We support hindutava unity

We support hindutava unity हिन्दू धर्म, सभ्यता, संस्कृति, इतिहास की जानकारी के लिए नाम के सामने लाइक करके पेज से जुडे...🙏
(2493)

06/03/2026

अगर आपको लगता हैं चांद के टुकडे हो सकते हैं, कोई शख्स जानवर पर बैठ कर अंतरिक्ष घूम सकता हैं और 9 साल की बच्ची जवान हो सकती हैं

तो आपको जल्दी मनोरोग चिकित्सक से मिलना चाहिए

06/03/2026

One more sar tan se juda threat ☹️

We stand with Nazia didi , It is our india , we don't afraid of coward Terrorist Pakistani.

साथियों, नाजिया बहिन को हमारा पूरा समर्थन है, हम इनके साथ है, सरकार को सुरक्षा देनी चाहिए ।

डराने वाले को शायद पता नहीं है,
नाजिया अकेली नहीं है...
सच और इंसानियत के साथ खड़े लोग हमेशा उसके साथ है।❤️

जो डराते है वो कुछ नहीं कर पाते है,
और जो साथ देते है वही असली ताकत होते है।
नाजिया बहिन, तुम अकेली नहीं हो... हम सब आपके साथ है।❤️

We stand with Nazia Elahikhan

मेरे ऊपर हुए जानलेवा हमले का जिम्मेदार मै खुद हूं,,ये मेरे ही कर्मों का फल है जो मुझे मिला,लेकिन ये मेरे उस समय के कर्म ...
06/03/2026

मेरे ऊपर हुए जानलेवा हमले का जिम्मेदार मै खुद हूं,,
ये मेरे ही कर्मों का फल है जो मुझे मिला,

लेकिन ये मेरे उस समय के कर्म थे जब मै एक मुस्लिम था,,

अरे भाई मैने भी पराई औरतों का हलाला किया है गायों की कुर्बानी की है,, तो गीता के अनुसार मुझे उन गलत कर्मों का फल तो मिलना ही था और निश्चित मिलना था आज नही तो कल,,,,,

और आज मै खतरे से बाहर हूं और देश की 80%जनता हमारे लिए भगवान से प्रार्थना कर रही है तथा मेरे इलाज के लिए पैसे जमा कर रही है और ये सब मेरे आज के कर्मों का परिणाम है, एक तरफ रंग फेंकने वाले अच्छे लोग है और दूसरी तरफ बम फेंकने वाले , अब आपको तय करना है किस दिशा में जाना है।

06/03/2026

इस वर्ष भारत ऐसे ऐसे अस्त्र शस्त्रों को दुनिया के सामने ला सकता है, की दुनिया हैरान रह जायेगी । हमे विश्वशक्ति के रूप में बहुत गंभीरता से लिया जाने लगेगा ।

06/03/2026

जयपुर के भट्टा बस्ती थाना क्षेत्र में नमाज के दौरान दीवार गिरने से करीब 15 युवक मलबे के नीचे दब गए,कई लोग ICU में भर्ती....... अल्लाह मियां इतना क्यों कहर बरपा रहा है, भाइयों

देश यदि पहले ही सेकुलर था तो बाँटा क्यो और जब देश को धर्म के नाम पर कांग्रेस ने बाँट ही दिया है तो देश सेकुलर क्यो? देश ...
06/03/2026

देश यदि पहले ही सेकुलर था तो बाँटा क्यो और जब देश को धर्म के नाम पर कांग्रेस ने बाँट ही दिया है तो देश सेकुलर क्यो?
देश का हिन्दू माँगे हिन्दू राष्ट्र........ 🚩❤💪🙏

5000 साल पुराना इतिहास, जमीन में धँसती जा रही प्रतिमा: जानें- राजस्थान में स्थित दुनिया के इकलौते ‘विभीषण मंदिर’ की कहान...
06/03/2026

5000 साल पुराना इतिहास, जमीन में धँसती जा रही प्रतिमा: जानें- राजस्थान में स्थित दुनिया के इकलौते ‘विभीषण मंदिर’ की कहानी, जब इस्लाम धर्म की स्थापना भी नहीं हुई थी उस हिन्दू मंदिर को वक्फ संपत्ति बता हड़पने की हुई कोशिश

राजस्थान के कोटा जिले के कैथून कस्बे में हर साल होली के अवसर पर एक बेहद अनोखी परंपरा देखने को मिलती है। देशभर में होलिका दहन के साथ होली का त्योहार मनाया जाता है लेकिन कैथून में इसके अगले दिन यानी धुलेंडी पर हिरण्यकश्यप के पुतले का दहन किया जाता है।

इसी खास परंपरा के साथ यहाँ पाँच दिवसीय विभीषण मेला आयोजित होता है, जिसमें हजारों श्रद्धालु आस्था और परंपरा का संगम देखने के लिए पहुँचते हैं। इस वर्ष भी मेले की शुरुआत धूमधाम से हुई। राजस्थान के शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर मेले के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

उन्होंने पहले विभीषण मंदिर में पूजा-अर्चना की और फिर मेला स्थल पर परंपरा के अनुसार हिरण्यकश्यप के पुतले का दहन कर अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश दिया।

होली के बाद हिरण्यकश्यप दहन की अनोखी परंपरा और देव विमानों की शोभायात्रा
कैथून का विभीषण मेला देश में अपनी तरह का अनूठा आयोजन माना जाता है। यहाँ परंपरा के अनुसार, पहले होलिका दहन होता है और उसके अगले दिन धुलेंडी पर हिरण्यकश्यप के पुतले को जलाया जाता है। इस परंपरा का संबंध भक्त प्रह्लाद और भगवान विष्णु की कथा से जोड़ा जाता है।

मान्यता है कि जब होलिका आग में जलकर नष्ट हो गई, तब असुर राजा हिरण्यकश्यप अत्यंत क्रोधित हो गया और उसने अपने पुत्र प्रह्लाद को मारने का प्रयास किया। उसी समय भगवान विष्णु ने नृसिंह अवतार लेकर हिरण्यकश्यप का वध किया और भक्त प्रह्लाद की रक्षा की। इसी घटना की स्मृति में कैथून में धुलेंडी के दिन हिरण्यकश्यप के पुतले का दहन किया जाता है।

यह परंपरा लगभग 45 वर्षों से लगातार निभाई जा रही है और हर साल इसके साथ भव्य मेले का आयोजन होता है। विभीषण मेले की शुरुआत धार्मिक अनुष्ठानों के साथ होती है। आसपास के कई मंदिरों से देवताओं की प्रतिमाओं को सजाए गए देव विमानों में बैठाकर भव्य शोभायात्रा निकाली जाती है।

ये देव विमान श्रद्धालुओं की भीड़ के साथ विभीषण मंदिर तक पहुँचते हैं, जहाँ विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। इसके बाद सभी देव विमानों को मेला स्थल लाया जाता है। मेला स्थल पर आतिशबाजी, सांस्कृतिक गतिविधियाँ और धार्मिक आयोजन होते हैं। कार्यक्रम के अंतिम चरण में मुख्य अतिथि द्वारा हिरण्यकश्यप के पुतले का दहन किया जाता है, जो धर्म की जीत और अधर्म के अंत का प्रतीक माना जाता है।

दुनिया का इकलौता विभीषण मंदिर: हर साल दाने के बराबर जमीन में धंसती जा रही प्रतिमा
कैथून की पहचान केवल मेले तक सीमित नहीं है। यहाँ स्थित विभीषण मंदिर को दुनिया का इकलौता मंदिर माना जाता है जहाँ रावण के भाई विभीषण की पूजा होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह मंदिर लगभग पाँच हजार वर्ष पुराना बताया जाता है। मंदिर परिसर में एक विशाल चबूतरे के ऊपर छतरी के नीचे विभीषण की बड़ी प्रतिमा स्थापित है।

इस प्रतिमा की खासियत यह है कि इसका केवल धड़ से ऊपर का हिस्सा ही दिखाई देता है, जबकि बाकी भाग जमीन के अंदर धँसा हुआ माना जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह प्रतिमा हर साल थोड़ा-थोड़ा जमीन में और धँसती जाती है। मंदिर के पास एक प्राचीन कुंड भी है, जिसके निकट विक्रम संवत 1815 का शिलालेख मौजूद है।

विभीषण मंदिर से जुड़ी पौराणिक कथा
मंदिर की स्थापना को लेकर एक पौराणिक कथा भी प्रचलित है। कहा जाता है कि भगवान राम के राज्याभिषेक के समय सभी देवी-देवता, ऋषि-मुनि और राजा अयोध्या पहुँचे थे। इसी दौरान भगवान शिव ने पृथ्वी लोक की यात्रा करने की इच्छा जताई। यह सुनकर विभीषण ने निवेदन किया कि वह शिव और हनुमान को कांवड़ में बैठाकर भारत भ्रमण कराना चाहते हैं।

भगवान शिव ने यह प्रस्ताव स्वीकार कर लिया लेकिन एक शर्त रखी कि यात्रा के दौरान काँवड़ जहाँ भी जमीन से टिक जाएगी, वहीं यात्रा समाप्त मानी जाएगी। विभीषण ने एक विशाल लकड़ी की काँवड़ तैयार की जिसकी लंबाई लगभग 8 कोस (करीब 32 किलोमीटर) बताई जाती है। काँवड़ के एक हिस्से में भगवान शिव और दूसरे हिस्से में हनुमान जी विराजमान थे।

जब यह यात्रा प्राचीन नगर कौथुनपुर (आज का कैथून) से गुजर रही थी, तब काँवड़ का एक सिरा जमीन से लग गया। जिस स्थान पर शिवजी का भाग जमीन से टिका, वह स्थान आज चौरचौमा के नाम से जाना जाता है और वहाँ चोमेश्वर महादेव का प्राचीन मंदिर है।

दूसरा हिस्सा कोटा के रंगबाड़ी क्षेत्र में आकर टिका, जहाँ आज हनुमान जी का मंदिर स्थित है। वहीं कैथून में जहाँ विभीषण रुके, वहाँ विभीषण मंदिर की स्थापना मानी जाती है।

मंदिर के वर्तमान स्वरूप का इतिहास और वक्फ विवाद
मंदिर को पौराणिक रूप से हजारों साल पुराना माना जाता है लेकिन इसके वर्तमान ढाँचे का निर्माण बाद में हुआ। माना जाता है कि कोटा के शासक महाराव उम्मेद सिंह प्रथम ने 1770 से 1821 के बीच मंदिर की छतरी और संरचना का निर्माण करवाया था। मंदिर के आसपास के कई हिस्सों का समय-समय पर जीर्णोद्धार भी किया गया।

स्थानीय गौतम परिवार ने प्राचीन कुंड और अन्य संरचनाओं के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आज भी इस परिवार के सदस्य विशेष अवसरों पर यहाँ पूजा करने आते हैं। मेला उद्घाटन के दौरान मंत्री मदन दिलावर ने मंदिर की जमीन से जुड़े विवाद का भी जिक्र किया। उनके अनुसार, इस भूमि को वक्फ संपत्ति बताकर कब्जाने की कोशिश की गई थी।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नए वक्फ संशोधन कानून के बाद यह स्पष्ट कर दिया गया है कि केवल वही संपत्ति वक्फ के नाम दर्ज होगी जो वास्तव में मुस्लिम समाज द्वारा दान की गई हो। इस कानूनी बदलाव और लंबे समय से चल रहे संघर्ष के बाद कोर्ट ने विभीषण मंदिर की जमीन हिंदू समाज को वापस सौंपने के आदेश दिए।

दिलावर ने यह भी कहा कि राजस्थान सरकार ने निर्णय लिया है कि आबादी क्षेत्र में स्थित मंदिरों की जमीन के पट्टे मंदिर की मूर्ति के नाम जारी किए जाएँगे, ताकि भविष्य में कोई अवैध कब्जा न कर सके। मेला समारोह में मंत्री दिलावर ने कहा कि विभीषण ने अधर्म के मार्ग पर चल रहे अपने भाई रावण का साथ छोड़कर भगवान राम का साथ दिया था।

रामायण की कथा में विभीषण का यह निर्णय धर्म के पक्ष में खड़े होने का प्रतीक माना जाता है। यही कारण है कि कैथून में उन्हें विशेष सम्मान के साथ पूजा जाता है। होली के बाद हिरण्यकश्यप दहन की परंपरा, दुनिया का इकलौता विभीषण मंदिर और उससे जुड़ी कथाएँ इस स्थान को भारत के धार्मिक मानचित्र पर एक अलग पहचान देती हैं।

कारगिल युद्ध के समय चोटी पर बैठे पाकिस्तानी सैनिकों को सप्लाई देने के लिए पाकिस्तान ने चार विशाल सप्लाई कैंप बना रखे थे....
06/03/2026

कारगिल युद्ध के समय चोटी पर बैठे पाकिस्तानी सैनिकों को सप्लाई देने के लिए पाकिस्तान ने चार विशाल सप्लाई कैंप बना रखे थे....

और वह कैंप उन सैनिकों को गोला बारूद से लेकर खाना पानी सप्लाई करते थे और वह सप्लाई कैंप के आसपास कई मिसाइल लॉन्चिंग सिस्टम बनाए गए थे,

भारत के लिए इन सप्लाई कैंप को नष्ट करना जरूरी था लेकिन जैसे ही भारत का कोई विमान इन पर बम गिराने के लिए जाता था उसके पहले ही मेड इन अमेरिका की स्ट्रिंगर मिसाइल या कोई अन्य मिसाइल उसे विमान को गिरा देती थी ।

आप लोगों को विंग कमांडर नचिकेता याद होंगे जिनके विमान को पाकिस्तान ने नष्ट कर दिया था और आठ दिन तक युद्ध बंदी बना दिया था।

भारत को अपने कुल आठ विमान खोने पड़े और भारतीय सेना ने कह दिया कि जब तक हम इन रसद और हथियार सप्लाई डिपो को नष्ट नहीं करेंगे तब तक हम चोटियों पर बैठे पाकिस्तानी सैनिकों को अलग- थलग नहीं कर सकते।

लेकिन उस समय भारत के पास ऐसी कोई टेक्नोलॉजी नहीं थी जिसके द्वारा भारत ने नष्ट कर सके.....

भारत को चाहिए लाइटनिंग पॉड और लेजर गाइडेड मिसाइल जो दोनों भारत के पास उसे वक्त नहीं थे,

फिर ऐसे में भारत का मित्र देश इजराइल सामने आया उसने लेजर गाइडेड बम दिए लाइटनिंग पोड दिए ताकि बम वर्षक विमान चला रहे पायलट को सटीक लोकेशन मिले,

और उन बम में जीपीएस कोऑर्डिनेटर फिट किए गए, उस वक्त भारत के पास अपनी जीपीएस टेक्नोलॉजी नहीं थी और अमेरिका ने भारत को जीपीएस कोऑर्डिनेट्स देने से मना कर दिया था,

लेकिन इजराइल ने अपनी टेक्नोलॉजी के द्वारा खुद सप्लाई कैंपस के जीपीएस कोऑर्डिनेटर निकालकर लेजर गाइडेड बम में फिट कर दिए थे,

और वह सारे बम लगभग 2000 किलो के थे जिन्हें मिराज विमान में लगाना था,

और उसके लिए विमान को मॉडिफाई करना जरूरी था,

फिर इजरायल के कई इंजीनियर आए ग्वालियर एयर बेस पर मिराज विमान को इजराइल के इंजीनियर ने मॉडिफाई किया और उसमें वह लेजर गाइडेड बम और लाइटनिंग पॉड लगाए गए

मिराज बेहद ऊंचाई पर उड़ते हुए रात के अंधेरे में चुपचाप वह बम गिरा देता है और उन बम में विशेष तरह के कैमरे लगे थे ऐसे कैमरे जो हजारों मीटर ऊंचाई से नीचे का एक थर्मल इमेज बना रहे थे कुल छह बम गिराए गए और पाकिस्तान का पूरा कैंप चोटियों पर बैठे सैनिकों को हथियार गोला बारूद और खाना सप्लाई करता था वह नष्ट हो गए सभी हथियार नष्ट हो गए उनके सारे मिसाइल वहां रखे सब कुछ नष्ट हो गया,

और यह चोट पाकिस्तान को इतनी बड़ी चोट थी कि उसी पल यह तय हो गया कि अब यह युद्ध तीन दिन से ज्यादा नहीं चलेगा,

क्योंकि सैनिकों को मिलने वाली सभी सप्लाई खत्म हो गई और वही हुआ, पाकिस्तान गिड़गिड़ता हुआ युद्ध रोकने की मांग करने लगा।

तो इसीलिए याद रखना इजराइल ने भारत को ऐसे ऐसे वक्त पर मदद किया है जब इंग्लैंड, फ्रांस, जर्मनी और अमेरिका जैसे देशों ने भी भारत को मदद करने से इनकार कर दिया था।


हिंदुओं का त्यौहार आये और सेक्युलर हिंदू लिब्रांडुओं के जिहादी  भाईजान कोई अपराध ना करे ऐसा कभी हो सकता है और किसी हिंदू...
06/03/2026

हिंदुओं का त्यौहार आये और सेक्युलर हिंदू लिब्रांडुओं के जिहादी भाईजान कोई अपराध ना करे ऐसा कभी हो सकता है और किसी हिंदू की हत्या ना करे ऐसा कभी हो सकता है ,ना ,5 मार्च होली की रात को तरूण कुमार अपने घर वापस आ रहा था और जब वो घर के पास ही अपनी बाइक खड़ी कर रहा था तो उसकी छोटी भतीजी ने बालकनी से तरूण को चाचू बोलते हुए होली का गुब्बारा फेका और उसी गली से गुजरती हुई एक जिहा*दन को गलती से होली के गुब्बारे के रंग वाला पानी उस जिहा*दन के ऊपर गिर गया फिर क्या जो हमेशा होता आया है तरुण ने माफी मांगी बच्ची की तरफ से हाथ जोड़े पर अचानक से पता नहीं 40 50 आतं*कवादी जिहा*दियों का झुंड आया हाथो में तलवार, डंडे, सरिया ,लेकर और तरुण कुमार के ऊपर हमला सुरू कर दिया और तो और तरूण के पड़ोस में जितने भी घर थे हिंदूओ के उन सब घरों की कुंडिया बहार से लगा दी गई जिहा*दियों ने,,उसके बाद तरूण कुमार के मां बाप सब बहार भागे तरूण को बचाने के लिए तो उनपे भी हमला सुरु कर किया और तरूण की मां के साथ भी बत्तमीजी की उनके ब्लाउज वगेरा सब फाड़ा जिहा*दियो ने और तरूण को उन लोगों ने तब तक मारा जब तक तरूण का सर बुरी तरह नष्ट ना हो गया हो उसके बाद तरूण ने वही पर दम तोड़ दिया तरुण 25 साल का लड़का था जो अभी अपनी पढ़ाई पूरी कर रहा था जब आस-पास के लोगो से पूछा गया तो लोगो ने बताया कि उनकी बहन बेटियों से भी आए दिन छेड़-छाड़ करते रेहते हे, ये इस्ला*मिक अतं*कवादी आये दिन झुंड में बैठे रहते हे और लड़कियाँ से छेड़ छाड़ करते हैं ,,मैं उन सेक्युलर हिंदुओं से ये कहना चाहता हूं तुम थोड़ी बहुत लालच के लिए खुश तो हो जाओगे पर तुम्हारी आने वाली पीड़ी बहुत दुख पाएगी ऐसे ही मारे जाएंगी, सरकार चाहे कोई भी हो वो तुम्हारा साथ कभी नहीं देंगी क्योंकि वो अपने बच्चों को विदेश में भेज कर सेट कर देते हे और जब भारत इस्लामिक जिहाद में जल रहा होगा तो ये सारे नेता सत्ताधारी या विपक्ष अपना बेग पैक करके निकल जाएंगे, इसलीए जेसे तो तेसा जवाब देना सिख लो हिंदुओ क्योंकि उनकी किताब में तुम सिर्फ दुश्*मन हो और उनके आका ने तुम्हें सिर्फ ख़त*म करने का पैगा*म दिया हे ना कि भाईचारे का

Follow the Pathey (पाथेय) channel on WhatsApp: यह चैनल हिंदुओं की आवाज उठाता है जरूर जुड़िए।

https://whatsapp.com/channel/0029VaeR7mG6buMRNvq3SM0e

सोने की चिड़िया हमारा भारत.... ❤❤👌लिथियम के बड़े भंडार मिलने के बाद अब देश में मिला सोने का भंडार.... ओडिशा के 3 जिलों द...
06/03/2026

सोने की चिड़िया हमारा भारत.... ❤❤👌

लिथियम के बड़े भंडार मिलने के बाद अब देश में मिला सोने का भंडार....

ओडिशा के 3 जिलों देवगढ़, क्योंझर और मयूरभंज में पाये गए भंडार में 9 स्थानों पर सोने का भंडार मिला... 🙏

#स्वर्णकाल #अमृतकाल

यह 14वीं सदी का खगोलीय माप बनाने के लिए प्रयुक्त एक उपकरण है जो विज्ञान इतिहास के  #जिनेवा संग्रहालय में है,ज़ूम  करें औ...
06/03/2026

यह 14वीं सदी का खगोलीय माप बनाने के लिए प्रयुक्त एक उपकरण है जो विज्ञान इतिहास के #जिनेवा संग्रहालय में है,ज़ूम करें और देखें!

आप इस पर उत्कीर्ण संस्कृत लिपि पा सकते हैं,12 राशियों के नाम स्पष्ट पढ़े जा रहे हैं।

भारत के मजबूत खगोलीय कौशल का एक प्रमाण !!
हैरानी की बात ये है कि ये भारतीय धरोहर वहाँ पहुँची कैसे..??

निश्चित ही इसे अंग्रेज लूट कर ले गए होंगे।

अंग्रेजों में एक अच्छी बात ये थी कि दूसरे संस्कृति की अच्छी चीजों को मजहबी लुटेरों की तरह सामान्यतः नष्ट नहीं करते थे पर चुरा अवश्य लेते थे।

इस उपकरण का भारतीय नाम हटाकर इसे एस्ट्रोलबे नाम अंग्रेजों ने दिया।

संसार देख ले महान् भारत के गौरव शाली इतिहास के अतीत का गौरवपूर्ण ऐतिहासिक प्रमाण हैं।

यह कथा नहीं है, यह तो पौराणिक विज्ञान है..रात्रि के अंतिम प्रहर में एक बुझी हुई चिता की भस्म पर अघोरी ने जैसे ही आसन लगा...
06/03/2026

यह कथा नहीं है, यह तो पौराणिक विज्ञान है..

रात्रि के अंतिम प्रहर में एक बुझी हुई चिता की भस्म पर अघोरी ने जैसे ही आसन लगाया,

एक प्रेत ने उसकी गर्दन जकड़ ली और बोला- मैं जीवन भर विज्ञान का छात्र रहा और जीवन के उत्तरार्ध में तुम्हारे पुराणों की विचित्र कथाएं पढ़कर भ्रमित होता रहा। यदि तुम मुझे पौराणिक कथाओं की सार्थकता नहीं समझा सके तो मैं तुम्हे भी इसी भस्म में मिला दूंगा।

अघोरी बोला-

एक कथा सुनो, रैवतक राजा की पुत्री का नाम रेवती था। वह सामान्य कद के पुरुषों से बहुत लंबी थी, राजा उसके विवाह योग्य वर खोजकर थक गये और चिंतित रहने लगे। थक-हारकर वो योगबल के द्वारा पुत्री को लेकर ब्रह्मलोक गए। राजा जब वहां पहुंचे तब गन्धर्वों का गायन समारोह चल रहा था, राजा ने गायन समाप्त होने की प्रतीक्षा की गायन समाप्ति के उपरांत ब्रह्मदेव ने राजा को देखा और पूछा- कहो, कैसे आना हुआ?

राजा ने कहा- मेरी पुत्री के लिए किसी वर को आपने बनाया अथवा नहीं?

ब्रह्मा जोर से हंसे और बोले- जब तुम आये तबतक तो नहीं, पर जिस कालावधि में तुमने यहाँ गन्धर्वगान सुना उतनी ही अवधि में पृथ्वी पर २७ चतुर्युग बीत चुके हैं और २८ वां द्वापर समाप्त होने वाला है, अब तुम वहां जाओ और कृष्ण के बड़े भाई बलराम से इसका विवाह कर दो, अच्छा हुआ की तुम रेवती को अपने साथ लाए जिससे इसकी आयु नहीं बढ़ी।

इस कथा का वैज्ञानिक संदर्भ समझो- आर्थर सी क्लार्क ने आइंस्टीन की थ्योरी ऑफ़ रिलेटिविटी की व्याख्या में एक पुस्तक लिखी है- मैन एंड स्पेस,उसमें गणना है की यदि 10 वर्ष का बालक यदि प्रकाश की गति वाले यान में बैठकर एंड्रोमेडा गैलेक्सी का एक चक्कर लगाये तो वापस आनेपर उसकी आयु ६६ वर्ष की होगी पर धरती पर 40 लाख वर्ष बीत चुके होंगे। यह आइंस्टीन की time dilation theory ही तो है जिसके लिए जॉर्ज गैमो ने एक हास्य कविता लिखी थी-

There was a young girl named Miss Bright,

Who could travel much faster than light

She departed one day in an Einstein way

And came back previous night

प्रेत यह सुनकर चकित था, बोला- यह कथा नहीं है, यह तो पौराणिक विज्ञान है, हमारी सभ्यता इतनी अद्भुत रही है, अविश्वसनीय है। तभी तो आइंस्टीन पुराणों को अपनी प्रेरणा कहते थे।

अघोरी मुस्कुराता रहा और प्रेत वायु में विलीन हो गया...........

"हम विश्व की सबसे उन्नत संस्कृति हैं यह विश्वास मत खोना l

जय श्री राम..... 👌🚩🙏


#आर्यावर्त_का_अघोर_अतीत

Address

Gandhi Nagar
Delhi

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when We support hindutava unity posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Share