09/06/2021
—— प्रेस रिलीज ———
मोदी सरकार हिन्दू धर्म दान एक्ट—1951 करे रद्द: हिन्दू महासभा
— इस एक्ट की जगह लागू किया जाए आल इंउिया हिन्दू मंदिर प्रबंधन एक्ट
— हिन्दू धर्म दाम एक्ट—1951 के माध्यम से हिन्दू धर्म व हिन्दू संस्कृति को हिन्दोस्तान में खत्म करने की लागू की जा रही साजिशें, हिन्दुओं को होना होगा जागृत
दिल्ली, 8 जून
अखिल भारत हिन्दू महासभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष राज्यश्री चौधरी ने कहा कि हिन्दूओं की सरकार होने का दावा करने वाली केंद्र की भाजपा सरकार , हिन्दू धर्म व संस्कृति को खत्म करने वाले कानून हिन्दू धर्म दान एक्ट —1951 को पूर्ण रूप में रद्द करे। इस की जगह पर नया कानून आल इंडिया हिन्दू मंदिर प्रबंधन एक्ट बना कर लागू किया जाए। जिस में देश भर के सभी हिन्दू मंदिरों का प्रबंध व विकास एक संस्थान के पास हो। केंद्र की भाजपा सरकार इस कानून को रद्द न करके हिन्दू विरोधी होने का सबूत पेश कर रही है। इस मामले को लेकर हिन्दू महासभा देश भर में आवाज बुलंद करेगी।
हिन्दू महासभा के प्रवक्ता आचार्य पंकज शर्मा ने कहा कि
जिस प्रकार अन्य धार्मिक समूह अपने धर्म के प्रसार के लिए धन खर्च करते हैं उसी तरह हिंदू समाज को भी विश्व में यह कार्य करने का अधिकार है। परंतु समय की कांग्रेस सरकार ने एक साजिश के तहत हिन्दू धर्म दान एक्ट-1951 को लागू करके कांग्रेस ने राज्यों को अधिकार दे दिया था कि, बिना कोई कारण बताए वे किसी भी मंदिर को अपने अधीन कर सकते हैं। यह कानून बनने के बाद से मात्र आंध्र प्रदेश सरकार ने लगभग 40 हजार मंदिरों को अपने अधीन ले लिया। तिरुपति बालाजी मंदिर की सालाना कमाई लगभग 3600 करोड़ रुपए है। जिस पर सरकार का कब्जा चल रहा है। इसी तरह हिमाचल प्रदेश , जम्मू, पंजाब आदि अनेक राज्यों के मंदिरों में सरकारों की ओर से कब्जे किए गए है। जबकि मंदिरों के चढ़ावे का 80 प्रतिशत मंदिरों के कल्याण पर खर्च होना चाहिए। जिनकों सरकरें अपनी मर्जी से अलग अलग तरह दुरूपयोग कर रही है। कर्नाटक के 2 लाख मंदिरों में लगभग 55000 मंदिर रख-रखाव के अभाव के कारण बंद हो गए हैं। दुनिया के किसी भी लोकतांत्रिक देश में धार्मिक संस्थानों को सरकारों द्वारा कंट्रोल नहीं किया जाता है, ताकि लोगों की धार्मिक आजादी का हनन न होने पाए। लेकिन भारत में ऐसा हो रहा है। सरकारों ने मंदिरों को अपने कब्जे में इसलिए किया क्योंकि उन्हें पता है कि मंदिरों के चढ़ावे से सरकार को काफी फायदा हो सकता है। आज भारत में लगभग 13 लाख मंदिर हैं, जिनमें 8 लाख मंदिर सरकार के पास हैं। मंदिरों का सोना हिंदू समाज की संपत्ति है, न कि सरकार की।
हिन्दू महासभा नेताओं ने कहा कि तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक व लगभग हर राज्य़ में यही हो रहा है। मंदिर से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल मस्जिदों और चर्चों के निर्माण में किया जा रहा है। इस एक्ट के तहत कब्जा सरकारें सिर्फ मंदिरों पर ही कर रही है मसिजदों, चर्चों , गुरुद्वारों ,मजारों व अन्य धार्मिक स्थानों पर सरकारें कोई कब्जा नही कर रही है। सिर्फ हिन्दू धर्म और हिन्दू संस्कृति को खत्म करने की योजना तहत यह कानून आज तक लागू है। पंजाब मे हिन्दू संगठनों ने हिन्दू मंदिर एक्ट लागू करने के लिए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को इस एक्ट की पांडू लीपि दी हुई है। परंतु पंजाब सरकार इस पर चुप्पी साधे हुए है और हिन्दूओं की एक्ता को तोड़ने के लिए राज्य में जातियों पर आधारित कल्याण बोर्ड गठित कर रही है। देश भर में हिन्दू महासभाई इस 1951 वाले एक्ट को खत्म करवाने के लिए आवाज बुलंद करेंगे।
जारी कर्ता
आचार्य पंकज शर्मा
प्रवक्ता
अखिल भारत हिन्दू महासभा
9463672734