22/05/2026
अरिहंते सरणं पव्वज्जामि
सिद्धे सरणं पव्वज्जामि
साहु सरणं पव्वज्जामि
केवली पण्णत्तं धम्मं सरणं पव्वज्जामि।।
सर्व प्रकार की अभिवृद्धि के लिए प्रतिदिन कम से कम नौ बार पाठ करें।
चार शरण,दुख हरण जगत् में-जैनाचार्य श्री ज्ञानचंद्र जी महाराज साहब...