10/04/2026
वर्तमान Mahant Rekha Dash जी के सुपुत्र Shashank Shukla (बंटी बाबा ), Peush Pandey (पीयूष बाबा ) और Anshuman Pandey ( आयुष बाबा ) ने विशाल पदयात्रा को ऐतिहासिक बनाने में अपना तन-मन-धन से समर्पण दिखाया।
जब बाबा सिद्धादास जी के इन लालों ने पदयात्रा की शुरुआत की, तो भावनाएं इतनी प्रबल थीं कि आंखों में आंसू आ गए, लेकिन उनके कदम कभी नहीं रुके। आंसुओं के साथ भी उनके पांव बाबा के नाम पर निरंतर चलते रहे
— यह केवल यात्रा नहीं, बल्कि अटूट श्रद्धा और भक्ति का जीवंत उदाहरण बन गया।
इनकी मेहनत, त्याग और समर्पण ने इस पदयात्रा को सच में ऐतिहासिक बना दिया। ये हमेशा बाबा सिद्धादास जी के नाम को आगे बढ़ाने के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करते रहेंगे। उनका यह जज़्बा हर किसी के दिल को छू लेने वाला है और समाज के लिए एक प्रेरणा है। 🙏