07/10/2020
*गाय के मुख्य 2 प्रकार 1 देशी 2 जरसी*
*रोगानुसार देशी गायके घी के उपयोग..*
१.देशीगायका घी नाकमें डालने से पागलपन दूर होता है ।
२.देशीगायका घी नाक मे डालने से एलर्जी खत्म हो जाती है |
३.देशीगायका घी नाकमें डालने से लकवा के रोग में भी उपचार होता है ।
४. 20-25 ग्राम देशीगाय का घी व मिश्री खिलाने से शराब,भांग व गांजेका नशा कम हो जाता है ।
५.देशीगायका घी नाकमें डालने से कान का पर्दा बिना ओपरेशन के ही ठीक हो जाता है ।
६.नाकमें देशी गाय का घी डालने से नाककी खुश्की दूर होती है और दिमाग तरोताजा हो जाता है ।
७.देशीगाय का घी नाक में डालने से कोमा से बाहर निकल कर चेतना वापस लोट सकती है |
८. देशीगाय का घी नाक में डालने से बाल झडना समाप्त होकर नए बाल भी आने लगते है ।
९.देशीगाय के घी को नाक में डालने से मानसिक शांति मिलती है, याददाश्त तेज होती है ।
१०. हाथ पांव मे जलन होने पर देशीगाय के घी को कांसे की कटोरी से तलवो में मालिश करें जलन ठीक होती है ।
११. हिचकी के न रुकने पर खाली गाय का घी आधा चम्मच खाए, हिचकी स्वयं रुक जाएगी ।
१२. देशीगाय के घी का नियमित सेवन करने से एसिडिटी व कब्ज की शिकायत कम हो जाती है ।
१३. देशीगाय के घी से बल और वीर्य बढ़ता है और शारीरिक व मानसिक ताकत में भी इजाफा होता है ।
१४. देशीगाय के पुराने घी से बच्चों को छाती और पीठ पर मालिश करने से कफ की शिकायत दूर हो जाती है ।
१५. अगर अधिक कमजोरी लगे, तो एक गिलास दूध में एक चम्मच देशीगाय का घी और मिश्री डालकर पी लें ।
१७.देशीगाय का घी न सिर्फ कैंसर को पैदा होने से रोकता है और इस बीमारी के फैलने को भी आश्चर्यजनक ढंग से रोकता है ।
१८. जिस व्यक्ति को हार्ट अटैक की तकलीफ है और चिकनाई खाने की मनाही है तो देशीगाय का घी नियमित खाएं, इससे ह्रदय मज़बूत होता है ।
१९. देसी गाय के घी में कैंसर से लड़ने की अचूक क्षमता होती है। इसके सेवन से स्तन तथा आंत के खतरनाक कैंसर से बचा जा सकता है ।
२०. देशीगाय का घी, छिलका सहित पिसा हुआ काला चना और पिसी शक्कर या बूरा या देसी खाण्ड, तीनों को समान मात्रा में मिलाकर लड्डू बाँध लें । प्रतिदिन प्रातः खाली पेट एक लड्डू खूब चबा-चबाकर खाते हुए एक गिलास मीठा गुनगुना दूध घूँट-घूँट करके पीने से स्त्रियों के प्रदर रोग में आराम होता है, पुरुषों का शरीर मोटा ताजा यानी सुडौल और बलवान बनता है ।
*देशीगाय का कंधा ऊंचा होता है जिसे सूर्यकेतु नाड़ी कहते हैं जो विदेशी गाय को नहीं होता*
🙏🏻जय गौमाता🙏🏻