Shiv Sai Darshan

Shiv Sai Darshan Om Namah Shivaay

ॐ नमः शिवाय

हम ईश्वर से प्राप्त हुई दैविये शक्तियों द्वारा जटिल से जटिल समस्याओं का निशुल्क समाधान करते हैं जैसे - शारीरिक रोग, नकारात्मक ऊर्जा, नींद ना आना, नशे से मुक्ति, घर की शांति इत्यादि। इसके इलावा देवी, देवताओं के साक्षात् दर्शन, खोये हुए व्यक्ति या वस्तु जैसे की गाड़ी, नकदी इत्यादि के लिए भी हमें संपर्क करें. हमारे शिव साई दर्शन चैनल के माध्यम से कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति हमारी इस सेवा का लाभ उठा सकता ह

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जब तक इंसान रुपयों की मोह माया की भूल भुलैया में फंसा रहेगा, उसे तब तक पीड़ा से मुक्ति नही मिल सकती है।
27/08/2026

जब तक इंसान रुपयों की मोह माया की भूल भुलैया में फंसा रहेगा, उसे तब तक पीड़ा से मुक्ति नही मिल सकती है।

इस दुनिया में रुपया ही सब कुछ नही है, अगर रुपया ही सब कुछ होता तो हर रूपए वाला सुखी होता, दुरुस्त होता, आनंदमय में होता।...
27/08/2026

इस दुनिया में रुपया ही सब कुछ नही है, अगर रुपया ही सब कुछ होता तो हर रूपए वाला सुखी होता, दुरुस्त होता, आनंदमय में होता।

अगर आप घर में मिल जुलकर और प्यार से रहते है तो यह धरती ही आपके लिए स्वर्ग के समान है।
27/08/2026

अगर आप घर में मिल जुलकर और प्यार से रहते है तो यह धरती ही आपके लिए स्वर्ग के समान है।

विनम्र रहकर इंसान वह हासिल कर सकता है जो वह गुस्से में रहकर नही कर सकता है।
27/08/2026

विनम्र रहकर इंसान वह हासिल कर सकता है जो वह गुस्से में रहकर नही कर सकता है।

जो लोग दूसरे लोगों से प्रेम करते है, वह लोग सच में बहुत बड़े महान होते है।
27/08/2026

जो लोग दूसरे लोगों से प्रेम करते है, वह लोग सच में बहुत बड़े महान होते है।

अपने माता पिता की सेवा करना ही भगवान की सच्ची सेवा होती है।
27/08/2026

अपने माता पिता की सेवा करना ही भगवान की सच्ची सेवा होती है।

जिस इंसान का जैसा चरित्र होता था वैसे ही उसके दोस्त बन जाते है।
27/08/2026

जिस इंसान का जैसा चरित्र होता था वैसे ही उसके दोस्त बन जाते है।

रावण महाराज को संगीत का बहुत शौक था उअर और वीणा बजाने में बहुत माहिर थे  | ऐसा कहा जाता है कि रावण महाराज  वीणा इतनी मधु...
27/08/2026

रावण महाराज को संगीत का बहुत शौक था उअर और वीणा बजाने में बहुत माहिर थे | ऐसा कहा जाता है कि रावण महाराज वीणा इतनी मधुर बजाते थे कि देवता भी उसका संगीत सुनने के लिए धरती पर आ जाते थे |

जय लंकेश महाराज

करचरणकृतं वाक् कायजं कर्मजं वा श्रवणनयनजं वा मानसंवापराधं ।विहितं विहितं वा सर्व मेतत् क्षमस्व जय जय करुणाब्धे श्री महाद...
27/08/2026

करचरणकृतं वाक् कायजं कर्मजं वा श्रवणनयनजं वा मानसंवापराधं ।

विहितं विहितं वा सर्व मेतत् क्षमस्व जय जय करुणाब्धे श्री महादेव शम्भो ॥

Om Sai Ram ॐ साईं राम
27/08/2026

Om Sai Ram

ॐ साईं राम

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