सुधांशु जी महाराज के समर्थक

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सुधांशु जी महाराज के समर्थक Discourses on "Aatm Uthaan Ka Marg" Or "Apne ko Uncha Kaise Uthaye". सुधांशु जी महाराज के समर्थक

14/01/2026

इस एक शब्द को दूर रखें, सुख और कृपा दोनों प्राप्त होगी।
When this one word leaves your life, happiness and blessings follow.

कभी-कभी हमारे द्वारा प्रयोग किया जाने वाला केवल एक शब्द ही हमें सुख और प्रभु-कृपा से दूर कर देता है। इस एक शब्द से सदैव बचना चाहिए।

07/01/2026
इस सत्संग में जानिए जीवन के ये महत्वपूर्ण सूत्र —1️⃣ जोश में होश नहीं खोना चाहिए।2️⃣ स्पष्ट रूप से “हाँ” या “ना” कहना सी...
07/01/2026

इस सत्संग में जानिए जीवन के ये महत्वपूर्ण सूत्र —

1️⃣ जोश में होश नहीं खोना चाहिए।
2️⃣ स्पष्ट रूप से “हाँ” या “ना” कहना सीखें।
3️⃣ झूठ के आधार पर सही फैसले नहीं होते।
4️⃣ परिवर्तन के लिए स्वयं उदाहरण बनें।
5️⃣ अपने मन को संयम और विवेक से संभालें।

Watch Now :- https://youtu.be/mwDS_R_0ZZE

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22/12/2025

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04/12/2025
Watch Now:- https://youtu.be/aKd54NrBKos?si=tr7SKaNwTXHuUKMgसत्संग का क्या तात्पर्य है ?जब कोई व्यक्ति सत्संग के लिए उपस...
24/11/2025

Watch Now:- https://youtu.be/aKd54NrBKos?si=tr7SKaNwTXHuUKMg

सत्संग का क्या तात्पर्य है ?

जब कोई व्यक्ति सत्संग के लिए उपस्थित हो जाए तो उसके जीवन में धर्म और कामनाएं बढ़ने लगती है। उसके मन में शांति और उसके घरों में बरकत होने लगती है सत्संग का अर्थ है सत का संग हो जाना। हमारे विचार सत्य और शुभ हो जाए, हमारे कर्म सत्कर्म बन जाए, हमारे आचरण सदचरण हो जाये और हमारा चिंतन सतचिंतन हो जाए। हमारी वाणी भी सतवचन हो जाये और हमारी दृष्टि भी सतदृष्टि बन जाए। यह तभी संभव है जब हमारे मन में, सोच में और दृष्टिकोण में परिवर्तन आने लगता है और हम अशुभ से शुभ की ओर बढ़ने लगते हैं इसलिए कहा गया है कि एक क्षण का सत्संग भी आपके जीवन में चारों फल की प्राप्ति करने में सहयोगी बनते है । जब आप सत्संग सुनते हैं और अपने अंदर उतारते हैं। तो बस इसी क्षण से आपके जीवन में अद्भुत परिवर्तन शुरू हो जाता है।

सत्संग का क्या तात्पर्य है ?सत्संग से जीवन में अद्भुत परिवर्तन लाएं।Description :- जब कोई व्...

Watch Now:- https://www.youtube.com/watch?v=VQve7QmBf9w विपरीत परिस्थिति में अपने धैर्य को कैसे कायम रखें? विपरीत परिस्थ...
19/11/2025

Watch Now:- https://www.youtube.com/watch?v=VQve7QmBf9w

विपरीत परिस्थिति में अपने धैर्य को कैसे कायम रखें?

विपरीत परिस्थितियों में भी यदि हम अपनी सेवा को करते रहते हैं। तो, यह सेवा हमारे लिए तपस्या बन जाती है। हमारे ताप को हरने का काम और पाप को धोने का काम सिर्फ हमारी तपस्या ही करती है। इसलिए सेवा हमेशा तन मन से करना चाहिए। क्योंकि सेवा करने वाला व्यक्ति एक जिम्मेदार के साथ-साथ अपनी बुद्धिमत्ता को भी सिद्ध करता है। सेवा में बुद्धिमत्ता का होना और सम्माननीय सच्चा सेवक होना अति आवश्यक है। जो अपनी टीम को सम्मान दे वही सच्चा सम्माननीय सेवक कहलाता है। तप सेवा करने का जहां कहीं भी मौका मिले पीछे नहीं हटना चाहिए क्योंकि जब यह सेवा आप अपने ईश्वर और गुरु के प्रति समर्पित होकर करते हैं तो आपके ऊपर प्रभु की अद्भुत कृपा होती है।

Title :- सच्चे भाव से सेवा तप करने वाले बनें। ...

Watch Now:- https://www.youtube.com/watch?v=HN-WtEivZz0प्यार से जियो और जीने दो। गीता हमारे घर में अवश्य होनी चाहिए ,सभी...
18/11/2025

Watch Now:- https://www.youtube.com/watch?v=HN-WtEivZz0

प्यार से जियो और जीने दो।

गीता हमारे घर में अवश्य होनी चाहिए ,सभी मनुष्य परमात्मा के रास्ते पर नहीं चलते, यह जीवन के अलग-अलग अवस्थाओं में आरंभ होता है या किसी विशेष परिस्थिति में, जब उसका सोचा हुआ नहीं होता है और वह बेबस हो जाता है तब मनुष्य की आध्यात्मिक यात्रा शुरू होती है आज मनुष्य के पास फुर्सत नहीं है वह कब्जा जमाना चाहता है जबकि सभी कब्जा पर मौत भारी पड़ती है इसलिए अपने को पहचानिए कि आप कौन हैं जब तक आत्मा है शरीर में तब तक आपकी कीमत है आप ऐसे रहे की जीवन के अंत समय में परमात्मा के धन्यवादी ही बने रहे।

श्रीमद्भगवदगीता जीवन दर्शन है...

Watch Now:- https://youtu.be/4VME5xhOEnM?si=fvbiUqIbst-kjxKdजीवन रेलवे प्लेटफार्म की तरह है जहां जाकर  हम अपने को बेबस प...
17/11/2025

Watch Now:- https://youtu.be/4VME5xhOEnM?si=fvbiUqIbst-kjxKd

जीवन रेलवे प्लेटफार्म की तरह है

जहां जाकर हम अपने को बेबस पाते हैं वह परमात्मा का स्थान है हमारे शरीर की अनुभूतियों और भावनाओं को भौतिक यंत्रों से नापा नहीं जा सकता भगवान दुनिया को यंत्रवत चल। रहा है और सभी अपनी व्यवस्थाओं और मर्यादा में चलते हैं ईश्वर को हम पवित्र रिश्ते और उनके नाम से पुकारते हैं वही सब का पालन कर्ता है वह सब को मालिक बनाता है और फिर सब वापस ले लेता है वह आपका अधिकार भी दूसरों को देता है यह उसकी ही व्यवस्था है यही दुनिया का क्रम है जीवन रेलवे प्लेटफार्म की तरह है

#शाकाहारी #जिम्मेदारी #मनुष्य #अनुभव #परमात्...

Watch Now:- https://www.youtube.com/watch?v=WKh5GV9wJEMस्वयं को कीमती बनाने का शक्तिशाली सूत्रदुनिया में सबसे ज्यादा कीम...
15/11/2025

Watch Now:- https://www.youtube.com/watch?v=WKh5GV9wJEM

स्वयं को कीमती बनाने का शक्तिशाली सूत्र

दुनिया में सबसे ज्यादा कीमती यदि कुछ है तो वह है भगवान और आप स्वयं। इसलिए अपने आप को महत्व दें, और अपने भगवान को महत्व दें। आपके शरीर से बढ़कर दुनिया में कुछ भी कीमती नहीं है। सबसे बड़ी अमीरी आरोग्यता है, उसके बाद हमारी भावनाएं। अपनी खुशी पाने के लिए हम कुछ भी करते हैं। यदि हमारे जीवन में खुशी नहीं है तो जिंदगी बोझ बन जाती है। इसलिए कर्म योगी बनें या ज्ञान योगी बनें या भक्त योगी बनें,लेकिन योगी बनें। जो स्वयं को भगवान से जोड़कर कर्म करता है तो वह योगस्थ कहलाता है। जब आप अपने दिल को भगवान से जोड़ते हैं और दिमाग को दुनिया से जोड़ते हैं। तब आपका दिल और दिमाग मिलकर जो कर्म करता है वह कोई साधारण कर्म नहीं होता है बल्कि दिव्य कर्म बन जाता है।

स्वयं को की...

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