थिक दृष्टिकोण से अच्छा रहने वाला है। रोजगार की तलाश कर रहे लोगों को आज कोई अच्छा अवसर हाथ लग सकता है। पारिवारिक और आर्थिक मामलों में आज आपको सफलता मिलेगी। आपकी किसी अप्रिय व्यक्ति से मुलाकात होगी, जिससे आपको बचकर रहना होगा। माता-पिता की सेवा में आज आपका दिन काफी समय व्यतीत करेंगे, लेकिन आप किसी को बिना मांगे सलाह देने से बचें, नहीं तो बाद में आपको उसके लिए पछतावा होगा। नौकरी में कार्यरत लोग अधिकारियों से बातचीत करते समय सावधानी बरतें।

कुंभ दैनिक राशिफल (Aquarius Daily Horoscope)
आज का दिन आपके लिए बाकी दिनों की तुलना में अच्छा रहने वाला है। व्यापार में यदि आपने पार्टनरशिप में किसी काम की शुरुआत की है, तो वह आपके लिए अच्छा रहेगा। आप कारोबार में भी अच्छी ऊंचाइयों तक जाएंगे, जिन्हें देखकर आपके कुछ नए शत्रु उत्पन्न हो सकते हैं और किसी मित्र की सलाह से आपका कारोबार खुलेगा। आपको भाग्य का पूरा साथ मिलेगा और आप किसी पुराने निवेश से अच्छा धन पाएंगे। यदि आपको संतान की पढ़ाई से संबंधित कोई समस्या आ रही थी, तो वह भी आज दूर होगी।

मीन दैनिक राशिफल (Pisces Daily Horoscope)
आज का दिन आपके लिए सामान्य रहने वाला है। आपको अपने कीमती सामानों को संभालकर रखना होगा, नहीं तो खोने और चोरी होने की संभावना बनती दिख रही है। जीवनसाथी की सलाह आपके लिए बिजनेस के मामले में अच्छे रहेगी, इसलिए आप उनसे सलाह करके आगे बढ़े, तो आपके लिए अच्छा रहेगा। संतान के करियर को लेकर आप कोई बड़ा फैसला लेकर ले सकते हैं और गृहस्थ जीवन में यदि किसी बात को लेकर समस्या आ रहे थी, तो वह आज दूर होगी। आपको किसी धार्मिक स्थान की यात्रा पर जाने का मौका मिलेगा, लेकिन आप खर्च बहुत ही देखभाल कर

गुरूवार 🌷* 💐 *द्वितीय नवरात्र-ब्रहमचारिणी*  *मां ब्रह्मचारिणी को तप की देवी कहा जाता है और उनसे जुड़ी* *एक कथा काफी प्रच...
23/03/2023

गुरूवार 🌷* 💐
*द्वितीय नवरात्र-ब्रहमचारिणी*

*मां ब्रह्मचारिणी को तप की देवी कहा जाता है और उनसे जुड़ी* *एक कथा काफी प्रचलित है। पूर्वजन्‍म में मां पार्वती ने पुत्री के* *रूप में राजा हिमालय के घर में जन्‍म लिया और फिर नारदजी* *के* *कहने पर भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्‍त* *करने के लिए तपस्‍या करने हेतु वन में चली गईं और कठोर* *साधना से भगवान शिव को पति के* *रूप में प्राप्त किया। मां ब्रह्मचारिणी के नाम* *काअर्थ- ब्रह्म मतलब *तपस्या और चारिणी* *का* *अर्थ आचरण करने* *वाली देवी होता है* *। मां *ब्रह्मचारिणी के हाथों **मेंअक्ष माला* *और* *कमंडल सुसज्जित हैं। इनका नाम उमा व अपर्णा*भी है
सर्वे भवंतु सुखिनः सर्वे संतु निरामया सर्वे भद्राणि पश्यंतु मां कश्चित् दुख भाग भवेत ।
जय माता जी

प्रफुल्ल वंदना पल्लवाधरां कातंकपोलां तुग कुचाम्।कमनीयां लावण्यां स्नेमुखी क्षीणमध्यां नितम्बनीम्॥ स्तोत्र:प्रथम दुर्गा त...
22/03/2023

प्रफुल्ल वंदना पल्लवाधरां कातंकपोलां तुग कुचाम्।

कमनीयां लावण्यां स्नेमुखी क्षीणमध्यां नितम्बनीम्॥



स्तोत्र:

प्रथम दुर्गा त्वंहिभवसागर: तारणीम्।

धन ऐश्वर्यदायिनी शैलपुत्री प्रणमाभ्यम्॥



त्रिलोजननी त्वंहि परमानंद प्रदीयमान्।

सौभाग्यरोग्य दायनी शैलपुत्री प्रणमाभ्यहम्॥



चराचरेश्वरी त्वंहिमहामोह: विनाशिन।

मुक्तिभुक्ति दायनीं शैलपुत्री प्रमनाम्यहम्॥



कवच:

ओमकार: मेंशिर: पातुमूलाधार निवासिनी।

हींकार: पातु ललाटे बीजरूपा महेश्वरी॥



श्रींकारपातुवदने लावाण्या महेश्वरी ।

हुंकार पातु हदयं तारिणी शक्ति स्वघृत।



फट्कार पात सर्वागे सर्व सिद्धि फलप्रदा॥

मां दुर्गा के किस स्वरूप की किस दिन होगी पूजा? 1- नवरात्रि पहला दिन 22 मार्च 2023 दिन बुधवार: मां शैलपुत्री पूजा (घटस्था...
21/03/2023

मां दुर्गा के किस स्वरूप की किस दिन होगी पूजा?

1- नवरात्रि पहला दिन 22 मार्च 2023 दिन बुधवार: मां शैलपुत्री पूजा (घटस्थापना)
2- नवरात्रि दूसरा दिन 23 मार्च 2023 दिन गुरुवार: मां ब्रह्मचारिणी पूजा
3- नवरात्रि तीसरा दिन 24 मार्च 2023 दिन शुक्रवार: मां चंद्रघंटा पूजा
4- नवरात्रि चौथा दिन 25 मार्च 2023 दिन शनिवार: मां कुष्मांडा पूजा
5- नवरात्रि पांचवां दिन 26 मार्च 2023 दिन रविवार: मां स्कंदमाता पूजा
6- नवरात्रि छठवां दिन 27 मार्च 2023 दिन सोमवार: मां कात्यायनी पूजा
7- नवरात्रि सातवं दिन 28 मार्च 2023 दिन मंगलवार: मां कालरात्रि पूजा
8- नवरात्रि आठवां दिन 29 मार्च 2023 दिन बुधवार: मां महागौरी
9- नवरात्रि 9वां दिन 30 मार्च 2023 दिन गुरुवार: मां सिद्धिदात्री

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