14/03/2024
"तंत्र सिद्धि में सुरक्षा घेरे का महत्व"
जब भी किसी तांत्रिक सिद्धि का अनुष्ठान किया जाता है तो सबसे पहले उसके सुरक्षा घेरे को तैयार किया जाता है। सिद्धि फिर चाहे वह सात्विक हो या तामसिक, वैदिक हो या तांत्रिक, मंत्र सिद्धि हो या यंत्र सिद्धि, बिना सुरक्षा घेरे के पूरी नही हो सकती। सब में सबसे पहले सुरक्षा घेरा डाला जाता है। सुरक्षा घेरा फिर वह चाहे किसी देवीय शक्ति का हो या दैत्यी शक्ति का सबका महत्व बराबर का होता है अर्थात कोई भी शक्ति किसी अन्य शक्ति का सुरक्षा घेरा कभी नही लांघती। क्योंकि उसमे तंत्र सिद्धि की मर्यादा भंग होती है। इसका एक उदाहरण रामायण में मिलता है हनुमान जी को कोई भी शक्ति बांध नही सकती लेकिन जब मेघनाथ ने उन पर ब्रह्म अस्त्र चलाया तो हनुमान जी स्वयं उस अस्त्र में बंध गए थे ताकि ब्रह्मा की मर्यादा भंग ना हो। अब प्रश्न उठता है के सुरक्षा घेरा लगाया कैसे जाए। इसलिए आज मैं आप को सुरक्षा घेरा लगाने का एक स्वयं सिद्ध मंत्र दे रहा हूं। इसके प्रयोग की विधि आप मुझ से आवश्कता अनुसार पूछ सकते है। मंत्र इस प्रकार है:
ॐ नमो होलका ठोल, जहां डाकी कांडी
हमारी पिंड बैठा। ईश्वर कुंजी ब्रह्मा ताला।
हमारा पिंड काचा। श्री गौरखनाथ रखवाला