08/08/2026
27 है नक्षत्र का फल, स्वामी एवं देवता
1 नक्षत्र - अश्विनी (चु, चे, चो, ला)
डिग्री - 0°00′ -13°20′
स्वामी - केतु
देवता - अश्विनी कुमार
फल - तेजस्वी, शीथ कार्य करने वाले, चिकित्सा में रुचि।
2 नक्षत्र- भरणी (ली, लू, ले, लो)
डिग्री - 13°20′- 26°40'
स्वामी - शुक्र
फल - धैर्यवान, जिम्मेदार, जीवन की गंभीरता से लेने वाले।
3 नक्षत्र - कृत्तिका ( अ, ई, उ, ए )
डिग्री - 26°40'-10°00′
स्वामी - सूर्य
देवता - अग्नि
फल - ऊर्जावान, नेतृत्व क्षमता, साफ-सुथरे व स्पष्ट विचारों वाले।
4 नक्षत्र - रोहिणी ( ओ, वा, वी, वू )
डिग्री - 10°00′ - 23°20′
स्वामी - चंद्र
देवता - ब्रह्मा
फल - आकर्षक व्यक्तित्व, सृजनशील, सुख-सुविधा प्रिय।
5 नक्षत्र मृगशीर्ष ( वे, वो, का, की )
डिग्री - 23°20′- 06°40′
स्वामी - मंगल
देवता - सोम (चंद्र)
फल - जिज्ञासु, खोजी स्वभाव, यात्रा प्रिय, कोमल हृदय।
6 आद्रा ( कु, घ, ङ, छ )
डिग्री - 06°40′ -20°00′
स्वामी - राहु
देवता - रुद्र
फल - भावुक, रहस्यमयी, गहन सोच वाले, परिवर्तन प्रिय।
7 नक्षत्र- पुनर्वसु ( के, को, हा, ही )
डिग्री - 20°00′-03°20′
स्वामी - गुरु
देवता - अदिति
फल - दयालु, उदार, भाग्यशाली, सत्यप्रिय व सहनशील।
8 नक्षत्र- पुष्य ( हू, हे, हो, डा )
डिग्री - 03°20′ -16°40′
स्वामी - शनि
देवता - बृहस्पति
फल - धार्मिक, ज्ञान-प्रेमी, गुरुजनों का सम्मान करने वाले।
9 नक्षत्र आश्लेषा ( डी, डू, डे, डो )
डिग्री - 16°40′-30°00′
स्वमी - बुध
देवता - नाग
फल - चतुर, गूढ़ विद्या में रुचि, प्रभावशाली व रहस्यमयी।
10 नक्षत्र मधा ( मा, मी, में, मे )
डिग्री - 00°00′ -13°20′
स्वामी - केतु
देवता - पितृगण
फल - गरिमामय, स्वाभिमानी, वंश-मान करने वाले।
11 नक्षत्र पूर्वाफाल्गुनी ( मो, टा, टी, टू )
डिग्री - 13°20′- 26°40′
स्वामी - शुक्र
देवता - भग
फल - आनंदप्रिय, आकर्षक, कलात्मक व उदार स्वभाव।
12 नक्षत्र उत्तराफाल्गुनी ( टे, टो, पा, पी )
डिग्री - 26°40′ -10°00′
स्वामी - सूर्य
देवता - आर्यमन
फल - जिम्मेदार, मित्रवत, सहयोगी व सम्मानित।
13 नक्षत्र हस्त ( पू, ष, ण, ठ )
डिग्री - 10°00′ - 23°20′
स्वामी - चंद्र
देवता - सविता
फल - कुशल, हस्तकला में निपुण, बुद्धिमान व विनम्र।
14 नक्षत्र चित्रा ( पें, पो, रा, री )
डिग्री - 23°20′ - 06°40′
स्वामी - मंगल
देवता - त्वक्षता (विश्वकर्मा)
फल - रचनात्मक, सुंदरता प्रेमी, तकनीकी व कला में निपुण।
15 नक्षत्र स्वाति ( रु, रे, रो, ता )
डिग्री - 6°40′ -20°00′
स्वामी - राहु
देवता - वायु
फल - स्वतंत्र, लचीले विचारों वाले, व्यापार में सफल।
16 नक्षत्र विशाखा ( ती, तू, ते, तो )
डिग्री - 20°00′- 03°20′
स्वामी - गुरु
देवता - इंद्र-अग्नि
फल - महत्वाकांक्षी, लक्ष्य प्राप्ति में सफल, धार्मिक प्रवृत्ति ।
17 नक्षत्र अनुराधा ( ना, नी, नू, ने )
डिग्री - 3°20′ -16°40′
स्वामी - शनि
देवता - मित्र
फल - वफादार, मित्रप्रिय, अनुशासित, आध्यात्मिक रुचि।
18 नक्षत्र ज्येष्ठा ( नो, या, यी, यू )
डिग्री - 16°40′-30°00′
स्वामी - बुध
देवता - इंद्र
फल - नेतृत्व क्षमता, प्रभावशाली, सुरक्षा की भावना प्रबल।
19 नक्षत्र मूल ( ये, यो, भा, भी )
डिग्री - 00°00′ -13°20′
स्वामी - केतु
देवता - निर्माति
फल - गूढ़ ज्ञान, शोधप्रिय, स्वतंत्र व गहन सोच वाले।
20 नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा ( भू, धा, फा, ढा )
डिग्री - 13°20′ - 26°40′
स्वामी - शुक्र
देवता - अप (जल)
फल - आत्मविश्वासी, रचनात्मक, जल से जुड़ाव व प्रसिद्धि।
21 नक्षत्र उत्तराषाढ़ा ( भे, भो, जा, जी )
डिग्री - 26°40′ -10°00′
स्वामी - सूर्य
देवता - विश्वदेव
फल - सत्यनिष्ठ, धैर्यवान, स्थायी सफलता देने वाले।
22 नक्षत्र श्रवण ( खी, खु, खे, खो )
डिग्री - 10°00′- 23°20′
स्वामी - चंद्र
देवता - विष्णु
फल - सीखने वाले, ज्ञानी, यात्रा प्रिय, अच्छे श्रोता।
23 नक्षत्र धनिष्ठा ( गा, गी, गु, गे )
डिग्री - 23°20′ - 06°40′
स्वामी - मंगल
देवता - वसु
फल - धनवान, संगीत प्रेमी, परिश्रमी व सामाजिक।
24 शतभिषा ( गो, सा, सी, सू )
डिग्री - 6°40′ - 20°00′
स्वामी - राहु
देवता - वरुण
फल - रहस्यमयी, उपचारक, वैज्ञानिक सोच, एकाकी प्रिया
25 नक्षत्र पूर्वाभाद्रपद ( से सो, दा, दी )
डिग्री - 20°00′- 03°20′
स्वामी - गुरु
देवता - अज एकपाद
फल - आध्यात्मिक, गूढ़ ज्ञान में रुचि, आदर्शवादी।
26 नक्षत्र - उत्तराभाद्रपद ( थ, झ, ज थ झ )
डिग्री - 03°20′ -16°40′
स्वामी - शनि
देवता - अहिर्बुधन्य
फल - गंभीर, स्थिर, धैर्यवान, गहराई से सोचने वाले।
27 नक्षत्र - रेवती ( दे, दो ,चि, ची )
डिग्री - 16°40′- 30°00′
स्वामी - बुध
देवता - पुषण
फल - दयालु, सहायक, सुरक्षित यात्रा, भाग्यशाली।