Hindu Rastra Sena

Hindu Rastra Sena Contact information, map and directions, contact form, opening hours, services, ratings, photos, videos and announcements from Hindu Rastra Sena, Religious organisation, abcd, Delhi.

15/08/2016

" भारत की मिट्टी " से बडकर कोई "
चन्दन " हो नही सकता,,
"वन्देमातरम " से बडकर कोई "वन्दन " हो नही सकता !

स्वतंत्रता दिवस की शुभकामना ।।
🇮🇳 भारत माता की जय 🇮🇳

15/08/2016

✌🎖

भारतीय सेना 10 सर्वश्रेष्ठ अनमोल वचन: अवश्य पढें।
इन्हें पढकर सच्चे गर्व की अनुभूति होती है...

1.
" *मैं तिरंगा फहराकर वापस आऊंगा या फिर तिरंगे में लिपटकर आऊंगा, लेकिन मैं वापस अवश्य आऊंगा।*"
- कैप्टन विक्रम बत्रा,
परम वीर चक्र

2.
" *जो आपके लिए जीवनभर का असाधारण रोमांच है, वो हमारी रोजमर्रा की जिंदगी है।* "
- लेह-लद्दाख राजमार्ग पर साइनबोर्ड (भारतीय सेना)

3.
" *यदि अपना शौर्य सिद्ध करने से पूर्व मेरी मृत्यु आ जाए तो ये मेरी कसम है कि मैं मृत्यु को ही मार डालूँगा।*"
- कैप्टन मनोज कुमार पाण्डे,
परम वीर चक्र, 1/11 गोरखा राइफल्स

4.
" *हमारा झण्डा इसलिए नहीं फहराता कि हवा चल रही होती है, ये हर उस जवान की आखिरी साँस से फहराता है जो इसकी रक्षा में अपने प्राणों का उत्सर्ग कर देता है।*"
- भारतीय सेना

5.
" *हमें पाने के लिए आपको अवश्य ही अच्छा होना होगा, हमें पकडने के लिए आपको तीव्र होना होगा, किन्तु हमें जीतने के लिए आपको अवश्य ही बच्चा होना होगा।*"
- भारतीय सेना

6.
" *ईश्वर हमारे दुश्मनों पर दया करे, क्योंकि हम तो करेंगे नहीं।"*
- भारतीय सेना

7.
" *हमारा जीना हमारा संयोग है, हमारा प्यार हमारी पसंद है, हमारा मारना हमारा व्यवसाय है।*
- अॉफीसर्स ट्रेनिंग अकादमी, चेन्नई

8.
" *यदि कोई व्यक्ति कहे कि उसे मृत्यु का भय नहीं है तो वह या तो झूठ बोल रहा होगा या फिर वो गोरखा ही होगा।*"
- फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ

9.
" *आतंकवादियों को माफ करना ईश्वर का काम है, लेकिन उनकी ईश्वर से मुलाकात करवाना हमारा काम है।*"
- भारतीय सेना

10.
" *इसका हमें अफसोस है कि अपने देश को देने के लिए हमारे पास केवल एक ही जीवन है।*"
- अॉफीसर प्रेम रामचंदानी

💐💐 🙏🏽🙏🙏🏻 💐💐

।।जयहिंद..... वंदेमातरम्।।

12/08/2016

एक बार -- भगवान भोलेनाथ -- इस - मृत्यु लोक - पर विचरण को आये..
वैसे भोलेनाथ आना तो अकेले ही चाहते थे क्योकि -- वो अच्छी तरह से जानते थे कि -- मृत्यु लोक -- की विषमताओं को देख कर -- पार्वती का -- नारी ह्रदय -- द्रवित -- हो जायेगा...
खैर -- माता पार्वती भी जिद करके -- प्रभु के साथ -- मृत्युलोक -- भ्रमण को आ गयी -- दोनों घूमते घूमते -- एक गाँव से बाहर निकल रहे थे ..
-----------------------
माता पार्वती कुछ देख कर ठिठक गयी -- गाँव के बाहरी छोर पर -- एक गरीब -- कुम्हार -- मिटटी के बर्तन बनाने वाले की -- एक टूटी सी झोंपड़ी थी ...
झोंपड़ी के आगे -- गरीब और फटेहाल एक बुढ़िया और एक बूढा - उसका पति और एक 13 - 14 का उनका लड़का बैठे...मात्र तीन प्राणियों का परिवार...
-------------------
माता पार्वती को उन लोगों की गरीबी की हालत देख कर बहुत दया आ गई तो भगवान भोलेनाथ से कहने लगी -- प्रभु इन गरीबों की -- हालात -- सुधार दीजिये -- देखिये ये कितने -- तंगहाल -- है..
प्रभु बोले पार्वती चलो यहाँ से -- ये मृत्युलोक है यहाँ पग पग पर ऐसे ही नजारे देखने को मिलेंगे -- और -- मै भी विधि के विधान को नही बदल सकता...

भोलेनाथ का ये जवाब सुन कर -- माता पार्वती भी जिद पर अड़ गई -- "तिरिया हठ" -- कोई चीज होती है -- आखिर -- भोलेनाथ को भी अपनी -- "अर्धांगनी" -- को राजी रखने के -- उस परिवार की दयनीय हालत ठीक करने का वचन देना पड़ा...
----------------------
फिर दोनों -- उस झोंपड़ी के पास गये और उस परिवार से बोले कि :-- हम शिव और पार्वती हैं -- तुम तीनों लोग -- जो चाहो - एक एक - वरदान - मांग लो -- ताकि तुम्हारा भी जीवन सुधर जाये...
----------------
तो सबसे पहले - बुढ़िया बोली कि - भगवान जो वरदान मै मांगूगी क्या वो पूरा हो जायेगा - भोलेनाथ बोले - अवश्य पूरा होगा...
बुढ़िया बोली तो ठीक है प्रभु -- देखिये मेरा शरीर कितना जजर हो चूका है, मेरा चेहरा भी बदसूरत हो चुका...
1 -- आप मुझे - "नवयौवना और अति सुन्दर" - बना दीजिये...
प्रभु बोले - तथास्तु -
एक प्राणी का वरदान पूरा हुआ...
वो बुढ़िया तो -"जवान और अति सुन्दर"- बन गई.."विश्व सुन्दरी" के माफिक..

देवयोग से उसी - वहां से लुटेरों का एक गिरोह गुजर रहा था, लुटेरों के सरदार ने देखा - एक गरीब की झोपड़ी में - इतनी सुन्दर और जवान - लड़की !!
लुटेरों के सरदार ने अपने आदमियों को हुक्म दिया - लड़की छीन लाओ...

अगले ही पल वो - जवान और अतिसुन्दर- लड़की लुटेरों के सरदार के घोड़े पर बिठा दी गई...{इसी लिए बुजुर्गों ने सुंदर स्त्री को घातक बताया है}
--एक प्राणी के वरदान का - ये नतीजा निकला--
----------------------
उस गरीब बूढ़े से - प्रभु बोले - एक मनचाहा वरदान तुम भी मांग लो...
तो वो बोला - मेरी पत्नी ने कितना अजीब वरदान मांग लिया - प्रभु...
अब तो वो भी मुझ जैसे -- महा गरीब - और - मरियल बूढ़े के साथ जीवन बसर कैसे करेगी --??-- उस ने जवान और सुन्दर बन कर मेरा तिरस्कार किया है...
-----------------------
2 --वो गरीब बुढा बोला - प्रभु - मुझे वरदान दीजिये - कि - मेरी अति सुन्दर और जवान बनी - पत्नी को -- बंदरिया -- बना दीजिये...
भोलेनाथ बोले -- तथास्तु...
उधर विश्व सुन्दरी जैसी बनी - बुढिया - तुरंत - बंदरिया बन गई - तो - दुसरे ही पल - लुटेरों के सरदार ने उसे - भूतनी - मानकर अपने घोड़े से नीचे फैंक दिया,

बस थोड़ी ही देर में - बंदरिया - बनी - बुढिया - वापिस अपने झोपड़े पर आ गई...
ये हुआ दुसरे प्राणी के मुंह मांगे वरदान का नतीजा...
अब एक ही लड़का बचा था..
---------------------
सर्ववापी भोलेनाथ ने उस लडके से कहा -- अब तुम भी एक मनचाहा वरदान मांग लो...
लड़के ने बंदरिया बनी अपनी माँ तरफ देखा फिर अपने बूढ़े बाप की तरफ देखा और अपनी टूटी फूटी झोंपड़ी को भी देखा – फिर बोला :---

हे प्रभु – मनचाहे वरदान की इच्छा ने हमारे छोटे से परिवार को नष्ट कर दिया, मेरी माँ और मेरे पिता की जीवन संगनी – बंदरिया - बनी हुई बैठी है..जीवन तो नही सुधरा - पर --हम तो उजड़ चुके है...
------------------------------
3 – हे भोलेनाथ – हमे कुछ नही चाहिये - आप मुझे ऐसा वरदान दीजिये – कि – हमारा परिवार – पहले जैसा ही हो जाये...
भोलेनाथ बोले - ठीक है – तथास्तु...
बंदरिया बनी हुई बुढ़िया फिर से अपने असली रूप में आ गयी और परिवार पहले जैसा ही हो गया...
ये ऐसा हुआ उस परिवार के तीसरे प्राणी के मनचाहे वरदान से..
---------------------
कैलाशपति भोलेनाथ - माता पार्वती की तरफ देख कर बोले – आपने इन लोगों को करवा दिया - सुखी और खुशहाल...
पार्वती और सुनों :-- इस “मृत्यु लोक” में सारे काम “विधि के विधान” से चलते है,ना कि किसी के चाहने से..
------------------------
मित्रों – “अखण्ड भारत” – के – “ख्याली पुलाव” - नही पकावे, अपने अपने - इष्ट देवों – से प्रार्थना कीजिये कि – जितना भूभाग हमारे पास बचा है वो बचा रहे - उस - गरीब कुम्हार - की तरह हमारे परिवार भी नष्ट ना हो – हम जिस हाल में है - उसी हाल में ठीक है...
-------------------------
तथ्यों को अनदेखा करना किसी भी रूप में समझदारी नही कही जा सकती, तथ्य बहुत क्रूर होते है...
असल में परिस्थियाँ हमारे बिलकुल खिलाफ है क्योकि आप जिन्हें 100 हिन्दू मानते है – वो सिर्फ - भ्रम है आप का...

तथ्य ये कि – 100 करोड़ मेसे 60 करोड़ तो सिर्फ सेकुलर ही है...25 करोड़ विभिन्न पार्टियों के समर्थक है जो कि सभी – पार्टियां - हिंदुत्व - की विरोधी है,....
5 करोड़ सरकारी कर्मचारी और अधिकारी, पुलिस और 20 तरह के शस्त्रबलों के जवान –

ये सिर्फ – आदेश के गुलाम होते है...
लाठी और गोली चलाते वक्त ये सिर्फ आदेश की पालना करते है..

ये लोग नही देखते सामने हिन्दू है ...

अब पीछे बची संख्या पर भी गौर कर लीजिये.. क्योकि यही हकीकत है ... इस में और भी बहुत कारण है – कभी फिर लिखूंगा ..

अगर कुछ समझ में आया हो तो – हवा में उड़ना छोडिये – जमीन पर पैर रख कर चलिये...

थोड़ी सी सत्ता और थोड़ा सा मौका मिला है.. हिन्दुओं को जागृत करके जोड़िये..

"जातिवाद और झूठी हेकड़ी" - ही हम हिन्दुओं की मौत का सामान है।

14/05/2016

"मौन गुलामी के दलदल में , आज धंसी हैं भारत माँ ,"
"यूं लगता है फिर मुगलों के , बीच फंसी हैं भारत माँ........"
"केसरिया झंडे मज़ार की , चादर बनकर बैठे हैं ,"
"रामचंद्र के बेटे खुद ही , बाबर बनकर बैठे हैं........"

"हिन्दू कुल में जन्मे लेकिन , ख़ान सरीखे लगते हैं ,"
"ये भारत में तुर्क और , अफगान सरीखे लगते हैं........"
"सत्ता और वोट के लालच में , इस कदर समाये हैं ,"
"मक्का और मदीना में , काशी गिरवी रख आये हैं......."

"निज पुरखों की सनातनी , पहचान मिटाये बैठे हैं ,"
"भगवद् गीता फेंक हाथ , कुरआन उठाये बैठे हैं........."
"पुनः गुलामी का तैयार , मसौदा करने वाले हैं ,"
"गजनबियों से सोमनाथ का , सौदा करने वाले हैं........"

"वेदों की छाती पर देखो , फतवों की तलवारें हैं ,"
"गायत्री के शव पर उठती , जेहादी हुंकारें हैं........."
"जिनको हिन्दू समझ रहे थे ,बैठे मिले मज़ारों में ,"
"नवदुर्गों में गायब थे पर , हाज़िर हैं अफ्तारों में........"

"इनको तुलसी से ज्यादा , दरगाहें अच्छी लगती हैं ,"
"माँ से भी ज्यादा अफज़ल की , बाहें अच्छी लगती हैं........"
"बजरंगी के भक्त मुलायम , पर आज़म से परे नहीं ,"
"कार सेवकों पर गोली , चलवाने से भी डरे नहीं........"

"ममता की ममता में केवल , घुसपैठी दंगाई हैं ,"
"माँ दुर्गा की बेटी में रज़िया , सुल्तान समायी हैं........"
"बंग भूमि को इस्लामिक , पहचान बनाकर बैठी हैं ,"
"कलकत्ता में कितने , पाकिस्तान बनाकर बैठी हैं........"

"लालू का प्रसाद भी केवल , बकरीदों में आता हैं ,"
"अब नितीश का ईश खुदा का , पानी भरने जाता हैं......."
"अपनी-अपनी राजनीति में , धार लगाए बैठे हैं ,"
"सब ऊंचे पैजामों में , दरबार लगाए बैठे हैं........."

"अब ऋतिक राज सैनी कहे , ये ढोंग रचाना बंद करो ,"
"खुद को हिन्दू पुरखों की , औलाद बताना बंद करो........"
"शर्म बची हो तो हिन्दू , दायित्व संभालो नेता जी ,"
"या फिर खुलकर अपना भी , खतना करवालो नेता जी........."

-....

जय हिन्द जय भारत
जय माँ भारती
वंदे मातरम्
जय श्रीराम
जय महाकाल
जय माँ भवानी

20/04/2016

2035 का सीन ....

मुसलमान 50%..हो गए है। आज केंद्र सरकार के चुनाव का रिजल्ट आया है BSP के साथ मिलकर MIM की सरकार बन गई है। असुद्दीन ओवैसी प्रधानमन्त्री बन गया है ।
छहः महीने पहले पूर्व प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी राजनीती से सन्यास ले चुके हैं ।
आज ओवेसी के नेतृत्व में मुस्लिम सरकार बनते ही हिन्दुस्तान को मुस्लिम रास्ट्र घोषित कर दिया गया है जो की उनका मुख्य चुनावी वादा था।

देश में जगह जगह मन्दिरो को तोड़ा जा रहा है देश भर में मस्जिदों का निर्माण जोरो शोरो से चल रहा है।
इधर पाकिस्तान-चीन ने मिलकर भारत पर हमला कर दिया है सेना उधर बोर्डर पर मर रही है इधर देश में भयंकर गृह युद्ध चल रहा है।

कानून व्यवस्था पूरी मुस्लिमो के हाथ में है हिन्दू जगह जगह सड़क पर काटे जा रहे है.
(मरने वाले लोगो को याद आ रहा है कि 2015 में वो मोदी को इसलिए गालीयां दे रहे थे कि दाल महंगी है)

हिन्दू लड़कियो को सड़क पर नंगा करके 50 -50 लोग तब तक बलात्कार कर रहे है जब तक की वो सड़क पर ही नही मर जाए। सारी बैंके..बड़े बड़े शोरूम बाजार सब लुटे जा रहे है। सारे मकान बंगलो में से हिन्दुओ को निकाल कर फेंका जा रहा है।

झोपड़ पट्टी छाप कटवे बंगलो में घुस कर कब्जा कर रहे है और बड़े बड़े घर की हिन्दू लड़कियो को रखेल बनाया जा रहा है या बाजारों में बोली लगा कर बेचा जा रहा है।
आज तक जिन हिन्दू "नेताओ" ने हिन्दुओ को सेक्युलर बनाए रखा था उनमे से कई ने इस्लाम अपना लिया और कई अपनी हजारो करोड़ की दौलत लेकर विदेशो में बस गए।

पर मिडिल क्लास और गरीब हिन्दू इन नरपिशाचों के बीच यहाँ खाया जा रहा है। उसकी बीवी , लडकिया रोड पर बलात्कार कर के मारी जा रही है या रखैल बनाई जा रही है और लड़को को गिलिमा बनाया जा रहा है।
कैसा लगा??
आत्मा काँप गई ना पढ़ कर ही ??
==============================
ये सिर्फ कल्पना नही है ...

ये सब चीजे 1990 में काश्मीर में हुई थी.. काश्मीर में बचे 3545 पंडितो को पुछ लिजिए कि 19/01/1990 को दिन 5,00,000 काश्मीरी पंडितो, उसकी बहन-बेटियो-घरो के साथ क्या क्या हुआ था ??

मुर्ख मत बनो.. तुमको मोदी के रूप में एक हिन्दू प्रधानमंत्री मिला है.. उसको काम करने दो.. ऊँगली मत करो ।

भरा नही जो भावो से
बहती जिसमे रसधार नही
हिन्दू नही वो गद्दार है
जिसको मोदी स्वीकार नही !!

जनहित का ये message सिर्फ आप सब के पढने के लिए नहीं है....

मुगलों, चंगेजों, तुर्कों आदि ने हमारे हिंदू पूर्वजो पर किये
---------------------------------------------

1- मैं नहीं भूला उस कामपिपासु अलाउद्दिन को, जिससे अपने सतित्तव को बचाने के लिये रानी पद्ममिनी ने 14000 स्त्रियो के साथ जलते हुए अग्निकुंड में कूद गयी थीं।
---------------------------------------------

2- मैं नहीं भूला उस जालिम औरंगजेब को, जिसने संभाजी
महाराज को इस्लाम स्वीकारने से मना करने पर तडपा तडपा
कर मारा था।
---------------------------------------------

3- मैं नहीं भूला उस जिहादी टीपु सुल्तान को, जिसने एक एक दिन में लाखो हिंदुओ का नरसंहार किया था।
---------------------------------------------

4- मैं नहीं भूला उस जल्लाद शाहजहाँ को, जिसने 14 बर्ष
की एक ब्राह्मण बालिका के साथ अपने महल में जबरन बलात्कार किया था।
---------------------------------------------

5- मैं नहीं भूला उस बर्बर बाबर को, जिसने मेरे श्री राम प्रभु
का मंदिर तोडा और लाखों निर्दोष हिंदुओ का कत्ल किया था।
---------------------------------------------

6- मैं नहीं भूला उस शैतान सिकन्दर लोदी को, जिसने
नगरकोट के ज्वालामुखि मंदिर की माँ दुर्गा की मूर्ति के टुकडे कर उन्हे कसाइयो को मांस तोलने के लिये दे दिया था।
---------------------------------------------

7- मैं नहीं भूला उस धूर्त ख्वाजा मोइन्निद्दिन चिस्ती को, जिसने संयोगीता को इस्लाम कबूल ना करने पर नग्न कर मुगल सैनिको के सामने फेंक दिया था।
---------------------------------------------

8- मैं नहीं भूला उस निर्दयी बजीर खान को, जिसने
गुरूगोविंद सिंह के दोनो मासूम फतेहसिंग और जोरावार को मात्र 7 साल और 5 बर्ष की उम्र में इस्लाम ना मानने पर दीवार में जिन्दा चुनवा दिया था।
---------------------------------------------

9- मैं नहीं भूला उस जिहादी बजीर खान को, जिसने बन्दा
बैरागी की चमडी को गर्म लोहे की सलाखो से तब तक जलाया जब तक उसकी हड्डियां ना दिखने लगी मगर उस बन्दा वैरागी ने इस्लाम स्वीकार नही किया
---------------------------------------------

10- मैं नहीं भूला उस कसाई औरंगजेब को, जिसने पहले संभाजी महाराज की आँखों मे गरम लोहे के सलिए घुसाए, बाद मे उन्हीं गरम सलियों से पुरे शरीर की चमडी उधेडी, फिर भी
संभाजी ने हिंदू धर्म नही छोड़ा था।
---------------------------------------------

11- मैं नहीं भूला उस नापाक अकबर को, जिसने हेमू के 72
वर्षीय स्वाभिमानी बुजुर्ग पिता के इस्लाम कबूल ना करने पर उसके सिर को धड़ से अलग करवा दिया था।
---------------------------------------------

12- मैं नहीं भूला उस वहशी दरिंदे औरंगजेब को, जिसने
धर्मवीर भाई मतिदास के इस्लाम कबूल न करने पर बीच चौराहे पर आरे से चिरवा दिया था।
---------------------------------------------

हम हिंदुओ पर हुए अत्याचारो को बताने के लिए शब्द और पन्ने कम हैं, यदि इस पोस्ट को पढ़कर मेरी तरह आपका खून भी खौला हो, तो पोस्ट को अपने मित्रों के साथ शेयर ज़रूर करें।

कुछ हिन्दू तो इसे शेयर भी नहीं करेंगे।
😡😡🌹🙏

06/04/2016

शिव जी के पास कौन सा हथियार है : त्रिशूल
: ये धर्म है..
राम जी के पास कौन सा हथियार था : धनुष बाण
: ये धर्म है..
कृष्ण जी के पास कौन सा हथियार था : सुदर्शन चक्र
: ये धर्म है..
दुर्गा माँ के पास कौन सा हथियार था : तलवार
: ये धर्म है..
भगवान परुशुराम पर कौन सा हथियार था :फरसा

आप के पास कौन सा हथियार है : कुछ नही
: ये अधर्म है.

ध्यान रहे दोस्तों हिंदू तभी मरा जब वो अपने धर्म से भटका है ,
हथियार उठाओ ओर अपना धर्म निभाओ,

ध्यान रखो धर्म सदैव जीतता है अहम् एकम्, ना द्वितीया,
ना भूत, ना भविष्य

बिना हथियार धर्म की रक्षा नहीं की जा सकती....!!

धर्मो रक्षति रक्षितः
जो धर्म की रक्षा करता है धर्म उसकी रक्षा करता

जय श्री राम

31/03/2016

🌷 वाह रे जमाने तेरी हद हो गई, 🌷🌷
🌷 बीवी के आगे माँ रद्द हो गई !🌷
🌷 बड़ी मेहनत से जिसने पाला,🌷
🌷 आज वो मोहताज हो गई !🌷
🌷 और कल की छोकरी, 🌷
🌷 तेरी सरताज हो गई !🌷
🌷 बीवी हमदर्द और माँ सरदर्द हो गई !🌷
🌷 🌷वाह रे जमाने तेरी हद हो गई.!!🌷🌷

🌷 पेट पर सुलाने वाली, 🌷
🌷 पैरों में सो रही !🌷
🌷 बीवी के लिए लिम्का,🌷
🌷 माँ पानी को रो रही !🌷
🌷 सुनता नहीं कोई, वो आवाज देते सो गई !🌷
🌷 वाह रे जमाने तेरी हद हो गई.!!🌷🌷

🌷 माँ मॉजती बर्तन, 🌷
🌷 वो सजती संवरती है !🌷
🌷 अभी निपटी ना बुढ़िया तू , 🌷
🌷 उस पर बरसती है !🌷
🌷 अरे दुनिया को आई मौत, 🌷
🌷 तेरी कहाँ गुम हो गई !🌷
🌷🌷वाह रे जमाने तेरी हद हो गई .!!🌷🌷

🌷अरे जिसकी कोख में पला, 🌷
🌷 अब उसकी छाया बुरी लगती,🌷
🌷 बैठ होण्डा पे महबूबा, 🌷
🌷 कन्धे पर हाथ जो रखती,🌷
🌷वो यादें अतीत की, 🌷
🌷 वो मोहब्बतें माँ की, सब रद्द हो गई !🌷
🌷🌷वाह रे जमाने तेरी हद हो गई .!!🌷🌷

🌷 बेबस हुई माँ अब, 🌷
🌷 दिए टुकड़ो पर पलती है,🌷
🌷अतीत को याद कर, 🌷
🌷 तेरा प्यार पाने को मचलती है !🌷
🌷 अरे मुसीबत जिसने उठाई, वो खुद मुसीबत
हो गई !🌷
🌷 🌷वाह रे जमाने तेरी हद हो गई .!!🌷🌷

🌷 मां तो जन्नत का फूल है,🌷🌷
प्यार करना उसका उसूल है ,🌷
🌷दुनिया की मोह्ब्बत फिजूल है ,🌷
🌷 मां की हर दुआ कबूल है ,🌷
🌷 मां को नाराज करना इंसान तेरी भूल है ,🌷
🌷 मां के कदमो की मिट्टी जन्नत की धूल है ,❤️
🌷अगर अपनी मां से है प्यार तो 🌷
🌷 अपने सभी दोस्तो को सेन्ड करे वरना ,🌷
🌷 🌷ये मेसेज आपके लिये फिजूल है.🌹🌷

27/03/2016

खून भरा है आँखों में हम नदी खून की बहा देंगे🚩
कसम राम की भारत को हम हिन्दुराष्ट्र बना देंगे🚩
बस कुछ समय की बात है फिर हर एक-एक के मुँह से🚩
🚩🚩जय श्री राम कहला देंगे🚩🚩

26/03/2016

विश्व हिन्दू परिषद एक दृष्टि में

विश्व हिन्दू परिषद की स्थापना जन्माष्टमी के दिन 1964 में मुम्बई के संदीपनी आश्रम में हुई 50 वर्षो में सतत् साधना से किया गया कार्य
* समिति 63,126
* बजरंग दल 61,000
* सत्संग 33,000
* दुर्गा वाहिनी महिला विभाग 10,500
* सेवा कार्य 61,000
* गौशालायें 700
* घर वापसी 30 लाख
* पूर्णकालिक कार्यकर्ता 6,000
* वृक्षारोपड़ 6 लाख
* गौ वंश रक्षा 40 लाख
लव जेहाद से 5000 कन्याओ की रक्षा

विश्व के 40 देशो से समिति, 80 देशो में सम्पर्क


क्या भारत सुरक्षित है ... ?

इस्लामिक जेहादी आतंकवाद

● भारत में मुस्लिम आबादी लगभग 22 करोड़
● प्रचारक ( मौलवी, इमाम )5 लाख
● भारत ने बांग्लादेशी घुसपैठिए 4 करोड़
● मदरसे लगभग 1.20 लाख
● 56 इस्लामिक देशो में हजारों करोड़ो की मदद
● 2001 से 2011 तक मुस्लिम जनसंख्या 3.5 करोड़ बढ़ी अर्थात एक नया केरल तैयार हो गया
● 1947 में बंगाल में 12% मुस्लिम था अब 27% हो गया है घुसपैठिए अलग है बंगलादेश में 30% हिन्दू था अब 8% रह गया है
●1947 में भारत में मुसलमान 3.5 करोड़ था ! आज 22 करोड़ है पाक में 2.75 करोड़ हिन्दू था अब 1% रह गया है
● आबादी के आंकड़े- मुसलमान जम्मू कश्मीर में 68% लक्ष्यद्वीप में 96% असम में 34% बंगाल में 27% यू.पी में 19% बिहार में 17%
● सोचो की हिन्दुस्तान की 10 वर्षो के बाद क्या स्थिति होगी
रामपुर में 51%
मुरादाबाद सम्भल में 47%
बिजनौर में 43%
अमरोहा में 40%
मुज़फ्फरनगर सहारनपुर 42%

इन सभी का उद्देश्य 20 वर्षो में भारत को इस्लामिक राष्ट बनाना

26/03/2016

गाँधी वध क्यों ?
ankit / 3 वर्ष पहले

क्या थी विभाजन की पीड़ा ?
विभाजन के समय हुआ क्या क्या ?
विभाजन के लिए क्या था विभिन्न राजनैतिक पार्टियों दृष्टिकोण ?

क्या थी पीड़ा पाकिस्तान से आये हिन्दू शरणार्थियों की … मदन लाल पाहवा और विष्णु करकरे की?

क्या थी गोडसे की विवशता ?
क्या गोडसे नही जानते थे की आम आदमी को मरने में और एक राष्ट्रपिता को मरने में क्या अंतर है ?
क्या होगा परिवार का ?
कैसे कैसे कष्ट सहने पड़ेंगे परिवार और सम्बन्धियों को और मित्रों को ?

क्या था गांधी वध का वास्तविक कारण ?

क्या हुआ 30 जनवरी की रात्री को … पुणे के ब्राह्मणों के साथ ?

क्या था सावरकर और हिन्दू महासभा का चिन्तन ?
क्या हुआ गोडसे के बाद नारायण राव आप्टे का .. कैसी नृशंस फांसी दी गयी उन्हें l

यह लेख पढने के बाद कृपया बताएं कैसे उतारेगा भारतीय जनमानस हुतात्मा पंडित नाथूराम गोडसे जी का कर्ज….

आइये इन सब सवालों के उत्तर खोजें ….

पाकिस्तान से दिल्ली की तरफ जो रेलगाड़िया आ रही थी, उनमे हिन्दू इस प्रकार बैठे थे जैसे माल की बोरिया एक के ऊपर एक रची जाती हैं.अन्दर ज्यादातर मरे हुए ही थे, गला कटे हुए lरेलगाड़ी के छप्पर पर बहुत से लोग बैठे हुए थे, डिब्बों के अन्दर सिर्फ सांस लेने भर की जगह बाकी थी l बैलगाड़िया ट्रक्स हिन्दुओं से भरे हुए थे, रेलगाड़ियों पर लिखा हुआ था,,” आज़ादी का तोहफा ” रेलगाड़ी में जो लाशें भरी हुई
थी उनकी हालत कुछ ऐसी थी की उनको उठाना मुश्किल था, दिल्ली पुलिस को फावड़ें में उन लाशों को भरकर उठाना पड़ा l ट्रक में भरकर किसी निर्जन स्थान पर ले जाकर, उन पर पेट्रोल के फवारे मारकर उन लाशों को जलाना पड़ा इतनी विकट हालत थी उन मृतदेहों की… भयानक बदबू……

सियालकोट से खबरे आ रही थी की वहां से हिन्दुओं को निकाला जा रहा हैं, उनके घर, उनकी खेती, पैसा-अडका, सोना-चाँदी, बर्तन सब मुसलमानों ने अपने कब्जे में ले लिए थे l मुस्लिम लीग ने सिवाय कपड़ों के कुछ भी ले जाने पर रोक लगा दी थी. किसी भी गाडी पर हल्ला करके हाथ को लगे उतनी महिलाओं- बच्चियों को भगाया गया.बलात्कार किये बिना एक भी हिन्दू स्त्री वहां से वापस नहीं आ सकती थी … बलात्कार किये बिना…..?

जो स्त्रियाँ वहां से जिन्दा वापस आई वो अपनी वैद्यकीय जांच करवाने से डर रही थी….
डॉक्टर ने पूछा क्यों ???
उन महिलाओं ने जवाब दिया… हम आपको क्या बताये हमें क्या हुआ हैं ?
हमपर कितने लोगों ने बलात्कार किये हैं हमें भी पता नहीं हैं…उनके सारे शारीर पर चाकुओं के घाव थे.

“आज़ादी का तोहफा”
जिन स्थानों से लोगों ने जाने से मना कर दिया, उन स्थानों पर हिन्दू स्त्रियों की नग्न यात्राएं (धिंड) निकाली गयीं, बाज़ार सजाकर उनकी बोलियाँ लगायी गयीं और उनको दासियों की तरह खरीदा बेचा गया l
1947 के बाद दिल्ली में 400000 हिन्दू निर्वासित आये, और इन हिन्दुओं को जिस हाल में यहाँ आना पड़ा था, उसके बावजूद पाकिस्तान को पचपन करोड़ रुपये देने ही चाहिए ऐसा महात्मा जी का आग्रह था…क्योकि एक तिहाई भारत के तुकडे हुए हैं तो भारत के खजाने का एक तिहाई हिस्सा पाकिस्तान को मिलना चाहिए था l

विधि मंडल ने विरोध किया, पैसा नहीं देगे….और फिर बिरला भवन के पटांगन में महात्मा जी अनशन पर बैठ गए…..पैसे दो, नहीं तो मैं मर जाउगा….एक तरफ अपने मुहँ से ये कहने वाले महात्मा जी, की हिंसा उनको पसंद नहीं हैं l
दूसरी तरफ जो हिंसा कर रहे थे उनके लिए अनशन पर बैठ गए… क्या यह हिंसा नहीं थी .. अहिंसक आतंकवाद की आड़ में

दिल्ली में हिन्दू निर्वासितों के रहने की कोई व्यवस्था नहीं थी, इससे ज्यादा बुरी बात ये थी की दिल्ली में खाली पड़ी मस्जिदों में हिन्दुओं ने शरण ली तब बिरला भवन से महात्मा जी ने भाषण में कहा की दिल्ली पुलिस को मेरा आदेश हैं मस्जिद जैसी चीजों पर हिन्दुओं का कोई
ताबा नहीं रहना चाहिए l निर्वासितों को बाहर निकालकर मस्जिदे खाली करे..क्योंकि महात्मा जी की दृष्टी में जान सिर्फ मुसलमानों में थी हिन्दुओं में नहीं…

जनवरी की कडकडाती ठंडी में हिन्दू महिलाओं और छोटे छोटे बच्चों को हाथ पकड़कर पुलिस ने मस्जिद के बाहर निकाला, गटर के किनारे
रहो लेकिन छत के निचे नहीं l क्योकि… तुम हिन्दू हो….

4000000 हिन्दू भारत में आये थे,ये सोचकर की ये भारत हमारा हैं….ये सब निर्वासित गांधीजी से मिलाने बिरला भवन जाते थे तब
गांधीजी माइक पर से कहते थे क्यों आये यहाँ अपने घर जायदाद बेचकर, वहीँ पर अहिंसात्मक प्रतिकार करके क्यों नहीं रहे ??

यही अपराध हुआ तुमसे अभी भी वही वापस जाओ..और ये महात्मा किस आशा पर पाकिस्तान को पचपन करोड़ रुपये देने निकले थे ?

कैसा होगा वो मोहनदास करमचन्द गाजी उर्फ़ गंधासुर … कितना महान …
जिसने बिना तलवार उठाये … 35 लाख हिन्दुओं का नरसंहार करवाया
2 करोड़ से ज्यादा हिन्दुओं का इस्लाम में धर्मांतरण हुआऔर उसके बाद यह संख्या 10 करोड़ भी पहुंची l
10 लाख से ज्यादा हिन्दू नारियों को खरीदा बेचा गया l
20 लाख से ज्यादा हिन्दू नारियों को जबरन मुस्लिम बना कर अपने घरों में रखा गया, तरह तरह की शारीरिक और मानसिक यातनाओं के बाद

ऐसे बहुत से प्रश्न, वास्तविकताएं और सत्य तथा तथ्य हैं जो की 1947 के समकालीन लोगों ने अपनी आने वाली पीढ़ियों से छुपाये, हिन्दू कहते हैं की जो हो गया उसे भूल जाओ, नए कल की शुरुआत करो …
परन्तु इस्लाम के लिए तो कोई कल नहीं .. कोई आज नहीं …वहां तो दार-उल-हर्ब को दार-उल-इस्लाम में बदलने का ही लक्ष्य है पल.. प्रति पल

विभाजन के बाद एक और विभाजन का षड्यंत्र …
=========================

आपने बहुत से देशों में से नए देशों का निर्माण देखा होगा, U S S R टूटने के बाद बहुत से नए देश बने, जैसे ताजिकिस्तान, कजाकिस्तान आदि … परन्तु यह सब देश जो बने वो एक परिभाषित अविभाजित सीमा के अंदर बने l
और जब भारत का विभाजन हुआ .. तो क्या कारण थे की पूर्वी पाकिस्तान और पश्चिमी पाकिस्तान बनाए गए… क्यों नही एक ही पाकिस्तान बनाया गया… या तो पश्चिम में बना लेते या फिर पूर्व में l

परन्तु ऐसा नही हुआ …. यहाँ पर उल्लेखनीय है की मोहनदास करमचन्द ने तो यहाँ तक कहा था की पूरा पंजाब पाकिस्तान में जाना चाहिए, बहुत कम लोगों को ज्ञात है की 1947 के समय में पंजाब की सीमा दिल्ली के नजफगढ़ क्षेत्र तक होती थी …
यानी की पाकिस्तान का बोर्डर दिल्ली के साथ होना तय था … मोहनदास करमचन्द के अनुसार l

नवम्बर 1968 में पंजाब में से दो नये राज्यों का उदय हुआ .. हिमाचल प्रदेश और हरियाणा l

पाकिस्तान जैसा मुस्लिम राष्ट्र पाने के बाद भी जिन्ना और मुस्लिम लीग चैन से नहीं बैठे …
उन्होंने फिर से मांग की … की हमको पश्चिमी पाकिस्तान से पूर्वी पाकिस्तान जाने में बहुत समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं l
1. पानी के रास्ते बहुत लम्बा सफर हो जाता है क्योंकि श्री लंका के रस्ते से घूम कर जाना पड़ता है l
2. और हवाई जहाज से यात्राएं करने में अभी पाकिस्तान के मुसलमान सक्षम नही हैं l इसलिए …. कुछ मांगें रखी गयीं 1. इसलिए हमको भारत के बीचो बीच एक Corridor बना कर दिया जाए….
2. जो लाहोर से ढाका तक जाता हो … (NH – 1)
3. जो दिल्ली के पास से जाता हो …
4. जिसकी चौड़ाई कम से कम 10 मील की हो … (10 Miles = 16 KM)
5. इस पूरे Corridor में केवल मुस्लिम लोग ही रहेंगे l

30 जनवरी को गांधी वध यदि न होता, तो तत्कालीन परिस्थितियों में बच्चा बच्चा यह जानता था की यदि मोहनदास करमचन्द 3 फरवरी, 1948 को पाकिस्तान पहुँच गया तो इस मांग को भी …मान लिया जायेगा l

तात्कालिक परिस्थितियों के अनुसार तो मोहनदास करमचन्द किसी की बात सुनने की स्थिति में था न ही समझने में …और समय भी नहीं था जिसके कारण हुतात्मा नाथूराम गोडसे जी को गांधी वध जैसा अत्यधिक साहसी और शौर्यतापूर्ण निर्णय लेना पडा l
हुतात्मा का अर्थ होता है जिस आत्मा ने अपने प्राणों की आहुति दी हो …. जिसको की वीरगति को प्राप्त होना भी कहा जाता है l

यहाँ यह सार्थक चर्चा का विषय होना चाहिए की हुतात्मा पंडित नाथूराम गोडसे जीने क्या एक बार भी नहीं सोचा होगा की वो क्या करने जा रहे हैं ?
किसके लिए ये सब कुछ कर रहे हैं ?
उनके इस निर्णय से उनके घर, परिवार, सम्बन्धियों, उनकी जाती और उनसे जुड़े संगठनो पर क्या असर पड़ेगा ?

घर परिवार का तो जो हुआ सो हुआ …. जाने कितने जघन्य प्रकारों से समस्त परिवार और सम्बन्धियों को प्रताड़ित किया गया l

परन्तु ….. अहिंसा का पाठ पढ़ाने वाले मोहनदास करमचन्द के कुछ अहिंसक आतंकवादियों ने 30 जनवरी, 1948 की रात को ही पुणे में 6000 ब्राह्मणों को चुन चुन कर घर से निकाल निकाल कर जिन्दा जलाया l
10000 से ज्यादा ब्राह्मणों के घर और दुकानें जलाए गए l

सोचने का विषय यह है की उस समय संचार माध्यम इतने उच्च कोटि के नहीं थे, विकसित नही थे … फिर कैसे 3 घंटे के अंदर अंदर इतना सुनियोजित तरीके से इतना बड़ा नरसंहार कर दिया गया ….
सवाल उठता है की … क्या उन अहिंसक आतंकवादियों को पहले से यह ज्ञात था की गांधी वध होने वाला है ?

जस्टिस खोसला जिन्होंने गांधी वध से सम्बन्धित केस की पूरी सुनवाई की… 35 तारीखें पडीं l
अदालत ने निरीक्षण करवाया और पाया हुतात्मा पनदिर नाथूराम गोडसे जी की मानसिक दशा को तत्कालीन चिकित्सकों ने एक दम सामान्य घोषित किया l पंडित जी ने अपना अपराध स्वीकार किया पहली ही सुनवाई में और अगली 34 सुनवाइयों में कुछ नहीं बोले … सबसे आखिरी सुनवाई में पंडित जी ने अपने शब्द कहे “”

गाँधी वध के समय न्यायमूर्ति खोसला से नाथूराम ने अपना वक्तव्य स्वयं पढ़ कर सुनाने की अनुमति मांगी थी और उसे यह अनुमति मिली थी | नाथूराम गोडसे का यह न्यायालयीन वक्तव्य भारत सरकार द्वारा प्रतिबंधित कर दिया गया था |इस प्रतिबन्ध के विरुद्ध नाथूराम गोडसे के भाई तथा गाँधी वध के सह अभियुक्त गोपाल गोडसे ने ६० वर्षों तक वैधानिक लडाई लड़ी और उसके फलस्वरूप सर्वोच्च न्यायलय ने इस प्रतिबन्ध को हटा लिया तथा उस वक्तव्य के प्रकाशन की अनुमति दे दी। नाथूराम गोडसे ने न्यायलय के समक्ष गाँधी वध के जो १५० कारण बताये थे उनमें से प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं –

1. अमृतसर के जलियाँवाला बाग़ गोली काण्ड (1919) से समस्त देशवासी आक्रोश में थे तथा चाहते थे कि इस नरसंहार के खलनायक जनरल डायर पर अभियोग चलाया जाए। गान्धी ने भारतवासियों के इस आग्रह को समर्थन देने से मना कर दिया।

2. भगत सिंह व उसके साथियों के मृत्युदण्ड के निर्णय से सारा देश क्षुब्ध था व गान्धी की ओर देख रहा था कि वह हस्तक्षेप कर इन देशभक्तों को मृत्यु से बचाएं, किन्तु गान्धी ने भगत सिंह की हिंसा को अनुचित ठहराते हुए जनसामान्य की इस माँग को अस्वीकार कर दिया। क्या आश्चर्य कि आज भी भगत सिंह वे अन्य क्रान्तिकारियों को आतंकवादी कहा जाता है।

3. 6 मई 1946 को समाजवादी कार्यकर्ताओं को अपने सम्बोधन में गान्धी ने मुस्लिम लीग की हिंसा के समक्ष अपनी आहुति देने की प्रेरणा दी।

4.मोहम्मद अली जिन्ना आदि राष्ट्रवादी मुस्लिम नेताओं के विरोध को अनदेखा करते हुए 1921 में गान्धी ने खिलाफ़त आन्दोलन को समर्थन देने की घोषणा की। तो भी केरल के मोपला में मुसलमानों द्वारा वहाँ के हिन्दुओं की मारकाट की जिसमें लगभग 1500 हिन्दु मारे गए व 2000 से अधिक को मुसलमान बना लिया गया। गान्धी ने इस हिंसा का विरोध नहीं किया, वरन् खुदा के बहादुर बन्दों की बहादुरी के रूप में वर्णन किया।

5.1926 में आर्य समाज द्वारा चलाए गए शुद्धि आन्दोलन में लगे स्वामी श्रद्धानन्द जी की हत्या अब्दुल रशीद नामक एक मुस्लिम युवक ने कर दी, इसकी प्रतिक्रियास्वरूप गान्धी ने अब्दुल रशीद को अपना भाई कह कर उसके इस कृत्य को उचित ठहराया व शुद्धि आन्दोलन को अनर्गल राष्ट्र-विरोधी तथा हिन्दु-मुस्लिम एकता के लिए अहितकारी घोषित किया।

6.गान्धी ने अनेक अवसरों पर छत्रपति शिवाजी, महाराणा प्रताप व गुरू गोविन्द सिंह जी को पथभ्रष्ट देशभक्त कहा।

7.गान्धी ने जहाँ एक ओर काश्मीर के हिन्दु राजा हरि सिंह को काश्मीर मुस्लिम बहुल होने से शासन छोड़ने व काशी जाकर प्रायश्चित करने का परामर्श दिया, वहीं दूसरी ओर हैदराबाद के निज़ाम के शासन का हिन्दु बहुल हैदराबाद में समर्थन किया।

8. यह गान्धी ही था जिसने मोहम्मद अली जिन्ना को कायदे-आज़म की उपाधि दी।

9. कॉंग्रेस के ध्वज निर्धारण के लिए बनी समिति (1931) ने सर्वसम्मति से चरखा अंकित भगवा वस्त्र पर निर्णय लिया किन्तु गाँधी कि जिद के कारण उसे तिरंगा कर दिया गया।

10. कॉंग्रेस के त्रिपुरा अधिवेशन में नेताजी सुभाष चन्द्र बोस को बहुमत से कॉंग्रेस अध्यक्ष चुन लिया गया किन्तु गान्धी पट्टभि सीतारमय्या का समर्थन कर रहा था, अत: सुभाष बाबू ने निरन्तर विरोध व असहयोग के कारण पदत्याग कर दिया।

11. लाहोर कॉंग्रेस में वल्लभभाई पटेल का बहुमत से चुनाव सम्पन्न हुआ किन्तु गान्धी की जिद के कारण यह पद जवाहरलाल नेहरु को दिया गया।

12. 14-15 जून, 1947 को दिल्ली में आयोजित अखिल भारतीय कॉंग्रेस समिति की बैठक में भारत विभाजन का प्रस्ताव अस्वीकृत होने वाला था, किन्तु गान्धी ने वहाँ पहुंच प्रस्ताव का समर्थन करवाया। यह भी तब जबकि उन्होंने स्वयं ही यह कहा था कि देश का विभाजन उनकी लाश पर होगा।

13. मोहम्मद अली जिन्ना ने गान्धी से विभाजन के समय हिन्दु मुस्लिम जनसँख्या की सम्पूर्ण अदला बदली का आग्रह किया था जिसे गान्धी ने अस्वीकार कर दिया।

14. जवाहरलाल की अध्यक्षता में मन्त्रीमण्डल ने सोमनाथ मन्दिर का सरकारी व्यय पर पुनर्निर्माण का प्रस्ताव पारित किया, किन्तु गान्धी जो कि मन्त्रीमण्डल के सदस्य भी नहीं थे ने सोमनाथ मन्दिर पर सरकारी व्यय के प्रस्ताव को निरस्त करवाया और 13 जनवरी 1948 को आमरण अनशन के माध्यम से सरकार पर दिल्ली की मस्जिदों का सरकारी खर्चे से पुनर्निर्माण कराने के लिए दबाव डाला।

15. पाकिस्तान से आए विस्थापित हिन्दुओं ने दिल्ली की खाली मस्जिदों में जब अस्थाई शरण ली तो गान्धी ने उन उजड़े हिन्दुओं को जिनमें वृद्ध, स्त्रियाँ व बालक अधिक थे मस्जिदों से से खदेड़ बाहर ठिठुरते शीत में रात बिताने पर मजबूर किया गया।

16. 22 अक्तूबर 1947 को पाकिस्तान ने काश्मीर पर आक्रमण कर दिया, उससे पूर्व माउँटबैटन ने भारत सरकार से पाकिस्तान सरकार को 55 करोड़ रुपए की राशि देने का परामर्श दिया था। केन्द्रीय मन्त्रीमण्डल ने आक्रमण के दृष्टिगत यह राशि देने को टालने का निर्णय लिया किन्तु गान्धी ने उसी समय यह राशि तुरन्त दिलवाने के लिए आमरण अनशन किया- फलस्वरूप यह राशि पाकिस्तान को भारत के हितों के विपरीत दे दी गयी।

उपरोक्त परिस्थितियों में नथूराम गोडसे नामक एक देशभक्त सच्चे भारतीय युवक ने गान्धी का वध कर दिया।
न्य़यालय में चले अभियोग के परिणामस्वरूप गोडसे को मृत्युदण्ड मिला किन्तु गोडसे ने न्यायालय में अपने कृत्य का जो स्पष्टीकरण दिया उससे प्रभावित होकर उस अभियोग के न्यायधीश श्री जे. डी. खोसला ने अपनी एक पुस्तक में लिखा-
“नथूराम का अभिभाषण दर्शकों के लिए एक आकर्षक दृश्य था। खचाखच भरा न्यायालय इतना भावाकुल हुआ कि लोगों की आहें और सिसकियाँ सुनने में आती थींऔर उनके गीले नेत्र और गिरने वाले आँसू दृष्टिगोचर होते थे। न्यायालय में उपस्थित उन प्रेक्षकों को यदि न्यायदान का कार्य सौंपा जाता तो मुझे तनिक भी संदेह नहीं कि उन्होंने अधिकाधिक सँख्या में यह घोषित किया होता कि नथूराम निर्दोष है।”
तो भी नथूराम ने भारतीय न्यायव्यवस्था के अनुसार एक व्यक्ति की हत्या के अपराध का दण्ड मृत्युदण्ड के रूप में सहज ही स्वीकार किया। परन्तु भारतमाता के विरुद्ध जो अपराध गान्धी ने किए, उनका दण्ड भारतमाता व उसकी सन्तानों को भुगतना पड़ रहा है। यह स्थिति कब बदलेगी?

प्रश्न यह भी उठता है की पंडित नाथूराम गोडसे जी ने तो गाँधी वध किया उन्हें पैशाचिक कानूनों के द्वारा मृत्यु दंड दिया गया परन्तु नाना जी आप्टे ने तो गोली नहीं मारी थी … उन्हें क्यों मृत्युदंड दिया गया ?

नाथूराम गोडसे को सह अभियुक्त नाना आप्टे के साथ १५ नवम्बर १९४९ को पंजाब के अम्बाला की जेल में मृत्यु दंड दे दिया गया। उन्होंने अपने अंतिम शब्दों में कहा था…

यदि अपने देश के प्रति भक्तिभाव रखना कोई पाप है तो मैंने वो पाप किया है और यदि यह पुन्य हिया तो उसके द्वारा अर्जित पुन्य पद पर मैं अपना नम्र अधिकार व्यक्त करता हूँ
– हुतात्मा पंडित नाथूराम गोडसे

Address

Abcd
Delhi
110001

Telephone

99999900999

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Hindu Rastra Sena posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Share