16/10/2016
प्रिय दोस्तों , आज हम कुंडली के राजयोग के बारे में बताने जा रहे हैं, आप में से कई लोगो ने कुंडली के राजयोग के बारे में सुना होगा, आइए जानते हैं की राजयोग होता क्या है, राजयोग बनता कैसे है, और इसके क्या -क्या फायदे हैं
#. जब कभी किसी जातक के कुंडली में तीन या तीन से अधिक ग्रह उच्च राशि या स्वराशि का होकर केंद्र में स्थित हो वह प्रसिद्ध राजा होता है
#. जब कुंडली में पांच या पांच से अधिक ग्रह केंद्र में बैठे हों तो चाहे वह किसी भी वंश में पैदा हुवा हो, वह बड़ा ही प्रतापी, वैभवशाली, पराक्रमी राजा होता है, उसके पास हाथी घोड़े का झुण्ड (आज के युग में महंगी महंगी गाड़ी, मर्सेडीज़, बी म डॉब्ल्यू एवम अन्य कई प्रकार की सवारी) होता है , ऐसा जातक किसी गरीब के यहां भी पैदा हो तो भी राजा अवश्य बनता है
#. जब भी किसी जातक के कुंडली में केंद्र के स्वामी त्रिकोने के स्वामी के साथ सम्बन्ध बनाये या युति में होकर किसी केंद्र या त्रिकोन भाव में ही बैठा हो तो प्रबल राजयोग होता है
#.1,4,7 ,10 भाव को केंद्र कहते हैं
# .5वें तथा 9 वें भाव को त्रिकोने कहते हैं
#.अगर किसी कुंडली में नवमेश( 9 वे भाव का स्वामी ) दशमेश(दसवे भाव का स्वामी ) में राशि परिवर्तन योग हो तो भी प्रबल राज योग
#. दशमेश एवं नवमेश दोनों स्वगृही हो तो भी प्रबल राज योग होता है
#. लग्नेश यदि दशमेश के साथ लग्न या दसम में बैठा हो तो प्रबल राजयोग
#. लग्नेश यदि नवमेश के साथ नवम या लग्न में बैठा हो तो प्रबल राजयोग
#. राजयोग के लिए दशम भाव का बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका होता है क्योंकि दसम घर से हमलोग किसी जातक के नाम, पद, प्रतिष्ठा , सोहरत, इजज्त, जातक का कार्य छेत्र, पिता का सुख, सरकार से फायदा, सरकारी खजाना अदि देखते हैं, अगर किसी का दसमेश कमजोर अथवा नीच का है तो ऐसा जातक निश्चित रूप से अपने घर का एवम पिता का नाम बर्बाद करेगा, उसके काम बहुत ही नीच होंगे, खुद नीच बुद्धि का होगा एयं उसे प्रसिद्वि नहीं मिलेगी चाहे वो कितना व् मेहनत कर ले.
#. दोस्तों राज योग का मतलब सिर्फ राजा बनना ही नहीं होता, राजयोग का मतलब कोई बहुत बड़ा सरकारी अधिकारी होना, कोई बड़ा बिज़नेस मैन बनना जिसके नीचे सैकड़ो लोग काम करने वाले हों आदि जिसके पास दुनिया के सभी सुख सुविधा उपलब्ध हों
#. अंग्रेजों के जमाने में हर छोटे- छोटे प्रान्त में राजा होते थे, आज इन्ही प्रान्तों में डीएम(डिस्ट्रिक्ट कलक्टर ) होता है, और जैसा की आप सभी जानते हैं, हर डीएम अपने जिला का राजा (प्रथम व्यक्ति) होता है क्योंकि वो जो चाहे अपने जिला में कर सकता है
#. इन सभी योगों के अलावे अन्य भी कई प्रकार के राज योग होते हैं जिनके बारे में हमलोग आगे बात करेंगे, अगर किसी को जानना हो की क्या उसके कुंडली में राजयोग है, तो आप सभी अपनी-अपनी कुंडली ईश फेसबुक पेज पे पोस्ट कर सकते हैं,
#. अगर कुंडली नहीं हो तो आप लोग तीन चीज़- जन्म तिथि , जन्म समय , जन्म स्थान बता कर अपना भविष्य एवम राजयोग के बारे में जान सकता हैं
दोस्तों मेरा ये प्रयाश है की आप लोग ज्यादा से ज्यादा ज्योतिष इस फेसबुक प्रोफाइल के माध्यम से सीखें एवं कुछ डाउट हो तो पूछे और मुझे आप लोगो बताए की अगली बार मै किस ग्रह के बारे में बात करु, मुझे आपलोग कृपया कर पर्सनेल मैसेज भेजने के बजाय मेरे टाइम लाइन पर लिखें
धन्यवाद दोस्तों