Hanslok

Hanslok Spiritual Knowledge |Satsang

UPCOMING PROGRAM DETAILS:
श्री हंस जयंती के उपलक्ष में
हरिद्वार में जनकल्याण सत्संग समारोह
दिनांक : 12 व 13 नवंबर, 2022 (शनि – रवि)�समय : सायं 6 बजे से 9 बजे तक
स्थान : ऋषिकुल कॉलेज मैदान, हरिद्वार (उत्तराखण्ड)
संपर्क सूत्र: 8800291788, 8800291288

सभी देशवासियों को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं!
21/06/2026

सभी देशवासियों को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं!

21/06/2026

अहंकार का त्याग
अहंकार मनुष्य को सत्य और प्रेम से दूर कर देता है, जबकि सेवा, भजन और सत्संग हमें विनम्रता और मानवता सिखाते हैं। ज्ञान वही है जो हमें सभी में एक ही परमात्मा का स्वरूप देखने की प्रेरणा दे।


Renunciation of Ego
Ego distances a person from truth and love, while service, devotion, and spiritual company teach humility and humanity. True wisdom is seeing the Divine presence equally in everyone.

19/06/2026

गुरु दरबार का क्या महत्व है?
गुरु दरबार का वास्तविक महत्व तभी समझ में आता है जब हम तन, मन और धन से गुरु महाराज की सेवा करते हैं। सेवा और नाम-सुमिरन से मन गुरु के प्रति समर्पित होता है तथा आत्मा के वास्तविक स्वरूप का ज्ञान प्राप्त होता है। निरंतर भजन-साधना और सुमिरन द्वारा ही हम गुरु के गुप्त आध्यात्मिक रहस्यों को समझकर परमात्मा की ओर अग्रसर हो सकते हैं।


Importance of the Guru Darbar
The true significance of the Guru Darbar is understood through selfless service with body, mind, and resources. Service and constant remembrance of the Divine help the mind become devoted to the Guru and reveal our true spiritual nature. Through regular meditation, devotion, and Naam Simran, one can understand the deeper spiritual wisdom of the Guru and move closer to God.

16/06/2026

मनुष्य जीवन का सच्चा उद्देश्य
मनुष्य जीवन अत्यंत दुर्लभ है, जो हमें चौरासी लाख योनियों के बाद प्राप्त होता है। सतगुरु और सत्संग हमें जीवन का वास्तविक उद्देश्य बताते हैं। सभी शास्त्रों का सार यही है कि हम स्वयं को जानें, परमात्मा को जानें और मन से उनका स्मरण करें। भगवान श्रीकृष्ण ने भी गीता में अर्जुन को कर्म करते हुए निरंतर प्रभु-स्मरण का संदेश दिया है।


The True Purpose of Life
Human life is precious and is attained after countless life forms. Through the guidance of the Satguru and spiritual teachings, we learn the true purpose of life. The essence of all scriptures is to know oneself, realize God, and remember Him constantly. In the Bhagavad Gita, Lord Krishna also teaches Arjuna to perform his duties while keeping his mind focused on God.

दिनांक 7 जून, 2026 को कुरुक्षेत्र में होने वाले संत सम्मेलन में आप सभी का हार्दिक स्वागत है।
01/06/2026

दिनांक 7 जून, 2026 को कुरुक्षेत्र में होने वाले संत सम्मेलन में आप सभी का हार्दिक स्वागत है।

29/05/2026

मोह क्या है?
मोह केवल संसार की वस्तुओं से ही नहीं, बल्कि प्रेम और लगाव से भी जुड़ा होता है। चाहे संसार हो या भगवान, जहाँ प्रेम और लगाव है, वहाँ मोह का भाव भी होता है।


What Is Attachment?
Attachment is not limited to worldly things alone; wherever there is love and attachment, there is also a form of Moh (attachment), whether toward the world or toward God.

24/05/2026

उत्तराखंड : देवों की भूमि
उत्तराखंड केवल एक राज्य नहीं, बल्कि देवभूमि और आध्यात्मिक चेतना की पवित्र भूमि है। यहाँ की संस्कृति, भक्ति, चारधाम और दैविक ऊर्जा आज भी लोगों को अध्यात्म और श्रद्धा से जोड़ती है।


Uttarakhand: Land of Gods
Uttarakhand is not just a state; it is the sacred Land of Gods filled with spirituality, devotion, and divine energy. Its culture and holy Char Dham continue to inspire people toward faith and inner awakening.

पूजनीया कमला सजवाण जी की स्मृति में भावपूर्ण श्रद्धांजलि सभा - दक्षिणी दिल्ली के भाटी माइंस रोड स्थित सजवाण फार्म में दि...
22/05/2026

पूजनीया कमला सजवाण जी की स्मृति में भावपूर्ण श्रद्धांजलि सभा - दक्षिणी दिल्ली के भाटी माइंस रोड स्थित सजवाण फार्म में दिनांक 16 मई, 2026 को द हंस फाउंडेशन की प्रेरणास्रोत माता श्री मंगला जी की पूज्य माता स्वर्गीय श्रीमती कमला सजवाण जी को श्रद्धांजलि अर्पित करने हेतु एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सामाजिक, आध्यात्मिक एवं राजनीतिक क्षेत्रों से जुड़े अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने उपस्थित होकर दिवंगत आत्मा को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
सभा में माननीय लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी डॉ. इंद्रेश कुमार जी एवं डॉ. कृष्ण गोपाल शर्मा जी, जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी श्री ललितानन्द गिरि जी महाराज, स्वामी श्री कालिदास बाबा, महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल श्री भगत सिंह कोश्यारी, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं हरिद्वार सांसद श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, टिहरी सांसद श्रीमती माला राजलक्ष्मी शाह, महाराजा टिहरी श्री मनुजेंद्र शाह, उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री गणेश गोदियाल, विधायक श्री प्रीतम सिंह, स्थानीय विधायक श्री करतार सिंह तंवर, पूर्व विधायक श्री हरेन्द्र अग्रवाल, नेपाल के काठमांडू स्थित दिव्य सेवा निकेतन की संस्थापिका साध्वी सुनीता बाई जी तथा स्थानीय पार्षद श्री सुंदर सिंह तंवर सहित बड़ी संख्या में गणमान्यजन, सगे-संबंधी एवं शुभचिंतक उपस्थित रहे।
श्रद्धांजलि सभा में स्वर्गीय कमला सजवाण जी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को स्मरण करते हुए वक्ताओं ने कहा कि वे अत्यंत सरल, सौम्य, परोपकारी एवं मिलनसार स्वभाव की महिला थीं। आध्यात्मिक चिंतन एवं धार्मिक-सामाजिक कार्यों में उनकी विशेष रुचि थी और वे सदैव सेवा कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेती थीं।
सभा में उपस्थित सभी लोगों ने स्वर्गीय कमला सजवाण जी के पुत्र श्री रविंदर सजवाण, ज्येष्ठ सुपुत्री माता श्री मंगला जी, श्री भोले जी महाराज तथा समस्त परिवारजनों को अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

21/05/2026

जीवन में धन का महत्व
जीवन में धन का बहुत महत्व है, क्योंकि यह शुभ कार्यों, सेवा और दूसरों की सहायता का साधन है। लेकिन परमात्मा तक पहुँचने के लिए केवल धन नहीं, बल्कि साधना और आध्यात्मिकता की आवश्यकता होती है।


Importance of Wealth in Life
Money holds great importance in life as it helps in good deeds, service, and helping others. But to attain the Divine, not wealth but spiritual practice and devotion are truly necessary.

17/05/2026

साधना किसे कहते है?
मनुष्य जीवन परमात्मा का अनमोल उपहार है। आत्मज्ञान और साधना के माध्यम से ही बहिर्मुखी मन अन्तःमुखी बनता है। जब मन परमात्मा के नाम में स्थिर होता है, तभी मुक्ति और आत्मिक शांति का मार्ग खुलता है।


What is Sadhana?
Human life is a precious gift from the Divine. Through self-realization and spiritual practice, the outward wandering mind turns inward. When the mind becomes absorbed in the Divine Name, the path to liberation and inner peace unfolds

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