श्री बजरंग मंडल आयराखेरा

  • Home
  • India
  • Delhi
  • श्री बजरंग मंडल आयराखेरा

श्री बजरंग मंडल आयराखेरा Non-Profit Org.

दिव्य दर्शन, श्रीखेरेबाबा आयराखेड़ा धाम🙏🙏
06/09/2026

दिव्य दर्शन, श्रीखेरेबाबा आयराखेड़ा धाम🙏🙏

आनंद उमंग भयो, जय हो नंदलाल की।नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की॥बृज में आनंद भयो, जय यशोदा लाल की।हाथी घोड़ा पालकी, जय...
04/09/2026

आनंद उमंग भयो, जय हो नंदलाल की।
नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की॥

बृज में आनंद भयो, जय यशोदा लाल की।
हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की॥

आप सभी रामायण संदेश परिवार के सदस्यों को लल्ला के जन्मोत्सव की बहुत-बहुत बधाई एवं हार्दिक शुभकामनाएं।

नंदलाल की कृपा से आपके जीवन में प्रेम, आनंद, सुख और समृद्धि बनी रहे। कन्हैया आपके घर-आंगन को अपनी मधुर मुस्कान और कृपा से सदैव भरते रहें।

जय श्रीकृष्ण।

04/09/2026

🦚🪷 *जन्माष्टमी व्रत की विशेष महिमा*
🍂🍂🍂🍂🍂
🪷🪷 *4 सितम्बर जन्माष्टमी व्रत महिमा*
💫 जन्माष्टमी को उपवास एवं रात्रि-जागरण करके ध्यान, जप आदि का विशेष महत्त्व है. ।
💫 जो जन्माष्टमी का व्रत रखता है, उसे करोड़ों एकादशी व्रत करने का पुण्य प्राप्त होता है और उसके रोग, शोक दूर हो जाते हैं । *- भगवान ब्रह्माजी*
💫💫 20 करोड़ एकादशी व्रतों के समान अकेला जन्माष्टमी का व्रत है .।
🌼🍃 *जो जन्माष्टमी का व्रत रखता है उसको करोडों एकादशी करने का पुण्य* प्राप्त होता है और उसके रोग-शोक दूर हो जाते है l - ऐसा भगवान ब्रह्माजी बता रहे हैं।.
🌼🍃 *जन्माष्टमी को रात्रि जागरण करके, ध्यान-जप आदि का विशेष महत्त्व है।.*
🌼🍃 ब्रह्माजी सरस्वती को कहते हैं और भगवान श्री कृष्ण अपने भक्त उद्धव को बताते हैं कि *"जो जन्माष्टमी का व्रत रखता है, उसे करोड़ों एकादशी करने का पुण्य प्राप्त होता है और उसके रोग शोक दूर हो जाते हैं. ।"*

🌼🍃 धर्मराज सावित्री देवी को कहते हैं कि *"जन्माष्टमी का व्रत 100 जन्मों के पापों से मुक्ति दिलाने वाला है।."*

🌼🍃 *उपवास से भूख प्यास आदि कष्ट सहने की आदत पड़ जाती है जिससे आदमी का संकल्प बल बढ़ जाता है* l इंद्रियों के संयम से संकल्प की सिध्दि होती है, आत्म विश्वास बढ़ता है जिससे आदमी लौकिक फायदे अच्छी तरह से प्राप्त कर सकता है l इसका मतलब यह नहीं कि व्रत की महिमा सुनकर मधुमयवाले या कमजोर लोग भी निर्जला व्रत रखें।.

🌼🍃 *बालक, अति कमजोर तथा बूढ़े लोग अनुकूलता के अनुसार थोड़ा 🍎फल आदि खाएं।.*
🌼🍃 *भविष्य पुरण में लिखा है कि जन्माष्टमी का व्रत अकाल मृत्यु नहीं होने देता है l.*

🌼🍃 जो जन्माष्टमी का व्रत करते हैं *उनके घर में गर्भपात नहीं होता l* बच्चा ठीक से पेट में रहता है और ठीक समय बालक का जन्म होता है.।

🌼🍃 *जन्माष्टमी के दिनों में मिलने वाला पंजरी का प्रसाद वायु नाशक होता है। उसमें अजवाइन जीरा व गुड़ पड़ता है* इस मौसम में वायु की प्रधानता हेतु पंजीरी खाने खिलाने का उत्सव आ गया. ।

🌼🍃 *ये मौसम मंदागिनी का भी है।उपवास रखने से मंदगिनी दूर होगी ।* और शरीर मे जो अनावश्यक द्रव पड़े है, उपवास करने से वे खींच कर जठर में आकर स्वाहा हो जाएंगे।
शारीरिक स्वास्थ्य मिलेगा l.
🌼🍃 ...तो पंजीरी खाने से वायु का प्रभाव दूर होगा और *व्रत रखने से चित में भगवतीय आनंद, भगवतीय प्रसन्नता उभरेगी तथा भगवान का ज्ञान देनेवाले गुरु मिलेंगे तो ज्ञान में स्थिति भी होगी. l*

🌼🍃 *अपनी संस्कृति के एक एक त्यौहार और एक एक खान पान में ऐसी सुंदर व्यवस्था है कि आपका शरीर स्वस्थ* रहे, मन प्रसन्न रहे और बुध्दि में बुद्धिदाता का ज्ञान छलकता जाए .।

🌼🍃 जन्माष्टमी के दिन किया हुआ जप 📿 अनंत गुना फल देता है तो हम भी जप करेंगे,
*उसमे भी जन्माष्टमी की पूरी रात जागरण करके, जप 📿ध्यान का विशेष महत्व है।*
इस तिथि का इस पर्व का हम अवश्य लाभ लें🚩

04/09/2026
यह चित्र भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य (जन्म) की पौराणिक कथा को दर्शाता है, जब वे मथुरा के कारागार में माता देवकी और पिता ...
04/09/2026

यह चित्र भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य (जन्म) की पौराणिक कथा को दर्शाता है, जब वे मथुरा के कारागार में माता देवकी और पिता वसुदेव के सामने अपने चतुर्भुज विष्णु रूप में प्रकट हुए थे।📜 पौराणिक कथा का सारांशकंस का अत्याचार: मथुरा का राजा कंस अपनी बहन देवकी और उनके पति वसुदेव को एक आकाशवाणी के कारण जेल में बंद कर देता है। आकाशवाणी के अनुसार देवकी की आठवीं संतान कंस का वध करेगी। कंस देवकी के पहले छह बच्चों को बेरहमी से मार देता है। सातवें गर्भ में शेषनाग (बलरामजी) आते हैं, जिन्हें योगमाया द्वारा रोहिणी के गर्भ में स्थानांतरित कर दिया जाता है।भगवान का प्राकट्य: भाद्रपद मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को आधी रात के समय, रोहिणी नक्षत्र में भगवान विष्णु स्वयं देवकी के आठवें पुत्र के रूप में प्रकट होते हैं।चतुर्भुज रूप के दर्शन: जन्म लेते ही शिशु रूप में आने के बजाय, भगवान अपने दिव्य चतुर्भुज रूप (चार भुजाओं वाले रूप) में प्रकट होते हैं। उनके हाथों में शंख, चक्र, गदा और पद्म (कमल) होते हैं, और वे दिव्य आभूषणों तथा मुकुट से सुशोभित होते हैं।माता-पिता की प्रार्थना: जेल की कोठरी में भगवान के इस अलौकिक और प्रकाशमान रूप को देखकर देवकी और वसुदेव भाव-विभोर हो जाते हैं और हाथ जोड़कर उनकी स्तुति करते हैं।शिशु रूप और गोकुल प्रस्थान: देवकी और वसुदेव की प्रार्थना पर, भगवान कंस के भय को दूर करने के लिए एक सामान्य नवजात शिशु का रूप ले लेते हैं। इसके बाद, भगवान की माया से जेल के पहरेदार सो जाते हैं, बेड़ियां खुल जाती हैं और वसुदेव जी शिशु कृष्ण को सूप में रखकर, उफनती यमुना नदी को पार कर गोकुल में नंदबाबा के घर छोड़ आते हैं।

04/09/2026

*श्री कृष्ण जन्माष्टमी व्रत । उत्सव 04 सितम्बर*

*श्रीकृष्ण का जन्म नहीं है। जन्मदिन है 5252वां ।*

आज के दिन श्रीकृष्ण विग्रह या घर में विराजमान ठाकुर का पंचामृत आदि द्वारा अभिषेक किया जाता है।

विशेष भोगराग होता है। उत्सव होता है। व्रत होता है आदि आदि। दूसरे दिन नंद महोत्सव के रूप में बधाई गायन, खूब खीर पूरी पकवान आदि का भोग एवं आनंद महोत्सव होता है।

जन्माष्टमी के दिन व्रत रखने की भी परम्परा है। कुछ वैष्णव तो अभिषेक से पूर्व तक व्रत रखते हैं अर्थात अन्न या जल भी ग्रहण नहीं करते हैं और अभिषेक के पंचामृत को लेकर व्रत को विश्राम दे देते हैं।

कुछ वैष्णव जन *एकादशी की तरह पूरे दिन व्रत रखते हैं* और यदि शरीर रक्षा हेतु खाना भी पडे तो एकादशी की भांति फलाहार करते हैं दूसरे दिन इस व्रत का पारण भी होता है।

कुछ वैष्णव दिन में अभिषेक के पंचामृत से और कुछ वैष्णव रात्रि के अभिषेक के पंचामृत से व्रत का पारण करेंगे।

अभिषेक दो बार नहीं होगा या तो सुबह होगा या फिर रात्रि 12:00 बजे होगा।

*तीन विकल्प हैं*

1⃣ *दिन में कभी भी अभिषेक करें। अभिषेक तक निर्जल रहें। अभिषेक के पंचामृत से व्रत विश्राम।*

2⃣ दिन भर फलाहार व्रत करें। रात्रि में 12 बजे अभिषेक करें। पंचामृत से व्रत को विश्राम दें।

3⃣कभी भी अभिषेक करें। पूरा दिन व्रत करें अगले दिन पारण करें । आपकी श्रद्धा और परिस्थिति अनुसार आप कर सकते हैं

जय श्री राधे श्याम ॥

04/09/2026

आहा! ये तो पूरा वृंदावन ही एक वीडियो में उतर आया! ✨

देखो कैसे शुरू होता है...

*पहले मोर* - चमकते हुए कमल पर बैठा, जैसे कान्हा के आने का इंतज़ार कर रहा हो।

*फिर हमारे बाल कान्हा* - बड़े से क्रिस्टल कमल पर आराम से लेटे हुए, हाथ सिर के पीछे, बांसुरी पास में रखी हुई। कितने सुकून में हैं, जैसे पूरा संसार उनका बिस्तर हो।

*फिर वही प्यारा सीन* - अपने छोटे से बछड़े को गले से लगाए हुए। कान्हा और गाय का प्रेम तो सबसे पवित्र है।

*और फिर शरारत* - लड्डुओं की थाली सामने है, एक लड्डू मुंह में, एक हाथ में। पीछे बछड़ा और मोर देख रहे हैं - "फिर से अकेले-अकेले खा रहा है!"

*आखिर में* - कमल पर बैठ कर बांसुरी बजाते हुए कान्हा। जिसे सुनकर तो यमुना भी थम जाती थी।

> एक ही वीडियो में कान्हा के चार रूप - योगी, प्रेमी, नटखट चोर और बांसुरी वाला।

सच में दिल खुश हो गया। राधे-राधे! 🙏

भगवान आपका है आप अपने भगवान के अंश हो भगवान से अपनापन जगाओ अपने भगवान से चिपको संसार से शरीर आदि से मत चिपको. यह आपको अप...
01/09/2026

भगवान आपका है
आप अपने भगवान के अंश हो
भगवान से अपनापन जगाओ
अपने भगवान से चिपको
संसार से शरीर आदि से मत चिपको. यह आपको अपने भगवान से मिलने में बाधा बन रहे है.
शरीर से संसार से अपनापन खत्म करोगे तभी अपने भगवान तक पहुंचोगे

🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🌹श्री भगवानुवाच🌹" सर्वधर्मान्परित्यज्य मामेकं शरणं व्रज। अहं त्वा सर्वपापेभ्यो मोक्षयिष्यामि मा शुचः॥"*श्री ...
01/09/2026

🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️
🌹श्री भगवानुवाच🌹
" सर्वधर्मान्परित्यज्य मामेकं शरणं व्रज।
अहं त्वा सर्वपापेभ्यो मोक्षयिष्यामि मा शुचः॥"

*श्री भगवान ने कहा "संपूर्ण धर्मों को अर्थात संपूर्ण कर्तव्य कर्मों को मुझमें त्यागकर तू केवल एक मुझ सर्वशक्तिमान, सर्वाधार परमेश्वर की ही शरण में आ जा। मैं तुझे संपूर्ण पापों से मुक्त कर दूँगा, तू शोक मत कर॥"*

श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय १८ श्लोक संख्या ६६🙏🏻
🌹🌹🌹🌹🌹🌹

Address

Delhi

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when श्री बजरंग मंडल आयराखेरा posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Shortcuts

Share