11/08/2026
महावीर हनुमान 🚩
कनक भूषण से सुशोभित दिव्य स्वरूप, वज्र समान विशाल देह, महाबाहु में धारण की हुई गदा और मुखमंडल पर प्रचंड दिव्य तेज।
शौर्य सिंधु, बल स्वरूपं, रामदूतं महाधीरम्।
हनुमान जी का स्वरूप जितना विराट है, उनका समर्पण उससे भी विराट है। अपार शक्ति के स्वामी होकर भी उनके हृदय में अहंकार नहीं, केवल प्रभु श्रीराम के प्रति अनंत प्रेम और निष्काम भक्ति है।
तन में शक्ति, मन में भक्ति, हृदय बसे श्रीराम।
रोम रोम में नाद एक ही...
राम... राम... श्रीराम! 🚩
इस दिव्य रामभक्त को नमन करते हुए कमेंट में लिखें जय श्रीराम | जय हनुमान।
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SabkaEkIshwar