04/09/2026
🦚🪷 *जन्माष्टमी व्रत की विशेष महिमा*
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🪷🪷 *4 सितम्बर जन्माष्टमी व्रत महिमा*
💫 जन्माष्टमी को उपवास एवं रात्रि-जागरण करके ध्यान, जप आदि का विशेष महत्त्व है. ।
💫 जो जन्माष्टमी का व्रत रखता है, उसे करोड़ों एकादशी व्रत करने का पुण्य प्राप्त होता है और उसके रोग, शोक दूर हो जाते हैं । *- भगवान ब्रह्माजी*
💫💫 20 करोड़ एकादशी व्रतों के समान अकेला जन्माष्टमी का व्रत है .।
🌼🍃 *जो जन्माष्टमी का व्रत रखता है उसको करोडों एकादशी करने का पुण्य* प्राप्त होता है और उसके रोग-शोक दूर हो जाते है l - ऐसा भगवान ब्रह्माजी बता रहे हैं।.
🌼🍃 *जन्माष्टमी को रात्रि जागरण करके, ध्यान-जप आदि का विशेष महत्त्व है।.*
🌼🍃 ब्रह्माजी सरस्वती को कहते हैं और भगवान श्री कृष्ण अपने भक्त उद्धव को बताते हैं कि *"जो जन्माष्टमी का व्रत रखता है, उसे करोड़ों एकादशी करने का पुण्य प्राप्त होता है और उसके रोग शोक दूर हो जाते हैं. ।"*
🌼🍃 धर्मराज सावित्री देवी को कहते हैं कि *"जन्माष्टमी का व्रत 100 जन्मों के पापों से मुक्ति दिलाने वाला है।."*
🌼🍃 *उपवास से भूख प्यास आदि कष्ट सहने की आदत पड़ जाती है जिससे आदमी का संकल्प बल बढ़ जाता है* l इंद्रियों के संयम से संकल्प की सिध्दि होती है, आत्म विश्वास बढ़ता है जिससे आदमी लौकिक फायदे अच्छी तरह से प्राप्त कर सकता है l इसका मतलब यह नहीं कि व्रत की महिमा सुनकर मधुमयवाले या कमजोर लोग भी निर्जला व्रत रखें।.
🌼🍃 *बालक, अति कमजोर तथा बूढ़े लोग अनुकूलता के अनुसार थोड़ा 🍎फल आदि खाएं।.*
🌼🍃 *भविष्य पुरण में लिखा है कि जन्माष्टमी का व्रत अकाल मृत्यु नहीं होने देता है l.*
🌼🍃 जो जन्माष्टमी का व्रत करते हैं *उनके घर में गर्भपात नहीं होता l* बच्चा ठीक से पेट में रहता है और ठीक समय बालक का जन्म होता है.।
🌼🍃 *जन्माष्टमी के दिनों में मिलने वाला पंजरी का प्रसाद वायु नाशक होता है। उसमें अजवाइन जीरा व गुड़ पड़ता है* इस मौसम में वायु की प्रधानता हेतु पंजीरी खाने खिलाने का उत्सव आ गया. ।
🌼🍃 *ये मौसम मंदागिनी का भी है।उपवास रखने से मंदगिनी दूर होगी ।* और शरीर मे जो अनावश्यक द्रव पड़े है, उपवास करने से वे खींच कर जठर में आकर स्वाहा हो जाएंगे।
शारीरिक स्वास्थ्य मिलेगा l.
🌼🍃 ...तो पंजीरी खाने से वायु का प्रभाव दूर होगा और *व्रत रखने से चित में भगवतीय आनंद, भगवतीय प्रसन्नता उभरेगी तथा भगवान का ज्ञान देनेवाले गुरु मिलेंगे तो ज्ञान में स्थिति भी होगी. l*
🌼🍃 *अपनी संस्कृति के एक एक त्यौहार और एक एक खान पान में ऐसी सुंदर व्यवस्था है कि आपका शरीर स्वस्थ* रहे, मन प्रसन्न रहे और बुध्दि में बुद्धिदाता का ज्ञान छलकता जाए .।
🌼🍃 जन्माष्टमी के दिन किया हुआ जप 📿 अनंत गुना फल देता है तो हम भी जप करेंगे,
*उसमे भी जन्माष्टमी की पूरी रात जागरण करके, जप 📿ध्यान का विशेष महत्व है।*
इस तिथि का इस पर्व का हम अवश्य लाभ लें🚩