16/12/2025
सनातन (हिंदू) धर्म में 16 संस्कार (षोडश संस्कार) बताए गए हैं। ये संस्कार जन्म से लेकर मृत्यु तक मानव जीवन को शुद्ध, संस्कारित और धार्मिक बनाने के लिए होते हैं।
🕉️ सनातन धर्म के 16 संस्कार
1️⃣ गर्भाधान संस्कार
— संतान प्राप्ति के उद्देश्य से किया जाने वाला संस्कार
2️⃣ पुंसवन संस्कार
— गर्भ की रक्षा और स्वस्थ संतान के लिए
3️⃣ सीमंतोन्नयन संस्कार
— गर्भवती स्त्री और गर्भस्थ शिशु की मानसिक शांति हेतु
4️⃣ जातकर्म संस्कार
— शिशु के जन्म के समय किया जाने वाला संस्कार
5️⃣ नामकरण संस्कार
— शिशु का नाम रखने का संस्कार
6️⃣ निष्क्रमण संस्कार
— शिशु को पहली बार घर से बाहर निकालना
7️⃣ अन्नप्राशन संस्कार
— शिशु को पहली बार अन्न (ठोस भोजन) खिलाना
8️⃣ चूड़ाकर्म (मुंडन) संस्कार
— सिर के बाल उतारने का संस्कार
9️⃣ कर्णवेध संस्कार
— कान छेदन का संस्कार
🔟 विद्यारंभ संस्कार
— शिक्षा का आरंभ
1️⃣1️⃣ उपनयन संस्कार (यज्ञोपवीत)
— गुरु द्वारा शिक्षा और ब्रह्मचर्य जीवन का आरंभ
1️⃣2️⃣ वेदारंभ संस्कार
— वेदों के अध्ययन की शुरुआत
1️⃣3️⃣ केशांत संस्कार
— दाढ़ी-मूंछ के प्रथम छेदन का संस्कार
1️⃣4️⃣ समावर्तन संस्कार
— शिक्षा पूर्ण कर गृहस्थ जीवन में प्रवेश
1️⃣5️⃣ विवाह संस्कार
— पति-पत्नी के रूप में सामाजिक और धार्मिक बंधन
1️⃣6️⃣ अंत्येष्टि संस्कार
— मृत्यु के बाद किया जाने वाला अंतिम संस्कार
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