Sri Sanwali Murti Mandir

Sri Sanwali Murti Mandir Sri Sanwali Murti Mandir is a sacred place of worship for followers of 'Jai Krishani' or 'Mahanbhav'

14/04/2026

आरती प्रभु मेरे तन मन धन की
दीजो प्राप्ति मुझे अपने चरण की।

तेरी मूरत पर बलि बलि जाऊं
तेरे चरणों पर सीस नवाऊं।

जबजब भी मन हुआ उदास
तुम्हीं को पाया अपने पास।
मन में धीरज है बंध जाता
दर्श में जबजब तेरा पाता।।

मंगलमय हो मार्ग मेरा
नसे दूर अज्ञान अंधेरा।
सतपथ चलूं शुभ कर्म करूं मैं
दुःखी जनों की व्यथा हरूं मैं।।

दौलत धर्म की बढ़ती जाए
मन के जो संताप मिटाए।
जले निष्कंप ज्ञान की बाती
साधना जिससे धन्य हो जाती।।

आरती प्रभु मेरे तन मन धन की
दीजो प्राप्ति मुझे अपने चरण की।

रचयिता : कृ मु प्र

26/03/2026

नवमी की पूजा श्रीसाँवलीमूर्ति मंदिर में शुक्रवार, 27 मार्च को प्रातः 7.30 बजे से होगी. मूर्ति नमस्कार का समय 8 बजे.

सृष्टि रचना का एकमात्र उद्देश्य निरानंद अविद्यायुक्त जीवों का उद्धार कर उन्हें आनंद प्रदान करना है. उसके लिए निराकार परम...
16/03/2026

सृष्टि रचना का एकमात्र उद्देश्य निरानंद अविद्यायुक्त जीवों का उद्धार कर उन्हें आनंद प्रदान करना है. उसके लिए निराकार परमेश्वर साकार होकर युगयुग में ब्रह्मविद्या का दान देते हैं. नित्य अनित्य वस्तु पर सविस्तार विवेचन करते हैं.

निम्नतर युग में मनुष्य की बुद्धि क्षमता भी क्षीण होती जाती है. उसकी सीमाओं और पूर्व अधिकारों के अनुसार ईश्वरावतार अगाध ब्रह्मविद्या को उदाहरण दे सरल रूप में समझाते हैं. ये उदाहरण यानी दृष्टांत जीवन में यहां तहां पाये जाते हैं. उनके सहारे गूढ़ विषय भी सुगमता से उपलब्ध हो जाते हैं. यह सब भगवान् की असीम कृपा का ही परिणाम है.

ब्रह्मविद्या अंतर्गत भगवान् श्रीचक्रधर स्वामी द्वारा निरूपित इन दृष्टांतों को इन वासंतिक नवरात्रों में पूजनीय महंत श्रीरेवेराज बुआ शास्त्री जिज्ञासु श्रोताओं के सामने रखेंगे.

स्थान: श्रीसाँवलीमूर्त्ति मंदिर, दिल्ली
समय: प्रतिदिन ७.१५ से ८.१५ (रविवार और नवमी छोड़कर)

09/03/2026
● आज १ मार्च, रविवार को श्रीसाँवलीमूर्त्ति मंदिर के मंच से महंत श्रीगौरंव्यास बुआ और डॉ श्रीसनातन मुनि शाहपुरकर बुआ ने ज...
01/03/2026

● आज १ मार्च, रविवार को श्रीसाँवलीमूर्त्ति मंदिर के मंच से महंत श्रीगौरंव्यास बुआ और डॉ श्रीसनातन मुनि शाहपुरकर बुआ ने ज्ञानवृद्ध कै. महंत श्रीसातारकर कुमार बाबा महानुभाव और उपाध्य कुलाचार्य कै. महंत श्रीसाळकर बाबा महानुभाव को श्रद्धासुमन अर्पित किये. इन दो विभूतियों के चले जाने से महानुभाव समाज को भारी क्षति हुई है.

04/12/2025

श्रीदत्त जयंती की सबको हार्दिक शुभेच्छा!

श्रीसाँवलीमूर्त्ति मंदिर में इसके उपलक्ष्य में 7 दिसंबर, रविवार को विशेष कार्यक्रम आयोजित है.

श्रीमद्भगवद्गीता दुनिया भर के दार्शनिक शास्त्रों में एक ऐसा अनूठा शास्त्र है जिसे किसी धर्म विशेष के अनुयाइयों ने नहीं, ...
01/12/2025

श्रीमद्भगवद्गीता दुनिया भर के दार्शनिक शास्त्रों में एक ऐसा अनूठा शास्त्र है जिसे किसी धर्म विशेष के अनुयाइयों ने नहीं, बल्कि अलग अलग संप्रदायों के सत्यान्वेषियों ने सराहा है. शायद ही दुनिया की कोई ऐसी भाषा होगी जिसमें गीता का अनुवाद न हुआ हो. यह गीता के अपने गुणों के दम पर है, राजसत्ता के प्रभाव से नहीं. भारत ही में इसकी सैंकड़ों टीकाएं होंगी जिनमें आदि शंकराचार्य, रामानुजाचार्य, मध्वाचार्य, मधुसूदन सारस्वती, हनुमत, संत ज्ञानेश्वर, माध्व, गंगाधर तिलक, प्रभुपाद, ऑरोबिन्दो के भाष्य शामिल हैं. प्रवृत्त मार्ग वाले इसे अपना ग्रंथ मानते हैं, उधर निवृत्त मार्गी को इसमें संन्यास की शिक्षा ही नज़र आती है. द्वैतवादी गीता में जीव और ईश्वर के भेद को हर जगह स्पष्टतया पाते हैं, उधर अद्वैतवादी शंकर की लिखी भगवद्गीता की टीका में अपने मूल्यों का आधार मानते हैं. इसीलिए यह एक अद्वितीय ग्रन्थ है. इसमें अन्य सभी शास्त्र समाहित हैं, पर इसके सिद्धांत कहीं नहीं पाए जाते.

गीता को लेकर अनजान लोगों में कई भ्रम भी फैले हैं - जैसे श्रीमद भागवतम और श्रीमद भगवद्गीता को एक समझना, गीता को उपनिषदों का हिस्सा समझना, गीता को शिव की उक्ति कहना आदि. गीता द्वापरयुग के अंतिम चरण में परमेश्वर अवतार श्रीकृष्णचंद्र और पांडव अर्जुन का महाभारत युद्ध से ठीक पहले कुरुक्षेत्र की रणभूमि में हुआ आध्यात्मिक संवाद है. इसमें धर्मसंमूढचेताः अर्जुन के प्रश्न और स्थितप्रज्ञ कृष्ण के उत्तर हैं. कहते हैं वेदज्ञ अर्जुन के प्रश्नों का समाधान धरती पर उस समय केवल भगवान् श्रीकृष्ण की पापविनाशिनी ब्रह्मवाणी ही कर सकती थी.

मनुष्य के संघर्षपूर्ण जीवन में ऐसा समय अवश्य आता है जब उसका विवेक साथ छोड़ देता है, आगे क्या करें नहीं सूझता, हृदय दुर्बल हो जाता है, यहाँ तक वह जीवन जीने की आस तक छोड़ देता है. अर्जुन की दुविधा 'कॉन्फ्लिक्ट ऑफ़ ड्यूटीज़' हर मनुष्य से जुड़ी है. इस दुविधा का निवारण श्रीमद्भगद्गीता से संभव है.

भारत के मनीषियों ने आध्यात्मिक ज्ञान को पाने के लिए प्रस्थान त्रयी (उपनिषद्, ब्रह्मसूत्र और गीता) बताई है. इनमें गीता सर्वश्रेष्ठ है!

मधुसूदन सारस्वती अपनी गीता की टीका 'गूढ़ार्थदीपिका' में लिखते हैं -
सर्वोपनिषदो गावो दोग्धा गोपालनन्दनः ।
पार्थो वत्सः सुधीर्भोक्ता दुग्धं गीतामृतं महत् ।
यदि उपनिषद् गायें हैं, तो गोपाल कृष्ण ने उनका दूध निकालकर उसका मक्खन रूपी सार अपने भक्तों को खिलाया.

अतः सभी को किसी ब्रह्मज्ञानी से गीता के गूढ़ रहस्यों को समझकर उस अमृतमय नवनीत का सेवन करना चाहिए, जिससे उनका शोक और चिंता मिटकर आध्यात्मिक बल पुष्ट हो सके.

आज गोवर्धन के विशेष का तिलक स्नान हुआ. इसके उपरांत सबने कढ़ी चावल का प्रसाद पाया.दीपावली की शुभकामनाएं!
22/10/2025

आज गोवर्धन के विशेष का तिलक स्नान हुआ. इसके उपरांत सबने कढ़ी चावल का प्रसाद पाया.

दीपावली की शुभकामनाएं!

20/10/2025

गोवर्धन पूजा का पर्व 22 अक्टूबर, बुधवार को है.

श्री साँवली मूर्ति मंदिर में प्रातः 7.30 दैनिक पूजा के उपरांत गोवर्धन का स्नान वंदन होगा.

11/10/2025

मंदिर में श्रीचक्रपाणि अवतार दिन १२ अक्टूबर, रविवार के सुबह के सत्र में मनाया जाएगा.

Address

11279 Doriwalan
Delhi
110005

Telephone

01123670506

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Sri Sanwali Murti Mandir posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Place Of Worship

Send a message to Sri Sanwali Murti Mandir:

Share